<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12256/loss" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>loss - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12256/rss</link>
                <description>loss RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: वसई में पेंट कारखाने में लगी आग, लाखों का नुकसान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>मुंबई के पास वसई ईस्ट इलाके में एक पेंट बनाने वाली यूनिट में भीषण आग लग गई। आग सुबह करीब 10.30 बजे आयशा कंपाउंड की फैक्ट्री में लगी, जिसमें कई इंडस्ट्रियल यूनिट हैं। आग इतनी तेज थी कि धुएं का घना गुबार और हवा में ऊंची उठती लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। वसई विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक फायर अधिकारी के अनुसार, सूचना मिलने पर उनकी टीमें तीन फायर इंजन के साथ मौके पर पहुंचीं। फैक्ट्री के अंदर पेंट बनाने के लिए जरूरी सामान और दूसरी बहुत ज्यादा आग पकड़ने वाली चीजें होने की वजह से आग और तेज हो गई थी।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47720/fire-breaks-out-in-paint-factory-in-mumbai-vasai-loss"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-14t124027.203.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>मुंबई के पास वसई ईस्ट इलाके में एक पेंट बनाने वाली यूनिट में भीषण आग लग गई। आग सुबह करीब 10.30 बजे आयशा कंपाउंड की फैक्ट्री में लगी, जिसमें कई इंडस्ट्रियल यूनिट हैं। आग इतनी तेज थी कि धुएं का घना गुबार और हवा में ऊंची उठती लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। वसई विरार म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक फायर अधिकारी के अनुसार, सूचना मिलने पर उनकी टीमें तीन फायर इंजन के साथ मौके पर पहुंचीं। फैक्ट्री के अंदर पेंट बनाने के लिए जरूरी सामान और दूसरी बहुत ज्यादा आग पकड़ने वाली चीजें होने की वजह से आग और तेज हो गई थी।</p>
<p> </p>
<p><strong>लाखों की समान जलकर खाक</strong><br />दमकल कर्मी के प्रयासों के बाद आग पर अब काबू पा लिया गया। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन आग में कई लाख रुपये की समान जलकर खाक हो गई लगती है। आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चला है। </p>
<p><strong>गोरेगांव की ऊंची बिल्डिंग में आग लगी</strong><br />मुंबई फायर ब्रिगेड ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि गुरुवार सुबह गोरेगांव ईस्ट में कृष्णा वाटिका रोड, गोकुल धाम पर DB वुड बिल्डिंग की 9वीं मंज़िल पर एक बेडरूम में लेवल-1 आग लग गई। एक नागरिक ने सुबह 9.11 बजे दी। आग ग्राउंड-प्लस-45 मंजिला रिहायशी बिल्डिंग के बेडरूम में बिजली की वायरिंग, इंस्टॉलेशन, किचन के सामान और घरेलू सामान तक ही सीमित थी।  <br />MFB ने सुबह 9.25 बजे इसे लेवल-1 आग घोषित किया। बिल्डिंग के फिक्स्ड फायर-फाइटिंग सिस्टम की मदद से तुरंत फायरफाइटिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। एहतियात के तौर पर, निवासियों को निकाला गया और रिफ्यूज एरिया और छत पर शिफ्ट किया गया। अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47720/fire-breaks-out-in-paint-factory-in-mumbai-vasai-loss</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47720/fire-breaks-out-in-paint-factory-in-mumbai-vasai-loss</guid>
                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 12:45:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-14t124027.203.jpg"                         length="5938"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : चार साल तक केंद्रीय कर्मियों-पेंशनरों को होगा 10% का आर्थिक नुकसान, सैलरी पर पड़ सकता है असर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>क्या चार साल तक 49 लाख कर्मियों व 69 लाख पेंशनरों को होगा 10 प्रतिशत वेतन का नुकसान, उनकी सेलरी में लगेगी सेंध, इस सवाल ने कर्मियों की परेशानी बढ़ा दी है। डीए/डीआर तो गत वर्ष ही पचास फीसदी के पार हो गया था। नियम है कि इस स्थिति में डीए/डीआर का मूल वेतन और पेंशन में विलय कर दिया जाए।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46145/new-delhi-central-government-employees-and-pensioners-will-suffer-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download-(86).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>क्या चार साल तक 49 लाख कर्मियों व 69 लाख पेंशनरों को होगा 10 प्रतिशत वेतन का नुकसान, उनकी सेलरी में लगेगी सेंध, इस सवाल ने कर्मियों की परेशानी बढ़ा दी है। डीए/डीआर तो गत वर्ष ही पचास फीसदी के पार हो गया था। नियम है कि इस स्थिति में डीए/डीआर का मूल वेतन और पेंशन में विलय कर दिया जाए। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का कहना है कि सरकार, ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने एक विशेष बातचीत में कहा, ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। इसे यूं भी कह सकते हैं कि पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन हड़पा जा रहा है। पेंशन भी हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही कर सकते हैं। ऐसे में चार साल तक कर्मियों को हर माह दस प्रतिशत वेतन का नुकसान उठाना पड़ेगा। अब सरकार कह रही है कि डीए को मूल वेतन में मर्ज नहीं करेंगे। यह बात समझ नहीं आ रही है कि सरकार, कर्मचारी को उसका आर्थिक फायदा देने से क्यों कतरा रही है।   </p>
<p> </p>
<p><strong>आठवें वेतन आयोग से जुड़े अहम सवाल </strong><br />पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग का फायदा मिलेगा या नहीं, इस बाबत कर्मचारी और पेंशनधारकों के संगठन, चिंतित हैं। पुरानी पेंशन, क्या इसकी बहाली होगी या अब यूपीएस ही चलेगा। 'गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अवित्तपोषित लागत', आठवें वेतन आयोग की 'संदर्भ की शर्तें' यानी टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) में शामिल इस पंक्ति को हटवाने के लिए क्यों लामबंद हो रहे कर्मचारी। आज डिजिटल का युग है, बहुत सारी डिटेल एक क्लिक पर मिल जाती है तो फिर सरकार ने आठवें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय क्यों दिया है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने पर न्यूनतम बेसिक वेतन कितना हो सकता है। सरकार ने कहां पर कैंची चलाकर सरकारी कर्मियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा दिया है। जब आयोग का गठन हुआ तो कहा गया था कि पहली जनवरी 2026 से वेतन आयोग लागू होगा, अब संसद में वित्त राज्य मंत्री का कहना है कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के लागू होने की तारीख का निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने अमर उजाला डॉट कॉम के साथ एक विशेष बातचीत में ऐसे कई अहम सवालों का जवाब दिया है।  </p>
<p><strong>क्या पेंशन में विभेद कर सकती है सरकार </strong><br />डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने बताया, 'गैर-अंशदायी पेंशन योजनाओं की अवित्तपोषित लागत', आठवें वेतन आयोग की 'संदर्भ की शर्तों' से इस बात को हटाने के लिए मांग की गई। अब इस मुद्दे पर स्थिति साफ हो गई है। पहले यह बात सामने आई कि पेंशनर को टीओआर में शामिल नहीं किया गया। पिछले दिनों संसद में वित्त मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि आठवें वेतन आयोग से पेंशनर भी लाभान्वित होंगे। अब यह मुद्दा खत्म हो गया है। अवित्तपोषित लागत, इस बाबत डॉ. पटेल ने कहा, 25 मार्च 2025 को संसद में 'पेंशन लायबिलिटी बिल' पास किया गया था। उसमें कहा गया था कि भारत सरकार, एक विशिष्ट तिथि से पहले के रिटायर्ड कर्मचारियों और उसके बाद के रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में विभेद कर सकती है। इसका मतलब, इन दोनों स्थितियों में पेंशनरों को अलग-अलग लाभ मिलेंगे।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46145/new-delhi-central-government-employees-and-pensioners-will-suffer-a</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46145/new-delhi-central-government-employees-and-pensioners-will-suffer-a</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 18:35:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-12/download-%2886%29.jpg"                         length="12434"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स से सफर करना अब यात्रियों के लिए पड़ सकता है महंगा ; 50,000 करोड़ का नुकसान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स से सफर करना अब यात्रियों के लिए महंगा पड़ सकता है। इन एयरपोर्ट्स पर यूजर चार्जेस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी 22 गुना तक हो सकती है। टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल के एक आदेश के बाद यह नौबत आई है। इस आदेश ने 2009 से 2014 तक के पांच साल के लिए टैरिफ यानी यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्कों की गणना का तरीका बदल दिया है। </p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45890/travelling-from-delhi-and-mumbai-airports-may-now-be-costlier"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-01t113501.161.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong>दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट्स से सफर करना अब यात्रियों के लिए महंगा पड़ सकता है। इन एयरपोर्ट्स पर यूजर चार्जेस में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी 22 गुना तक हो सकती है। टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल के एक आदेश के बाद यह नौबत आई है। इस आदेश ने 2009 से 2014 तक के पांच साल के लिए टैरिफ यानी यात्रियों से वसूले जाने वाले शुल्कों की गणना का तरीका बदल दिया है। </p>
<p> </p>
<p>इस नए तरीके से पता चला है कि इस दौरान एयरपोर्ट्स को 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई यात्रियों से ली जाने वाली फीस, लैंडिंग और पार्किंग चार्जेस के जरिए की जाएगी। इससे हवाई टिकटों के दाम बढ़ जाएंगे, जो यात्रियों की संख्या पर असर डाल सकता है। इस फैसले के खिलाफ एयरपोर्ट्स इकनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी, घरेलू एयरलाइंस और लुफ्थांसा, एयर फ्रांस और गल्फ एयर जैसी विदेशी एयरलाइंस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई बुधवार को होगी।</p>
<p><strong>कितनी बढ़ सकती है फीस?</strong><br />सूत्रों का कहना है कि अगर यह आदेश लागू हुआ तो दिल्ली एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों से लिया जाने वाला यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) 129 रुपये से बढ़कर 1,261 रुपये हो सकता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह 650 रुपये से बढ़कर 6,356 रुपये हो सकता है। मुंबई एयरपोर्ट पर भी घरेलू यात्रियों के लिए यह फीस 175 रुपये से बढ़कर 3,856 रुपये हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मुंबई में यह 615 रुपये के बजाय 13,495 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। </p>
<p>TDSAT एक अपीलेट ट्रिब्यूनल है जो टेलीकॉम और एयरपोर्ट से जुड़े आर्थिक नियमों के मामलों में विवादों और अपीलों को सुनता है। सरकारी अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चार्जेज में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से यात्रियों की संख्या पर बुरा असर पड़ेगा। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि एयरपोर्ट और एयरलाइंस के बीच चल रहे कानूनी झगड़ों से यात्रियों को नुकसान नहीं होना चाहिए। </p>
<p><strong>क्या है मामला?</strong><br />उन्होंने कहा कि यह यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका होगा क्योंकि रातोंरात टिकट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होगी। एयरलाइंस के पास इन चार्जेज को यात्रियों पर डालने के अलावा कोई और विकल्प नहीं होगा। यह विवाद लगभग दो दशक पहले शुरू हुआ था, जब 2006 में एयरपोर्ट्स के निजीकरण का पहला दौर चला था। AERA हर पांच साल के लिए एयरपोर्ट्स के चार्जेज तय करता है। यह तय करते समय ऑपरेटरों के निवेश और कमाई को ध्यान में रखा जाता है। <br />लेकिन यह रेगुलेटर अप्रैल 2009 में बना था। यानी एयरपोर्ट्स की ओनरशिप एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया से DIAL और MIAL को सौंपे जाने के लगभग तीन साल बाद इसका गठन हुआ था। DIAL, GMR ग्रुप का हिस्सा है, जबकि MIAL उस समय GVK के पास था। MIAL अब Adani Group चला रहा है। जब एयरपोर्ट्स का मालिकाना हक बदला, तब एसेट्स और इनवेस्टमेंट का डेटा भरोसेमंद नहीं था। इसलिए, 2006 में सरकार और दो निजी ऑपरेटरों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें 'हाइपोथेटिकल रेगुलेटरी एसेट बेस' (HRAB) का प्रावधान था।</p>
<p><strong>किस बात की है लड़ाई?</strong><br />इससे 1 अप्रैल 2008 से 31 मार्च 2009 तक की अवधि के लिए संपत्ति का मूल्य तय किया गया। HRAB, संपत्ति का एक काल्पनिक मूल्य है जिसका उपयोग रेगुलेटर टैरिफ या शुल्क तय करने के लिए करता है, जब वास्तविक राशि उपलब्ध नहीं होती है। FY09-14 के लिए टैरिफ तय करते समय, AERA ने केवल 'एरोनॉटिकल एसेट्स' के मूल्य को ही ध्यान में रखा था। एरोनॉटिकल एसेट्स वे इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं हैं जो सीधे उड़ान संचालन और यात्रियों के प्रबंधन के लिए जरूरी होती हैं, जैसे रनवे, टर्मिनल और चेक-इन काउंटर। </p>
<p>लेकिन, DIAL और MIAL ने TDSAT में याचिका दायर की। उन्होंने कहा कि AERA को 'नॉन-एरोनॉटिकल एसेट्स' के मूल्य को भी ध्यान में रखना चाहिए। इन संपत्तियों में ड्यूटी फ्री दुकानें, कार पार्किंग और लाउंज जैसी चीजें शामिल हैं। AERA के तरीके को 2018 में ट्रिब्यूनल और 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था। इसके बाद दोनों एयरपोर्ट ऑपरेटरों ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया, जिसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय के 2011 के एक पत्र का हवाला देते हुए मामले को फिर से खोलने की मांग की गई।<br /> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45890/travelling-from-delhi-and-mumbai-airports-may-now-be-costlier</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/45890/travelling-from-delhi-and-mumbai-airports-may-now-be-costlier</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Dec 2025 11:36:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-12/download---2025-12-01t113501.161.jpg"                         length="6876"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोंबिवली : एरोसोल कंपनी में भीषण आग...  लाखों का नुकसान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">डोंबिवली एमआईडीसी क्षेत्र के फेस-1 में स्थित एक एरोसोल कंपनी में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसमान में काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42408/fierce-fire-loss-in-dombivali-aerosol-company"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-07/download-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डोंबिवली :</strong> डोंबिवली एमआईडीसी क्षेत्र के फेस-1 में स्थित एक एरोसोल कंपनी में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसमान में काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी में कपड़े की प्रोसेसिंग का काम चल रहा था, उसी दौरान आग लगने की घटना हुई। आग की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की नौ गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन विभाग प्रमुख नामदेव चौधरी के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसके पास की अन्य कंपनियों को भी खतरा पैदा हो गया था, लेकिन दमकल विभाग ने सतर्कता से काम लेते हुए आग को फैलने से रोक दिया। आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है। घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/42408/fierce-fire-loss-in-dombivali-aerosol-company</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/42408/fierce-fire-loss-in-dombivali-aerosol-company</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 19:22:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-07/download-%281%291.jpg"                         length="6200"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        