<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12190/rule" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>rule - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12190/rss</link>
                <description>rule RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: 'अगर हम पढ़े-लिखे होते तो ऑफिस में बैठते', मराठी नियम पर मुंबई के ऑटो ड्राइवरों की 3 दिन की हड़ताल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्सा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के फैसले ने राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज कर दी है। इसी बीच मुंबई में राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों का एक वर्ग सड़क पर उतर आया है। इन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार से तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे यात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51539/mumbai-if-we-were-educated-we-would-have-sat-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/mumbai-autorickshaw-strike-244942980-3x4.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्सा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के फैसले ने राज्यभर की सियासत में गर्माहट तेज कर दी है। इसी बीच मुंबई में राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों का एक वर्ग सड़क पर उतर आया है। इन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार से तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे यात्रियों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि चालकों का विरोध ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों के लिए मराठी भाषा जानने के अनिवार्य नियम को लेकर है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या कहना है कि गौर-मराठी भाषी चालकों का?</strong><br />सरकार के फैसले के विरोध में सड़क पर उतरे गैर-मराठी भाषी चालकों का कहना है कि इस नियम से उन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ और भारी-भरकम जुर्माने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p><strong>मराठी सीखना मुश्किल- चालक</strong><br />हड़ताल में शामिल कई चालकों की उम्र 55 से 60 साल के बीच है। उनका कहना है कि वे कभी स्कूल नहीं गए, इसलिए उनके लिए अचानक मराठी बोलना और सीखना बहुत मुश्किल है।</p>
<p>मामले में मुंबई कंदिवली लिंक रोड पर सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे एक ऑटो चालक ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि हम 55-60 साल के हैं। हम कभी स्कूल नहीं गए। हम मराठी कैसे बोल सकते हैं? अगर हम पढ़े-लिखे होते, तो किसी दफ्तर में बैठकर काम कर रहे होते।</p>
<p><strong>चालकों ने जुर्माना को लेकर उठाए सवाल</strong><br />इतना ही नहीं विरोध कर रहे चालकों का दावा है कि वे जैसे-तैसे टूटी-फूट मराठी सीखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सहूलियत या समय देने के बजाय अधिकारियों द्वारा दंडित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि वे 15000 से 20000 रुपये तक का जुर्माना कैसे भर सकते हैं? चालकों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक यह तीन दिन की हड़ताल जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51539/mumbai-if-we-were-educated-we-would-have-sat-in</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51539/mumbai-if-we-were-educated-we-would-have-sat-in</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 11:35:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/mumbai-autorickshaw-strike-244942980-3x4.webp"                         length="72522"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मेयर चुनाव की प्रक्रिया में ‘पीठासीन अधिकारी’ की नियुक्ति से जुड़े पुराने नियम में बदलाव </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मेयर पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है. बीएमसी चुनाव में मामूली बहुमत वाली महायुति सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे ठाकरे गुट की रणनीति पर सीधा वार माना जा रहा है. दरअसल शिवसेना (यूबीटी) गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कहा कहा था कि ‘अगर भगवान की इच्छा होगी तो महापौर भी अपना होगा.’ हालांकि, उनके इस बयान के बाद बीजेपी और शिंदे गुट अलर्ट मोड में आ गया और इस ताजा कदम को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47255/changes-in-the-old-rule-related-to-the-appointment-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-24t125705.2601.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मेयर पद के चुनाव को लेकर सियासी घमासान के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है. बीएमसी चुनाव में मामूली बहुमत वाली महायुति सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसे ठाकरे गुट की रणनीति पर सीधा वार माना जा रहा है. दरअसल शिवसेना (यूबीटी) गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पिछले दिनों कहा कहा था कि ‘अगर भगवान की इच्छा होगी तो महापौर भी अपना होगा.’ हालांकि, उनके इस बयान के बाद बीजेपी और शिंदे गुट अलर्ट मोड में आ गया और इस ताजा कदम को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.</p>
<p> </p>
<p>मुंबई महानगरपालिका की सत्ता की लड़ाई में राज्य सरकार ने एक अहम राजनीतिक चाल चली है. आगामी मेयर चुनाव की प्रक्रिया में ‘पीठासीन अधिकारी’ की नियुक्ति से जुड़े पुराने नियम में बदलाव कर दिया गया है. नई अधिसूचना के मुताबिक अब महापौर चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया का संचालन नगर आयुक्त या सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे. सरकार के इस फैसले के बाद सत्ताधारी और विपक्ष के बीच पहले ही दिन टकराव के संकेत मिल रहे हैं.</p>
<p>अब तक की परंपरा के अनुसार, नई नगर परिषद की पहली बैठक में मेयर के चयन तक कार्यवाही देखने के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति होती थी. यह जिम्मेदारी या तो निवर्तमान महापौर को या फिर सदन के सबसे वरिष्ठ नगरसेवक को सौंपी जाती थी.</p>
<p>मुंबई महापालिका का कार्यकाल समाप्त हुए करीब तीन साल हो चुके हैं, ऐसे में निवर्तमान महापौर का विकल्प पहले ही खत्म हो गया था. पुराने नियमों के तहत, उद्धव ठाकरे गुट की वरिष्ठ नगरसेविका श्रद्धा जाधव को पीठासीन अधिकारी बनने का मौका मिल सकता था. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर पीठासीन अधिकारी विपक्ष का होता, तो सत्ताधारियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था. इसी संभावित स्थिति से बचने के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. </p>
<p>राज्य सरकार की तरफ से जारी नई नियमावली के अनुसार, अब महापौर या उपमहापौर के चुनाव के लिए बुलाई जाने वाली विशेष बैठक की अध्यक्षता राज्य सरकार के सचिव स्तर या उससे ऊचे अधिकारी करेंगे. वर्तमान नगर आयुक्त भूषण गगराणी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी हैं, ऐसे में वही इस प्रक्रिया के पीठासीन अधिकारी होंगे. इसके साथ ही महापौर के अधिकार भी सीमित कर दिए गए हैं. नए चुने गए महापौर भी उपमहापौर के चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्य नहीं कर सकेंगे.<br />गौरतलब है कि वर्ष 1997 से मुंबई महापालिका में शिवसेना-भाजपा की सत्ता रही है और इस दौरान पीठासीन अधिकारी को लेकर कभी विवाद नहीं हुआ. लेकिन मौजूदा बदले हुए राजनीतिक समीकरणों में यह मुद्दा विवाद की जड़ बनता नजर आ रहा है. ठाकरे गुट की ओर से पीठासीन अधिकारी अपने पक्ष का हो, इसके लिए रणनीति बनाई जा रही थी, लेकिन सरकार की अधिसूचना ने इस योजना को झटका दे दिया है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि महापौर चुनाव के पहले ही दिन नए नियमों को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिल सकता है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47255/changes-in-the-old-rule-related-to-the-appointment-of</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47255/changes-in-the-old-rule-related-to-the-appointment-of</guid>
                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 12:12:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-24t125705.2601.jpg"                         length="11496"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नियम तोड़ने वालों से सेंट्रल रेलवे की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने 38.03 लाख रुपये पेनल्टी वसूले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेंट्रल रेलवे की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने एक महीने तक चली बड़ी कार्रवाई में, अक्टूबर 2025 में रेलवे एक्ट के अलग-अलग नियमों के तहत 8,184 नियम तोड़ने वालों को पकड़ा और 38.03 लाख रुपये पेनल्टी के तौर पर वसूले। अधिकारियों का कहना है कि पैसेंजर सेफ्टी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे एसेट्स को सुरक्षित करने के लिए यह तेज़ कार्रवाई एक बड़े कदम का हिस्सा है। सेंट्रल रेलवे द्वारा हाल ही में जारी किए गए डेटा के मुताबिक, आरपीएफ के इंटेलिजेंस पर आधारित ऑपरेशन के कारण कई डिवीजनों में टारगेटेड रेड, गिरफ्तारियां और ऑन-ग्राउंड विजिलेंस हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45727/central-railways-railway-protection-force-collected-a-penalty-of-rs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-24t131848.269.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> सेंट्रल रेलवे की रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने एक महीने तक चली बड़ी कार्रवाई में, अक्टूबर 2025 में रेलवे एक्ट के अलग-अलग नियमों के तहत 8,184 नियम तोड़ने वालों को पकड़ा और 38.03 लाख रुपये पेनल्टी के तौर पर वसूले। अधिकारियों का कहना है कि पैसेंजर सेफ्टी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे एसेट्स को सुरक्षित करने के लिए यह तेज़ कार्रवाई एक बड़े कदम का हिस्सा है। सेंट्रल रेलवे द्वारा हाल ही में जारी किए गए डेटा के मुताबिक, आरपीएफ के इंटेलिजेंस पर आधारित ऑपरेशन के कारण कई डिवीजनों में टारगेटेड रेड, गिरफ्तारियां और ऑन-ग्राउंड विजिलेंस हुई।</p>
<p> </p>
<p>खास कार्रवाइयों में महिला कोच का गलत इस्तेमाल शामिल है, जहां 243 पुरुष यात्रियों पर रेलवे एक्ट के सेक्शन 162 के तहत महिलाओं के लिए रिज़र्व कोच में गैर-कानूनी तरीके से घुसने का मामला दर्ज किया गया, जिन पर कुल 62,200 रुपये का पेनल्टी लगाया गया। इसके अलावा, रेलवे प्रॉपर्टी (गैर-कानूनी कब्ज़ा) एक्ट के तहत रेलवे के सामान की चोरी और गैर-कानूनी कब्जे के लिए 59 लोगों को गिरफ्तार किया गया, और अधिकारियों ने चोरी का सामान और 4.62 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। </p>
<p>आरपीएफ ने 8.21 लाख रुपये की शराब, गांजा और तंबाकू प्रोडक्ट्स ले जाने के आरोप में 17 लोगों पर केस दर्ज किया। इससे ट्रेनों में स्मगलिंग के खिलाफ फोर्स की चल रही लड़ाई का पता चलता है। इसके अलावा, ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों का सामान चोरी करने और दूसरी क्रिमिनल एक्टिविटीज़ में शामिल कुल 161 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरपीएफ की तेज कार्रवाई से चोरी का सामान बरामद करने और यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में मदद मिली। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/45727/central-railways-railway-protection-force-collected-a-penalty-of-rs</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/45727/central-railways-railway-protection-force-collected-a-penalty-of-rs</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 13:20:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-11/download---2025-11-24t131848.269.jpg"                         length="14125"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : केंद्र सरकार बना रही है ऐसा नियम कि मुंबई में अडानी को सीमेंट प्लांट के लिए नहीं लेनी होगी पर्यावरण मंज़ूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पर्यावरण मंत्रालय ने 26 सितंबर को जारी अपने मसौदा अधिसूचना में प्रस्ताव रखा है कि ‘कैप्टिव पावर प्लांट के बिना काम करने वाले स्वतंत्र सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट’ को पहले से पर्यावरणीय मंजूरी लेने की अनिवार्यता से छूट दी जाए. अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो अडानी समूह के लिए कल्याण (जो मुंबई महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है) में अपनी 1,400 करोड़ रुपये की लागत वाली सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट परियोजना को आगे बढ़ाना आसान हो जाएगा. 6 एमएमटीपीए यानी प्रति वर्ष छह मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाला यह प्लांट अंबुजा सीमेंट लिमिटेड का है, जो अडानी समूह की कंपनी है. इस परियोजना का कल्याण के मोहने गांव और आसपास के 10 अन्य गांवों के स्थानीय लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44462/new-delhi--the-central-government-is-enacting-a-rule-that-will-eliminate-the-need-for-environmental-clearance-for-adani-s-cement-plant-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-06t160949.932.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>पर्यावरण मंत्रालय ने 26 सितंबर को जारी अपने मसौदा अधिसूचना में प्रस्ताव रखा है कि ‘कैप्टिव पावर प्लांट के बिना काम करने वाले स्वतंत्र सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट’ को पहले से पर्यावरणीय मंजूरी लेने की अनिवार्यता से छूट दी जाए. अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो अडानी समूह के लिए कल्याण (जो मुंबई महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है) में अपनी 1,400 करोड़ रुपये की लागत वाली सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट परियोजना को आगे बढ़ाना आसान हो जाएगा. 6 एमएमटीपीए यानी प्रति वर्ष छह मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाला यह प्लांट अंबुजा सीमेंट लिमिटेड का है, जो अडानी समूह की कंपनी है. इस परियोजना का कल्याण के मोहने गांव और आसपास के 10 अन्य गांवों के स्थानीय लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं. धारावी पुनर्विकास परियोजना के बाद, यह मुंबई महानगर क्षेत्र में अडानी समूह की दूसरी परियोजना है जिसे स्थानीय निवासियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. गांव वालों के विरोध की जानकारी मीडिया में आने के बाद महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने 16 सितंबर को एक जनसुनवाई का आयोजन किया था, जिसमें लोगों ने प्लांट का जोरदार विरोध किया. नागरिकों ने कहा कि सीमेंट प्लांट से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा और सवाल उठाया कि सरकार इतनी घनी आबादी वाले शहर में इसे कैसे लगाने दे सकती है.</p>
<p> </p>
<p>हालांकि, सरकार अब जो ड्राफ्ट नोटिफिकेशन लाई है, उसमें कहा गया है कि ऐसे प्लांट्स के लिए जनसुनवाई और एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (ईआईए) यानी पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के आकलन की रिपोर्ट की ज़रूरत नहीं होगी. इसका तर्क यह है कि अकेले चलने वाले ऐसे ग्राइंडिंग यूनिट्स से प्रदूषण की संभावना कम होती है. अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित ग्राइंडिंग यूनिट में कैप्टिव पावर प्लांट नहीं होगा, जिससे ग्रांंइडिंग के लिए ‘कैल्सिनेशनट’ और ‘क्लिंकराइजेशन’ जैसी प्रक्रियाएं नहीं की जाएंगी, ये दोनों उच्च तापमान वाली प्रक्रियाएं हैं (पहली में कच्चे माल को गर्म किया जाता है, दूसरी में सीमेंट को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है).</p>
<p>इसका मतलब है कि ऐसे यूनिट से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, सीमेंट प्लांट की तुलना में कचरा कम पैदा होगा और ऊर्जा की खपत भी घटेगी (क्योंकि उच्च तापमान वाली ये प्रक्रियाएं इसमें नहीं होतीं). इसके अलावा, कच्चे माल और तैयार उत्पादों का परिवहन रेलवे या ई-वाहनों (या दोनों के संयोजन) से किए जाने से प्रदूषण की संभावना और भी कम हो जाती है. लेकिन स्थानीय लोगों को आशंका है कि संयंत्र से निकलने वाली धूल और गैसें घनी आबादी वाले शहर पर बुरा असर डालेंगी. प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को अब तक सरकार द्वारा लाए नए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन की जानकारी नहीं है.</p>
<p>ग्रामस्थ मंडल मोहने कोलीवाड़ा के अध्यक्ष सुभाष पाटिल, जो इस संयंत्र के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कहा है कि गांव वालों को अभी तक केंद्र द्वारा जारी ऐसी किसी अधिसूचना की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह सरकार का सही कदम है. हम इसे पढ़ेंगे और फिर सामूहिक रूप से तय करेंगे कि आगे क्या करना है.’</p>
<p>इस बीच महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि यह ड्राफ्ट अधिसूचना केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी की गई है. उन्होंने कहा है, ‘लोग इस ड्राफ्ट पर अपनी आपत्तियां या सुझाव भेज सकते हैं और जैसे ही 60 दिनों की अवधि खत्म होगी, अंतिम निर्णय लिया जाएगा. हम नियमों के अनुसार कार्रवाई करेंगे.’</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44462/new-delhi--the-central-government-is-enacting-a-rule-that-will-eliminate-the-need-for-environmental-clearance-for-adani-s-cement-plant-in-mumbai</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/44462/new-delhi--the-central-government-is-enacting-a-rule-that-will-eliminate-the-need-for-environmental-clearance-for-adani-s-cement-plant-in-mumbai</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 16:10:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2025-10/images---2025-10-06t160949.932.jpg"                         length="7398"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        