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                <title>submit - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>मुंबई : 15 अक्तूबर तक सौंपें वैंगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना की रिपोर्ट- फडणवीस</title>
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                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैंगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना की डीपीआर 15 अक्टूबर तक राज्य सरकार को सौंपी जाए। यह महत्वाकांक्षी परियोजना विदर्भ और मराठवाड़ा में पानी की किल्लत दूर करेगी और सिंचाई की गारंटी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य इस परियोजना के लिए केंद्र से 25% फंडिंग मांगेगा। गोसीखुर्द से लोअर वर्धा तक का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और अब पहले चरण को जल्द शुरू करने की तैयारी है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43747/mumbai--submit-the-report-of-wainganga-nalganga-river-linking-project-by-october-15--fadnavis"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-09t120857.772.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैंगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना की डीपीआर 15 अक्टूबर तक राज्य सरकार को सौंपी जाए। यह महत्वाकांक्षी परियोजना विदर्भ और मराठवाड़ा में पानी की किल्लत दूर करेगी और सिंचाई की गारंटी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य इस परियोजना के लिए केंद्र से 25% फंडिंग मांगेगा। गोसीखुर्द से लोअर वर्धा तक का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और अब पहले चरण को जल्द शुरू करने की तैयारी है।</p>
<p> </p>
<p><strong>समुद्र तट पर तीन संदिग्ध कंटेनर बहकर आए, जांच जारी</strong><br />महाराष्ट्र के पालघर जिले के तटीय इलाकों में रविवार को तीन संदिग्ध कंटेनर बहकर आ गए। इसके बाद, भारतीय तटरक्षक बल और पालघर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी। दो कंटेनर सतपति तट पर और एक शिरगांव तट पर मिला है। पालघर के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि ज्वार की स्थिति के कारण कंटेनरों तक पहुंचना मुश्किल है, क्योंकि वे आंशिक रूप से पानी में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके अंदर की सामग्री के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।</p>
<p><strong>ठाणे में मोबाइल टावरों से 200 बैटरियां चोरी</strong><br />महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहापुर इलाके में मोबाइल टावरों से 200 से ज्यादा बैटरियां चोरी हो गईं। पुलिस ने सोमवार को बताया कि चोरी गई बैटरियों की कीमत 41,200 रुपये आंकी गई है। पुलिस निरीक्षक मुकेश धगे ने बताया कि दिसंबर 2024 से मई 2025 के बीच यह चोरी की घटनाएं हुईं। सोमवार को जब अलग-अलग टावरों का निरीक्षण किया गया, तब चोरी का पता चला। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) (चोरी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और जांच जारी है।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 18:09:57 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई: दो दर्जन सिंगल-स्क्रीन थिएटरों को व्यावसायिक टावरों में बदलने की योजना; मालिकों ने पुनर्विकास के प्रस्ताव जमा किए</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुंबई में जहां कभी सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों की चकाचौंध हुआ करती थी, वहीं अब इन थिएटरों का दौर धीरे-धीरे इतिहास बनता जा रहा है। सौ साल से अधिक पुरानी यह परंपरा अब परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। शहर के कई बंद हो चुके थिएटरों के मालिक अपनी संपत्तियों को नए सिरे से विकसित करने के लिए अनुमति मांग रहे हैं। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में करीब दो दर्जन सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों ने पुनर्विकास के प्रस्ताव जमा किए हैं।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43695/mumbai--plan-to-convert-two-dozen-single-screen-theatres-into-commercial-towers--owners-submit-redevelopment-proposals"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-07t094138.730.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के मुंबई में जहां कभी सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों की चकाचौंध हुआ करती थी, वहीं अब इन थिएटरों का दौर धीरे-धीरे इतिहास बनता जा रहा है। सौ साल से अधिक पुरानी यह परंपरा अब परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। शहर के कई बंद हो चुके थिएटरों के मालिक अपनी संपत्तियों को नए सिरे से विकसित करने के लिए अनुमति मांग रहे हैं। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में करीब दो दर्जन सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों ने पुनर्विकास के प्रस्ताव जमा किए हैं। इनमें से अधिकांश थिएटरों को व्यावसायिक टावरों में बदलने की योजना है, जबकि कुछ प्रस्तावों में आवासीय इमारतों के निर्माण की भी योजना शामिल है। </p>
<p> </p>
<p><strong>थिएटर मालिकों के सामने ये चुनौती</strong><br />हालांकि, राज्य सरकार के नियम थिएटर मालिकों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। नियमों के मुताबिक, हर पुनर्विकास परियोजना में एक छोटे थिएटर का समावेश करना अनिवार्य है। यह शर्त थिएटर मालिकों के लिए कठिनाई का कारण बन रही है, क्योंकि दर्शकों की संख्या लगातार घट रही है और थिएटर चलाना आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं रह गया है। थिएटर मालिकों ने दर्शकों की संख्या में गिरावट का हवाला देते हुए कहा है कि यह आवश्यकता एक बड़ी बाधा है। मुंबई की नवीनतम विकास योजना के नियम 17(2) के अनुसार, पुनर्विकास के इच्छुक मालिकों को मौजूदा थिएटर में अंतिम लाइसेंस प्राप्त सीटों की संख्या के आधार पर बैठने की क्षमता का 33% प्रदान करना होगा, जिसमें न्यूनतम 150 सीटें या राज्य द्वारा निर्धारित सीटें शामिल होंगी।</p>
<p><strong>जानें क्या है नियम</strong><br />उदाहरण के लिए, 600 सीटों वाले थिएटर में पुनर्विकसित संपत्ति में कम से कम 200 सीटें होनी चाहिए। दक्षिण मुंबई के ग्रांट रोड पर स्थित, 625 सीटों वाला प्रतिष्ठित ड्रीमलैंड थिएटर इस दशक की शुरुआत में हमेशा के लिए बंद हो गया। मालिक, मेसर्स सिने प्रॉपर्टीज़ एंड फ़ाइनेंस द्वारा प्रस्तुत पुनर्विकास योजनाओं के अनुसार, एक उच्च-स्तरीय आवासीय और व्यावसायिक टावर निर्माणाधीन है। पहले कृष्णा टॉकीज़ के नाम से प्रसिद्ध, इस थिएटर का संचालन 1919 में मूक फ़िल्मों के दौर में शुरू हुआ था।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Sep 2025 09:43:05 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मौत की सजा पाए युवक के आचरण पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें; हाईकोर्ट का पुलिस को आदेश</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>मुंबई:</strong> हाई कोर्ट ने अपनी मां की हत्या और उसके अंगों को जलाने के जुर्म में मौत की सजा पाने वाले युवक की मानसिक और मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट के साथ-साथ उसके आचरण पर प्रोबेशन ऑफिसर की रिपोर्ट भी पेश करने का आदेश दिया है.</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/32072/submit-a-report-on-the-conduct-of-youth-sentenced-to-death--high-court-order-to-police"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-06/lsgf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> हाई कोर्ट ने अपनी मां की हत्या और उसके अंगों को जलाने के जुर्म में मौत की सजा पाने वाले युवक की मानसिक और मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट के साथ-साथ उसके आचरण पर प्रोबेशन ऑफिसर की रिपोर्ट भी पेश करने का आदेश दिया है.<br />सुनील कुचकोरवी को 2021 में कोल्हापुर की सत्र अदालत ने अपनी मां की नृशंस हत्या के लिए दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई।</p>
<p>इस सजा को बरकरार रखने का मामला हाई कोर्ट में दायर किया गया है. इसके अलावा सुनील ने सजा के खिलाफ अपील भी दायर की है. न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की पीठ ने सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया.</p>
<p>पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अगस्त 2017 को कोल्हापुर शहर की मकड़वाला कॉलोनी में अपनी मां के साथ रहने वाले सुनील ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी. फिर उसने लाश के टुकड़े किए और तवे पर भूनकर खा लिया. सुनील की ओर से दायर अपील पर सुनवाई हुई.</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/32072/submit-a-report-on-the-conduct-of-youth-sentenced-to-death--high-court-order-to-police</link>
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                <pubDate>Fri, 28 Jun 2024 19:50:20 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>प्रदूषण रोकने के लिए ऐक्शन में बीएमसी, 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश</title>
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                        <![CDATA[मुंबईकरों को राहत देने के लिए बीएमसी कमिश्नर आई. एस. चहल ऐक्शन में आ गए हैं। वायु प्रदूषण रोकने के लिए चहल ने सात सदस्यीय कमिटी का गठन किया है। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संजीव कुमार की अध्यक्षता में गठित यह समिति 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को देगी। कमिटी धूल से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय बताएगी। कमिश्नर चहल ने निर्देश दिया कि कमिटी की रिपोर्ट एक अप्रैल, 2023 से लागू की जाएगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/18949/bmc-in-action-to-stop-pollution--instructions-to-submit-report-in-7-days"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/download-(6)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>मुंबईकरों को राहत देने के लिए बीएमसी कमिश्नर आई. एस. चहल ऐक्शन में आ गए हैं। वायु प्रदूषण रोकने के लिए चहल ने सात सदस्यीय कमिटी का गठन किया है। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. संजीव कुमार की अध्यक्षता में गठित यह समिति 7 दिनों में अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को देगी। कमिटी धूल से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के उपाय बताएगी। कमिश्नर चहल ने निर्देश दिया कि कमिटी की रिपोर्ट एक अप्रैल, 2023 से लागू की जाएगी। नियम का उल्लंघन होने पर संबंधित निर्माण कार्य को बंद करने का आदेश दिया जाएगा। साथ ही संबंधित संस्थान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">चहल ने कहा कि यह कमिटी मुंबई में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के स्थल से उत्पन्न होने वाली धूल को नियंत्रित करने के उपायों के तीन पहलुओं पर सात दिनों में रिपोर्ट देगी। इसके बाद सभी संबंधित स्टेक होल्डर्स को सूचित कर उपायों को लागू करने के तरीके बताए जाएंगे। मुंबई में निर्माण का कार्य से बड़े पैमाने पर डेब्रिज और धूल पैदा हो रही है। ऐसी जगहों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए बीएमसी ने कुछ नियम बनाए हैं। लेकिन नियमों का कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है। डेब्रिज को खुले में फेंक दिया जा रहा है, वह भी वायु एवं जल प्रदूषण का बड़ा कारक है। इसके लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/18949/bmc-in-action-to-stop-pollution--instructions-to-submit-report-in-7-days</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Mar 2023 11:17:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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