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                <description>without RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई: हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन के बिना वाहनों पर कार्रवाई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली गाड़ियों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस अभियान के तहत पूरे राज्य में परिवहन विभाग की टीमें सड़कों पर उतरीं और वाहनों की जांच शुरू की गई। हालांकि, पहले ही दिन भारी बारिश के कारण इस प्रवर्तन अभियान की रफ्तार पर असर पड़ा और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी प्रभावित हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50524/action-started-on-vehicles-without-mumbai-high-security-registration"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/secure-the-plate-or-1772233061872_d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली गाड़ियों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस अभियान के तहत पूरे राज्य में परिवहन विभाग की टीमें सड़कों पर उतरीं और वाहनों की जांच शुरू की गई। हालांकि, पहले ही दिन भारी बारिश के कारण इस प्रवर्तन अभियान की रफ्तार पर असर पड़ा और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी प्रभावित हुई। परिवहन विभाग के अनुसार, पहले दिन के अंत तक करीब 80 प्रतिशत एनफोर्समेंट टीमों ने अपनी निरीक्षण (इंस्पेक्शन) रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड नहीं की। इसका मुख्य कारण लगातार बारिश और फील्ड में काम करने में आई कठिनाइयां बताई जा रही हैं। कई जिलों में टीमें समय पर डेटा नहीं भेज सकीं, जिससे राज्य स्तर पर पूरी तस्वीर सामने नहीं आ सकी।</p>
<p> </p>
<p>शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों ने कुल 158 वाहनों की जांच की, जिनमें से 54 वाहन बिना एचएसआरपी के पाए गए। हालांकि, इन मामलों में अभी किसी प्रकार का जुर्माना नहीं वसूला गया है, क्योंकि यह केवल प्रारंभिक जांच का हिस्सा था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़े पूरे राज्य में चल रहे अभियान का केवल एक छोटा हिस्सा हैं और वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन केवल 5 से 7 रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस  ने ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा की, जबकि बाकी जिलों से डेटा अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्यव्यापी अभियान की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।</p>
<p>परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क पर निरीक्षण कार्य बाधित हुआ। फील्ड स्टाफ को वाहनों की जांच करने और रिकॉर्ड संकलित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, कई स्थानों पर नेटवर्क और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण डेटा अपलोड करने में भी देरी हुई। अधिकारियों का कहना है कि एचएसआरपी के बिना चल रहे वाहनों पर सख्ती इसलिए की जा रही है ताकि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके और वाहनों की पहचान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट से वाहन चोरी और फर्जी नंबर प्लेट जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिलती है।</p>
<p>हालांकि, पहले दिन का डेटा पूरे राज्य में चल रहे अभियान की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह से नहीं दर्शाता है। विभाग का मानना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और सभी जिलों से रिपोर्ट समय पर आने लगेंगी, तो प्रवर्तन अभियान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन वाहन मालिकों ने अभी तक अपनी नंबर प्लेट अपडेट नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि एचएसआरपी  प्रणाली से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुरक्षित होती है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलती है। इसलिए राज्यों में इसे अनिवार्य किया जा रहा है। फिलहाल, बारिश के कारण बाधित हुई रिपोर्टिंग व्यवस्था को सुधारने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में सभी आरटीओ से विस्तृत डेटा प्राप्त हो जाएगा, जिससे अभियान की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:51:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : बांद्रा वेस्ट में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़, बिना डिग्री क्लिनिक चलाने का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के बांद्रा वेस्ट इलाके में क्राइम ब्रांच और सिविक हेल्थ डिपार्टमेंट के संयुक्त ऑपरेशन में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा चलाए जा रहे अवैध क्लिनिक का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई के बाद बांद्रा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और बिना वैध योग्यता के मेडिकल प्रैक्टिस करने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह मामला बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रिया जितेंद्र जाधव (46) की शिकायत पर सामने आया। डॉ. जाधव वर्ष 2008 से BMC में कार्यरत हैं और वर्तमान में H/वेस्ट वार्ड में तैनात हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49386/fake-doctor-busted-in-mumbai-bandra-west-revelation-of-running"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t125926.897.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई के बांद्रा वेस्ट इलाके में क्राइम ब्रांच और सिविक हेल्थ डिपार्टमेंट के संयुक्त ऑपरेशन में एक फर्जी डॉक्टर द्वारा चलाए जा रहे अवैध क्लिनिक का भंडाफोड़ हुआ है। इस कार्रवाई के बाद बांद्रा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और बिना वैध योग्यता के मेडिकल प्रैक्टिस करने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह मामला बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रिया जितेंद्र जाधव (46) की शिकायत पर सामने आया। डॉ. जाधव वर्ष 2008 से BMC में कार्यरत हैं और वर्तमान में H/वेस्ट वार्ड में तैनात हैं।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल को दोपहर करीब 3:30 बजे डॉ. जाधव को क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से सूचना मिली कि बांद्रा (वेस्ट) स्थित नंदी टॉकीज के पास नंदी गली में “अनुज हेल्थ सेंटर” नाम से एक अवैध क्लिनिक चलाया जा रहा है, जहां एक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक जाल बिछाया। गोवंडी निवासी अब्दुल अरशद अब्दुल समद शेख (51) को नकली मरीज के रूप में इस्तेमाल किया गया। उसे पहले से मार्क किए गए ₹500 के छह नोट (कुल ₹3,000) दिए गए, जिनके सीरियल नंबर पंच गवाहों की मौजूदगी में दर्ज किए गए थे।</p>
<p>डिकॉय मरीज क्लिनिक पहुंचा, जहां आरोपी ने उसका इलाज किया और दवाइयां दीं तथा बदले में नकद राशि ली। लेनदेन की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने डॉ. जाधव और पंच गवाहों के साथ शाम करीब 4:09 बजे क्लिनिक पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान मुंब्रा, ठाणे निवासी आसिफ हुसैन सरवर शेख (44) के रूप में बताई। जांच में सामने आया कि उसने खुद को डॉक्टर बताकर क्लिनिक चला रखा था। मौके पर उसका सहयोगी अनवर अंसार हुसैन शेख (46), मूल रूप से बरेली, उत्तर प्रदेश का निवासी, भी मौजूद था।</p>
<p>पूछताछ में आसिफ शेख ने स्वीकार किया कि उसके पास किसी भी मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थान की डिग्री नहीं है। वह न तो किसी मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड था और न ही उसके पास BMC का रजिस्ट्रेशन या गुमास्ता लाइसेंस था। इसके बावजूद वह पिछले लगभग पांच वर्षों से “अनुज हेल्थ सेंटर” के नाम से क्लिनिक चला रहा था और मरीजों का इलाज कर रहा था। पुलिस के अनुसार, इस दौरान वह कई लोगों को इलाज के नाम पर दवाइयां देता था और उनसे पैसे वसूलता था। अब यह भी जांच की जा रही है कि उसके इलाज से किसी मरीज को कोई नुकसान तो नहीं हुआ।</p>
<p>बांद्रा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध क्लिनिक नेटवर्क में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी क्लिनिक में इलाज कराने से पहले डॉक्टर की वैध योग्यता और पंजीकरण की जांच जरूर करें, ताकि ऐसे फर्जी प्रैक्टिशनरों से बचा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:00:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के; हज़ारों स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49283/164-schools-in-mumbai-open-without-permission-future-of-thousands"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t130923.658.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। इन स्कूलों में स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटका हुआ है और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन 48 स्कूलों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, यह प्रपोज़ल अक्टूबर 2025 से राज्य सरकार के पास पेंडिंग होने की वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में चिंता बढ़ गई है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक सर्वे में शुरू में 2022-23 एकेडमिक ईयर में 269 बिना इजाज़त वाले स्कूल मिले थे। उसके बाद, कुछ स्कूलों ने डॉक्यूमेंट्स पूरे किए, कुछ के खिलाफ एक्शन लिया गया, जबकि कुछ स्कूलों को बंद कर दिया गया। फिर भी, यह साफ़ है कि 164 स्कूल अभी भी बिना इजाज़त के हैं।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई में 164 स्कूल बिना इजाज़त के हैं। खास बात यह है कि बाकी 48 स्कूलों को मंज़ूरी देने का मामला अभी भी पेंडिंग है। अगर इन स्कूलों को मंज़ूरी मिल जाती है तो हज़ारों स्टूडेंट्स को राहत मिल सकती है। लेकिन सरकार के फ़ैसले के इंतज़ार में स्टूडेंट्स का पढ़ाई का भविष्य पक्का नहीं है। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने इन स्टूडेंट्स को दूसरे मंज़ूर स्कूलों में एडमिशन देने का ऑप्शन भी सोच-समझकर रखा है।</p>
<p>हालांकि, शिक्षा के अधिकार का मुद्दा उठाते हुए पेरेंट्स तुरंत फ़ैसले की मांग कर रहे हैं। स्कूल तो अनऑथराइज़्ड है, लेकिन स्टूडेंट्स का क्या कसूर है? ऐसा सवाल अब उठ रहा है, और आलोचना हो रही है कि एडमिनिस्ट्रेटिव देरी का सीधा असर स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है। राज्य सरकार को एजुकेशन सिस्टम के इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 13:10:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे : एलपीजी संकट के बीच ठाणे में केरोसिन वितरण शुरू, बिना राशन कार्ड वालों को भी फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ईंधन की कमी की अफवाहों के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल की खुली बिक्री पर रोक लगा दी है। एलपीजी की कमी से निपटने के लिए केरोसिन वितरण शुरू। सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी होने की अफवाहों और खबरों के बाद, ठाणे जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए पेट्रोल जैसी ज्वलनशील चीजों की खुली बिक्री से होने वाली किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए बचाव के कदम उठाए गए हैं। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48775/kerosene-distribution-started-in-thane-amid-lpg-crisis-benefit-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t110053.981.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>ईंधन की कमी की अफवाहों के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल की खुली बिक्री पर रोक लगा दी है। एलपीजी की कमी से निपटने के लिए केरोसिन वितरण शुरू। सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी होने की अफवाहों और खबरों के बाद, ठाणे जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए पेट्रोल जैसी ज्वलनशील चीजों की खुली बिक्री से होने वाली किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए बचाव के कदम उठाए गए हैं। </p>
<p> </p>
<p>ठाणे जिला अधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल ने पेट्रोलियम रूल्स 2002 के नियमों के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंपों से पेट्रोल तथा डीजल की खुली बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है। वहीं दूसरी तरफ उत्पन्न एलपीजी गैस की कमी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के 12 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार, एलपीजी के अस्थायी विकल्प के रूप में केरोसिन (घासलेट) वितरित करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत, महाराष्ट्र राज्य के लिए 37 लाख 44 हजार लीटर (3) हजार 744 केएल) केरोसिन के कुल स्टॉक को मंजूरी दी गई है, जिसमें से ठाणे जिले को 48,000 लीटर (48 केएल) का हिस्सा मिला है।</p>
<p><br />बिना राशन कार्ड वालों को किया गया शामिल ठाणे जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह वितरण मुख्य रूप से अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता घरेलू लिए होगा। हालांकि 37.44 लाख लीटर केरोसिन के स्टॉक को मंजूरी राशन कार्ड धारकों के केरोसिन की उपलब्धता और लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर सफेद कार्ड धारकों को भी इस ईंधन के लिए पात्र माना जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 11:02:04 +0530</pubDate>
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