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                <title>minutes - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>minutes RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : अब सिर्फ 90 मिनट में मुंबई से पुणे, मिसिंग लिंक से खत्म होगा खंडाला घाट के जाम का झंझट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-पुणे के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बना ‘मिसिंग लिंक’ आज (1 मई) महाराष्ट्र दिवस के मौके पर खुल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मुंबई-पुणे के बीच हर दिन यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात है, जो न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि सफर को भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49607/now-in-just-90-minutes-the-problem-of-traffic-jam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/add-a-heading-2-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई-पुणे के बीच सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बना ‘मिसिंग लिंक’ आज (1 मई) महाराष्ट्र दिवस के मौके पर खुल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मुंबई-पुणे के बीच हर दिन यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात है, जो न सिर्फ समय बचाएगा बल्कि सफर को भी ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यह 13.3 किमी लंबा एक नया खंड है जो मुंबई की ओर खोपोली को लोनावला के पास कुसगांव से जोड़ता है। इसे खास तौर पर पुराने खंडाला घाट के घुमावदार और जाम वाले रास्ते को बायपास करने के लिए बनाया गया है, जहां अक्सर ट्रैफिक धीमा होता है, हादसों का खतरा सबसे अधिक रहता है।<br /><strong></strong></p><p><strong><br /></strong></p><p><strong>लोनावला झील से 182 मीटर नीचे से गुजरेगी</strong><br />उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 26 अप्रैल को मिसिंग लिंक का दौरा किया था। तब उन्होंने मिसिंग लिंक को लेकर अहम जानकारी देते हुए कहा था कि तेज हवाओं, भारी बारिश और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह सड़क लोनावला झील से 182 मीटर नीचे से गुजरेगी। इस परियोजना को पूरा करना एक चुनौती थी, लेकिन महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को इस विशाल चुनौती को स्वीकार करने और परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए विशेष रूप से सराहा जाना चाहिए।<br /><strong></strong></p><p><strong>30 मिनट तक घटेगा सफर, दूरी भी होगी कम</strong><br />इस नए मार्ग (मिसिंग लिंक) के शुरू होने से पुणे और मुंबई के बीच यात्रा का समय कम से कम 30 मिनट घटने की उम्मीद है। पीक आवर्स और छुट्टियों के दौरान यह समय बचत और ज्यादा हो सकती है। साथ ही कुल दूरी भी करीब 6 किमी कम हो जाएगी, जिससे सफर तेज और ज्यादा सुगम बनेगा।<br /></p><p><strong>मिसिंग लिंक के लिए नहीं लगेगा टोल</strong><br />सबसे अच्छी बात यह है कि मिसिंग लिंक से जाने के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त टोल नहीं देना होगा। तलेगांव और खालापुर के मौजूदा टोल सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी लोग बिना अतिरिक्त खर्च के तेज सफर का लाभ उठा सकेंगे।<br /><strong></strong></p><p><strong>6695 करोड़ की लागत से बना है मिसिंग लिंक</strong><br />करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से बना मिसिंग लिंक 2019 से निर्माणाधीन था। घाट सेक्शन में भारी बारिश, तेज हवाओं और वैश्विक सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण इसमें कई बार देरी हुई, लेकिन अब यह पूरी तरह तैयार है।<br /></p><p><strong>एशिया के सबसे लंबे टनल में शामिल</strong><br />इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसके दो विशाल टनल हैं। इनमें से एक टनल 8.9 किलोमीटर लंबी है, जो इसे एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक बनाती है। जबकि दूसरी टनल 1.9 किलोमीटर लंबी है। दोनों टनल की चौड़ाई 23.75 मीटर है, जो इसे दुनिया की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग में से एक बनाती है।<br /></p><p><strong>टाइगर वैली ब्रिज मुख्य आकर्षण का केंद्र</strong><br />मिसिंग लिंक में 650 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज भी शामिल है, जो टाइगर वैली के ऊपर बनाया गया है। करीब 182 मीटर ऊंचा यह पुल देश के सबसे ऊंचे सड़क पुलों में से एक है और आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण है।<br /></p><p><strong>ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत की उम्मीद</strong><br />खंडाला घाट लंबे समय से ट्रैफिक का बड़ा बाधा बिंदु रहा है। नए मार्ग के शुरू होने से पुराने रास्ते पर ट्रैफिक करीब 70 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है, जिससे पूरे एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू और सुरक्षित बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:02:11 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई : वडाला से बांद्रा सिर्फ 20 मिनट में: मेट्रो लाइन 11 से मुंबई की रफ्तार को मिलेंगे नए पंख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित मेट्रो लाइन-11, जो अनिक डिपो से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया तक फैलेगी, शहर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक अहम कड़ी साबित होने जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल यातायात दबाव को कम करना है, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49418/mumbai-wadala-to-bandra-in-just-20-minutes-metro-line"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t112726.138.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई : </strong>भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रस्तावित मेट्रो लाइन-11, जो अनिक डिपो से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया तक फैलेगी, शहर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक अहम कड़ी साबित होने जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल यातायात दबाव को कम करना है, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करना है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>परियोजना का विस्तृत रूट और प्रमुख क्षेत्र</strong></div>
<div>मेट्रो लाइन-11 का रूट शहर के कई भीड़भाड़ वाले और महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेगा। यह लाइन वडाला, भायखला, मझगांव, और दक्षिण मुंबई के व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। खास बात यह है कि यह लाइन सीधे ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ इंडिया तक पहुंचेगी, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में इन इलाकों तक पहुंचने में भारी ट्रैफिक और समय की समस्या रहती है, जिसे यह परियोजना काफी हद तक कम करेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>यात्रियों के लिए सुविधा और समय की बचत</strong></div>
<div>इस नई मेट्रो लाइन के शुरू होने से हजारों दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अभी जहां वडाला से दक्षिण मुंबई तक पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है, वहीं मेट्रो लाइन-11 के जरिए यह सफर मात्र 30-40 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा, कम थकान, अधिक उत्पादकता और बेहतर जीवन गुणवत्ता।</div>
<div> </div>
<div><strong>शहरी विकास और आर्थिक प्रभाव</strong></div>
<div>मेट्रो लाइन-11 केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास का एक मजबूत आधार भी बनेगी। जिन क्षेत्रों से यह लाइन गुजरेगी, वहां रियल एस्टेट, व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है। वडाला और भायखला जैसे इलाकों में नए व्यवसाय और निवेश आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, दक्षिण मुंबई में काम करने वाले लोगों के लिए आवागमन और आसान हो जाएगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>पर्यावरणीय लाभ और ट्रैफिक में कमी</strong></div>
<div>मुंबई में लगातार बढ़ते वाहनों के कारण प्रदूषण और ट्रैफिक जाम बड़ी समस्या बन चुके हैं। मेट्रो लाइन-11 जैसी परियोजनाएं इस समस्या के समाधान की दिशा में अहम भूमिका निभाती हैं। अधिक लोग अगर निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का उपयोग करेंगे, तो सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण स्तर में भी गिरावट आएगी। यह पहल शहर को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद करेगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>निर्माण और तकनीकी पहलू</strong></div>
<div>इस परियोजना को आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा, जिसमें अंडरग्राउंड टनल, अत्याधुनिक स्टेशन डिजाइन और सुरक्षा के उच्च मानक शामिल होंगे। दक्षिण मुंबई जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भूमिगत निर्माण एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन इससे शहर की ऐतिहासिक संरचना और यातायात पर कम प्रभाव पड़ेगा। निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।</div>
<div> </div>
<div><strong>भविष्य की दिशा और महत्व</strong></div>
<div>मुंबई की बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार बेहद जरूरी हो गया है। मेट्रो लाइन-11 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शहर को भविष्य के लिए तैयार करेगा। यह परियोजना न केवल वर्तमान परिवहन समस्याओं का समाधान देगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती जरूरतों को भी पूरा करने में सक्षम होगी।</div>
<div> </div>
<div><strong>मुंबई ट्रांसपोर्ट में क्रांति</strong></div>
<div>कुल मिलाकर, मुंबई की मेट्रो लाइन-11 परियोजना शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है। यह न केवल यात्रा को आसान और तेज बनाएगी, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और शहरी जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी। आने वाले समय में यह लाइन मुंबईकरों के लिए एक “लाइफलाइन” साबित हो सकती है।</div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49418/mumbai-wadala-to-bandra-in-just-20-minutes-metro-line</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:29:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई से पुणे 48 मिनट में, बोरीवली से चर्चगेट जितना ही लगेगा समय, जानिए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की खास बातें</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र के लिए गुड न्यूज दी गई। मुंबई से पुणे के बीच रेलयात्रा अब केवल 48 मिनट में पूरी हो सकेगी। ऐसा इसलिए कि केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने जिन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर्स का ऐलान किया है, उनमें मुंबई-पुणे कॉरिडोर भी है। यानी इन दोनों शहरों के बीच बुलेट जैसी ट्रेनें चलेंगी। अभी दोनों शहरों की रेल से दूरी 4 घंटे है। बड़ी संख्या में लोग हर दिन मुंबई- पुणे आना-जाना करते हैं। हाई स्पीड ट्रेन से उन्हें राहत मिलेगी। इसकी संभावित रफ्तार 300 से 320 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। कॉरिडोर शुरू होने से आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47415/mumbai-to-pune-will-take-48-minutes-same-time-as"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-02t112958.931.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>केंद्रीय बजट में महाराष्ट्र के लिए गुड न्यूज दी गई। मुंबई से पुणे के बीच रेलयात्रा अब केवल 48 मिनट में पूरी हो सकेगी। ऐसा इसलिए कि केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने जिन हाई स्पीड रेल कॉरिडोर्स का ऐलान किया है, उनमें मुंबई-पुणे कॉरिडोर भी है। यानी इन दोनों शहरों के बीच बुलेट जैसी ट्रेनें चलेंगी। अभी दोनों शहरों की रेल से दूरी 4 घंटे है। बड़ी संख्या में लोग हर दिन मुंबई- पुणे आना-जाना करते हैं। हाई स्पीड ट्रेन से उन्हें राहत मिलेगी। इसकी संभावित रफ्तार 300 से 320 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। कॉरिडोर शुरू होने से आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। </p>
<p> </p>
<p>मुंबई से पुणे के बीच का यात्रा समय अब केवल 48 मिनट का हो जाएगा, क्योंकि केंद्रीय बजट 2025 -26 में इन दोनों शहरों के बीच बुलेट ट्रेन चलाने का ऐलान किया गया है। बता दें कि इस रूट पर यात्रा करने वालों की संख्या हमेशा से ही ज्यादा रही है। विभिन्न यात्रा के साधन से लोग इस मार्ग पर आना-जाना करते हैं।</p>
<p><strong>320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी बुलेट ट्रेन</strong><br />ऐसे कई लोग है जो हर दिन मुंबई-पुणे आना-जाना करते है। ऐसे में बुलेट ट्रेन शुरू होने पर उन्हें काफी राहत मिलेगी। जितने समय में लोग बोरीवली से चर्चगेट पहुंचते हैं, उतने समय में ही लोग मुंबई से पुणे पहुंच जाएंगे। बताया जा रहा है कि बुलेट ट्रेन की संभावित रफ्तार 300 से 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।।<br />उद्योग, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र को लाभ<br />इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होने से न सिर्फ यात्रा का समय काफी कम होगा, बल्कि दोनों मार्गों पर आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। मुंबई-पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से आईटी, उद्योग, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। तीनों शहर देश के प्रमुख आर्थिक और तकनीकी केंद्र है, ऐसे में तेज और भरोसेमंद कनेक्टिविटी से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही सड़क और हवाई यातायात पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी। <br />मुंबई-पुणे के बीच रोज गुजरते हैं करीब 43 हजार वाहन<br />हर दिन मध्य रेलवे की तरफ से सुबह 5 स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है, जिसमें वंदे भारत भी शामिल है। लेकिन फिर भी ट्रेन की टिकट कन्फर्म होना संभव नहीं हो पाता। इसी के साथ लोग सड़क मार्ग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से भी यात्रा करते है। कुछ प्राइवेट वाहन से तो कुछ बस और शेयरिंग कैब से इस रूट पर यात्रा करते है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन औसतन 43 हजार वाहनों कानआवागमन होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 11:31:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मेट्रो की लिफ्ट खराब होने की वजह से 45 मिनट तक स्टेशन पर ही फंसा रहा युवक </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>मुंबई जैसे आधुनिक और ‘स्मार्ट’ शहर में आज भी दिव्यांग लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं हैं. यह बात वर्ली मेट्रो स्टेशन पर हुई एक घटना से फिर सामने आई है. व्हीलचेयर पर चलने वाले कर्ण नाम के युवक को मेट्रो की लिफ्ट खराब होने की वजह से लगभग 45 मिनट तक स्टेशन पर ही फंसा रहना पड़ा. जब उसने मदद मांगी, तो उसे जो जवाब मिला वह बेहद असंवेदनशील था और इंसानियत पर सवाल खड़े करता है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47043/young-man-stuck-at-mumbai-metro-station-for-45-minutes"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images---2026-01-17t101632.882.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई जैसे आधुनिक और ‘स्मार्ट’ शहर में आज भी दिव्यांग लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं हैं. यह बात वर्ली मेट्रो स्टेशन पर हुई एक घटना से फिर सामने आई है. व्हीलचेयर पर चलने वाले कर्ण नाम के युवक को मेट्रो की लिफ्ट खराब होने की वजह से लगभग 45 मिनट तक स्टेशन पर ही फंसा रहना पड़ा. जब उसने मदद मांगी, तो उसे जो जवाब मिला वह बेहद असंवेदनशील था और इंसानियत पर सवाल खड़े करता है. कर्ण ने अपना यह पूरा अनुभव खुद वीडियो बनाकर बताया है. वह कहता है कि लिफ्ट अचानक बंद हो गई, और उसके पास बाहर निकलने का कोई दूसरा सुरक्षित रास्ता नहीं था. इस घटना ने दिखा दिया कि मेट्रो जैसी सुविधा में दिव्यांग लोगों के लिए सिर्फ एक ही लिफ्ट होना कितना जोखिम भरा है.</p>
<p> </p>
<p>वीडियो में कर्ण काफी परेशान दिखता है. वह बताता है कि उसने हेल्पलाइन पर कई बार कॉल किया, लेकिन कोई भी सही जवाब नहीं मिला. कॉल लगती तो थी, लेकिन दूसरी तरफ से कोई बात नहीं करता था. स्टेशन पर मौजूद स्टाफ ने भी खास मदद नहीं की. उल्टा उसे कहा गया कि सड़क से होकर घर चले जाओ. </p>
<p><strong>भारत में दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों ने सवाल उठाए</strong><br />कर्ण ने सवाल उठाया कि व्हीलचेयर पर बैठे व्यक्ति से वर्ली से दादर तक मुख्य सड़क से जाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? सड़क पर गाड़ियों, बसों और ट्रकों की भीड़ रहती है, जो व्हीलचेयर के लिए बहुत खतरनाक है. रात में जब उसे वॉशरूम की जरूरत हुई, तो आसपास एक भी व्हीलचेयर-फ्रेंडली शौचालय नहीं मिला. आखिर में उसे अपनी जान जोखिम में डालकर व्यस्त सड़क पर व्हीलचेयर चलाकर आगे बढ़ना पड़ा.</p>
<p>यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोग इस घटना पर नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं.एक यूजर ने लिखा-तुम्हारे हाथ कांपते देख मुझे रोना आ गया. सोच नहीं सकता कि तुम पर क्या गुजरी होगी.एक दूसरे यूजर ने मेट्रो प्रशासन को टैग करते हुए कहा-@mumbaimetro3 यह बहुत शर्मनाक है. लिफ्ट खराब होना कोई नई बात नहीं है. कृपया जिम्मेदारी लें.</p>
<p>कई लोगों ने भारत में दिव्यांगों के लिए सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए. भारत अभी भी व्हीलचेयर-फ्रेंडली नहीं है.इस तरह की बातें कई यूजर्स ने लिखीं. एक और यूजर ने कहा कि यह वीडियो देखकर रोंगटे खड़े हो गए. यह बुनियादी मानवीय गरिमा की बात है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 10:17:43 +0530</pubDate>
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