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                <title>interim - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: मधु कोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला: मुंबई की संपत्तियों की नीलामी पर कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी विशेष अदालत ने ईडी को बड़ी अंतरिम राहत दी है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मुंबई स्थित उन संपत्तियों की प्रस्तावित ई-नीलामी पर रोक लगा दी है, जिन्हें ईडी ने वर्ष 2013 में कुर्क किया था। अदालत ने फीनिक्स एआरसी लिमिटेड और ई-आक्शन सेवा प्रदाता सी-1 इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वे पांच अगस्त 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी और उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया फिलहाल नहीं करें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50797/mumbai-madhu-koda-money-laundering-case-court-imposes-interim-stay"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-17t103328.315.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी विशेष अदालत ने ईडी को बड़ी अंतरिम राहत दी है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मुंबई स्थित उन संपत्तियों की प्रस्तावित ई-नीलामी पर रोक लगा दी है, जिन्हें ईडी ने वर्ष 2013 में कुर्क किया था। अदालत ने फीनिक्स एआरसी लिमिटेड और ई-आक्शन सेवा प्रदाता सी-1 इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वे पांच अगस्त 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी और उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया फिलहाल नहीं करें।</p>
<p> </p>
<p>ईडी ने अदालत में दायर आवेदन में कहा था कि संबंधित संपत्तियां पहले से पीएमएलए एक्ट के तहत कुर्क हैं और उन पर पारित कुर्की आदेश की पुष्टि निर्णायक प्राधिकरण तथा अपीलीय अधिकरण दोनों कर चुका है। ऐसे में मुकदमे के अंतिम निर्णय से पहले ई-नीलामी होने पर तीसरे पक्ष के अधिकार उत्पन्न हो जाएंगे, जिससे संपत्ति की जब्ती अथवा वैध दावेदार को बहाल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p>
<p>अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीएमएलए एक्ट के तहत पुष्टि की गई कुर्क संपत्तियां न्यायालय की अभिरक्षा में हैं। जब तक विशेष अदालत संपत्तियों की जब्ती या बहाली पर अंतिम निर्णय नहीं दे देती, तब तक उनका हस्तांतरण या नीलामी नहीं की जा सकती। अदालत ने फीनिक्स एआरसी, संबंधित पक्षों और उधारकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए 28 जुलाई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। तब तक ई-नीलामी पर अंतरिम रोक प्रभावी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 10:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवी मुंबई महानगरपालिका के इस वार्ड में नहीं होगा चुनाव, हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड 17ए (वाशी) में आगामी चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी. साथ ही कोर्ट ने एक निर्वाचन अधिकारी की ओर से बीजेपी उम्मीदवार के नामांकन को खारिज करने के आदेश पर भी रोक लगा दी. बीजेपी नेता नीलेश भोजने का नामांकन फॉर्म निर्वाचन अधिकारी ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) के तहत इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनकी संपत्ति पर अनधिकृत निर्माण हुआ था. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46845/elections-will-not-be-held-in-this-ward-of-navi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-09t113332.718.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड 17ए (वाशी) में आगामी चुनाव पर अंतरिम रोक लगा दी. साथ ही कोर्ट ने एक निर्वाचन अधिकारी की ओर से बीजेपी उम्मीदवार के नामांकन को खारिज करने के आदेश पर भी रोक लगा दी. बीजेपी नेता नीलेश भोजने का नामांकन फॉर्म निर्वाचन अधिकारी ने महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) के तहत इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनकी संपत्ति पर अनधिकृत निर्माण हुआ था. </p>
<p> </p>
<p>मुख्य न्यायाधीश चन्द्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने कहा, ''निर्वाचन अधिकारी ने भोजने के नामांकन प्रपत्र को खारिज करके प्रथम दृष्टया शक्तियों का अवैध और मनमाना प्रयोग प्रदर्शित किया है''. अपने अंतरिम आदेश में, अदालत ने नवी मुंबई नगर निकाय के वार्ड 17ए में 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए भोजने के नामांकन प्रपत्र को खारिज करने के निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर रोक लगा दी. </p>
<p><strong>बॉम्बे हाई कोर्ट में 9 जनवरी को होगी अगली सुनवाई</strong><br />हाई कोर्ट ने कहा, “राज्य चुनाव आयोग, आयुक्त, नवी मुंबई नगर निगम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव निर्वाचन अधिकारी, नवी मुंबई नगर निगम के वार्ड नंबर 17ए के लिए पार्षद की सीट पर चुनाव के संबंध में आगे नहीं बढ़ेंगे.” अदालत इस मामले की आगे की सुनवाई शुक्रवार (09 जनवरी) को करेगी. भोजने ने उनके नामांकन को अवैध ठहराने वाले निर्वाचन अधिकारी के 31 दिसंबर, 2025 के आदेश को चुनौती दी थी. </p>
<p><strong>अवैध निर्माण की वजह से पार्षद बनने के लिए अयोग्य!</strong><br />महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 10(1डी) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या उसके परिवार के किसी आश्रित सदस्य ने किसी अवैध या अनधिकृत संरचना का निर्माण किया है, तो उसे पार्षद बनने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा. भोजने ने अपनी याचिका में कहा कि यह धारा सिर्फ मौजूदा पार्षद पर लागू होती है, उम्मीदवार पर नहीं. </p>
<p><strong>याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दिए जाने की जरूरत- हाई कोर्ट </strong><br />हाई कोर्ट की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालना या रोकना एक बात है, जबकि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों या वार्डों में हस्तक्षेप करना दूसरी बात है. अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दिए जाने की आवश्यकता है क्योंकि धारा 10(1डी) उसके मामले में लागू नहीं है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Jan 2026 11:34:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 65 करोड़ रुपये के डीसिल्टिंग स्कैम के आरोपी केतन कदम को दो हफ़्ते के लिए अंतरिम ज़मानत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेशन कोर्ट ने विर्गो स्पेशलिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड के केतन कदम को दो हफ़्ते के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी है, ताकि वे अपनी माँ के साथ रह सकें, जो बहुत बीमार हैं। इसके लिए उन्होंने कई शर्तें लगाई हैं। कदम अपनी माँ के साथ रहने के लिए कोर्ट गए थे, जिनकी सेहत बहुत खराब बताई जा रही है। कोर्ट ने उन्हें 1 लाख रुपये का PR बॉन्ड जमा करने की शर्त पर 23 दिसंबर तक के लिए टेम्पररी ज़मानत दी है। हफ़्ते में दो बार रिपोर्ट करना ज़रूरी; 23 दिसंबर को सरेंडर करना होगा। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46116/mumbai-ketan-kadam-accused-in-rs-65-crore-desilting-scam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download-(63).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सेशन कोर्ट ने विर्गो स्पेशलिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड के केतन कदम को दो हफ़्ते के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी है, ताकि वे अपनी माँ के साथ रह सकें, जो बहुत बीमार हैं। इसके लिए उन्होंने कई शर्तें लगाई हैं। कदम अपनी माँ के साथ रहने के लिए कोर्ट गए थे, जिनकी सेहत बहुत खराब बताई जा रही है। कोर्ट ने उन्हें 1 लाख रुपये का PR बॉन्ड जमा करने की शर्त पर 23 दिसंबर तक के लिए टेम्पररी ज़मानत दी है। हफ़्ते में दो बार रिपोर्ट करना ज़रूरी; 23 दिसंबर को सरेंडर करना होगा। </p>
<p> </p>
<p>कोर्ट ने कई शर्तें लगाई हैं, जिनमें से एक यह है कि ज़मानत के समय वे कहाँ रहेंगे, इसका प्रूफ़ और एक सेल नंबर, साथ ही अपने दो करीबी रिश्तेदारों के घर का प्रूफ़, उनके सेल नंबर और इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के पास उस पुलिस स्टेशन का नाम, जो उनके घर जा रहा है, देना है। इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि उन्हें सोमवार और गुरुवार को शाम 5 बजे लोकल पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने आगे कहा है कि कदम को 23 दिसंबर को शाम 5 बजे तक जेल में सरेंडर करना होगा और यह भी कहा कि उन्हें और कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा। </p>
<p>65 करोड़ रुपये के डीसिल्टिंग स्कैम के आरोपी पर BMC अधिकारियों के साथ कथित तौर पर साज़िश रची प्रॉसिक्यूशन केस के अनुसार, कदम, जो इस केस में मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, ने कथित तौर पर BMC अधिकारियों के साथ साज़िश रची, और कॉन्ट्रैक्टर को अपनी फर्म से बढ़े हुए किराए पर मशीनें किराए पर लेने के लिए मजबूर किया, जिसके लिए उसने टेंडर में कुछ शर्तें जोड़ीं। इस स्कैम से कथित तौर पर BMC को 65 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।</p>
<p>प्रॉसिक्यूशन ने अक्टूबर में उसकी ज़मानत याचिका पर आपत्ति जताते हुए दावा किया था कि कदम मौजूदा क्राइम का मास्टरमाइंड है। उसने BMC अधिकारियों के टूर और होटल चार्ज पर पैसा खर्च किया है, जिन्हें BMC ने दोनों मशीनों के स्पेसिफिकेशन्स की जांच और डेमोंस्ट्रेशन के लिए दिल्ली और केरल जाने की इजाज़त दी थी। उसने यह रकम BMC द्वारा दोनों मशीनों के इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों और नियमों को मंज़ूरी देने से बहुत पहले खर्च कर दी थी। इससे पता चलता है कि मशीनों के इस्तेमाल की शर्तें तय करने के लिए आवेदक और BMC अधिकारियों/सह-आरोपियों में मिलीभगत थी।</p>
<p>कोर्ट ने पहले के बेल ऑर्डर में मनी ट्रांसफर और पर्सनल फायदे पर ध्यान दिया कोर्ट ने उसकी अर्जी खारिज करते हुए कहा था कि कदम ने दो कंपनियां बनाई थीं — मेसर्स वोडर इंडिया LLP और मेसर्स ग्रुपो सॉल्यूशंस। कोर्ट ने एक गवाह के बयान के आधार पर कहा कि मेसर्स वर्गो ने मशीनों की खरीद के लिए MATPROP Ltd को 6 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे, और उसमें से 2.41 करोड़ रुपये कदम के पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि सफल बोली लगाने वाले ने मेसर्स ग्रुपो सॉल्यूशंस और मेसर्स वोडर इंडिया LLP के बैंक अकाउंट में अलग-अलग रकम ट्रांसफर की थी। कोर्ट ने आगे कहा कि “ऐसा लगता है कि लगभग 50 लाख रुपये मेसर्स ग्रुपो सॉल्यूशंस के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे, जिसका मालिकाना हक असल में आवेदक के पास है।”<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 12:10:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : टैक्स मुखबिर को 19 लाख का अंतरिम इनाम देने का आदेश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने 76 वर्षीय मुखबिर को उचित इनाम न देने पर सरकारी अधिकारियों की कड़ी आलोचना की, जो 1992 से कर चोरों के बारे में विश्वसनीय सुराग मुहैया करा रहा है। जस्टिस एमएस सोनक और जितेंद्र जैन की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दर्शन सिंह परमार को अंतरिम इनाम के तौर पर 19 लाख रुपए दे और छह महीने के भीतर उसे देय सटीक राशि निर्धारित करे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41617/mumbai--ordered-to-give-interim-reward-of-19-lakhs-to-tax-informant"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/103724639.webp" alt=""></a><br /><div><strong>मुंबई :</strong> बॉम्बे हाईकोर्ट ने 76 वर्षीय मुखबिर को उचित इनाम न देने पर सरकारी अधिकारियों की कड़ी आलोचना की, जो 1992 से कर चोरों के बारे में विश्वसनीय सुराग मुहैया करा रहा है। जस्टिस एमएस सोनक और जितेंद्र जैन की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दर्शन सिंह परमार को अंतरिम इनाम के तौर पर 19 लाख रुपए दे और छह महीने के भीतर उसे देय सटीक राशि निर्धारित करे। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>परमार ने अदालत से गुहार लगाई थी कि वह तीन दशकों से राज्य बिक्री कर विभाग को बहुमूल्य जानकारी मुहैया करा रहा है, जिसके कारण विभिन्न कर चोरों से कर वसूली हुई है। इसके बावजूद, उसे सरकारी योजना के तहत मिलने वाले इनाम से वंचित कर दिया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/41617/mumbai--ordered-to-give-interim-reward-of-19-lakhs-to-tax-informant</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 12:23:26 +0530</pubDate>
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