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                <title>they - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>they RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई पुलिस ने साइबर ठगों का सर्वर हैक किया: 1.24 करोड़ SMS का रिकॉर्ड मिला, फर्जी APK फाइल से करते थे हैकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50398/mumbai-police-hacked-the-server-of-cyber-thugs-found-records"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-26t110005.421.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा</strong><br />डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा।  </p>
<p>मुंबई पुलिस की साइबर शाखा ने फर्जी APK फाइल के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS रिकॉर्ड मिले। झारखंड, बिहार और दिल्ली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी ऐप बनाकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे। <br />मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।</p>
<p><strong>फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा</strong><br />डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्‍ली : 60 साल बाद बदलने जा रहा गन्‍ने से जुड़ा कानून, किसानों को फायदा होगा या नुकसान, एथनॉल उत्‍पादन पर भी असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49398/new-delhi-the-law-related-to-sugarcane-is-going-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t184642.138.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्‍ली : </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है. इसमें पहली बार एथनॉल उत्पादन, डिजिटल नियमों के पालन और कारखानों की मंजूरी के लिए एक औपचारिक व्यवस्था को साथ लाया गया है. सरकार ने इस मसौदे पर 20 मई तक सुझाव मांगे हैं.</p>
<p> </p>
<p>केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे में पुराने कानून की बुनियादी संरचना को बरकरार रखा गया है. इसमें उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के नियम, गन्ने की आवाजाही पर नियंत्रण, 14 दिनों के भीतर भुगतान की समय सीमा और देरी से भुगतान पर 15 फीसदी सालाना ब्याज शामिल है. हालांकि, इसमें पूरी तरह बदल चुके उद्योग के अनुरूप एक नया ढांचा तैयार किया गया है. इन नियमों का ज्‍यादातर लाभ किसानों को होगा, क्‍योंकि अभी मिलों के पास उनके हजारों करोड़ के बकाए पड़े हुए हैं.</p>
<p><strong>600 लीटर एथनॉल बराबर एक टन चीनी</strong><br />साल 1966 के कानून में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव एथनॉल को गन्ना नियामक ढांचे में स्पष्ट रूप से शामिल करना है और मसौदे में चीनी कारखाने की परिभाषा का विस्तार कर इसमें गन्ने के रस, सिरप, चीनी और मोलासेस से एथनॉल उत्पादन को भी शामिल किया गया है. इसके लिए एक ठोस रूपांतरण सूत्र पेश किया गया है, जिसके तहत उत्पादन गणना करते समय 600 लीटर एथनॉल को एक टन चीनी के बराबर माना जाएगा.</p>
<p><strong>कुछ कंपनियों को बैंक गारंटी से छूट</strong><br />मसौदे में कहा गया है कि केवल एथनॉल बनाने वाली इकाइयां, जो अपने परिसर में गन्ना नहीं पेरती हैं. उन्हें प्रदर्शन बैंक गारंटी की आवश्यकता से छूट दी गई है. यह एकीकृत चीनी-सह-एथनॉल मिलों पर नियंत्रण हल्का किए बिना एकल एथनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए एक सोची-समझी नीतिगत पहल है. मसौदे की धारा 6ए से 6जी में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो पुराने आदेश में नहीं थे. इसमें नए कारखानों के लिए औपचारिक आईईएम-आधारित मंजूरी प्रक्रिया, न्यूनतम दूरी के नियम, प्रदर्शन बैंक गारंटी को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करना और प्रभावी कदम तथा व्यावसायिक उत्पादन के लिए समय सीमा तय करना शामिल है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:48:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे शहरों को क्यों छोड़ रहे हैं लोग, रिटायरमेंट के बाद तो बिल्कुल नहीं चाहते रहना!</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते शहरी दबावों के कारण, पूरे भारत में सेवानिवृत्ति से जुड़े फ़ैसले लेने का तरीका बदल रहा है. जहां पिछली पीढ़ियां बेहतर नौकरियों और ज़्यादा आमदनी की तलाश में बड़े शहरों में बसना चाहती थीं, वहीं आज कई लोग जिन्हें सेवानिवृत्ति मिल चुका है, अब वे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को छोड़कर एक शांत ज़िंदगी की तलाश में निकल रहे हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48987/why-are-people-leaving-cities-like-mumbai-delhi-bangalore-they"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जीवनशैली में बदलाव और बढ़ते शहरी दबावों के कारण, पूरे भारत में सेवानिवृत्ति से जुड़े फ़ैसले लेने का तरीका बदल रहा है. जहां पिछली पीढ़ियां बेहतर नौकरियों और ज़्यादा आमदनी की तलाश में बड़े शहरों में बसना चाहती थीं, वहीं आज कई लोग जिन्हें सेवानिवृत्ति मिल चुका है, अब वे मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों को छोड़कर एक शांत ज़िंदगी की तलाश में निकल रहे हैं. </p>
<p> </p>
<p>बढ़ती महंगाई, लगातार बढ़ता ट्रैफिक जाम और बिगड़ते प्रदूषण के स्तर ने बड़े शहरों में जीवन को और भी मुश्किल बना दिया है. रिटायर हो चुके लोगों के लिए, ये कारक अक्सर शहरी जीवन के फायदों पर भारी पड़ते हैं, जिसके चलते वे शांत और ज़्यादा किफायती जगहों की ओर चले जाते हैं.</p>
<p><strong>छोटे शहरों की बढ़ती लोकप्रियता</strong><br />देहरादून, इंदौर, चंडीगढ़, मैसूर और भुवनेश्वर जैसे शहर रिटायरमेंट के लिए पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं. इन जगहों पर ज़िंदगी की रफ़्तार धीमी होती है, रहने का खर्च कम होता है और माहौल ताज़ा और साफ़-सुथरा होता है ये ऐसी खूबियाँ हैं जो इन्हें मध्यम-वर्गीय परिवारों और बुज़ुर्गों के लिए खास तौर पर आकर्षक बनाती हैं.</p>
<p>एनारॉक की एक रिपोर्ट समेत रियल एस्टेट के आकलन के मुताबिक, बड़े शहरों में प्रॉपर्टी खरीदना या किराए पर लेना काफ़ी महंगा हो गया है. बड़े शहरों में, एक आम 3बीएचके अपार्टमेंट की कीमत अब अक्सर ₹1 करोड़ से ज़्यादा हो जाती है. इसके उलट, छोटे शहरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस घर ₹30 लाख से ₹1.5 करोड़ की कीमत के बीच उपलब्ध हैं, जो रिटायर हुए लोगों के लिए इन्हें एक ज़्यादा सुलभ और टिकाऊ विकल्प बनाते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48987/why-are-people-leaving-cities-like-mumbai-delhi-bangalore-they</link>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 17:35:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : एसी के साथ अब जनरल कोच की भी हर घंटे होगी सफाई, AI से निगरानी; गंदगी मिलने पर वेंडर पर होगा एक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>रेल मंत्री ने रेलवे रिफॉर्म प्लान 2026 के तहत 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने बताया पहले चरण में ट्रेनों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके लिए सभी कोच में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। रेलमंत्री के मुताबिक, इस योजना की शुरुआती चरण में हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की करीब 80 ट्रेनों के एसी कोचों के साथ साथ जनरल कोचों में भी सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान टॉयलेट, डस्टबिन और कोच की सफाई के साथ किसी भी तकनीकी या मैकेनिकल समस्या की भी जांच की जाएगी। </div>
<div> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47731/new-delhi-along-with-ac-now-general-coach-will-also"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/images---2026-02-14t181327.159.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नई दिल्ली : </strong>रेल मंत्री ने रेलवे रिफॉर्म प्लान 2026 के तहत 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने बताया पहले चरण में ट्रेनों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके लिए सभी कोच में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। रेलमंत्री के मुताबिक, इस योजना की शुरुआती चरण में हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की करीब 80 ट्रेनों के एसी कोचों के साथ साथ जनरल कोचों में भी सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान टॉयलेट, डस्टबिन और कोच की सफाई के साथ किसी भी तकनीकी या मैकेनिकल समस्या की भी जांच की जाएगी। </div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>पीक आवर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाएगी। साथ ही सफाई की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल होगा। रेल मंत्री ने बताया कि एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। सफाई मानकों में कमी मिलने पर संबंधित वेंडर पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडरों को ही आगे कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे।</div>
<div> </div>
<div>रेल मंत्री ने कहा कि,इस व्यवस्था के लागू होने से रेलवे पर अतिरिक्त खर्च आएगा, लेकिन यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। जरूरत के मुताबिक रेलवे अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी करेगा। लंबी दूरी गाड़ियों के सभी कोच में हर घंटे साफ सफाई होगी। इस अभियान के तहत एक इंटीग्रेटेड सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिससे कोच की सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा। अगर जनरल कोच कनेक्ट नहीं होगा तो स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा। इसके लिए रूट आधारित टीमें तैनात की जाएगी, जो तय रूट पर लगातार काम करेंगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 18:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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