<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12393/them" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>them - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12393/rss</link>
                <description>them RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम अब गरीब फेरीवालों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान का समर्थन विभिन्न दलों के पार्षदों ने किया है, लेकिन कार्रवाई के तरीके पर उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि वार्ड स्तर पर अभियान का अमल मनमाना है और नियमों की मार सीधे छोटे फेरीवालों पर पड़ रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51390/mumbai-municipal-corporations-campaign-to-free-the-footpaths-from-encroachment"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-16t120712.109.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई के फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए रास्ता साफ करने की मनपा की मुहिम अब गरीब फेरीवालों की रोजी-रोटी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान का समर्थन विभिन्न दलों के पार्षदों ने किया है, लेकिन कार्रवाई के तरीके पर उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि वार्ड स्तर पर अभियान का अमल मनमाना है और नियमों की मार सीधे छोटे फेरीवालों पर पड़ रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्यूआर आईडी देकर अब कार्रवाई क्यों?</strong><br />शिवसेना  की नगरसेविका दीपमाला भाड़े ने मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षदों की मौजूदगी में फेरीवालों को क्यूआर-कोड वाले पहचान पत्र जारी किए गए थे। अब उन्हीं फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यदि पहचान पत्र जारी करने के बाद भी फेरीवालों को सुरक्षा नहीं मिलती, तो फिर ऐसे कार्ड बांटने का उद्देश्य क्या था? मनपा की नीति को लेकर फेरीवालों में असमंजस पैदा हो गया है। भाजपा नगरसेवक शीतल गंभीर ने कहा कि तय सीमा से अधिक जगह घेरने वाले फेरीवालों को पहले अतिक्रमण कम करने की चेतावनी दी जानी चाहिए। बार-बार जुर्माना गरीबों पर भारी पड़ रहा है। कई फेरीवाले जुर्माना भरने के लिए उधार मांगने लौट रहे हैं। कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।<br />‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’, लेकिन व्यवस्था कितनी तैयार?<br />भाजपा नगरसेवक प्रीति सातम ने जेसीबी मशीनों की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देशव्यापी जेसीबी अनुबंध ९ अगस्त को समाप्त हो गया। पी साउथ वार्ड में केवल एक जेसीबी से कार्रवाई वैâसे होगी? वहीं मकरंद नार्वेकर ने कहा कि फुटपाथ मुक्त अभियान को लेकर वरिष्ठ स्तर पर इच्छाशक्ति है, लेकिन निचले स्तर पर तत्परता नहीं।<br />वर्षों से कारोबार करने वालों पर भी कार्रवाई<br />कांग्रेस नगरसेवक ट्यूलिप मिरांडा ने कहा कि वर्षों से मुंबई में कारोबार कर रहे फेरीवालों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने क्यूआर-कोड वाली आईडी की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इन पहचान पत्रों से फेरीवालों को कोई सुरक्षा नहीं मिल रही है तो इन्हें जारी करने का मतलब ही क्या है? उनके मुताबिक, नियम और प्रावधान तो बनाए गए हैं, लेकिन उनका पालन शून्य है।<br />मनपा की सफाई<br />बीएमसी ने चुनिंदा कार्रवाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्कूल, अस्पताल और मेट्रो स्टेशनों के आसपास फुटपाथ खाली कराने के निर्देश हैं। अनधिकृत फेरीवालों पर समान कार्रवाई और निगरानी के लिए डैशबोर्ड बनाया गया है। हालांकि, पहचान पत्र जारी करने के बावजूद फेरीवालों पर कार्रवाई से अभियान की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51390/mumbai-municipal-corporations-campaign-to-free-the-footpaths-from-encroachment</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51390/mumbai-municipal-corporations-campaign-to-free-the-footpaths-from-encroachment</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 12:08:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-16t120712.109.jpg"                         length="15164"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में खुले मैनहोल पर हंगामा, कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने बताया ‘मौत का जाल’</title>
                                    <description><![CDATA[<p>खुले सीवर में गिरकर 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस घटना के बाद कांग्रेस के एमएलसी भाई जगताप ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में मुंबई के मैनहोल सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए और इसे “मौत का जाल” बताया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50546/uproar-over-open-manhole-in-mumbai-congress-mlc-bhai-jagtap"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/jagtap.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>खुले सीवर में गिरकर 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस घटना के बाद कांग्रेस के एमएलसी भाई जगताप ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में मुंबई के मैनहोल सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए और इसे “मौत का जाल” बताया। विधान परिषद में बोलते हुए भाई जगताप ने कहा कि मुंबई में कुल 1,03,996 मैनहोल हैं, जिनमें से 96,383 पर सुरक्षा जाल लगाए गए हैं, लेकिन अब भी 4,446 मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये खुले मैनहोल आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं और कई जानलेवा घटनाओं का कारण बन सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>जगताप ने सदन में मांग की कि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर खुले मैनहोल को बंद करने या सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाई जगताप ने शहर में लगाए गए “स्मार्ट मैनहोल” की संख्या पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर आधुनिक तकनीक के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर जमीनी स्तर पर सुधार क्यों नहीं दिख रहा है।</p>
<p>इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में हाल ही में 55 वर्षीय व्यक्ति की खुले सीवर में गिरकर हुई मौत ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में मैनहोल लंबे समय से खुले पड़े हैं या ठीक से ढके नहीं हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नगर प्रशासन पर पहले भी इस तरह की लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन लगातार घटनाओं के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।</p>
<p>विपक्ष का कहना है कि यह प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है, जबकि सरकार की ओर से समय-समय पर मरम्मत और सुधार कार्य किए जाने का दावा किया जाता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले शहर में ड्रेनेज सिस्टम की नियमित निगरानी और रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और जनता भी खुले मैनहोल की समस्या को लेकर चिंतित नजर आ रही है। प्रशासन पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द इस समस्या का ठोस समाधान निकाले।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50546/uproar-over-open-manhole-in-mumbai-congress-mlc-bhai-jagtap</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50546/uproar-over-open-manhole-in-mumbai-congress-mlc-bhai-jagtap</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:36:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/jagtap.webp"                         length="25960"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भांडुप : आरोपी ने 12 पीड़ितों को सरकारी नौकरी और करोड़ों का लालच देकर 57.92 लाख की ठगी की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी विनय गोविंद पाटिल पर आरोप है कि उसने पीड़ितों को, जिनमें एक टीचर और उसके पति भी शामिल हैं, करोड़पति बनाने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा। बताया जा रहा है कि कुल 12 लोगों से 57.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48708/bhandup-accused-defrauded-12-victims-of-5792-lakh-by-luring"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-25t173826.887.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भांडुप : </strong>धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी विनय गोविंद पाटिल पर आरोप है कि उसने पीड़ितों को, जिनमें एक टीचर और उसके पति भी शामिल हैं, करोड़पति बनाने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा। बताया जा रहा है कि कुल 12 लोगों से 57.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। </p>
<p> </p>
<p><strong>एफआईआर का विवरण </strong><br />एफआईआर के अनुसार, आरोपी विनय पाटिल ने 2016 में शिकायतकर्ता सुप्रिया सुनील केदारी (35), जो डोंबिवली ईस्ट में रहने वाली एक टीचर हैं, से एक आपसी जान-पहचान वाले के ज़रिए दोस्ती की। उस समय सुप्रिया भांडुप में रहती थीं। भाई बनकर उनका भरोसा जीतने के बाद, उसने कथित तौर पर नौकरी और आर्थिक समृद्धि का वादा करके परिवार को झांसे में लिया।</p>
<p>2017 में, पाटिल ने केदारी के पति सुनील से पैसे लिए और उन्हें बीएमसी के सैनिटेशन विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया। बाद में, 2021 में, उसने दावा किया कि वह उन्हें नेशनल क्राइम ब्यूरो में नौकरी दिला सकता है और 25 फरवरी, 2023 की तारीख वाला एक जॉइनिंग लेटर भी उन्हें सौंप दिया। हालाँकि, वह नौकरी कभी मिली ही नहीं। आरोपी ने आगे दावा किया कि उसने जून 2019 में केदारी के नाम पर "एस.एस. इन्फ्रा एंड कंस्ट्रक्शनn" नाम की एक कंपनी शुरू की है। उसने कथित तौर पर उन्हें नामी कंपनियों से जुड़े दूर-दराज के प्रोजेक्ट साइट दिखाए और बिज़नेस डील्स के ज़रिए उन्हें करोड़पति बनाने का वादा किया। उसने ओला-उबर बिज़नेस के लिए कार खरीदने के नाम पर उनसे 2.5 लाख रुपये भी लिए और दावा किया कि उसने उनके नाम पर 30 लाख रुपये का सिडको फ्लैट बुक कर दिया है, जबकि उसने इसके कोई दस्तावेज़ नहीं दिए।</p>
<p>दिसंबर 2020 में, पाटिल ने झूठा दावा किया कि वह केंद्र सरकार के किसी विभाग में विजिलेंस ऑफिसर के तौर पर काम कर रहा है। फरवरी 2022 तक, उसने केदारी के दोस्तों और रिश्तेदारों को बहुत कम कीमत पर सरकारी नौकरियाँ दिलाने का प्रस्ताव देना शुरू कर दिया। उस पर भरोसा करके, सुप्रिया ने 10 लोगों को उससे मिलवाया, जिनसे उसने 44.07 लाख रुपये ठग लिए। उसने रेलवे, नायर अस्पताल, राज्य विधानमंडल, ईसीएल कंपनी और यहाँ तक कि हाई कोर्ट के किसी अधिकारी के ड्राइवर के पद के लिए भी नकली अपॉइंटमेंट लेटर जारी किए। जाँच में पता चला कि सभी अपॉइंटमेंट लेटर नकली थे।</p>
<p><strong>मनगढ़ंत बिल</strong><br />इसके अलावा, पाटिल पर आरोप है कि उसने मई 2021 से मार्च 2023 के बीच, 5.37 करोड़ रुपये के मनगढ़ंत बिलों पर केदारी के हस्ताक्षर और कंपनी की मुहरें हासिल कर लीं; उसने दावा किया था कि ये बिल मशीनरी के किराए के लिए थे। इसके बदले में कंपनी को कभी कोई भुगतान नहीं मिला, और बताया जाता है कि कंपनी के बैंक खाते में भी कोई लेन-देन नहीं हुआ। बार-बार पैसे वापस मांगने के बावजूद, पाटिल ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद केदारी ने भांडुप पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।<br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48708/bhandup-accused-defrauded-12-victims-of-5792-lakh-by-luring</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48708/bhandup-accused-defrauded-12-victims-of-5792-lakh-by-luring</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 17:40:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-25t173826.887.jpg"                         length="7878"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : चोरी और जबरन वसूली के आरोपों में क्रिमिनल केस दर्ज होने के बाद आरसीएफ के 4 पुलिसवाले सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आरसीएफ पुलिस स्टेशन के एंटी-टेररिज्म सेल से जुड़े एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक ऑफिशियल ऑपरेशन के दौरान कथित चोरी और जबरन वसूली का केस दर्ज किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48253/4-rcf-policemen-suspended-after-criminal-case-registered-on-charges"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-07t123933.053.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>आरसीएफ पुलिस स्टेशन के एंटी-टेररिज्म सेल से जुड़े एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक ऑफिशियल ऑपरेशन के दौरान कथित चोरी और जबरन वसूली का केस दर्ज किया गया है। पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों में  एपीआई विजय महादेव सुतार और कांस्टेबल योगेश विलास खांडके, धनश्री रामचंद्र मोरे और रवींद्र बापूसाहेब नेमाने शामिल हैं। आरसीएफ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए), 308(2), 351(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।</p>
<p> </p>
<p>ये आरोप तब सामने आए जब टीम ने संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का पता लगाने के लिए एक ड्राइव के तहत छापेमारी करते हुए नवी मुंबई में एक महिला के घर से कथित तौर पर कैश और सोने के गहने चुरा लिए। एक और घटना में, उन्हीं आरोपियों पर कल्याण में एक संदिग्ध बांग्लादेशी महिला से ₹5 लाख की जबरन वसूली करने का आरोप है। शिकायत के बाद इंटरनल जांच शुरू हुई ऑफिशियल रेड के दौरान कथित गलत काम का पता तब चला जब एक सोशल एक्टिविस्ट ने शिकायत की, जिसके बाद इंटरनल जांच शुरू की गई। इसके बाद, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस समीर शेख ने जांच चेंबूर पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दी।</p>
<p>गिरफ्तारी और सस्पेंशन के आदेश जांच के दौरान, एपीआई सुतार और कांस्टेबल योगेश खांडके को गिरफ्तार किया गया, जबकि कांस्टेबल धनश्री मोरे को मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था। तीनों को उनकी गिरफ्तारी की तारीख से डीम्ड सस्पेंशन के तहत रखा गया है। कॉन्स्टेबल रवींद्र नेमाने, जिनका नाम इस मामले में है, 25 जनवरी, 2026 को अपराध दर्ज होने के बाद से फरार हैं। चूंकि उनका अब तक पता नहीं चला है, इसलिए उन्हें भी उसी तारीख से डीम्ड सस्पेंशन के तहत रखा गया है।</p>
<p>सस्पेंशन ऑर्डर की डिटेल्स पुलिस ने कहा कि सुतार और खांडके ने 19 फरवरी को सस्पेंशन ऑर्डर स्वीकार कर लिए थे, जबकि मोरे ने 20 फरवरी को ऑर्डर को माना। क्योंकि नेमाने अभी भी फरार है और उसे उसके घर पर नहीं पाया जा सका, इसलिए 25 फरवरी को पंच गवाहों की मौजूदगी में उसके घर के दरवाज़े पर सस्पेंशन ऑर्डर चिपका दिया गया। मामले में आगे की जांच चल रही है। एपीआई विजय सुतार और कांस्टेबल योगेश खांडके को 25 मई, 2026 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें उनकी गिरफ्तारी की तारीख से सस्पेंड माना गया। कांस्टेबल धनश्री मोरे को पहले 30 जनवरी, 2026 को गिरफ्तार किया गया था, और उनकी गिरफ्तारी की तारीख से उन्हें डीम्ड सस्पेंशन के तहत रखा गया है।</p>
<p>इस बीच, कांस्टेबल रवींद्र नेमाने 25 जनवरी, 2026 को अपराध दर्ज होने के बाद से फरार है। क्योंकि अब तक उसका पता नहीं चला है, इसलिए उसे अपराध दर्ज होने की तारीख से डीम्ड सस्पेंशन के तहत रखा गया है। एपीआई विजय सुतार और कांस्टेबल योगेश खांडके ने 19 फरवरी, 2026 को सस्पेंशन ऑर्डर स्वीकार किए, जबकि कांस्टेबल धनश्री मोरे ने 20 फरवरी, 2026 को ऑर्डर को माना। क्योंकि नेमाने अभी भी फरार है और अपने घर पर नहीं मिला, इसलिए सस्पेंशन ऑर्डर 25 फरवरी, 2026 को पंच गवाहों की मौजूदगी में उसके घर के दरवाज़े पर चिपका दिया गया। अधिकारियों ने सभी संबंधित लोगों से ऑर्डर पर ध्यान देने को कहा है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48253/4-rcf-policemen-suspended-after-criminal-case-registered-on-charges</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48253/4-rcf-policemen-suspended-after-criminal-case-registered-on-charges</guid>
                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 12:40:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-07t123933.053.jpg"                         length="10697"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        