<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12391/daughters" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>daughters - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12391/rss</link>
                <description>daughters RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बीड: बेटियों की पढ़ाई के लिए 47 वर्षीय मां रमाबाई रणवीर ने जीती दौड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगई में 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उन्हें पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। नकद पुरस्कार जीतने के उद्देश्य से स्थानीय मैराथन में उतरीं रमाबाई ने साड़ी पहनकर तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि दौड़ के दौरान चप्पलें फिसलने लगीं तो उन्होंने उन्हें उतार दिया और नंगे पैर ही मंजिल की ओर दौड़ती रहीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-03t105956.353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीड: </strong>महाराष्ट्र के बीड जिले के अंबाजोगई में 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने उन्हें पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। नकद पुरस्कार जीतने के उद्देश्य से स्थानीय मैराथन में उतरीं रमाबाई ने साड़ी पहनकर तीन किलोमीटर की दौड़ पूरी की और पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि दौड़ के दौरान चप्पलें फिसलने लगीं तो उन्होंने उन्हें उतार दिया और नंगे पैर ही मंजिल की ओर दौड़ती रहीं।</p>
<p> </p>
<p>स्थानीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता को 'अमृत दौड़' नाम दिया गया था। शहर के एक शैक्षणिक परिसर के विशेष जश्न के तहत आयोजित दौड़ में अलग-अलग उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। इसका मार्ग छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से भाग्यनगर चौक तक निर्धारित किया गया था। प्रतियोगिता में शामिल होने के पीछे रमाबाई के लिए केवल जीत का लक्ष्य नहीं था। उनकी प्राथमिकता अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए नकद पुरस्कार हासिल करना था। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने दौड़ में भाग लिया और तमाम मुश्किलों के बावजूद पीछे नहीं हटीं।</p>
<p>साड़ी और चप्पल में शुरू की दौड़ मैराथन शुरू हुई तो रमाबाई दूसरे प्रतिभागियों के साथ साड़ी और चप्पल पहनकर दौड़ने लगीं। आमतौर पर दौड़ के लिए आरामदायक खेल के कपड़े और जूतों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन रमाबाई सामान्य पहनावे में ही मैदान में उतर गईं। कुछ दूरी तय करने के बाद उनकी चप्पलें सड़क पर फिसलने लगीं। इससे उन्हें अपनी गति बनाए रखने में परेशानी होने लगी। बार-बार चप्पलों के खिसकने से गिरने का खतरा भी था।</p>
<p>इस परेशानी के बावजूद उन्होंने दौड़ छोड़ने का फैसला नहीं किया। रमाबाई ने रास्ते में ही अपनी चप्पलें उतार दीं और नंगे पैर दौड़ना शुरू कर दिया। नंगे पैर पूरी की तीन किलोमीटर की दौड़ चप्पलें उतारने के बाद चुनौती और कठिन हो गई। सड़क पर तीन किलोमीटर नंगे पैर दौड़ना आसान नहीं था, लेकिन रमाबाई ने अपनी गति बनाए रखी। उन्होंने दूसरे प्रतिभागियों के साथ मुकाबला जारी रखा और आखिरकार दौड़ में जीत हासिल कर ली। उनके लिए यह जीत केवल खेल प्रतियोगिता में हासिल सफलता नहीं थी बल्कि बेटियों की शिक्षा के लिए किए गए प्रयास का परिणाम भी थी।<br />दौड़ खत्म होने के बाद रमाबाई की कहानी लोगों के बीच तेजी से चर्चा में आई। साड़ी में नंगे पैर दौड़कर प्रतियोगिता जीतने के उनके जज्बे की स्थानीय लोगों ने सराहना की। बेटियों की पढ़ाई बनी सबसे बड़ी प्रेरणा रमाबाई के दौड़ में उतरने के पीछे सबसे बड़ी वजह उनकी बेटियों की शिक्षा थी। वह प्रतियोगिता में मिलने वाली नकद पुरस्कार राशि को उनकी पढ़ाई पर खर्च करना चाहती थीं। एक मां के रूप में बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने शारीरिक चुनौती स्वीकार की। दौड़ के दौरान मुश्किलें आने के बाद भी उनका लक्ष्य नहीं बदला।</p>
<p>रमाबाई की कहानी यह दिखाती है कि परिवार की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिभावक किस तरह अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार रहते हैं। अमृत दौड़ में कई आयु वर्ग के लोग शामिल अंबाजोगई में आयोजित 'अमृत दौड़' में अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को दौड़ और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ विशेष आयोजन का उत्सव मनाना था। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से भाग्यनगर चौक तक तीन किलोमीटर के रास्ते पर प्रतिभागियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।</p>
<p>इसी प्रतियोगिता में रमाबाई की भागीदारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। अन्य प्रतिभागियों के बीच उनका पारंपरिक पहनावे में दौड़ना पहले ही लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। इसके बाद चप्पलें उतारकर नंगे पैर दौड़ पूरी करने और जीत हासिल करने से उनका प्रदर्शन और खास बन गया। मुश्किल में भी नहीं छोड़ी दौड़ दौड़ के दौरान चप्पलों का फिसलना रमाबाई के लिए बड़ी परेशानी बन गया था। अगर वह बार-बार उन्हें संभालतीं तो उनकी रफ्तार कम हो सकती थी। ऐसे में उन्होंने तुरंत फैसला लिया और चप्पलें उतार दीं। नंगे पैर सड़क पर दौड़ने के दौरान पैरों में चोट लगने का खतरा रहता है। इसके बावजूद रमाबाई ने दौड़ जारी रखी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51670/47-year-old-mother-ramabai-ranveer-won-the-race-for</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 11:00:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-03t105956.353.jpg"                         length="38241"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में मैट्रिमोनियल साइट पर मिला दूल्हा निकला 4 बेटियों का बाप, महिला के लाखों रुपये और सोना लेकर हुआ फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंधेरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुनर्विवाह की इच्छुक 33 वर्षीय महिला मैट्रिमोनियल साइट के जरिए धोखाधड़ी का शिकार बन गई। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर निकाह किया। बाद में, उसके चार बेटियों का पिता होने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने फर्जी पति शब्बीर शेख उर्फ समीर और उसके भाई शाकिर शेख के खिलाफ डीएन नगर पुलिस में केस दर्ज कराया है। दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अंधेरी में एक अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट है। 2024 में तलाक के बाद उसने पुनर्विवाह के लिए एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई। इस दौरान आरोपी ने खुद को ट्रैवल कारोबारी बताकर संपर्क किया और कहा कि उसकी पत्नी और माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47757/the-groom-found-on-a-matrimonial-site-in-mumbai-turned"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/wedding-1744213448.webp" alt=""></a><br /><div> </div>
<div><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुनर्विवाह की इच्छुक 33 वर्षीय महिला मैट्रिमोनियल साइट के जरिए धोखाधड़ी का शिकार बन गई। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर निकाह किया। बाद में, उसके चार बेटियों का पिता होने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने फर्जी पति शब्बीर शेख उर्फ समीर और उसके भाई शाकिर शेख के खिलाफ डीएन नगर पुलिस में केस दर्ज कराया है। दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अंधेरी में एक अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट है। 2024 में तलाक के बाद उसने पुनर्विवाह के लिए एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई। इस दौरान आरोपी ने खुद को ट्रैवल कारोबारी बताकर संपर्क किया और कहा कि उसकी पत्नी और माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। दिसंबर 2024 में दोनों की जोगेश्वरी में एक शादी समारोह में मुलाकात हुई।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>निकाह के बाद खुला सच, पति शादीशुदा</strong></div>
<div>एफआईआर के मुताबिक 30 सितंबर 2025 को कुर्ला (पूर्व) स्थित जय जयवंती सोसाइटी में दोनों का निकाह हुआ। समारोह में आरोपी की ओर से केवल उसका भाई और भाभी शामिल हुए। शादी के कुछ दिनों बाद आरोपी ने बताया कि उसके माता-पिता जीवित हैं जिन्होंने इस विवाह को मंजूरी नहीं दी है। बाद में, जब महिला को जोगेश्वरी स्थित ससुराल ले जाया गया तो पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसकी पहली पत्नी से चार बेटियां हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>मोबाइल हैक कर लिया लाखों का लोन</strong></div>
<div>पीड़िता का आरोप है कि आरोपी (पति) ने उसके मोबाइल का पासवर्ड हासिल कर बिना जानकारी के कई लोन ऐप डाउनलोड किए और उसके नाम पर लगभग 1.77 लाख का कर्ज लिया। एक बैंक से 1.89 लाख का पर्सनल लोन भी लिया। यह राशि आरोपी ने भाई के खाते में ट्रांसफर कर दी। नवंबर 2025 में आरोपी ने व्यापार में नुकसान का हवाला देकर 1.45 लाख नकद भी लिए। लेकिन, 15 दिसंबर 2025 को आरोपी पति और उसका भाई अचानक गायब हो गए। अलमारी से लगभग 43 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 6 लाख से अधिक थी, गायब मिले।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47757/the-groom-found-on-a-matrimonial-site-in-mumbai-turned</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47757/the-groom-found-on-a-matrimonial-site-in-mumbai-turned</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:36:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/wedding-1744213448.webp"                         length="59650"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मीरा रोड : किराएदारों ने दुकान मालिक को गालियाँ-धमकियाँ दीं और अपनी बीवी-बेटियों से भी पिटवाया; मामला दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मीरा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में आरोप है कि हिंदू मकान मालिक की दुकानों पर किराएदारों ने कब्जा कर लिया। विरोध करने पर मालिक को गालियाँ-धमकियाँ दीं और अपनी बीवी-बेटियों से भी पिटवाया। शिकायतकर्ता तृप्ति अभिषेक तिवारी ने आरोप लगाया है कि इस्माइल इमरान, नदीम व उनके परिजन (पत्नी, बेटियाँ और अन्य) ने मेटर रूम की दीवार तोड़कर रास्ता बनाया, खुले इलाके में जिम और शौचालय बनवाये, दुकान के बीचों-बीच कंक्रीट का छोटा ऑफिस खड़ा कर दिया और छत पर शेड लगा लिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43860/mira-road--tenants-abused-and-threatened-the-shop-owner-and-even-got-their-wives-and-daughters-to-beat-him-up--case-registered"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/mumbai-mera-road-.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मीरा रोड : </strong>मीरा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में आरोप है कि हिंदू मकान मालिक की दुकानों पर किराएदारों ने कब्जा कर लिया। विरोध करने पर मालिक को गालियाँ-धमकियाँ दीं और अपनी बीवी-बेटियों से भी पिटवाया। शिकायतकर्ता तृप्ति अभिषेक तिवारी ने आरोप लगाया है कि इस्माइल इमरान, नदीम व उनके परिजन (पत्नी, बेटियाँ और अन्य) ने मेटर रूम की दीवार तोड़कर रास्ता बनाया, खुले इलाके में जिम और शौचालय बनवाये, दुकान के बीचों-बीच कंक्रीट का छोटा ऑफिस खड़ा कर दिया और छत पर शेड लगा लिया। जिसके परिणामस्वरूप उनके व्यवसाय और परिवार को लगातार खतरा और परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। </p>
<p> </p>
<p>मामला उस समय हिंसक रूप ले लेता है जब अभिषेक अपनी दुकानों का जायजा लेने गए। शिकायत के मुताबिक इमरान के परिवार के सदस्यों ने अभिषेक पर लोहे की सी-शेप रॉड, प्लास्टिक पाइप और लकड़ी जैसी चीजों से हमला किया, इमरान के भाई नदीम और अन्य ने भी मिलकर फलाँ-फरमान से पीटा। तृप्ति ने बताया कि उनके फोन से घटना का वीडियो जब्त कर रिकॉर्डिंग मिटा दी गई और उन्हें तथा उनके कर्मचारियों को भी पीटा गया।</p>
<p>आरोप है कि आरोपितों ने जान से मारने की धमकी दी और एक अवैध समूह बनाकर उत्पीड़न किया। घटनाक्रम पर मीरारोड थाने में केस दर्ज कराया गया है, मामला 408/25 बी एन एस 189(2),191(2),191(3),190,115(2),118(2) की धाराओं के तहत पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43860/mira-road--tenants-abused-and-threatened-the-shop-owner-and-even-got-their-wives-and-daughters-to-beat-him-up--case-registered</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43860/mira-road--tenants-abused-and-threatened-the-shop-owner-and-even-got-their-wives-and-daughters-to-beat-him-up--case-registered</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 12:01:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-09/mumbai-mera-road-.webp"                         length="207434"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: अदालती आदेशों के बावजूद अपनी पत्नी और दो बेटियों को भरण-पोषण देने से इनकार ; डॉक्टर को छह महीने की सज़ा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक डॉक्टर को कई अदालती आदेशों के बावजूद अपनी पत्नी और दो बेटियों को भरण-पोषण देने से बार-बार इनकार करने के लिए छह महीने की सिविल जेल की सज़ा सुनाई है। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और अद्वैत सेठना की पीठ ने डॉक्टर को जानबूझकर निर्देशों की अवहेलना करने का दोषी पाया, जिससे उसके परिवार को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38762/mumbai--doctor-sentenced-to-six-months-imprisonment-for-refusing-to-pay-maintenance-to-his-wife-and-two-daughters-despite-court-orders"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/750x450_190113-court-order.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक डॉक्टर को कई अदालती आदेशों के बावजूद अपनी पत्नी और दो बेटियों को भरण-पोषण देने से बार-बार इनकार करने के लिए छह महीने की सिविल जेल की सज़ा सुनाई है। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और अद्वैत सेठना की पीठ ने डॉक्टर को जानबूझकर निर्देशों की अवहेलना करने का दोषी पाया, जिससे उसके परिवार को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। अदालत ने उसके आचरण की निंदा करते हुए कहा: "अवमानना ​​करने वाले को कानून के शासन का कोई सम्मान नहीं है, उसे इस अदालत द्वारा पारित आदेशों की कोई परवाह नहीं है।"</p>
<p>यह मामला लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक विवाद से उत्पन्न हुआ था। 2002 में विवाहित, दंपति 2009 से अलग-थलग हैं, जब पति ने तलाक के लिए अर्जी दी थी। पारिवारिक अदालत ने 2015 में उनकी याचिका खारिज कर दी, लेकिन भरण-पोषण का मुद्दा अनसुलझा रहा। 2019 में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें अपनी पत्नी और बेटियों को हर महीने 35,000 रुपये देने का आदेश दिया। हालांकि, वह लगातार इसका पालन करने में विफल रहे, जिससे उनकी पत्नी ने अवमानना ​​याचिका दायर की।</p>
<p>पीठ ने टिप्पणी की, "अवमाननाकर्ता ने न केवल इस न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का कम से कम सम्मान किया, बल्कि प्रतिवादी (पत्नी) और उसकी अपनी बेटियों के भरण-पोषण के लिए उचित, निष्पक्ष और स्वाभाविक चिंता का भी पूरी तरह से अभाव था और जानबूझकर उसकी उपेक्षा की गई।" न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि छह वर्षों तक, पत्नी और बेटियों को पति द्वारा अपने कानूनी और नैतिक दायित्वों को पूरा करने से इनकार करने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ा। पीठ ने कहा, "यह एक गंभीर मामला है, जिसमें छह वर्षों तक अवमाननाकर्ता ने हर संभव तरीके से न्यायालय के आदेशों का पालन करने से परहेज किया है।" पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि उसके कार्यों ने उसके परिवार के "मानव अस्तित्व की आवश्यकता" की अवहेलना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/38762/mumbai--doctor-sentenced-to-six-months-imprisonment-for-refusing-to-pay-maintenance-to-his-wife-and-two-daughters-despite-court-orders</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/38762/mumbai--doctor-sentenced-to-six-months-imprisonment-for-refusing-to-pay-maintenance-to-his-wife-and-two-daughters-despite-court-orders</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 11:30:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-03/750x450_190113-court-order.webp"                         length="14842"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        