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                <title>Six thousand - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>Six thousand RSS Feed</description>
                
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                <title>ठाणे : छह हजार से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूर...</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार ने ठाणे कमिश्नरेट क्षेत्र के ठाणे, भिवंडी, उल्हासनगर से लेकर बदलापुर शहरों में छह हजार से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन यह काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसलिए शहर पर सीसीटीवी की नजर पड़ने के लिए अभी भी इंतजार करना होगा. संभावना है कि अगले कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता पारित हो जायेगी. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि क्या इस प्रोजेक्ट में देरी होगी.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/34451/thane--proposal-to-install-more-than-six-thousand-state-of-the-art-cctv-cameras-approved"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-09/gdf5665.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ठाणे : </strong>राज्य सरकार ने ठाणे कमिश्नरेट क्षेत्र के ठाणे, भिवंडी, उल्हासनगर से लेकर बदलापुर शहरों में छह हजार से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन यह काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसलिए शहर पर सीसीटीवी की नजर पड़ने के लिए अभी भी इंतजार करना होगा. संभावना है कि अगले कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता पारित हो जायेगी. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि क्या इस प्रोजेक्ट में देरी होगी.</p>
<p style="text-align:justify;">ठाणे, भिवंडी, कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर, अंबरनाथ और बदलापुर शहर ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इन शहरों में कुल 35 पुलिस स्टेशन हैं। अपराध को रोकने के लिए पुलिस टीमें, अपराध जांच शाखा के कर्मचारी शहर में गश्त कर रहे हैं। जनसंख्या की तुलना में पुलिस बल अपर्याप्त है। पिछले कुछ वर्षों में कमिश्नरेट क्षेत्र में अपराध बढ़ा है. बच्चों और महिलाओं के साथ यौन शोषण की घटनाएं हो रही हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">सोने की चेन चोरी, डकैती, हत्या, हत्या का प्रयास जैसे अपराध भी हो रहे हैं। ठाणे नगर निगम ने कुछ इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं. लेकिन ये सीसीटीवी पर्याप्त नहीं हैं. साथ ही उनकी विजिबिलिटी भी अच्छी नहीं है. ऐसे में कल्याण-डोंबिवली नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। ठाणे और कल्याण के अलावा किसी भी शहर में सरकारी योजना के तहत सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। इसलिए यहां अपराध रोकने में पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए, कल्याण-डोंबिवली को छोड़कर, पुलिस ने ठाणे आयुक्तालय क्षेत्र के ठाणे, भिवंडी, उल्हासनगर, अंबरनाथ और बदलापुर शहरों में 6 हजार 51 सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है और इसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में अब नागरिकों द्वारा यह सवाल उठाया जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट कब पूरा होगा. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले इस प्रोजेक्ट का टेंडर हो सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें स्थिर, गोलाकार घूमने वाले कैमरे शामिल होंगे। साथ ही मुख्य चौराहे पर एएचपीआर कैमरे लगाए जाएंगे, जो दूर से और अंधेरे में भी वाहनों के नंबर स्पष्ट रूप से दिखाएंगे। वाहनों की गति रिकार्ड करने वाले आरएलवीडी कैमरे भी शामिल होंगे। इन कैमरों को पुलिस द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। इन्हें कंट्रोल रूम से भी जोड़ा जाएगा।<br />किस क्षेत्र में कितने कैमरे?<br />शहर स्थान - सीसीटीवी की संख्या<br />ठाणे से दिवा - 3,163<br />भिवंडी- 1,347<br />उल्हासनगर से बदलापुर - 1,541<br />कुल – 6,051</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Sep 2024 17:35:16 +0530</pubDate>
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                <title>मनपा के पास आए जल नीति के तहत छह हजार आवेदन... सात सौ परिवारों को ही मिल पाया नल कनेक्शन</title>
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                        <![CDATA[मनपा रोजाना मुंबई में 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है। इसमें से 27 फीसदी यानी करीब 700 से 80 0 करोड़ लीटर पानी चोरी और लीकेज की वजह से बर्बाद हो जाता है। मनपा इस पर काबू पाने का प्रयास कर रही है पर  सफल नहीं हो पाई है। इसलिए  सब को जल नीति के क्रियान्वयन से रिसाव व चोरी पर लगाम  लगेगी। इसके लिए मनपा अधिकारियो को कठोर कदम उठाने होंगे। मनपा के कठोर कदम उठाने से दूषित पानी की समस्या  में भी मदद मिलेगी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19146/six-thousand-applications-under-the-water-policy-came-to-the-municipal-corporation--only-seven-hundred-families-could-get-the-tap-connection"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/mnp-69732660.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong>  केंद्र सरकार की सभी को जल के तहत मनपा प्रशासन ने भी सभी को नल कनेक्शन देने का निर्णय  लिया। मनपा द्वारा यह निर्णय लेकर लगभग एक साल बीत जाने के बावजूद अब तक मात्र 700  परिवारों को नल कनेक्शन मिल पाया है। नल कनेक्शन के लिए मनपा के पास अब तक  6,500 से अधिक आवेदन आ चुके  हैं। बता दे कि नल कनेक्शन की सबसे बड़ी समस्या झोपड़ पट्टी इलाको में होती है। मुंबई के दहिसर स्थित गणपत पाटिल नगर, मानखुर्द के महाराष्ट्र नगर, मलाड पश्चिम के अंबुजवाड़ी और भीमनगर  में पानी के कनेक्शन को लेकर सबसे अधिक आवेदन आए।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह  वर्सोवा  के सिद्धार्थ नगर में भी नल कनेक्शन को लेकर आवेदन आए है मनपा द्वारा इन इलाको से आए आवेदन में अब तक मात्र 700 परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है। मनपा का कहना है की दहिसर स्थित गणपत पाटिल नगर में और कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है। मुंबई में 1 मई 2022 से 'जल' नीति का कार्यान्वयन की गई है। इस नीति के तहत नल कनेक्शन पाने के लिए  मुंबई की झुग्गियों से अधिक आवेदन आए है। 5 परिवारों के लिए एक आवेदन के रूप में करीब सात हजार परिवारों ने आवेदन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अवैध झोपड़ पट्टियों, सड़कों और फुटपाथों पर झोपड़ा बनाकर रहने वाले लोगो और सरकारी  भूखंडों पर बनाए गए झोपड़ा धारकों को पानी के नल  कनेक्शन नहीं दिए जाते थे। लोगो को  पानी खरीद कर अपना  जीवन यापन करने के लिए मजबूर होना पड़ता था। लोगो को दस से बीस  रुपए लीटर और एक ड़िब्बे पानी के लिए  50 से 100 रुपए खर्च करने पड़ते थे । इसका फायदा झोपड़ी दादाओं को होता था। झोपड़ी दादा  अवैध रूप से पानी उपलब्ध करने के लिए  पानी की चोरी का सहारा लेते थे जिससे पाइप लाइन का भी नुकसान होता था और पानी भी बहता रहता था। सब को जल नीति से पानी माफियाओं पर लगाम लगनी थी। मनपा अधिकारियों की धीमी गति से उठाए जा रहे कदम से केंद्र सरकार की योजना पर पानी फिर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मनपा रोजाना मुंबई में 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है। इसमें से 27 फीसदी यानी करीब 700 से 80 0 करोड़ लीटर पानी चोरी और लीकेज की वजह से बर्बाद हो जाता है। मनपा इस पर काबू पाने का प्रयास कर रही है पर  सफल नहीं हो पाई है। इसलिए  सब को जल नीति के क्रियान्वयन से रिसाव व चोरी पर लगाम  लगेगी। इसके लिए मनपा अधिकारियो को कठोर कदम उठाने होंगे। मनपा के कठोर कदम उठाने से दूषित पानी की समस्या  में भी मदद मिलेगी। </p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Mar 2023 11:34:08 +0530</pubDate>
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