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                <title>have - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई में मैदानों को बचाने के लिए आदित्य ठाकरे की तिरंगा यात्रा, कहा, 17 मैदानों का रिजर्वेशन बदला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी ने मुंबई के खुले मैदानों को बचाने के लिए आंदोलन शुरू किया है। बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड का रिजर्वेशन बदलने से रोकने को लेकर आदित्य के नेतृत्व में तिरंगा आंदोलन किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए आदित्य ने कहा कि आप कहते हैं कि जेन जेड स्क्रीन पर नहीं, बल्कि मैदान पर होना चाहिए, लेकिन आप मैदान कहां छोड़ रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51528/aditya-thackerays-tiranga-yatra-to-save-grounds-in-mumbai-said"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-24t121520.909.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की पार्टी ने मुंबई के खुले मैदानों को बचाने के लिए आंदोलन शुरू किया है। बांद्रा के नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड का रिजर्वेशन बदलने से रोकने को लेकर आदित्य के नेतृत्व में तिरंगा आंदोलन किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए आदित्य ने कहा कि आप कहते हैं कि जेन जेड स्क्रीन पर नहीं, बल्कि मैदान पर होना चाहिए, लेकिन आप मैदान कहां छोड़ रहे हैं। उन्होंने मुंबईकरों से अपील किया कि मुंबई के मैदानों और मुंबई को बचाने के लिए सभी को अपने मतभेद भुलाकर तिरंगा लेकर एक साथ आना चाहिए। हम मुंबई की खाली जगहों के लिए लड़ेंगे। हम हाई कोर्ट को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हालात बनाए रखने का आदेश दिया।</p>
<p> </p>
<p><strong>सरकार की पॉलिसी का विरोध</strong><br />आदित्य ठाकरे और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने रेड कार्ड दिखाकर सरकार की पॉलिसी का विरोध किया। आदित्य ठाकरे ने कहा कि हम सब सरकार को रेड कार्ड दिखा रहे हैं। नेविल डिसूजा फुटबॉल ग्राउंड का ओरिजिनल एरिया 2.58 हेक्टेयर का एक प्लेग्राउंड था। आदित्य ठाकरे ने कहा कि लोग खाली ग्राउंड्स को बचाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि हम अपनी खुली जगहों के लिए लड़ते रहेंगे यदि हमें अपने ग्राउंड नहीं मिलेंगे तो हम बीएमसी चौक पर आकर बैठेंगे।</p>
<p><strong>17 मैदानों का रिजर्वेशन बदला: आदित्य ठाकरे</strong><br />बांद्रा के मैदान में जमा लोगों को संबोधित करते हुए आदित्य ने कहा कि हम यहां यह तय करने के लिए इकट्ठा हुए हैं कि मुंबई के खुले मैदान, मुंबई के मनोरंजन के मैदान, खेल के मैदान मैदान ही रहने चाहिए उन पर कंक्रीट नहीं डाला जाना चाहिए। पिछले चार सालों में मुंबई बदलने लगी है। चार सालों में 17 से ज़्यादा मैदानों का रिजर्वेशन रद्द कर उनको रेजिडेंशियल या कमर्शियल बनाया गया है। 2017 में जब मुंबई का 2034 का डेवलपमेंट प्लान ( डीपी ) बनी थी तो उद्धव ठाकरे ने नगरसेवकों और मेयर से कहा था कि बिल्डर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स को एक भी ग्राउंड नहीं देना है ग्राउंड को ग्राउंड ही रहना चाहिए। आदित्य ने कहा कि हमने अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को साफ किया और वहां एक ग्राउंड बनाया। अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी कमर्शियलाइज़ेशन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 12:18:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मीरा रोड में बाल-बाल बचे चार लोग, तेज रफ्तार एसयूवी ने सड़क किनारे खड़े लोगों को मारी टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में हिट-एंड-रन की एक खतरनाक घटना सामने आई है, जिसने सड़क सुरक्षा और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जेपी बैक रोड इलाके के पास सड़क किनारे खड़े चार लोग एक तेज रफ्तार एसयूवी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना इतनी भयावह थी कि कुछ सेकंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना एक अन्य वाहन के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने लापरवाह ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51448/four-people-narrowly-escaped-in-mira-road-when-a-speeding"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/mumbai-hit-and-run.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मीरा रोड: </strong>मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में हिट-एंड-रन की एक खतरनाक घटना सामने आई है, जिसने सड़क सुरक्षा और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जेपी बैक रोड इलाके के पास सड़क किनारे खड़े चार लोग एक तेज रफ्तार एसयूवी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना इतनी भयावह थी कि कुछ सेकंड के अंतर से बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना एक अन्य वाहन के डैशकैम में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने लापरवाह ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।</p>
<p> </p>
<p>सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क किनारे कुछ लोग खड़े हुए थे। इसी दौरान अचानक एक एसयूवी तेज गति से उनकी ओर आती दिखाई देती है। वाहन इतनी तेजी से उनके करीब पहुंचता है कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। वीडियो में दिखाई देता है कि एसयूवी सड़क किनारे खड़े लोगों के बेहद करीब से निकलती है। हालांकि, किसी तरह चारों लोग सुरक्षित बच जाते हैं और एक बड़ा हादसा होने से टल जाता है।<br />इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम कम्युनिटी पेज ‘जेम्सऑफएमबीएमसी’ की ओर से साझा किया गया है। फुटेज में दिख रहे टाइमस्टैम्प के अनुसार, यह घटना सोमवार शाम की बताई जा रही है। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि शहर और उपनगरों में तेज रफ्तार वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पैदल यात्रियों और सड़क किनारे खड़े लोगों की जान खतरे में रहती है।</p>
<p>मीरा रोड जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यातायात नियमों का पालन और तेज गति पर नियंत्रण बेहद जरूरी हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे क्षेत्रों में ट्रैफिक निगरानी बढ़ाई जाए और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हिट-एंड-रन मामलों में बढ़ती चिंता मुंबई महानगर क्षेत्र में हिट-एंड-रन की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इनमें अक्सर तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण बताए जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51448/four-people-narrowly-escaped-in-mira-road-when-a-speeding</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 12:06:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 1 लाख से अधिक टैक्सी ड्राइवरों ने सीखी कामकाजी मराठी, यात्रियों से अब स्थानीय भाषा में करेंगे संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में यात्रियों और टैक्सी चालकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। राज्य में 1 लाख से अधिक टैक्सी ड्राइवरों ने कामकाजी मराठी का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय भाषा में संवाद को बढ़ावा देना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चालक अब मराठी में सामान्य बातचीत, दिशा-निर्देश समझने, यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से जानने और स्थानीय प्रशासन से जुड़े आवश्यक संवाद करने में सक्षम होंगे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51192/mumbai-more-than-1-lakh-taxi-drivers-have-learned-working"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/image_f982a1c81.png" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में यात्रियों और टैक्सी चालकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। राज्य में 1 लाख से अधिक टैक्सी ड्राइवरों ने कामकाजी मराठी का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय भाषा में संवाद को बढ़ावा देना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और सेवा की गुणवत्ता में सुधार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चालक अब मराठी में सामान्य बातचीत, दिशा-निर्देश समझने, यात्रियों की जरूरतों को बेहतर ढंग से जानने और स्थानीय प्रशासन से जुड़े आवश्यक संवाद करने में सक्षम होंगे। </p>
<p> </p>
<p>क्यों शुरू की गई यह पहल? महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों, विशेषकर मुंबई, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई में बड़ी संख्या में विभिन्न राज्यों से आए टैक्सी चालक काम करते हैं। ऐसे में भाषा संबंधी दिक्कतें कई बार यात्रियों और चालकों के बीच संवाद में बाधा बनती थीं। इसी समस्या को दूर करने के लिए कामकाजी मराठी का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया, ताकि चालक रोजमर्रा के संवाद में मराठी का प्रभावी उपयोग कर सकें।</p>
<p><strong>प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया?</strong><br />कार्यक्रम के तहत टैक्सी चालकों को मराठी भाषा की बुनियादी समझ और रोजमर्रा के उपयोग से जुड़े विषय सिखाए गए, जिनमें— यात्रियों का स्वागत करना। गंतव्य और मार्ग से जुड़ी बातचीत। किराया और भुगतान संबंधी संवाद। आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक बातचीत। स्थानीय प्रशासन और यातायात से जुड़े सामान्य शब्द। यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस पहल से यात्रियों को कई लाभ मिलने की उम्मीद है— स्थानीय भाषा में बेहतर संवाद। यात्रा के दौरान कम भ्रम।</p>
<p><strong>सेवा की गुणवत्ता में सुधार</strong><br /> पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक अनुभव। भाषा और रोजगार का संतुलन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय भाषा का ज्ञान सेवा क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए अतिरिक्त कौशल के रूप में काम करता है। इससे न केवल ग्राहकों का अनुभव बेहतर होता है, बल्कि चालकों के लिए भी रोजगार के अवसर मजबूत हो सकते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 13:56:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 'सरकारी एजेंसी को भेदभावपूर्ण कार्रवाई का अधिकार नहीं', बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र एफडीए को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बांबे हाईकोर्ट ने भेदभावपूर्ण और चुनिंदा कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की खिंचाई की है। कहा है कि एफडीए एक ओर राज्य सरकार के मंत्रालयों की कैंटीनों की खाद्य सामग्री और वहां की स्वच्छता में खामियां मिलने पर उन्हें मात्र व्यवस्था में सुधार का नोटिस देता है, वहीं दूसरी ओर वह प्राइवेट होटलों में मामूली खामियां मिलने पर लाइसेंस रद जैसी कार्रवाई करता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51068/mumbai-government-agency-has-no-right-to-take-discriminatory-action"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/fda.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बांबे हाईकोर्ट ने भेदभावपूर्ण और चुनिंदा कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की खिंचाई की है। कहा है कि एफडीए एक ओर राज्य सरकार के मंत्रालयों की कैंटीनों की खाद्य सामग्री और वहां की स्वच्छता में खामियां मिलने पर उन्हें मात्र व्यवस्था में सुधार का नोटिस देता है, वहीं दूसरी ओर वह प्राइवेट होटलों में मामूली खामियां मिलने पर लाइसेंस रद जैसी कार्रवाई करता है।</p>
<p> </p>
<p>हाईकोर्ट के नामित चार अधिवक्ताओं के पैनल के राज्य सरकार के तीन मंत्रालयों की कैंटीनों के निरीक्षण के बाद दी गई रिपोर्ट पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने एफडीए पर टिप्पणी करते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं। पैनल की रिपोर्ट में बताया गया है कि तीनों ही कैंटीन स्वच्छ नहीं मिलीं। वहां पर नालियां खुली हुईं और बदबूदार थीं। कैंटीन की किचेन के फर्श पर तमाम मक्खियां और काकरोच (तिलचट्टे) पाए गए। जबकि एफडीए ने अपनी रिपोर्ट में इन कैंटीनों को 98 प्रतिशत तक नियमों के अनुरूप पाया है।</p>
<p>कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने कहा, प्राइवेट होटलों और सरकारी प्रतिष्ठानों की कैंटीनों के निरीक्षण और उन पर कार्रवाई का निर्णय लेने में एफडीए को निष्पक्ष, गैर भेदभावपूर्ण और एकरूप रहना चाहिए। मुंबई के पूर्णिमा रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद करने के एफडीए के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई में पीठ ने कहा, एडमिनिस्ट्रेशन ऐसी ही कार्रवाई राज्य सरकार की कैंटीनों पर करे या फिर पूर्णिमा रेस्टोरेंट को राहत दे। किसी सरकारी संस्था को भेदभावपूर्ण कार्रवाई का अधिकार नहीं है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:34:11 +0530</pubDate>
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