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                <title>looms - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>looms RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मोरबे जलाशय में केवल 75% ही पीने योग्य पानी... नवी मुंबई पर मंडराया जल संकट! </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मोरबे डैम में पानी के भंडार की इस स्थिति को देखते हुए भविष्य में होने वाले जल संकट से निपटने के लिए नवी मुंबई मनपा प्रशासन द्वारा पानी कटौती करने के बारे में अभी से मंथन किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार त्योहारों के बाद मनपा प्रशासन इसके बारे में फैसला ले सकता है। बताया जाता है कि दिवाली के बाद इसके बारे में समीक्षा की जाएगी, जिसमें पानी कटौती के बारे में फैसला लिया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51888/only-75-potable-water-in-morbe-reservoir-water-crisis-looms"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/sdsad.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नवी मुंबई : </strong>इस साल मानसून की बेरुखी और अनिश्चित बारिश का असर अब नवी मुंबई के नागरिकों की दैनिक दिनचर्या पर पड़ता दिख रहा है। नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) के मालिकाना वाला मोरबे डैम लबालब नहीं हो पाया है। 88 मीटर की जल संचय वाले इस डैम में इस साल 91 प्रतिशत ही पानी का भंडार हुआ है, जिसमें से सिर्फ 75 प्रतिशत पानी ही पीने योग्य बचा है।<br /><br />मोरबे डैम में पानी के भंडार की इस स्थिति को देखते हुए भविष्य में होने वाले जल संकट से निपटने के लिए नवी मुंबई मनपा प्रशासन द्वारा पानी कटौती करने के बारे में अभी से मंथन किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार त्योहारों के बाद मनपा प्रशासन इसके बारे में फैसला ले सकता है। बताया जाता है कि दिवाली के बाद इसके बारे में समीक्षा की जाएगी, जिसमें पानी कटौती के बारे में फैसला लिया जाएगा।<br /><br />गौरतलब है कि पिछले वर्ष 16 सितंबर 2025 को मोरबे बांध में कुल पानी का भंडार 100% था, जबकि उपयोगी पानी का भंडार 84.70% था। 16 सितंबर 2026 तक, मोरबे बांध में कुल पानी का भंडार 91.03% है, जबकि उपयोगी पानी का भंडार 75.00% है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत कम है।<br /><strong>10% पानी की कटौती पर अस्थायी रूप से रोक</strong><br />नवी मुंबई महानगरपालिका ने प्रमुख त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए शहरवासियों को बड़ी राहत दी है। नवी मुंबई नगर निगम क्षेत्र में रोजाना पानी की मांग और नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए, पानी की मौजूदा उपलब्धता पर विचार किया गया है और नगर निगम क्षेत्र में अभी लागू 10% पानी की कटौती को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसके अलावा, चल रही निर्माण साइटों पर पानी के कनेक्शन को कुछ शर्तों के साथ, सिर्फ पीने के पानी के इस्तेमाल के लिए फिर से शुरू किया जा रहा है।<br /><br />त्योहारों के लिए राहत देने के बावजूद प्रशासन भविष्य के जल प्रबंधन को लेकर सतर्क है। उपयोगी जल भंडार में आई कमी को देखते हुए आने वाले महीनों में पानी की खपत पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जानकारों के अनुसार दिवाली के बाद जल खपत और उपलब्धता के संतुलन को बनाए रखने के लिए स्थिति की समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद शहर में दोबारा पानी की कटौती लागू करने पर विचार किया जा सकता है। इस संबंध में मनपा प्रशासन ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 13:53:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई से बंगाल तक जुड़ रहे तार, एनसीआर के दो सुपर स्‍पेशियलिटी अस्पतालों पर भी संदेह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट करने वाले गिरोह का खुलासा होने और जांच के दायरे के विस्तार के साथ एक चौंकाने वाला गठजोड़ सामने आया है, जिसमें अपात्र लोग, निजी अस्पताल और बहुराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल होने की आशंका है. पुलिस ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48958/wires-connecting-from-mumbai-to-bengal-also-cast-doubt-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(10).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर :</strong> उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट करने वाले गिरोह का खुलासा होने और जांच के दायरे के विस्तार के साथ एक चौंकाने वाला गठजोड़ सामने आया है, जिसमें अपात्र लोग, निजी अस्पताल और बहुराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल होने की आशंका है. पुलिस ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है. </p>
<p> </p>
<p>पुलिस कमिश्‍नर रघुबीर लाल ने बताया कि शुरू में जिन चार मुख्य आरोपियों को क्‍वालिफाइड डॉक्‍टर समझा जा रहा था, वे अयोग्य चिकित्सक निकले. इनमें रोहित तिवारी उर्फ राहुल (तकनीशियन), अमित उर्फ अनुराग (फिजियोथेरेपिस्ट), अफजल (फार्मेसी ऑपरेटर) और वैभव (डेंटिस्ट) शामिल हैं. उन्होंने बताया कि चारों फिलहाल फरार हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>जांच में छह अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट की पुष्टि</strong><br />जांच में अब तक कम से कम छह अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट की पुष्टि हुई है, जिनमें से पांच आहूजा अस्पताल में और एक मेडलाइफ फेसिलिटी से जुड़ा पाया गया है. हालांकि अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. <br />एक चिंताजनक खुलासे में, करीब एक साल पहले अवैध ट्रांसप्‍लांट कराने वाली एक महिला की बाद में मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, ट्रांसप्‍लांट को छिपाने के लिए उसे गॉलब्लैडर के इलाज के बहाने एक बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया गया था. </p>
<p><strong>एनसीआर के दो अस्पतालों पर भी संदेह</strong></p>
<p>जांच के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के दो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी संदेह के घेरे में आए हैं, जहां कथित रूप से फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर मरीजों को भेजा जाता था. अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्यारोपण के मामलों को अक्सर गॉलब्लैडर के इलाज के रूप में दिखाया जाता था. </p>
<p>पुलिस ने कानपुर के एक बिचौलिए साहिल की पहचान इस गिरोह की अहम कड़ी के रूप में की है, जो कथित तौर पर बाजार दर से करीब आधी कीमत पर गुर्दे के ट्रांसप्‍लांट का प्रबंध कर दाता और मरीज को जोड़ता था. </p>
<p><strong>संगठित तरीके से काम करता था गिरोह</strong><br />अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अत्यंत संगठित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें अलग-अलग टीमें दाता, मरीज, लॉजिस्टिक्स और सर्जरी का काम संभालती थीं. बताया जाता है कि चिकित्सा कर्मी अन्य शहरों से आकर कुछ घंटों में ऑपरेशन कर वापस लौट जाते थे. <br />जांच में दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल और हरियाणा सहित कई राज्यों से जुड़े तार सामने आए हैं. साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ विदेशी नागरिकों ने भी इस अवैध नेटवर्क के माध्यम से ट्रांसप्‍लांट कराया हो सकता है. </p>
<p><br />अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन भी शामिल हैं, जिन्हें पहले सर्जरी में सहयोग और उपकरण उपलब्ध कराने के आरोप में पकड़ा गया था. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>मुंबई : महाराष्ट्र पर जलवायु संकट! कहीं बारिश तो कहीं हीट स्ट्रोक का साया, मुंबई एमएमआर में फिर चढ़ा पारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में कहीं बढ़ती गर्मी तो कहीं अचानक हो रही बारिश अब केवल मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच जलवायु संकट का साया मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी लगातार बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र में अल नीनो का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन पहले राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48637/climate-crisis-on-mumbai-maharashtra-somewhere-rain-and-somewhere-shadow"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t125239.866.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देश में कहीं बढ़ती गर्मी तो कहीं अचानक हो रही बारिश अब केवल मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच जलवायु संकट का साया मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी लगातार बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र में अल नीनो का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन पहले राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ गया। </p>
<p> </p>
<p><strong>ठाणे में कई स्थानों पर मुफ्त पेयजल सुविधा</strong><br />महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। स जिले के कराड दक्षिण क्षेत्र से एक अलग तस्वीर सामने आई है। जहां हर साल इस समय तेज गर्मी पड़ती थी, वहीं इस बार अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया। तेज आंधी, ओलों और मूसलाधार बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई फसलें खराब हो गई हैं, जिससे नववर्ष और नवरात्रि का उत्साह भी फीका पड़ गया है। वहीं जालना जिले में भी अचानक हुई ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p><strong>जलवायु परिवर्तन के संकेत</strong><br />विशेषज्ञों के अनुसार तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण अचानक बारिश या अत्यधिक गर्मी की घटनाएं बढ़ रही हैं। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। फसलों के साथ-साथ सब्जियों और फलों को भी नुकसान हुआ है। इस साल आम के पेड़ों पर अच्छे बौर आए थे, लेकिन बेमौसम बारिश और तेज आंधी के कारण पेड़ों पर लगे बौर झड़ गए हैं, जिससे बागवानों में चिंता का माहौल है।</p>
<p><strong>मुंबई में गर्मी का प्रकोप</strong><br />देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। कई जगहों पर तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से 5 से 7 डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई, कोंकण समेत कई जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही हैं। </p>
<p><strong>राज्य के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर</strong><br />मुंबई एमएमआर के साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर तेजी से दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और कुछ क्षेत्रों में यह 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में ज्यादा गर्मी के कारण बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। मौसम विभाग ने अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में भी गर्मी का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक रहने की संभावना है। सामान्य तापमान के लिए प्रसिद्ध पुणे में भी इस समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है। </p>
<p><strong>ठाणे स्टेशन पर मुफ्त पेयजल की सुविधा</strong><br />मुंबई-ठाणे में बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल की समस्या भी सामने आने लगी है। ऐसे में कुछ संस्थाएं आगे आकर यात्रियों के लिए मुफ्त पेयजल की व्यवस्था कर रही हैं। ठाणे नगर निगम द्वारा जेवीएम चैरिटेबल ट्रस्ट और येस ट्रस्ट के सहयोग से ठाणे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास मुफ्त बिसलेरी पेयजल सुविधा शुरू की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 12:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भायखला जेल के 800 कैदियों के निवाले पर संकट... LPG की कमी के बाद प्रशासन ने शुरू किया ‘प्लान-B’</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी आपूर्ति में रक्षा, रेलवे, पुलिस और जेलों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बावजूद, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह जैसी जगहों से गैस की कमी की खबरें आने के बाद भायखला जेल प्रशासन ने पहले ही तीन दिन का गैस स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। संबंधित गैस वितरक एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि आपूर्ति की कड़ी न टूटे। जेल के भीतर प्रतिदिन 2 हजार से अधिक रोटियां सेंकी जाती हैं, जिसके लिए निरंतर ईंधन की आवश्यकता होती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48529/800-prisoners-of-mumbai-byculla-jail-face-crisis-after-shortage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/erewr.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>ईरान-इजरायल संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन में आए व्यवधान का असर अब मुंबई की जेलों की रसोई तक पहुँच गया है। मुंबई के भायखला जिला कारागृह में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत के कारण 800 से अधिक कैदियों के भोजन पर संकट मंडरा रहा है। हालांकि, जेल प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ियों के चूल्हों को फिर से जीवित करने की तैयारी शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य पूर्व में तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली गैस आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका सीधा प्रभाव अब संस्थागत रसोइयों पर दिख रहा है। भायखला जेल की क्षमता वैसे तो 462 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहाँ करीब 550 महिला और 350 पुरुष सहित कुल 900 के करीब कैदी बंद हैं। इतने बड़े समूह के लिए दिन में दो बार भोजन, नाश्ता और चाय तैयार करने के लिए प्रतिदिन 7 से 8 गैस सिलेंडरों की खपत होती है।<br /><br />जेल अधीक्षक अशोक कारकर के अनुसार, गैस संकट को देखते हुए जेल की पुरानी कैंटीन, जो पिछले एक साल से बंद थी, उसके रिनोवेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। यदि गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप होती है, तो दाल-चावल पकाने के लिए लकड़ियों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ियों का स्टॉक भी जमा कर लिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैदियों को समय पर भोजन मिलता रहे, क्योंकि जेल के भीतर कैदियों के पास बाहर के लोगों की तरह होटल या स्ट्रीट फूड जैसे कोई वैकल्पिक साधन मौजूद नहीं हैं।<br /><br />महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी आपूर्ति में रक्षा, रेलवे, पुलिस और जेलों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बावजूद, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह जैसी जगहों से गैस की कमी की खबरें आने के बाद भायखला जेल प्रशासन ने पहले ही तीन दिन का गैस स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। संबंधित गैस वितरक एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि आपूर्ति की कड़ी न टूटे। जेल के भीतर प्रतिदिन 2 हजार से अधिक रोटियां सेंकी जाती हैं, जिसके लिए निरंतर ईंधन की आवश्यकता होती है।<br /><br />जेल के बाहर आम नागरिक गैस की कमी होने पर इंडक्शन चूल्हा, केरोसिन या बाहर से खाना मंगाने जैसे विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन जेल मैनुअल के अनुसार कैदी केवल जेल की रसोई में बना भोजन ही कर सकते हैं। उन्हें घर का बना या बाहर का खाना देने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में रसोई गैस का संकट लंबा खिंचने पर कानून-व्यवस्था और कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। फिलहाल जेल स्टाफ इस संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त घंटों तक काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48529/800-prisoners-of-mumbai-byculla-jail-face-crisis-after-shortage</link>
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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 21:17:47 +0530</pubDate>
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