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                <title>only - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>पुणे: एमडी ड्रग्स लैब की खबरों का सीबीएन ने किया खंडन, कहा- केवल उपकरण हुए थे बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुणे के दिघी-भोसरी क्षेत्र में कथित तौर पर हाईटेक एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स लैब संचालित होने की खबरों पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों का खंडन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुणे में एमडी बनाने वाली कोई सक्रिय प्रयोगशाला नहीं पाई गई थी और इस संबंध में प्रसारित कुछ खबरें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। सीबीएन, नीमच (मध्य प्रदेश) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला फरवरी 2026 में चलाए गए ‘ऑपरेशन वज्र’ से जुड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत सबसे पहले मध्य प्रदेश के मंदसौर में छापेमारी कर 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50750/big-action-by-mumbai-fda-license-of-three-famous-hotels"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-15t123912.589.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे: </strong>पुणे के दिघी-भोसरी क्षेत्र में कथित तौर पर हाईटेक एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स लैब संचालित होने की खबरों पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों का खंडन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुणे में एमडी बनाने वाली कोई सक्रिय प्रयोगशाला नहीं पाई गई थी और इस संबंध में प्रसारित कुछ खबरें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। सीबीएन, नीमच (मध्य प्रदेश) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला फरवरी 2026 में चलाए गए ‘ऑपरेशन वज्र’ से जुड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत सबसे पहले मध्य प्रदेश के मंदसौर में छापेमारी कर 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था।</p>
<p> </p>
<p>जांच आगे बढ़ने पर अधिकारियों ने महू (मध्य प्रदेश) में कार्रवाई करते हुए 43.82 किलोग्राम मेफेड्रोन, 261.32 किलोग्राम प्रीकर्सर केमिकल्स तथा ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला है और वहीं पर मेफेड्रोन निर्माण की लैब संचालित कर रहा था। आरोपी ने एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण पुणे में अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपाकर रखे थे।</p>
<p>इस जानकारी के आधार पर सीबीएन ने जोधपुर और पुणे में एक साथ छापेमारी की। पुणे के दिघी इलाके में कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए, जिन्हें सीलबंद बक्सों में रखा गया था। सीबीएन की जांच में यह भी सामने आया कि जिन रिश्तेदारों के घर ये उपकरण रखे गए थे, उन्हें इनके वास्तविक उपयोग या उद्देश्य की कोई जानकारी नहीं थी। इसी कारण पुणे से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की गई।</p>
<p>विभाग ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि पुणे (दिघी) में कोई कार्यशील या हाईटेक एमडी उत्पादन प्रयोगशाला नहीं मिली थी। वहां से केवल उपकरण बरामद हुए थे, जिन्हें मुख्य आरोपी ने छिपाकर रखा था। सीबीएन ने कहा कि पुणे में एमडी ड्रग्स का उत्पादन शुरू होने या सक्रिय ड्रग्स लैब संचालित होने संबंधी खबरें भ्रामक हैं और इससे आम जनता के बीच गलतफहमी पैदा हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50750/big-action-by-mumbai-fda-license-of-three-famous-hotels</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:39:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई बन रहा मिनी जामताड़ा! 2 साल में 1800 करोड़ से ज्यादा की ठगी, महज 10% रकम बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t111929.386.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर अपराध ने इस समय मुबंई समेत पूरे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है. जहां एक ओर इन साइबर अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी ओर इन्हें पकड़ने की दर काफी कम बनी हुई है, लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात इन अपराधों से जुड़ी वसूली की दर है.</p>
<p> </p>
<p><strong>करोड़ों रुपये गंवाने के बाद, 10 प्रतिशत राशि ही बरामद</strong><br />आंकड़ों के अनुसार, इन अपराधों में सैकड़ों करोड़ रुपये गंवाने के बाद, पुलिस औसतन केवल 10 प्रतिशत राशि ही बरामद करने में सफल हो पाती है. साल 2024 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में भारी-भरकम ₹846.71 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹82.50 करोड़ रुपये ही बरामद किए जा सके हैं.<br />साल 2025 में, मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹1,031.45 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिसमें से केवल ₹110.77 करोड़ रुपये ही बरामद हुए. इस साल भी अब तक यानी फरवरी महीने तक मुंबईवासियों ने साइबर धोखाधड़ी में ₹172.27 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं, जबकि बरामद की गई राशि मात्र ₹18 करोड़ रुपये है.</p>
<p><strong>फरवरी 2026 तक मुंबई में 952 साइबर मामले दर्ज</strong><br />वहीं साल 2026 में, फरवरी महीने तक, मुंबई में साइबर अपराध के 952 मामले दर्ज किए गए, इनमें से केवल 120 मामले ही सुलझाए जा सके हैं, और कुल 107 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. साल 2025 में, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 4,825 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से 1,542 मामलों को सुलझाने में सफल रही और कुल 1,410 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. साल 2024 में भी, मुंबई में साइबर अपराध के कुल 5,087 मामले दर्ज किए गए, पुलिस इनमें से केवल 1,253 मामलों को ही सुलझाने में सफल रही, और 1,294 आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49414/mini-jamtara-is-being-built-in-mumbai-fraud-of-more</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : '100% इथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां': गडकरी ने बनाया बड़ा मास्टर प्लान, कहा- ऊर्जा के लिए अब स्वदेशी राह ही विकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को 100% इथेनॉल मिश्रण की दिशा में बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और 22 लाख करोड़ के भारी तेल आयात बिल को देखते हुए आत्मनिर्भरता जरूरी है। आइए, विस्तार से समझते हैं क्या है गडकरी का मास्टर प्लान।<br />भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा लक्ष्य रखा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49373/new-delhi-100-vehicles-will-run-on-ethanol-gadkari-made"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/okci9vp4_nitin-gadkari_640x480_25_august_23.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को 100% इथेनॉल मिश्रण की दिशा में बढ़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और 22 लाख करोड़ के भारी तेल आयात बिल को देखते हुए आत्मनिर्भरता जरूरी है। आइए, विस्तार से समझते हैं क्या है गडकरी का मास्टर प्लान।<br />भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा लक्ष्य रखा है। नई दिल्ली में आयोजित 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव' को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भारत को 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल करना चाहिए। गडकरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया के संकट के कारण तेल निर्यात में अनिश्चितता बनी हुई है।  </p>
<p> </p>
<p><strong>इथेनॉल मिश्रण पर गडकरी का नया लक्ष्य क्या है?</strong><br />नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत को आने वाले समय में 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण प्राप्त करने की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से आज हम ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं, इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।  उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में भारत अपनी तेल की जरूरतों का 87 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इस पर लगभग 22 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। गडकरी के अनुसार, यह न केवल आर्थिक बोझ है बल्कि प्रदूषण का भी बड़ा कारण है। ब्राजील जैसे देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का सफल प्रयोग हो रहा है और भारत को भी उसी दिशा में बढ़ना चाहिए।</p>
<p><strong>ऊर्जा संकट और प्रदूषण से निपटने की योजना क्या?</strong><br />गडकरी ने वैकल्पिक ईंधन और जैव-ईंधन के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 22 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करने के लिए हमें सर्कुलर इकोनॉमी पर ध्यान देना होगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार लोगों को पेट्रोल और डीजल गाड़ियां खरीदने से जबरन नहीं रोक सकती, लेकिन वैकल्पिक ईंधन को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि लोग खुद उसकी ओर आकर्षित हों। उन्होंने ऑटोमोबाइल कंपनियों को सलाह दी कि वे केवल लागत पर नहीं बल्कि गुणवत्ता पर ध्यान दें ताकि वे नए बाजारों तक पहुंच सकें।</p>
<p><strong>क्या इथेनॉल के खिलाफ कोई साजिश हो रही है?</strong><br />सोशल मीडिया पर ई20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण को लेकर बढ़ रही चिंताओं पर गडकरी ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े कुछ लोग इस कदम के खिलाफ लॉबिंग कर रहे हैं और नकारात्मकता फैला रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इथेनॉल का बढ़ता उपयोग देश के भविष्य के लिए सही है। गडकरी ने यह भी बताया कि अगले साल एक अप्रैल से लागू होने वाले कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी III मानकों का इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा, जो इन वाहनों के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।</p>
<p><strong>भविष्य का ईंधन ग्रीन हाइड्रोजन कैसा होगा?</strong><br />नितिन गडकरी ने ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का असली ईंधन बताया। उन्होंने कहा कि हमें भारत को ऊर्जा का निर्यातक बनाने के लिए एक डॉलर में एक किलोग्राम हाइड्रोजन पैदा करने का लक्ष्य रखना होगा। वर्तमान में हाइड्रोजन का परिवहन एक बड़ी समस्या है और हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशनों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए उनकी लागत कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कचरे से हाइड्रोजन बनाने की तकनीक पर काम करने की सलाह दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 19:07:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मुंबईकरों को हल्के में लिया गया, सिर्फ़ कॉन्ट्रैक्ट पर ध्यान दिया गया; सिस्टम को निष्पक्ष बनाएँगे  - मेयर रितु तावड़े </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी की मेयर रितु तावड़े (53) ने कहा कि वह बीएमसी पर ठेकेदारों के एक गुट की पकड़ को तोड़ने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। ``उनका ध्यान कभी भी शासन पर नहीं था—उनका सारा ध्यान ठेकों पर था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48600/mumbai-mumbaikars-were-taken-lightly-only-contract-was-considered-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-21t123045.994.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी की मेयर रितु तावड़े (53) ने कहा कि वह बीएमसी पर ठेकेदारों के एक गुट की पकड़ को तोड़ने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। ``उनका ध्यान कभी भी शासन पर नहीं था—उनका सारा ध्यान ठेकों पर था। स्टैंडिंग कमेटी में इन पार्टियों के बीच आपसी समझ थी, जिसकी वजह से उन्हीं ठेकेदारों को बार-बार मौके मिलते रहे। हम इस गहरी जड़ें जमा चुके सिंडिकेट को तोड़ने, सिस्टम को खोलने और इसे निष्पक्ष बनाने के लिए दृढ़ हैं," उन्होंने जोर देकर कहा। इंटरव्यू के कुछ अंश:</p>
<p> </p>
<p>मेयर के तौर पर आपकी मुख्य चुनौतियां क्या रही हैं? शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान मुंबईकरों को हल्के में लिया। उनकी प्राथमिकता कभी भी शासन नहीं थी—उनकी प्राथमिकता ठेके, टेंडर और पर्दे के पीछे की आपसी समझ थी। नतीजतन, 2014 से कई ज़रूरी नागरिक मुद्दे अटके पड़े हैं, जिन्हें अब मैं सुलझाने का काम कर रही हूं। हालांकि मेयर को पहला नागरिक कहा जाता है, लेकिन मैं खुद को मुंबईकरों का पहला ``सेवक" मानती हूं। मेरी सबसे बड़ी चुनौती—और ज़िम्मेदारी—मुंबई को वैसा बनाना है, जिसके उसके नागरिक सचमुच हकदार हैं।</p>
<p><br />मुंबई को चार साल बाद मेयर मिला है, इसलिए नागरिकों को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। हर दिन कई लोग बहुत उम्मीद लेकर आपसे मिलने आते हैं। आपका अनुभव कैसा रहा है? जिस दिन से, यानी 11 फरवरी को मैंने पद संभाला, उसी दिन से मैंने यह तय कर लिया था कि जो भी लोग मेरे ऑफिस आएंगे, मैं उन सभी से मिलूंगी। मैं रोज़ाना अपने केबिन में 200 से 250 नागरिकों से खुद बातचीत करती हूं, और जब तक लाइन में खड़े आखिरी व्यक्ति की बात नहीं सुन लेती, तब तक अपनी जगह से नहीं उठती। पहले नागरिकों को इस तरह की पहुंच नहीं दी जाती थी—कई लोगों को तो अपनी शिकायतें लेकर मेयर के ऑफिस में कदम रखने की भी इजाज़त नहीं थी। मैंने इस स्थिति को बदल दिया है। मैं हर मुद्दे को सुनती हूं और जहां भी मुमकिन होता है, संबंधित अधिकारियों को सीधे फोन करके मौके पर ही उसका समाधान कर देती हूं। आज लोग तुरंत नतीजे देख रहे हैं, और यह बात कि मैं काम करवा सकती हूं, लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। इसलिए, ज़्यादा से ज़्यादा मुंबईकर इस भरोसे के साथ आगे आ रहे हैं कि आखिरकार उनकी आवाज़ सुनी जाएगी। जब आपने पदभार संभाला, तो आपने 100-दिन की कार्ययोजना की घोषणा की थी। अब तक क्या काम हुआ है?</p>
<p><br />बीएमसी में हमने जिन 21 मुख्य मुद्दों को अपने एजेंडा में शामिल किया था, उनमें से कई मुद्दे पहले ही सुलझा लिए गए हैं, और बाकी मुद्दों पर तेज़ी से काम चल रहा है। पूरी तरह से पारदर्शिता लाने के लिए, हमने यह फ़ैसला किया है कि इस साल से, कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को बांटे जाने वाले सभी 27 शैक्षणिक सामानों की खरीद 'गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस' के ज़रिए की जाएगी। यह पहले की टेंडर-आधारित व्यवस्था की जगह लेगा, जिसमें अनियमितताओं की गुंजाइश रहती थी। हमने मुंबई के लिए 365-दिन का सफ़ाई अभियान भी शुरू किया है, जिसमें नागरिकों, पार्षदों, अस्पतालों और स्कूलों को शामिल करके इसे सचमुच एक 'जन-आंदोलन' बनाया गया है। साफ़-सुथरी सोसाइटियां अपने काम को बीएमसी पोर्टल पर अपलोड कर सकती हैं और 10 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक की इनामी राशि जीत सकती हैं। जो पार्षद यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके वार्ड कूड़ेदान-मुक्त रहें, उन्हें नागरिक बुनियादी ढांचे को और मज़बूत करने के लिए 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी। गाद निकालने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, हमने 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी - बॉम्बे' द्वारा 'थर्ड-पार्टी ऑडिट' अनिवार्य कर दिया है। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—पारदर्शिता, जन-भागीदारी और ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने वाले परिणाम।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 12:33:27 +0530</pubDate>
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