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                <title>MNS - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>MNS RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : मराठी अनिवार्य करने के फैसले पर अब सियासत तेज; MNS की आई प्रतिक्रिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार की तरफ से मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य करने के फैसले को फिलहाल वापस ले लिया गया है. यह फैसला 6 महीने के लिए टाल दिया गया है. इस पर अब सियासत भी तेज हो गई है. एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार ने जो फैसला लिया है वह उस पर कायम रहेगी और इसे नहीं बदलेगी. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49536/now-politics-intensifies-mns-reacts-to-decision-to-make-marathi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(46).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार की तरफ से मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य करने के फैसले को फिलहाल वापस ले लिया गया है. यह फैसला 6 महीने के लिए टाल दिया गया है. इस पर अब सियासत भी तेज हो गई है. एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार ने जो फैसला लिया है वह उस पर कायम रहेगी और इसे नहीं बदलेगी. MNS नेता ने आगे कहा, ''अगर समय चाहिए तो हम देने के लिए तैयार हैं, लेकिन जिस प्रकार हमें आज की मीटिंग में नहीं बुलाया गया उसे देखकर लगता है कि सरकार अपना फैसला बदल देगी.''  </p>
<p> </p>
<p><strong>ऑटो रिक्शा चालकों के लिए फिलहाल मराठी अनिवार्य नहीं</strong><br />महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य नहीं होगी. इसे 6 महीने के लिए टाल दिया गया है. प्रदेश के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने घोषणा की थी कि 1 मई 2026 से अब ऑटो रिक्शा परमिट सिर्फ उसी शख्स को दिया जाएगा, जो मराठी भाषा पढ़ना और बोलना जानता हो. </p>
<p><strong>MNS कार्यकर्ताओं ने संजय निरुपम के खिलाफ किया प्रदर्शन</strong><br />महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा संबंधी निर्देश को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है. शिंदे गुट के नेता संजय निरूपम द्वारा सरकार से इस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग के बाद मनसे के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद इन आंदोलकारीयो पर कारवाई हुई. इसी वजह से पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने सभी आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनका अभिनंदन किया. </p>
<p>MNS के एक कार्यकर्ता नयन कदम ने कहा, ''राज ठाकरे और अमित ठाकरे का पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रति जो प्रेम है, वह साफ दिखाई देता है.<br />चार मई को आंदोलन होगा. 70 प्रतिशत रिक्शा चालक हमारे साथ हैं. जहां-जहां रिक्शा स्टैंड हैं, वहां मनसे के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे. जो इसका विरोध करेंगे, उनके खिलाफ भी मनसे मजबूती से खड़ी रहेगी.'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:36:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोंबिवली : मनसे ने कल्याण-डोंबिवली में ऑटो पर मराठी स्टिकर लगाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कल्याण-डोंबिवली इलाके में भाषा पर बहस फिर से शुरू हो गई है, जहाँ ने ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों के बीच मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक ज़ोरदार ज़मीनी कैंपेन शुरू किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मई की शुरुआत में मराठी थोपने के खिलाफ एक जवाबी आंदोलन के संकेत मिल रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49495/dombivli-mns-put-marathi-stickers-on-autos-in-kalyan-dombivli"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(41).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डोंबिवली :</strong> कल्याण-डोंबिवली इलाके में भाषा पर बहस फिर से शुरू हो गई है, जहाँ ने ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों के बीच मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक ज़ोरदार ज़मीनी कैंपेन शुरू किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मई की शुरुआत में मराठी थोपने के खिलाफ एक जवाबी आंदोलन के संकेत मिल रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p>ऑटो पर 'मैं मराठी बोलता हूँ' के स्टिकर कैंपेन के हिस्से के तौर पर मनसे कार्यकर्ताओं ने ऑटो-रिक्शा पर “मैं मराठी बोलता हूँ,” “मैं मराठी समझता हूँ,” और “मेरे रिक्शा में सवारी करें” जैसे मैसेज वाले स्टिकर लगाना शुरू कर दिया है। इस पहल का मकसद भाषा की पहचान को मज़बूत करना और पब्लिक बातचीत में रोज़ाना मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, खासकर एक ऐसे शहर में जो अपनी अलग-अलग तरह की प्रवासी आबादी के लिए जाना जाता है।</p>
<p>पार्टी के पदाधिकारियों ने कहा कि यह कैंपेन 4 मई को कुछ ग्रुप्स के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का सीधा जवाब है, जो मराठी के “ज़बरदस्ती इस्तेमाल” का विरोध कर रहे हैं। मनसे, जो क्षेत्रीय पहचान पर अपने मज़बूत रुख के लिए जानी जाती है, ने इस बात का मुकाबला यात्रियों के लेवल पर सिंबॉलिक लेकिन दिखने वाली पहुँच के ज़रिए करने का फैसला किया है। माइग्रेंट ड्राइवर अपनी मर्ज़ी से हिस्सा ले रहे हैं दिलचस्प बात यह है कि इस कैंपेन को न सिर्फ़ लोकल मराठी बोलने वाले ड्राइवरों से, बल्कि बाहर के ऑपरेटरों से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। कई माइग्रेंट ऑटो ड्राइवरों ने अपनी मर्ज़ी से अपनी गाड़ियों पर स्टिकर लगाकर हिस्सा लिया है, जिससे पता चलता है कि वे लोकल भाषा के माहौल में ढलने को तैयार हैं। उनमें से कई ने कहा कि मराठी सीखने और इस्तेमाल करने से पैसेंजर के साथ बेहतर बातचीत करने और भरोसा बनाने में मदद मिलती है।</p>
<p>यह ड्राइव लोकल मनसे के पदाधिकारियों आरिफ शेख और योगेश पाटिल की लीडरशिप में चलाई जा रही है, जो पूरे शहर में ड्राइवरों के साथ एक्टिव रूप से जुड़ रहे हैं। बातचीत के दौरान, उन्होंने ऑपरेटरों से कहा कि वे आने-जाने वालों से बात करते समय मराठी को प्राथमिकता दें, और भाषा को बांटने वाले टूल के बजाय जोड़ने वाले मीडियम के तौर पर पेश करें। ड्राइवर शफीउल्लाह मराठी सीख रहे हैं हिस्सा लेने वाले ड्राइवरों में से एक, शफीउल्लाह ने बताया कि वह मराठी सीखने और कस्टमर से भाषा में बात करने की कोशिश कर रहे हैं, जो वर्कफोर्स के उन हिस्सों के बीच एक बड़ी भावना को दिखाता है जो भाषा को अपनाने में प्रैक्टिकल और सोशल वैल्यू देखते हैं।</p>
<p>इस डेवलपमेंट ने इलाके के पहले से ही सेंसिटिव पॉलिटिकल माहौल में एक नई परत जोड़ दी है। अलग-अलग ग्रुप्स की साफ़ हिस्सेदारी के साथ, यह कैंपेन आने वाले हफ़्तों में भाषा पर बातचीत को और बढ़ा सकता है। देखने वालों का कहना है कि दूसरे पॉलिटिकल स्टेकहोल्डर्स का रिस्पॉन्स यह तय करने में ज़रूरी होगा कि यह मुद्दा एक बड़े टकराव में बदलेगा या सिर्फ़ एक लोकल मोबिलाइज़ेशन की कोशिश बनकर रह जाएगा। जैसे-जैसे बहस आगे बढ़ रही है, कल्याण-डोंबिवली एक बार फिर महाराष्ट्र में भाषा, पहचान और इनक्लूसिविटी को लेकर बार-बार होने वाली बातचीत के सेंटर में आ गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:12:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: संजय निरुपम की गाड़ी पर पथराव, MNS कार्यकर्ता बोले-'गो बैक'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में एक बार फिर 'मराठी बनाम हिंदी' भाषा का विवाद गहरा गया है. मुंबई के दहिसर इलाके में उस समय भारी बवाल हो गया जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ऑटो चालकों से संवाद करने पहुंचे थे. वहां पहले से मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने निरुपम का कड़ा विरोध करते हुए उनकी गाड़ी पर पथराव किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49468/mumbai-mns-workers-pelted-stones-at-sanjay-nirupams-car-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-25t132623.954.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>मुंबई में एक बार फिर 'मराठी बनाम हिंदी' भाषा का विवाद गहरा गया है. मुंबई के दहिसर इलाके में उस समय भारी बवाल हो गया जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ऑटो चालकों से संवाद करने पहुंचे थे. वहां पहले से मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने निरुपम का कड़ा विरोध करते हुए उनकी गाड़ी पर पथराव किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. </p>
<p> </p>
<p><strong>विवाद की जड़: ऑटो चालकों के लिए मराठी की अनिवार्यता</strong><br />इस पूरे विवाद की शुरुआत शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के एक आदेश से हुई है. सरनाईक ने निर्देश दिया है कि 1 मई से मुंबई से सटे मीरा-भायंदर क्षेत्र में सभी ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा बोलना, लिखना और पढ़ना अनिवार्य होगा. संजय निरुपम ने अपनी ही पार्टी के मंत्री के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे 'परप्रांतीय' चालकों के साथ अन्याय बताया है.  </p>
<p>संजय निरुपम जब दहिसर में रिक्शा चालकों से मिलने पहुंचे, तो MNS कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया. नारेबाजी और हमला: "निरुपम गो बैक" और "एक ही भाषा, मराठी भाषा" के नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने निरुपम की कार के टायर की हवा निकाल दी और वाहन पर पथराव किया.<br />पुलिस की कार्रवाई: स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद संजय निरुपम को सुरक्षित मौके से बाहर निकाला.</p>
<p><strong>11 पदाधिकारियों पर FIR, MNS ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी</strong><br />पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए MNS के महासचिव नयन कदम और शहर उपाध्यक्ष कुणाल माईनकर को हिरासत में ले लिया है. कुल 11 पदाधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. </p>
<p>दूसरी ओर, MNS ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव में आकर कार्रवाई की गई, तो पूरी मुंबई में तीव्र आंदोलन किया जाएगा. MNS की मांग है कि पुलिस पहले संजय निरुपम के खिलाफ मामला दर्ज करे, क्योंकि वे सरकारी नियमों का विरोध कर रहे हैं. </p>
<p><strong>शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर का अंतर्विरोध उजागर</strong><br />इस घटना ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी के भीतर चल रहे वैचारिक मतभेद को भी सतह पर ला दिया है. एक ओर मंत्री प्रताप सरनाईक 'मराठी कार्ड' के जरिए स्थानीय अस्मिता पर जोर दे रहे हैं, वहीं संजय निरुपम उत्तर भारतीय और अन्य राज्यों के प्रवासियों के हितों की वकालत कर रहे हैं. फिलहाल दहिसर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके.</p>
<p><strong>संजय न‍िरुपम ने ल‍िखा पत्र </strong><br />न्‍यूज एजेंसी IANS से बातचीत में शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम कहते हैं, "सबसे पहले, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं और मैंने अपने पत्र में भी यह लिखा है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए। राज्य सरकार का यह आग्रह है कि महाराष्ट्र में रहने वाला हर व्यक्ति मराठी भाषा का सम्मान करे, उसे बोलने में सक्षम हो और उसे समझे। यह बात बिल्कुल सही है; यह सरकार, पार्टी और मेरा अपना निजी मत भी है..."</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 13:29:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :  MNS नेता की गुंडागर्दी! मराठी न बोलने पर बैंक अधिकारी को धमकाया, अफसर ने मांगी माफी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से MNS नेता की गुंडागर्दी सामने आई है. यहां वह एक बैंक के अधिकारी को मराठी भाषा नहीं आने पर धमकाते हुए नजर आ रहे हैं. इसका एक वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद छेड़ दिया है. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद बैंक अधिकारी ने MNS प्रमुख राज ठाकरे से लिखित में माफी मांगी है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47548/mumbai-mns-leaders-hooliganism-threatened-bank-officer-for-not-speaking"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-07t104220.447.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से MNS नेता की गुंडागर्दी सामने आई है. यहां वह एक बैंक के अधिकारी को मराठी भाषा नहीं आने पर धमकाते हुए नजर आ रहे हैं. इसका एक वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद छेड़ दिया है. हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद बैंक अधिकारी ने MNS प्रमुख राज ठाकरे से लिखित में माफी मांगी है. </p>
<p> </p>
<p>दरअसल, मुंबई के माहिम इलाके में ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ की एक ब्रांच स्थित है. करीब महीने भर से एक मराठी युवक लोन लेने के लिए बैंक के चक्कर काट रहा था. आरोप है कि बैंक का गैर मराठी अधिकारी उसे परेशान कर रहा था. वह न तो उसे लोन दे रहा था और न ही ठीक से बात कर रहा था. इस कथित पीड़ित युवक ने पूरी घटना की जानकारी MNS नेताओं को दी, जिसके बाद MNS नेता अनीश खंडागले अपने साथियों के साथ बैंक में पहुंच गए.</p>
<p><strong>मराठी बोलने का बनाया दबाव</strong><br />वह बैंक अधिकारी को मराठी बोलने के लिए दबाव बनाते हुए धमकाने लगे. इस पर अधिकारी ने कहा कि मुझे मराठी नहीं आती है, हिंदी में बात करिए. MNS के कार्यकर्ता लगातार उन पर मराठी में बात करने के लिए दबाव डाल रहे थे. इस पर उसने पूछा कि ‘कहां लिखित में लिखा है कि मराठी में बात करना जरूरी है? नाराज एमएनएस कार्यकर्ताओं ने बैंक मैनेजर से कहा कि मराठी का अपमान करने वाले इस बैंक अधिकारी को तत्काल ट्रांसफर किया जाए अन्यथा बैंक पर आंदोलन किया जाएगा.</p>
<p><strong>बैंक अधिकारी ने मांगी माफी</strong><br />इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. बैंक अधिकारी मध्य प्रदेश का रहने वाला है. विवाद बढ़ने के कुछ घंटे के बाद बैंक अधिकारी ने लिखित रूप से MNS प्रमुख राज ठाकरे से लिखित में माफी मांगी है. MNS नेता अनीश खंडागले ने बताया कि अगर ऐसी कोई मराठी आदमी के साथ गलत तरीके से बात करेगा तो उसे इसी तरह से सबक सिखाएंगे. उन्होंने राज ठाकरे और हमसे माफी मांग ली है तो हमने  का प्रदर्शन रद्द कर दिया. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 10:44:54 +0530</pubDate>
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