<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12800/laundering" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>laundering - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12800/rss</link>
                <description>laundering RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई  : अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>प्रवर्तन निदेशालय  ने स्वयंभू बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर खरात के खिलाफ ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने की मांग की है। फिलहाल वह नासिक जिले में पुलिस हिरासत में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला 6 अप्रैल को पीएमएलए  के तहत दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुआ था।  एफआईआर में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में उसके खिलाफ कई अन्य  एफआईआर भी दर्ज हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49635/mumbai-enforcement-directorate-steps-up-action-in-ashok-kharat-money"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t132258.346.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong>प्रवर्तन निदेशालय  ने स्वयंभू बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर खरात के खिलाफ ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने की मांग की है। फिलहाल वह नासिक जिले में पुलिस हिरासत में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला 6 अप्रैल को पीएमएलए  के तहत दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुआ था।  एफआईआर में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में उसके खिलाफ कई अन्य  एफआईआर भी दर्ज हैं।</p>
<p> </p>
<p>जानकारी के अनुसार, खरात को 18 मार्च को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल से लगातार बलात्कार का आरोप लगाया था। इसके बाद अदालत ने उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।  ईडी का आरोप है कि खरात ने एक संगठित जबरन वसूली नेटवर्क चलाया और ‘बेनामी’ बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की। एजेंसी का कहना है कि यह पैसा विभिन्न तरीकों से जमा किया गया और फिर इसे अलग-अलग खातों में घुमाया गया।</p>
<p>जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर पीड़ितों के दस्तावेजों का उपयोग कर एक ही दिन में 60 बैंक खाते खोले गए और उनके जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किया गया। ईडी को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी हो सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि खरात से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है, ताकि इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और अंतिम लाभार्थियों की पहचान की जा सके तथा पूरे पैसे के लेन-देन का पता लगाया जा सके।  ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने जबरन वसूली से प्राप्त धन और ‘पवित्र’ वस्तुओं की बिक्री से मिले पैसे का उपयोग अपने और अपने परिवार के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया। इस मामले की सुनवाई शनिवार (2 मई) को मुंबई की विशेष PMLA अदालत में होगी, जहां  ईडी  की याचिका पर फैसला लिया जा सकता है।<br /> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49635/mumbai-enforcement-directorate-steps-up-action-in-ashok-kharat-money</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49635/mumbai-enforcement-directorate-steps-up-action-in-ashok-kharat-money</guid>
                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:24:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-05-02t132258.346.jpg"                         length="9136"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कोर्ट ने मूल अपराध के बंद होने के बाद MSCB मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रोहित पवार और 16 अन्य को बरी कर दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट ने बुधवार को NCP (SP) विधायक रोहित पवार और 16 अन्य को महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक शुगर मिल्स घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बरी कर दिया, जिससे इस मामले की कार्यवाही प्रभावी रूप से समाप्त हो गई। यह मामला 2019 में प्रवर्तन निदेशालय  द्वारा दर्ज की गई एक ECIR से शुरू हुआ था। यह ECIR, बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई एक FIR के बाद दर्ज की गई थी। आरोप 2005 और 2010 के बीच MSCB द्वारा सहकारी चीनी मिलों को दिए गए लोन से संबंधित थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49427/mumbai-court-acquits-rohit-pawar-and-16-others-in-mscb"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t194909.035.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट ने बुधवार को NCP (SP) विधायक रोहित पवार और 16 अन्य को महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक शुगर मिल्स घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बरी कर दिया, जिससे इस मामले की कार्यवाही प्रभावी रूप से समाप्त हो गई। यह मामला 2019 में प्रवर्तन निदेशालय  द्वारा दर्ज की गई एक ECIR से शुरू हुआ था। यह ECIR, बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई एक FIR के बाद दर्ज की गई थी। आरोप 2005 और 2010 के बीच MSCB द्वारा सहकारी चीनी मिलों को दिए गए लोन से संबंधित थे। आरोप था कि इन मिलों को उनकी असल कीमत से कम दाम पर बेच दिया गया, जिससे बैंक को 5,000 करोड़ रुपये से लेकर 25,000 करोड़ रुपये तक का भारी नुकसान हुआ।</p>
<p> </p>
<p> 2023 और 2025 के बीच ED द्वारा दायर चार्जशीट में जिन लोगों के नाम शामिल थे, उनमें रोहित पवार, कुछ कृषि और चीनी कंपनियाँ, और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियाँ शामिल थीं। एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी चीनी मिलों को उनकी असल कीमत से कम दाम पर खरीदने में शामिल थे, और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किए गए बयानों से उनकी संलिप्तता और इरादे का पता चलता है। हालाँकि, मामला तब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया, जब इसका मूल अपराध  ही खत्म हो गया। 27 फरवरी, 2026 को मुंबई की एक कोर्ट ने EOW द्वारा (2020 और 2024 में) दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही FIR प्रभावी रूप से बंद हो गई और जाँच के दायरे में आए सभी लोगों को राहत मिल गई, जिनमें अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार से जुड़ी कंपनियाँ भी शामिल थीं।</p>
<p>इस घटनाक्रम के आधार पर, रोहित पवार और अन्य सह-आरोपियों ने खुद को बरी करने की माँग की। उन्होंने तर्क दिया कि जब मूल अपराध ही मौजूद नहीं है, तो PMLA के तहत कार्यवाही जारी नहीं रह सकती। ED ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि कोर्ट अभी भी मामले की जाँच उसके गुण-दोष के आधार पर कर सकती है। ED ने यह भी तर्क दिया कि रोहित पवार, जिनका नाम EOW की FIR में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं था, उन्हें FIR बंद होने का सीधा लाभ नहीं मिलना चाहिए। ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49427/mumbai-court-acquits-rohit-pawar-and-16-others-in-mscb</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49427/mumbai-court-acquits-rohit-pawar-and-16-others-in-mscb</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 19:50:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-23t194909.035.jpg"                         length="7800"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: ड्रग्स मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई, मुंबई में 5.88 करोड़ की कीमत के 7 फ्लैट्स अटैच</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में ड्रग्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PMLA के तहत फैसल शेख, अल्फिया शेख और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में 5.88 करोड़ की कीमत की 7 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं. यह कार्रवाई ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने NDPS केस में की है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47796/big-action-in-mumbai-drugs-money-laundering-case-7-flats"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-17t120343.650.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में ड्रग्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PMLA के तहत फैसल शेख, अल्फिया शेख और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में 5.88 करोड़ की कीमत की 7 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं. यह कार्रवाई ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने NDPS केस में की है.</p>
<p> </p>
<p><strong>NCB की शिकायत पर शुरू हुई जांच, ‘MD' सप्लाई का नेटवर्क </strong><br />यह केस NCB मुंबई की शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था, जो NDPS एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज है. जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी फैसल शेख प्रतिबंधित ड्रग मेफेड्रोन (MD) की खरीद कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला से करता था. फैसल शेख और उसकी पत्नी अल्फिया शेख ने MD ड्रग्स की सप्लाई के लिए एक संगठित नेटवर्क बनाया हुआ था. यह ड्रग्स सामिया खान, नासिर यासीन खान, अजीम अबू सलीम खान उर्फ अजीम भाऊ जैसे लोगों को बेची जाती थीं, जो आगे अपने ग्राहकों तक पहुंचाते थे.</p>
<p><strong>कैश को वैध दिखाने की कोशिश, निजी खाते और फर्जी फर्में</strong><br />जांच में यह भी सामने आया कि फैसल और अल्फिया शेख ड्रग्स की बिक्री से कमाए गए नकद पैसे को अपने निजी बैंक खातों में जमा करते थे, ताकि उसे कानूनी कमाई के रूप में दिखाया जा सके. आरोपियों ने अपने और सहयोगियों के नाम पर फर्में भी खोल रखी थीं. इनका कोई वास्तविक व्यवसाय नहीं था, बल्कि इन्हें ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' को घुमाने और सफेद दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था.</p>
<p><strong>शेल कंपनियों और कई खातों से ‘रूटिंग'—फ्लैट्स की खरीद</strong><br />ईडी के मुताबिक, ड्रग्स से कमाए गए कैश का कुछ हिस्सा फैसल और अल्फिया अपने करीबी सहयोगी फैजान मोहम्मद शफ़ी शेख को देते थे. उसने अपनी प्रोप्रायटरशिप फर्म ‘Faiz Impex, मुंबई' और अन्य सहयोगियों के जरिए यह रकम कई बैंक खातों और शेल कंपनियों में घुमाई. इस रकम का एक हिस्सा बाद में मुख्य आरोपियों और उनके परिवार के खातों में वापस लाया गया और उसी पैसे से अचल संपत्तियां खरीदी गईं.</p>
<p><strong>पहले की जब्ती: नकद, सोना, लग्जरी कारें और खाते</strong><br />इससे पहले 8 अक्टूबर 2025 को ईडी ने PMLA के तहत छापेमारी की थी. उस दौरान ₹42 लाख नकद, करीब 1.6 किलोग्राम सोने के गहने (लगभग ₹1.76 करोड़ कीमत), 3 सेकेंड‑हैंड लग्ज़री गाड़ियाँ (लगभग ₹56 लाख कीमत), 12 बैंक खाते जब्त या फ्रीज किए गए थे.  </p>
<p><strong>फ्लो‑चार्ट तैयार, आगे की जांच जारी</strong><br />ईडी के अनुसार, फैसल और अल्फिया शेख द्वारा तैयार किया गया मनी‑ट्रेल नेटवर्क काफी सुनियोजित था, जिसका पूरा फ्लो‑चार्ट एजेंसी ने तैयार कर लिया है. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है. यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि ड्रग्स के धंधे से कमाए गए पैसे को छिपाने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का जाल कैसे बिछाया जाता है, हालांकि जांच एजेंसियाँ लगातार ऐसे नेटवर्क पर शिकंजा कस रही हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47796/big-action-in-mumbai-drugs-money-laundering-case-7-flats</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47796/big-action-in-mumbai-drugs-money-laundering-case-7-flats</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 12:04:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-17t120343.650.jpg"                         length="5558"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अदालत ने धनशोधन का मामला खत्म करने की वाजे की याचिका खारिज की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की एक विशेष अदालत ने धनशोधन मामले को खत्म करने की पूर्व पुलिसकर्मी सचिन वाजे की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि वाजे “अवैध रूप से वसूली करने और धन के गैरकानूनी लेन-देन” में शामिल थे। अदालत ने कहा कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी से कानून के दायरे में रहकर काम करने की अपेक्षा की जाती है कि वह “कानून के दायरे में रहकर काम करे” और “गृह मंत्री के निर्देशों” के नाम पर किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न हो। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47472/mumbai-court-rejects-wazes-plea-to-drop-money-laundering-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2025-12-25t143943.670.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की एक विशेष अदालत ने धनशोधन मामले को खत्म करने की पूर्व पुलिसकर्मी सचिन वाजे की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि वाजे “अवैध रूप से वसूली करने और धन के गैरकानूनी लेन-देन” में शामिल थे।</p>
<p> </p>
<p>अदालत ने कहा कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी से कानून के दायरे में रहकर काम करने की अपेक्षा की जाती है कि वह “कानून के दायरे में रहकर काम करे” और “गृह मंत्री के निर्देशों” के नाम पर किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न हो। </p>
<p>फिलहाल जेल में बंद वाजे पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई के बार मालिकों से पैसे वसूले और वह रकम महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को सौंपी। अनिल देशमुख 2021 के इस मामले में सह-आरोपी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47472/mumbai-court-rejects-wazes-plea-to-drop-money-laundering-case</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47472/mumbai-court-rejects-wazes-plea-to-drop-money-laundering-case</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:16:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2025-12-25t143943.670.jpg"                         length="9247"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        