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                <title>looms - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>looms RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई से बंगाल तक जुड़ रहे तार, एनसीआर के दो सुपर स्‍पेशियलिटी अस्पतालों पर भी संदेह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट करने वाले गिरोह का खुलासा होने और जांच के दायरे के विस्तार के साथ एक चौंकाने वाला गठजोड़ सामने आया है, जिसमें अपात्र लोग, निजी अस्पताल और बहुराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल होने की आशंका है. पुलिस ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48958/wires-connecting-from-mumbai-to-bengal-also-cast-doubt-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(10).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर :</strong> उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट करने वाले गिरोह का खुलासा होने और जांच के दायरे के विस्तार के साथ एक चौंकाने वाला गठजोड़ सामने आया है, जिसमें अपात्र लोग, निजी अस्पताल और बहुराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क शामिल होने की आशंका है. पुलिस ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है. </p>
<p> </p>
<p>पुलिस कमिश्‍नर रघुबीर लाल ने बताया कि शुरू में जिन चार मुख्य आरोपियों को क्‍वालिफाइड डॉक्‍टर समझा जा रहा था, वे अयोग्य चिकित्सक निकले. इनमें रोहित तिवारी उर्फ राहुल (तकनीशियन), अमित उर्फ अनुराग (फिजियोथेरेपिस्ट), अफजल (फार्मेसी ऑपरेटर) और वैभव (डेंटिस्ट) शामिल हैं. उन्होंने बताया कि चारों फिलहाल फरार हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>जांच में छह अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट की पुष्टि</strong><br />जांच में अब तक कम से कम छह अवैध किडनी ट्रांसप्‍लांट की पुष्टि हुई है, जिनमें से पांच आहूजा अस्पताल में और एक मेडलाइफ फेसिलिटी से जुड़ा पाया गया है. हालांकि अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. <br />एक चिंताजनक खुलासे में, करीब एक साल पहले अवैध ट्रांसप्‍लांट कराने वाली एक महिला की बाद में मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, ट्रांसप्‍लांट को छिपाने के लिए उसे गॉलब्लैडर के इलाज के बहाने एक बड़े अस्पताल में शिफ्ट किया गया था. </p>
<p><strong>एनसीआर के दो अस्पतालों पर भी संदेह</strong></p>
<p>जांच के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के दो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी संदेह के घेरे में आए हैं, जहां कथित रूप से फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर मरीजों को भेजा जाता था. अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्यारोपण के मामलों को अक्सर गॉलब्लैडर के इलाज के रूप में दिखाया जाता था. </p>
<p>पुलिस ने कानपुर के एक बिचौलिए साहिल की पहचान इस गिरोह की अहम कड़ी के रूप में की है, जो कथित तौर पर बाजार दर से करीब आधी कीमत पर गुर्दे के ट्रांसप्‍लांट का प्रबंध कर दाता और मरीज को जोड़ता था. </p>
<p><strong>संगठित तरीके से काम करता था गिरोह</strong><br />अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अत्यंत संगठित तरीके से संचालित हो रहा था, जिसमें अलग-अलग टीमें दाता, मरीज, लॉजिस्टिक्स और सर्जरी का काम संभालती थीं. बताया जाता है कि चिकित्सा कर्मी अन्य शहरों से आकर कुछ घंटों में ऑपरेशन कर वापस लौट जाते थे. <br />जांच में दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल और हरियाणा सहित कई राज्यों से जुड़े तार सामने आए हैं. साथ ही यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ विदेशी नागरिकों ने भी इस अवैध नेटवर्क के माध्यम से ट्रांसप्‍लांट कराया हो सकता है. </p>
<p><br />अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन भी शामिल हैं, जिन्हें पहले सर्जरी में सहयोग और उपकरण उपलब्ध कराने के आरोप में पकड़ा गया था. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र पर जलवायु संकट! कहीं बारिश तो कहीं हीट स्ट्रोक का साया, मुंबई एमएमआर में फिर चढ़ा पारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में कहीं बढ़ती गर्मी तो कहीं अचानक हो रही बारिश अब केवल मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच जलवायु संकट का साया मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी लगातार बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र में अल नीनो का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन पहले राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48637/climate-crisis-on-mumbai-maharashtra-somewhere-rain-and-somewhere-shadow"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-23t125239.866.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देश में कहीं बढ़ती गर्मी तो कहीं अचानक हो रही बारिश अब केवल मौसमी बदलाव नहीं रह गई है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकट की ओर इशारा कर रही है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बीच जलवायु संकट का साया मंडराने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी लगातार बढ़ते तापमान को लेकर चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र में अल नीनो का खतरा भी बढ़ गया है। दो दिन पहले राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ गया। </p>
<p> </p>
<p><strong>ठाणे में कई स्थानों पर मुफ्त पेयजल सुविधा</strong><br />महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। स जिले के कराड दक्षिण क्षेत्र से एक अलग तस्वीर सामने आई है। जहां हर साल इस समय तेज गर्मी पड़ती थी, वहीं इस बार अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया। तेज आंधी, ओलों और मूसलाधार बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई फसलें खराब हो गई हैं, जिससे नववर्ष और नवरात्रि का उत्साह भी फीका पड़ गया है। वहीं जालना जिले में भी अचानक हुई ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।</p>
<p><strong>जलवायु परिवर्तन के संकेत</strong><br />विशेषज्ञों के अनुसार तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण अचानक बारिश या अत्यधिक गर्मी की घटनाएं बढ़ रही हैं। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। फसलों के साथ-साथ सब्जियों और फलों को भी नुकसान हुआ है। इस साल आम के पेड़ों पर अच्छे बौर आए थे, लेकिन बेमौसम बारिश और तेज आंधी के कारण पेड़ों पर लगे बौर झड़ गए हैं, जिससे बागवानों में चिंता का माहौल है।</p>
<p><strong>मुंबई में गर्मी का प्रकोप</strong><br />देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। कई जगहों पर तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से 5 से 7 डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई, कोंकण समेत कई जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चल रही हैं। </p>
<p><strong>राज्य के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर</strong><br />मुंबई एमएमआर के साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर तेजी से दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और कुछ क्षेत्रों में यह 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में ज्यादा गर्मी के कारण बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। मौसम विभाग ने अकोला, अमरावती और वर्धा जिलों में भी गर्मी का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक रहने की संभावना है। सामान्य तापमान के लिए प्रसिद्ध पुणे में भी इस समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है। </p>
<p><strong>ठाणे स्टेशन पर मुफ्त पेयजल की सुविधा</strong><br />मुंबई-ठाणे में बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल की समस्या भी सामने आने लगी है। ऐसे में कुछ संस्थाएं आगे आकर यात्रियों के लिए मुफ्त पेयजल की व्यवस्था कर रही हैं। ठाणे नगर निगम द्वारा जेवीएम चैरिटेबल ट्रस्ट और येस ट्रस्ट के सहयोग से ठाणे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास मुफ्त बिसलेरी पेयजल सुविधा शुरू की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 12:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : भायखला जेल के 800 कैदियों के निवाले पर संकट... LPG की कमी के बाद प्रशासन ने शुरू किया ‘प्लान-B’</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी आपूर्ति में रक्षा, रेलवे, पुलिस और जेलों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बावजूद, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह जैसी जगहों से गैस की कमी की खबरें आने के बाद भायखला जेल प्रशासन ने पहले ही तीन दिन का गैस स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। संबंधित गैस वितरक एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि आपूर्ति की कड़ी न टूटे। जेल के भीतर प्रतिदिन 2 हजार से अधिक रोटियां सेंकी जाती हैं, जिसके लिए निरंतर ईंधन की आवश्यकता होती है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48529/800-prisoners-of-mumbai-byculla-jail-face-crisis-after-shortage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/erewr.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>ईरान-इजरायल संघर्ष और वैश्विक सप्लाई चेन में आए व्यवधान का असर अब मुंबई की जेलों की रसोई तक पहुँच गया है। मुंबई के भायखला जिला कारागृह में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत के कारण 800 से अधिक कैदियों के भोजन पर संकट मंडरा रहा है। हालांकि, जेल प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ियों के चूल्हों को फिर से जीवित करने की तैयारी शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य पूर्व में तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली गैस आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका सीधा प्रभाव अब संस्थागत रसोइयों पर दिख रहा है। भायखला जेल की क्षमता वैसे तो 462 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में यहाँ करीब 550 महिला और 350 पुरुष सहित कुल 900 के करीब कैदी बंद हैं। इतने बड़े समूह के लिए दिन में दो बार भोजन, नाश्ता और चाय तैयार करने के लिए प्रतिदिन 7 से 8 गैस सिलेंडरों की खपत होती है।<br /><br />जेल अधीक्षक अशोक कारकर के अनुसार, गैस संकट को देखते हुए जेल की पुरानी कैंटीन, जो पिछले एक साल से बंद थी, उसके रिनोवेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। यदि गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप होती है, तो दाल-चावल पकाने के लिए लकड़ियों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में लकड़ियों का स्टॉक भी जमा कर लिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैदियों को समय पर भोजन मिलता रहे, क्योंकि जेल के भीतर कैदियों के पास बाहर के लोगों की तरह होटल या स्ट्रीट फूड जैसे कोई वैकल्पिक साधन मौजूद नहीं हैं।<br /><br />महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी आपूर्ति में रक्षा, रेलवे, पुलिस और जेलों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बावजूद, नागपुर मध्यवर्ती कारागृह जैसी जगहों से गैस की कमी की खबरें आने के बाद भायखला जेल प्रशासन ने पहले ही तीन दिन का गैस स्टॉक सुरक्षित कर लिया है। संबंधित गैस वितरक एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि आपूर्ति की कड़ी न टूटे। जेल के भीतर प्रतिदिन 2 हजार से अधिक रोटियां सेंकी जाती हैं, जिसके लिए निरंतर ईंधन की आवश्यकता होती है।<br /><br />जेल के बाहर आम नागरिक गैस की कमी होने पर इंडक्शन चूल्हा, केरोसिन या बाहर से खाना मंगाने जैसे विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन जेल मैनुअल के अनुसार कैदी केवल जेल की रसोई में बना भोजन ही कर सकते हैं। उन्हें घर का बना या बाहर का खाना देने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में रसोई गैस का संकट लंबा खिंचने पर कानून-व्यवस्था और कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। फिलहाल जेल स्टाफ इस संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त घंटों तक काम कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 21:17:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई पर मंडरा रहा है जल संकट; बंगलुरु से भी बदतर हो जाएंगे हालात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई, </strong>बंगलुरु वॉटर सप्लाई एंड सीवेज बोर्ड (बीडब्लयूएसएसबी) ने कार की धुलाई, बगीचे के पौधों को पानी देने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है। आदेश का उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा। बंगलुरु में हालात इतने विकट हैं कि एक टैंकर पानी ६-७ हजार रुपए में मिल रहा है। लोग नहाने को तरस गए हैं। पीने का पानी भी महंगे दामों पर बिक रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29372/water-crisis-looms-over-mumbai--the-situation-will-become-worse-than-bangalore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/sf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई, </strong>बंगलुरु वॉटर सप्लाई एंड सीवेज बोर्ड (बीडब्लयूएसएसबी) ने कार की धुलाई, बगीचे के पौधों को पानी देने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है। आदेश का उल्लंघन करने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जाएगा। बंगलुरु में हालात इतने विकट हैं कि एक टैंकर पानी ६-७ हजार रुपए में मिल रहा है। लोग नहाने को तरस गए हैं। पीने का पानी भी महंगे दामों पर बिक रहा है। बंगलुरु के इस जलसंकट के लिए इस साल हुई कम बारिश को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन एक सच यह भी है कि बंगलुरु में बेतहाशा ऊंची-ऊंची इमारतें बसाई गर्इं। इनमें ज्यादातर इमारतों में कार्यालय हैं, जहां लगातार पानी की जरूरत होती है। ऐसे में यहां जलसंकट गहरा गया है। यही हालात मुंबई में भी पैदा हो सकते हैं।</p>
<p>वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की नई रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि मुंबई, पुणे, बंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली जैसे भारत के ३० शहरों में २०५० तक भयंकर जलसंकट की स्थिति पैदा हो सकती है। रिपोर्ट में चेताया गया है कि समय रहते वैज्ञानिक तरीके से जल प्रबंधन पर जोर नहीं दिया गया तो इन शहरों, खासकर मुंबई में लोगों को भयंकर जलसंकट से जूझना पड़ेगा।</p>
<p><br />वनशक्ति एनजीओ से जुड़े पर्यावरण विशेषज्ञ डी स्टालिन का कहना है कि यह मुंबई का सौभाग्य है कि यहां सालाना ४,५०० मिमी से ज्यादा बारिश हो जाती है, लेकिन समय के साथ यहां जलसंकट गहरा सकता है। फिलहाल, बीएमसी मुंबईकरों को प्रतिदिन ३,९५० एमएलडी पानी सप्लाई करती है, जबकि ४,२०० एमएलडी पानी सप्लाई किए जाने की जरूरत है। मौजूदा समय में भी पानी की सप्लाई लगभग २५० एमएलडी कम है। शहर में लगातार ऊंची-ऊंची इमारतें बन रही हैं, जबकि उस अनुपात में पानी की सप्लाई के प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं, जिससे आनेवाले समय में जलसंकट गहरा सकता है। स्टालिन का कहना है कि पानी के लिए गहरे बोरवेल खोदना प्रभावी उपाय नहीं है, क्योंकि यह भूजल स्तर को प्रभावित करता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Mar 2024 11:12:03 +0530</pubDate>
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