<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/1286/fir" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>FIR - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/1286/rss</link>
                <description>FIR RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: अंधेरी में बस की टक्कर के बाद चालक पर प्राथमिकी, महिला डॉक्टर समेत कई लोग घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) स्थित अंबोली नाका इलाके में शुक्रवार को हुई सड़क दुर्घटना के बाद डी.एन. नगर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हादसे में एक महिला पैदल यात्री सहित कई लोग घायल हुए। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में प्राथमिकी  दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार, घटना में किसी की मौत नहीं हुई है और सभी घायल खतरे से बाहर हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50678/fir-against-driver-after-bus-collision-in-mumbai-andheri-many"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/mumbai-best-bus-accident-784x441.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) स्थित अंबोली नाका इलाके में शुक्रवार को हुई सड़क दुर्घटना के बाद डी.एन. नगर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हादसे में एक महिला पैदल यात्री सहित कई लोग घायल हुए। पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में प्राथमिकी  दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार, घटना में किसी की मौत नहीं हुई है और सभी घायल खतरे से बाहर हैं।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, आरोपी बस चालक की पहचान साहिल सावंत (30 वर्ष) के रूप में हुई है। दुर्घटना के बाद उसे हिरासत में लिया गया और प्रारंभिक जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना अंधेरी (पश्चिम) के व्यस्त अंबोली नाका क्षेत्र में हुई, जहां उस समय सामान्य दिनों की तरह लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस की टक्कर में एक महिला पैदल यात्री घायल हो गईं, जिनकी पहचान डॉ. साक्षी (33 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है, जिसे मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में कुल छह से सात लोगों को मामूली चोटें आईं। हालांकि अधिकांश घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। केवल एक घायल व्यक्ति ने कूपर अस्पताल में उपचार कराया, जहां चिकित्सकीय जांच के बाद उसकी हालत सामान्य पाए जाने पर छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया तथा यातायात को सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।</p>
<p>डी.एन. नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि दुर्घटना चालक की लापरवाही, तेज गति, यातायात नियमों के उल्लंघन या किसी अन्य कारण से हुई। यदि जांच में अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत इस मामले में भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अंबोली नाका अंधेरी पश्चिम का व्यस्त चौराहा माना जाता है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में निजी वाहन, बसें और पैदल यात्री आते-जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में छोटी सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। पुलिस समय-समय पर वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील करती रही है। </p>
<p>सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात के बीच सार्वजनिक परिवहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। बस स्टॉप, चौराहों और पैदल पार पथों के आसपास वाहन की गति नियंत्रित रखना और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देना सुरक्षित यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यक है। फिलहाल पुलिस ने बस चालक साहिल सावंत के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।</p>
<p>पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी ने घटना को देखा है या उसके पास दुर्घटना से संबंधित कोई वीडियो या अन्य साक्ष्य हैं तो वे जांच में सहयोग करें। इस घटना ने एक बार फिर व्यस्त शहरी इलाकों में सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन संचालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50678/fir-against-driver-after-bus-collision-in-mumbai-andheri-many</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50678/fir-against-driver-after-bus-collision-in-mumbai-andheri-many</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 11:48:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/mumbai-best-bus-accident-784x441.jpg"                         length="82168"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र साइबर की बड़ी कार्रवाई: कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार समेत कई लोगों पर FIR</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र साइबर सेल ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और अन्य के खिलाफ कथित अश्लील एवं आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को लेकर FIR दर्ज की है। मामला वायरल "₹370 बिरयानी" विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। #PranitMore #HimanshuJangra #SejalPawar #MaharashtraCyber #FIR #BiryaniControversy #MumbaiNews #BreakingNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50215/big-action-by-maharashtra-cyber-fir-against-many-people-including"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/untitled-design-2026-06-11t185904.519.jpg" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र साइबर सेल ने कॉमेडियन Pranit More, Himanshu Jangra और Dr. Sejal Pawar समेत अन्य लोगों के खिलाफ कथित अश्लील और आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री प्रसारित करने के आरोप में FIR दर्ज की है। मामला हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए "₹370 बिरयानी" विवाद और अन्य विवादित टिप्पणियों से जुड़ा बताया जा रहा है। <br /><br />महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR संख्या 36/2026 में आरोप लगाया गया है कि संबंधित वीडियो क्लिप्स और ऑनलाइन सामग्री ने आपत्तिजनक तथा अश्लील कंटेंट के प्रसार को बढ़ावा दिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। <br /><br />विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब एक स्टैंड-अप शो के दौरान हिमांशु जांगड़ा ने एक महिला के साथ डेट और "₹370 बिरयानी" को लेकर टिप्पणी की थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बाद में इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी संज्ञान लिया और संबंधित लोगों को तलब किया। <br /><br />इसी दौरान डॉ. सेजल पवार की एक अन्य वायरल क्लिप भी चर्चा में आई, जिसमें मेडिकल पेशे से जुड़े कथित मजाक को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। <br /><br />महाराष्ट्र साइबर अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50215/big-action-by-maharashtra-cyber-fir-against-many-people-including</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50215/big-action-by-maharashtra-cyber-fir-against-many-people-including</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:08:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/untitled-design-2026-06-11t185904.519.jpg"                         length="65703"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सरकारी मंजूरी दिलाने के नाम पर ₹91 लाख की ठगी, मरीन ड्राइव पुलिस ने FIR दर्ज की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में नांदेड़ निवासी सतीश सोपनराव कदम के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर कई लोगों से सरकारी कामों की मंजूरी दिलाने के बहाने करीब ₹91 लाख की ठगी करने का आरोप है। यह मामला शिकायतकर्ता हनुमान लक्ष्मणराव वडजे (50), निवासी सुजलेगांव, तालुका नायगांव, जिला नांदेड़ की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2) और 318(4) के तहत FIR दर्ज की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49384/mumbai-fraud-of-%E2%82%B991-lakh-in-the-name-of-getting"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(32).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में नांदेड़ निवासी सतीश सोपनराव कदम के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर कई लोगों से सरकारी कामों की मंजूरी दिलाने के बहाने करीब ₹91 लाख की ठगी करने का आरोप है। यह मामला शिकायतकर्ता हनुमान लक्ष्मणराव वडजे (50), निवासी सुजलेगांव, तालुका नायगांव, जिला नांदेड़ की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 316(2) और 318(4) के तहत FIR दर्ज की है।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के अनुसार, आरोपी सतीश सोपनराव कदम नांदेड़ जिले के शेलगांव, तालुका उमरी का रहने वाला है। जांच में सामने आया है कि आरोपी और शिकायतकर्ता एक-दूसरे को पहले से जानते थे, जिससे उस पर भरोसा करना आसान हो गया। शिकायतकर्ता हनुमान वडजे अपने पैतृक गांव में सड़क और नाली निर्माण से जुड़े काम करते हैं। इसी दौरान आरोपी ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि उसके शहरी विकास विभाग और मुंबई के मंत्रालय सहित कई सरकारी दफ्तरों में ऊंचे स्तर के संपर्क हैं।</p>
<p>आरोपी ने कथित रूप से वडजे और अन्य लोगों को यह भरोसा दिलाया कि वह उनके सरकारी कामों की मंजूरी आसानी से करवा सकता है। इसके बदले में उसने बड़ी रकम की मांग की और विभिन्न चरणों में पैसे वसूल किए। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला योजनाबद्ध तरीके से किया गया धोखाधड़ी का प्रतीत होता है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने सरकारी मंजूरी और प्रभावशाली संपर्कों का झांसा देकर कुल लगभग ₹91 लाख की राशि अलग-अलग लोगों से ली। जब वादे के अनुसार काम नहीं हुआ और न ही पैसे वापस किए गए, तब पीड़ितों को धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p>मरीन ड्राइव पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए FIR दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने किन-किन लोगों से पैसे लिए और क्या इस ठगी में और भी लोग शामिल हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी द्वारा बताए गए सरकारी संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह केवल झूठे दावे कर लोगों को गुमराह कर रहा था या किसी नेटवर्क के जरिए यह काम किया जा रहा था।<br />पुलिस ने कहा है कि वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी की तलाश भी तेज कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर ऐसे मामलों को उजागर किया है जहां लोग सरकारी कामों के नाम पर झूठे वादे कर आम लोगों से बड़ी रकम वसूलते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के सरकारी काम के लिए अनधिकृत व्यक्तियों पर भरोसा न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें। कुल मिलाकर, यह मामला कथित तौर पर सरकारी मंजूरी दिलाने के नाम पर की गई बड़ी ठगी का है, जिसकी जांच अब पुलिस द्वारा जारी है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49384/mumbai-fraud-of-%E2%82%B991-lakh-in-the-name-of-getting</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49384/mumbai-fraud-of-%E2%82%B991-lakh-in-the-name-of-getting</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:58:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/images-%2832%29.jpg"                         length="7668"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : एसआईईएस ट्रस्ट 58 करोड़ धोखाधड़ी मामले में एफआईआर गायब होने से ट्रायल रुका</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साउथ इंडियन एजुकेशन सोसाइटी ट्रस्ट से जुड़े 58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को नया नोटिस जारी किया है। यह मामला जुलाई 2014 में दर्ज किया गया था, जब ट्रस्ट ने फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे ₹58 करोड़ के फंड के अचानक गायब होने का खुलासा किया और यह राशि बाद में दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49038/trial-halted-due-to-missing-fir-in-mumbai-sies-trust"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(79).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साउथ इंडियन एजुकेशन सोसाइटी ट्रस्ट से जुड़े 58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को नया नोटिस जारी किया है। यह मामला जुलाई 2014 में दर्ज किया गया था, जब ट्रस्ट ने फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे ₹58 करोड़ के फंड के अचानक गायब होने का खुलासा किया और यह राशि बाद में दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई थी। पिछले साल फरवरी में कोर्ट ने रिकॉर्ड चेक करते समय पाया कि इस केस की ओरिजिनल एफआईआर गायब थी। यह एफआईआर गायब तब पाई गई जब कोर्ट ने पहले गवाह, ट्रस्टी गणेश शंकरन की गवाही रिकॉर्ड करना शुरू किया। कोर्ट ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को बार-बार नोटिस जारी किए, लेकिन अभी तक उन्होंने गायब एफआईआर के संबंध में कोई रिपोर्ट सबमिट नहीं की। इस वजह से ट्रायल आगे नहीं बढ़ सका और केस की सुनवाई स्थगित रही।</p>
<p> </p>
<p>एसआईईएस ट्रस्ट के फंड के गायब होने के मामले में क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने मामले की गहराई से जांच की। जांच में पता चला कि यह राशि ट्रस्ट के अन्य अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई थी। ईओडब्ल्यू ने इस ट्रस्ट से जुड़े ग्रुप के अन्य मामलों का भी पता लगाया, जिसमें कई अन्य ट्रस्ट और शैक्षणिक संस्थानों के साथ धोखाधड़ी की गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि फंड ट्रांसफर करने के लिए कई कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सेंध लगाई गई।</p>
<p>कोर्ट ने इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को निर्देश दिया कि वह गायब एफआईआर के बारे में पूरी जानकारी तुरंत पेश करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना एफआईआर रिपोर्ट के केस की आगे की सुनवाई संभव नहीं है। अदालत ने कहा कि इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की लापरवाही और देरी ट्रायल प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। इस केस की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने कहा कि आर्थिक अपराधों में तेजी से कार्रवाई आवश्यक है ताकि ऐसे मामलों में न्याय सुनिश्चित हो सके। कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रस्ट के फंड और निवेशकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।</p>
<p>2014 में इस मामले के सामने आने के बाद, एसआईईएस ट्रस्ट के अन्य ट्रस्टों और संस्थानों में फंड ट्रांसफर की प्रक्रियाओं की भी जांच की गई। ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह ट्रस्ट समूह वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल था और कई अन्य फंड के ट्रांसफर की जांच की जा रही है। कोर्ट के नोटिस के बाद, इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को एफआईआर रिपोर्ट सबमिट करने के लिए एक निर्धारित समय दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि रिपोर्ट समय पर नहीं आती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि ट्रायल जल्द ही शुरू हो सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके। यह मामला शिक्षा क्षेत्र में फंड मैनेजमेंट और प्रशासनिक जवाबदेही की जांच का उदाहरण बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में आर्थिक और कानूनी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि धोखाधड़ी और फंड के दुरुपयोग को रोका जा सके </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49038/trial-halted-due-to-missing-fir-in-mumbai-sies-trust</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49038/trial-halted-due-to-missing-fir-in-mumbai-sies-trust</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:13:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download-%2879%29.jpg"                         length="12291"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        