<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12326/turned" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>turned - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12326/rss</link>
                <description>turned RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में मैट्रिमोनियल साइट पर मिला दूल्हा निकला 4 बेटियों का बाप, महिला के लाखों रुपये और सोना लेकर हुआ फरार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>अंधेरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुनर्विवाह की इच्छुक 33 वर्षीय महिला मैट्रिमोनियल साइट के जरिए धोखाधड़ी का शिकार बन गई। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर निकाह किया। बाद में, उसके चार बेटियों का पिता होने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने फर्जी पति शब्बीर शेख उर्फ समीर और उसके भाई शाकिर शेख के खिलाफ डीएन नगर पुलिस में केस दर्ज कराया है। दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अंधेरी में एक अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट है। 2024 में तलाक के बाद उसने पुनर्विवाह के लिए एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई। इस दौरान आरोपी ने खुद को ट्रैवल कारोबारी बताकर संपर्क किया और कहा कि उसकी पत्नी और माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47757/the-groom-found-on-a-matrimonial-site-in-mumbai-turned"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/wedding-1744213448.webp" alt=""></a><br /><div> </div>
<div><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुनर्विवाह की इच्छुक 33 वर्षीय महिला मैट्रिमोनियल साइट के जरिए धोखाधड़ी का शिकार बन गई। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर निकाह किया। बाद में, उसके चार बेटियों का पिता होने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने फर्जी पति शब्बीर शेख उर्फ समीर और उसके भाई शाकिर शेख के खिलाफ डीएन नगर पुलिस में केस दर्ज कराया है। दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़िता अंधेरी में एक अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट है। 2024 में तलाक के बाद उसने पुनर्विवाह के लिए एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई। इस दौरान आरोपी ने खुद को ट्रैवल कारोबारी बताकर संपर्क किया और कहा कि उसकी पत्नी और माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। दिसंबर 2024 में दोनों की जोगेश्वरी में एक शादी समारोह में मुलाकात हुई।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>निकाह के बाद खुला सच, पति शादीशुदा</strong></div>
<div>एफआईआर के मुताबिक 30 सितंबर 2025 को कुर्ला (पूर्व) स्थित जय जयवंती सोसाइटी में दोनों का निकाह हुआ। समारोह में आरोपी की ओर से केवल उसका भाई और भाभी शामिल हुए। शादी के कुछ दिनों बाद आरोपी ने बताया कि उसके माता-पिता जीवित हैं जिन्होंने इस विवाह को मंजूरी नहीं दी है। बाद में, जब महिला को जोगेश्वरी स्थित ससुराल ले जाया गया तो पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसकी पहली पत्नी से चार बेटियां हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>मोबाइल हैक कर लिया लाखों का लोन</strong></div>
<div>पीड़िता का आरोप है कि आरोपी (पति) ने उसके मोबाइल का पासवर्ड हासिल कर बिना जानकारी के कई लोन ऐप डाउनलोड किए और उसके नाम पर लगभग 1.77 लाख का कर्ज लिया। एक बैंक से 1.89 लाख का पर्सनल लोन भी लिया। यह राशि आरोपी ने भाई के खाते में ट्रांसफर कर दी। नवंबर 2025 में आरोपी ने व्यापार में नुकसान का हवाला देकर 1.45 लाख नकद भी लिए। लेकिन, 15 दिसंबर 2025 को आरोपी पति और उसका भाई अचानक गायब हो गए। अलमारी से लगभग 43 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 6 लाख से अधिक थी, गायब मिले।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47757/the-groom-found-on-a-matrimonial-site-in-mumbai-turned</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47757/the-groom-found-on-a-matrimonial-site-in-mumbai-turned</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 17:36:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/wedding-1744213448.webp"                         length="59650"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जाम में डूब चुकी है पूर्व द्रुतगति महामार्ग; बॉटलनेक में तब्दील हो गया</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>एमएमआरडीए की नाकाम और अव्यवस्थित प्लानिंग के चलते पूरी मुंबई जाम में डूब चुकी है। ईस्टर्न फ्रीवे विस्तार और विक्रोली फ्लाईओवर को बिना समन्वित योजना के खोलने का नतीजा यह हुआ कि पूर्व द्रुतगति महामार्ग एक विशाल बॉटलनेक में तब्दील हो गया। इससे रोज लाखों वाहन घंटों तक वहां फंस रहे हैं। इस वजह से ईंधन जल रहा है और आम नागरिक का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे साफ होता है कि विकास के नाम पर केवल कागजी योजनाएं बनीं, जबकि जमीन पर अव्यवस्था ही उतरी है। कुल मिलाकर मुंबई की रफ्तार थमती नजर आ रही है और उसकी कीमत जनता चुका रही है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47435/mumbai-is-drowned-in-traffic-jam-the-former-expressway-has"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-03t121819.901.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एमएमआरडीए की नाकाम और अव्यवस्थित प्लानिंग के चलते पूरी मुंबई जाम में डूब चुकी है। ईस्टर्न फ्रीवे विस्तार और विक्रोली फ्लाईओवर को बिना समन्वित योजना के खोलने का नतीजा यह हुआ कि पूर्व द्रुतगति महामार्ग एक विशाल बॉटलनेक में तब्दील हो गया। इससे रोज लाखों वाहन घंटों तक वहां फंस रहे हैं। इस वजह से ईंधन जल रहा है और आम नागरिक का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे साफ होता है कि विकास के नाम पर केवल कागजी योजनाएं बनीं, जबकि जमीन पर अव्यवस्था ही उतरी है। कुल मिलाकर मुंबई की रफ्तार थमती नजर आ रही है और उसकी कीमत जनता चुका रही है।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि घाटकोपर से भांडुप के बीच यातायात जाम की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। मानखुर्द स्थित सिग्नल की परेशानी दूर होने के बाद पूर्व द्रुतगति महामार्ग पर तेज रफ्तार से आने वाले वाहन, हाल ही में शुरू हुए विक्रोली फ्लायओवर और ईस्टर्न प्रâीवे से ठाणे के साकेत क्षेत्र में निर्माणाधीन नए फ्लायओवर के कारण ट्रैफिक सुधरने के बजाय और ज्यादा खराब हो गया है। नतीजतन, महामार्ग पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और वाहन चालक रोजाना ट्रैफिक में फंसकर बेहाल हो रहे हैं। बता दें कि मुंबई शहर और उपनगरों को ठाणे से जोड़ने वाला यह मार्ग शहर की जीवनरेखा माना जाता है, जहां से प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं। विक्रोली गोदरेज क्षेत्र में सिग्नल भले ही अल्प समय के लिए लगता हो, लेकिन सिग्नल पार करते ही वाहनों का दबाव एकसाथ ठाणे की दिशा में उमड़ पड़ता है।</p>
<p><strong>आक्रोश में मुंबईकर</strong><br />एमएमआरडीए की इस करतूत से मुंबईकर काफी गुस्से में हैं। ठाणे निवासी शिवम उपाध्याय ने कहा कि हर दिन घंटों ट्रैफिक में फंसना हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। ऑफिस, स्कूल, अस्पताल हर जगह देर हो जाती है, लेकिन जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। फ्लायओवर खुले, करोड़ों खर्च हुए फिर भी जाम कम होने के बजाय और बढ़ गया। इसी तरह तुंगागांव निवासी रामलाल यादव ने कहा कि ईंधन जल रहा है, समय बर्बाद हो रहा है और तनाव बढ़ रहा है। हम टैक्स भी दें और बदले में ट्रैफिक की सजा भी भुगतें, यह कहां का न्याय है। एमएमआरडीए और सरकार सिर्फ उद्घाटन करती है, लेकिन जमीनी हकीकत देखने कोई नहीं आता। पवई निवासी अनिल सिंह ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो मुंबई चलने लायक नहीं बचेगी। हर नई परियोजना जाम बढ़ा रही है। जब तक पूरी प्लानिंग के साथ काम नहीं होगा, तब तक जनता यूं ही पिसती रहेगी। </p>
<p><strong>सेवा सड़कों की ओर मोड़ा यातायात</strong><br />यातायात जाम को नियंत्रित करने के लिए जिन स्थानों पर पिलर निर्माण पूरा हो चुका है, वहां से बैरिकेड्स हटाए गए हैं। जेवीएलआर फ्लायओवर के समाप्ति बिंदु पर लगे बैरिकेड्स भी भीतर की ओर खिसकाए गए हैं। कुछ हिस्सों में यातायात को सेवा सड़कों की ओर मोड़ा गया है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47435/mumbai-is-drowned-in-traffic-jam-the-former-expressway-has</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47435/mumbai-is-drowned-in-traffic-jam-the-former-expressway-has</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 12:21:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-03t121819.901.jpg"                         length="15340"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  यवतमाल : किसान का दावा बड़े विवाद का कारण बन गया; 5 करोड़ का दावा निकला झूठा </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>जिले के पुसद तालुका के खारशी गांव में एक किसान का दावा बड़े विवाद का कारण बन गया। किसान केशव शिंदे ने कहा था कि उसकी ज़मीन पर खड़ा एक पेड़ लाल चंदन का है और उसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये है। लेकिन जांच के बाद सामने आया कि यह पेड़ लाल चंदन का नहीं बल्कि टेरोकार्पस मार्सुपियम प्रजाति का है, जिसकी वास्तविक कीमत मात्र 11,000 रुपये आंकी गई। यह मामला तब सामने आया जब वर्धा-यवतमाल-पुसद-नांदेड़ रेलवे परियोजना के लिए केशव शिंदे की ज़मीन अधिग्रहित की गई। </p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43667/yavatmal--farmer-s-claim-becomes-the-reason-for-big-controversy--5-crore-claim-turned-out-to-be-false"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/images---2025-09-06t102610.094.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>यवतमाल : </strong>जिले के पुसद तालुका के खारशी गांव में एक किसान का दावा बड़े विवाद का कारण बन गया। किसान केशव शिंदे ने कहा था कि उसकी ज़मीन पर खड़ा एक पेड़ लाल चंदन का है और उसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये है। लेकिन जांच के बाद सामने आया कि यह पेड़ लाल चंदन का नहीं बल्कि टेरोकार्पस मार्सुपियम प्रजाति का है, जिसकी वास्तविक कीमत मात्र 11,000 रुपये आंकी गई। यह मामला तब सामने आया जब वर्धा-यवतमाल-पुसद-नांदेड़ रेलवे परियोजना के लिए केशव शिंदे की ज़मीन अधिग्रहित की गई। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>अधिग्रहण के दौरान उन्हें ज़मीन का मुआवजा तो दे दिया गया, लेकिन पेड़ों और भूमिगत पाइपलाइन के नुकसान के लिए मुआवजा नहीं मिला। इससे नाराज होकर शिंदे ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में याचिका दाखिल की। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए रेलवे को आदेश दिया कि शिंदे को एक करोड़ रुपये मुआवज़े के रूप में दिए जाएं। इस आदेश के बाद शिंदे को 50 लाख रुपये की राशि तत्काल दे दी गई, जबकि शेष 50 लाख रुपये का भुगतान पेड़ के मूल्यांकन रिपोर्ट आने के बाद करने का निर्णय लिया गया।</div>
<div> </div>
<div>कोर्ट के निर्देश पर बैंगलोर से एक विशेषज्ञ संस्था को बुलाया गया, जिसने पेड़ का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में साफ हुआ कि पेड़ लाल चंदन का नहीं है। संस्था ने बताया कि यह पेड़ टेरोकार्पस मार्सुपियम प्रजाति का है, जिसे आमतौर पर "इंडियन कीनो ट्री" कहा जाता है। इस प्रजाति के पेड़ की बाजार में कोई विशेष मांग नहीं होती और इसकी कीमत केवल 11,000 रुपये आंकी गई। इस खुलासे के बाद अदालत में शिंदे का दावा गलत साबित हो गया। अब आगे की सुनवाई में यह तय किया जाएगा कि शेष 50 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा या नहीं।</div>
<div> </div>
<div>मामला फिलहाल अदालत की निगरानी में है और रेलवे विभाग ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि लाल चंदन की पहचान होने पर उन्हें करोड़ों रुपये का मुआवज़ा देना पड़ सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि लाल चंदन (रेड सैंडलवुड) और टेरोकार्पस मार्सुपियम पेड़ में बाहरी समानता होती है, लेकिन वैज्ञानिक जांच से ही सही प्रजाति की पहचान हो पाती है। लाल चंदन अपनी दुर्लभता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत के कारण अत्यधिक मूल्यवान होता है, जबकि टेरोकार्पस मार्सुपियम का उपयोग मुख्य रूप से औषधीय और स्थानीय लकड़ी के कामों में होता है।</div>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/43667/yavatmal--farmer-s-claim-becomes-the-reason-for-big-controversy--5-crore-claim-turned-out-to-be-false</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/43667/yavatmal--farmer-s-claim-becomes-the-reason-for-big-controversy--5-crore-claim-turned-out-to-be-false</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 10:27:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-09/images---2025-09-06t102610.094.jpg"                         length="20624"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसई-विरार की सड़कें गड्डों में तब्दील; अब सड़कों के गड्डों ने बढ़ाई मुसीबत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>वसई-विरार की सड़कों पर गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। इस क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें बड़े-बड़े गड्डों के रूप में तब्दील हो गई हैं, गड्डों के कारण इन सड़कों से गुजरने वाले वाहन चालक रोजाना दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कुछ रास्तों को मनपा ठेकेदारों द्वारा सिर्फ पत्थरों और मिट्टी से पाटकर छोड़ दिया गया है जो बारिश के पानी के साथ बह जा रही है और मार्ग फिर से अपने पुराने हालात पर पहुंच जा रहे हैं। ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा उस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को भुगतना पड़ रहा है।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41829/vasai-virar-roads-have-turned-into-potholes--now-potholes-have-increased-the-trouble"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/download---2025-07-02t103333.220.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विरार।</strong> वसई-विरार की सड़कों पर गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। इस क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें बड़े-बड़े गड्डों के रूप में तब्दील हो गई हैं, गड्डों के कारण इन सड़कों से गुजरने वाले वाहन चालक रोजाना दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कुछ रास्तों को मनपा ठेकेदारों द्वारा सिर्फ पत्थरों और मिट्टी से पाटकर छोड़ दिया गया है जो बारिश के पानी के साथ बह जा रही है और मार्ग फिर से अपने पुराने हालात पर पहुंच जा रहे हैं। ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा उस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को भुगतना पड़ रहा है। सड़कों के गड्डों ने मुसीबत और बढ़ा दी है, क्योंकि दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद लोग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, लेकिन इस ओर ना तो मनपा प्रशासन का ध्यान है और ना ही जनप्रतिनिधियों का ऐसी स्थिति में क्षेत्र के लोग भगवान भरोसे जीवन जीने को विवश है। इन रास्तों पर गड्डों की भरमार पेल्हार सोपारा फाटा की ओर जाने वाले तुलिंज टोलनाका, संतोष भुवन, बावसेत पाड़ा, गोवराई पाड़ा, धाणिवबाग, वाकनपाड़ा नेशनल होटल के समीप पूरी तरह खस्ताहाल हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>रोजाना इन्हीं रास्तों से गुजरते हैं अधिकारी</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन इस मार्ग से अधिकारियों का आवागमन होता है, लेकिन किसी की नजर इन गड्डों पर नहीं पड़ती, जिसके परिणाम स्वरूप इन रास्तों से गुजरने वाले दर्जनों वाहन चालक प्रतिदिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं उधर, मनपा अधिकारियों का कहना है कि बरसात के कारण सड़क पर नए गड्ढे हो जा रहे हैं, जिन्हें भरने का कार्य किया जा रहा है। इसके बावजूद जिन स्थानों की जानकारी मिल रही है वहां कर्मचारियों को भेजकर गड्ढों को भरने का काम हो रहा है। ऐड्वकेट राहुल सिंह ने कहा कि वसई-विरार क्षेत्र में गड्ढे में सड़क या सड़क में गड्ढे, इसको समझ पाना मुश्किल है। गड्डों के कारण दो पहिया वाहनचालकों के साथ दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। बेरोजगारी के चलते लोगों की मुसीबतें पहले से ही बढ़ी, ऐसे में अस्पताल का खर्चा उनके ऊपर दोहरा असर कर रहा है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/41829/vasai-virar-roads-have-turned-into-potholes--now-potholes-have-increased-the-trouble</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/41829/vasai-virar-roads-have-turned-into-potholes--now-potholes-have-increased-the-trouble</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Jul 2025 10:34:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-07/download---2025-07-02t103333.220.jpg"                         length="8110"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        