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                <title>calls - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : देवेंद्र फडणवीस ने दूरसंचार विभाग के अलर्ट संदेश को बताया आपदा तैयारी की परख</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शनिवार को पूरे देश में भेजा गया अलर्ट मैसेज हमारी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए था। फडणवीस ने संचार विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से देश में ही विकसित किए गए मोबाइल-आधारित आपातकालीन अलर्ट सिस्टम की सराहना की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49673/mumbai-devendra-fadnavis-described-the-alert-message-of-the-department"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-03t142852.618.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शनिवार को पूरे देश में भेजा गया अलर्ट मैसेज हमारी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए था। फडणवीस ने संचार विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से देश में ही विकसित किए गए मोबाइल-आधारित आपातकालीन अलर्ट सिस्टम की सराहना की।</p>
<p> </p>
<p>फडणवीस ने कहा, "आज आपके मोबाइल फोन पर जो मैसेज आया है, वह हमारी आपदा से निपटने की तैयारियों और पूरे देश में जानकारी पहुंचाने के हमारे सिस्टम का एक टेस्ट है। सबसे सराहनीय बात यह है कि यह पूरा सिस्टम भारत में ही विकसित किया गया है; मेरा मानना ​​है कि यह देश के लिए टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग है।"केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम' लॉन्च किया। इस सिस्टम के ज़रिए आपदाओं, आपात स्थितियों और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी ज़रूरी जानकारी सीधे और तुरंत नागरिकों के मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी।<br />एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, इस पहल के तहत आज इस सिस्टम का पूरे देश में एक ट्रायल किया गया, जिसके दौरान पूरे देश में मोबाइल फोन पर बीप की आवाज़ के साथ आपातकालीन अलर्ट मैसेज दिखाए गए। यह टेस्ट प्राकृतिक आपदाओं, खराब मौसम की घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान अलर्ट को तेज़ी से पहुंचाने की तैयारियों का एक हिस्सा है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने कल महाराष्ट्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले पत्र पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।</p>
<p>फडणवीस ने कहा, "महाराष्ट्र दिवस के मौके पर, PM मोदी ने मुझे एक पत्र लिखा। मैं उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ... इस पत्र के ज़रिए, हम महाराष्ट्र की संस्कृति, उसकी भाषा और उसके लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता, साथ ही राज्य के विकास के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को देख सकते हैं। मैं जल्द ही उनके पत्र का जवाब देने वाला हूँ।" महाराष्ट्र राज्य स्थापना दिवस के मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य, उसके लोगों और संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की, और कहा कि इन्होंने ही हमारे राष्ट्र और समाज को आकार दिया है।</p>
<p>इस पत्र में, PM मोदी ने महाराष्ट्र की उस भावना को दर्शाया है जिसने पिछले कई वर्षों में राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है - चाहे वह भक्ति आंदोलन और वारकरी संप्रदाय के ज़रिए हो, जिसने "सामाजिक सुधार की भावना जगाई", या फिर सामाजिक न्याय के आंदोलन और राज्य की बढ़ती अर्थव्यवस्था हो। "हम सभी उस राज्य और संस्कृति को नमन करते हैं, जिसने हमारे राष्ट्र और समाज को एक विशिष्ट आकार दिया है। महाराष्ट्र हमारी सभ्यता के लिए प्रेरणा का एक शाश्वत स्रोत है। यह राज्य शौर्य और सदाचार, भक्ति और गतिशीलता, सुधार और 'राष्ट्र निर्माण' का संगम है।</p>
<p>यह वह भूमि है जहाँ कोंकण तट और सह्याद्रि पर्वतमाला नायकों के साहस की गाथाओं से गूंजते हैं; जहाँ भक्ति आंदोलन और वारकरी संप्रदाय ने सामाजिक सुधार की भावना को प्रज्वलित किया; जहाँ सामाजिक न्याय को अपनी सबसे सशक्त आवाज़ मिली; और जहाँ आधुनिक भारत—विशेष रूप से हमारी आर्थिक प्रगति—को निरंतर शक्ति मिलती रहती है," उन्होंने कहा। महाराष्ट्र दिवस, जिसे आमतौर पर 'महाराष्ट्र दिवास' के नाम से जाना जाता है, 1 मई को मनाया जाता है। यह दिवस 'बंबई' राज्य के भाषाई आधार पर दो राज्यों—गुजरात और महाराष्ट्र—में विभाजन की स्मृति में मनाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 14:30:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे, पुराने डबल डेकर बसों पर विवाद तेज; हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में इस साल मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे हो रहे हैं। एक ओर बस प्रेमी पुरानी नॉन-एसी डबल डेकर बसों को विरासत के तौर पर बचाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नागपाड़ा और जेजे फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोग इन बसों को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बसें अब उपयोग में नहीं हैं और इलाके में परेशानी का कारण बन रही हैं। ये तीन पुरानी डबल डेकर बसें जेजे फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हैं। पहली बस साउथ मुंबई की तरफ से आते हुए पायधोनी जंक्शन पर 'कैफेटेरिया' के नाम से खड़ी है। दूसरी बस मिनारा मस्जिद के पास 'लाइब्रेरी' के रूप में और तीसरी बस जेजे जंक्शन के पास 'आर्ट गैलरी' के रूप में रखी गई है। ये बसें मारोल डिपो की थीं और 15 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें सार्वजनिक सेवा से हटा दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47846/demand-to-remove-controversy-over-double-decker-buses-which-is"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-19t122555.632.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में इस साल मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे हो रहे हैं। एक ओर बस प्रेमी पुरानी नॉन-एसी डबल डेकर बसों को विरासत के तौर पर बचाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नागपाड़ा और जेजे फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोग इन बसों को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बसें अब उपयोग में नहीं हैं और इलाके में परेशानी का कारण बन रही हैं। ये तीन पुरानी डबल डेकर बसें जेजे फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हैं। पहली बस साउथ मुंबई की तरफ से आते हुए पायधोनी जंक्शन पर 'कैफेटेरिया' के नाम से खड़ी है। दूसरी बस मिनारा मस्जिद के पास 'लाइब्रेरी' के रूप में और तीसरी बस जेजे जंक्शन के पास 'आर्ट गैलरी' के रूप में रखी गई है। ये बसें मारोल डिपो की थीं और 15 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें सार्वजनिक सेवा से हटा दिया गया था।<br /></p><p><br /></p><p><strong>कितना खर्च हुआ?</strong><br />2021 में सौंदर्यीकरण अभियान के तहत इन तीन बसों को कैफेटेरिया, लाइब्रेरी और आर्ट गैलरी में बदलने के लिए टेंडर निकाला गया था। इन बसों को तैयार करने पर कुल ₹69.23 लाख खर्च किए गए। ये बसें बीएमसी के 'बी वार्ड' क्षेत्र में रखी गई हैं, जिसमें कालबादेवी, मस्जिद बंदर और भेंडी बाजार इलाके शामिल हैं।<br /></p><p><strong>अभी क्या हालत है?</strong><br />फिलहाल ये तीनों बसें बंद पड़ी हैं। उन पर धूल और गंदगी जमी है। न तो इनमें कैफेटेरिया चल रहा है, न लाइब्रेरी और न ही आर्ट गैलरी। कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी हुई है और ये आम लोगों के लिए बंद हैं। बस प्रेमी शुभम पाडवे का कहना है कि इन बसों की हालत खराब कर दी गई है। उनका आरोप है कि बसों को गलत रंग से रंग दिया गया, जो मुंबई की बसों से अलग दिखता है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी इन बसों की देखभाल नहीं कर सकते, तो वे इन्हें खरीदकर निजी संग्रह में रखने को तैयार हैं। उन्होंने साउथ मुंबई में इन्हें टूरिस्ट सर्किट पर चलाने का प्रस्ताव भी दिया है।<br /></p><p><strong>स्थानीय लोगों की नाराजगी</strong><br />मोहम्मद अली रोड के रुहान शेख का कहना है कि पहले ये नई चीज़ लगी, लेकिन अब सड़क के बीच लाल दीवार जैसी लगती है। यहां पहले ही पार्किंग की समस्या है। यूसुफ खातिब का कहना है कि सड़क पार करने में दिक्कत होती है क्योंकि बसों के कारण रास्ता रुकता है। नागपाड़ा के रंगराज खातू ने कहा कि वे पुरानी बसों का सम्मान करते हैं, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे लाइब्रेरी या कैफे का विचार काम नहीं करता। व्यापारी आत्माराम घोलप ने कहा कि अगर इन्हें किसी खुले संग्रहालय में रखा जाए तो ठीक है, लेकिन यहां ये ट्रैफिक और आपातकालीन वाहनों के लिए रुकावट बन रही हैं।<br /></p><p><strong>100 साल पूरे होने का मौका</strong><br />मुंबई में मोटर बस सेवा शुरू करने का फैसला जुलाई 1926 में लिया गया था। इस साल जुलाई में उसके 100 साल पूरे हो रहे हैं। उस समय शहर में इलेक्ट्रिक ट्राम से बसों की ओर बड़ा बदलाव हुआ था। हालांकि यह साफ नहीं है कि BEST इस मौके को आधिकारिक तौर पर मनाएगा या नहीं, लेकिन शहर के बस प्रेमी इसे बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 12:26:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: मेट्रो हादसे के बाद वरुण ग्रोवर का तीखा प्रहार, मुंबई को बताया 'भ्रष्टाचार का सेंटर', प्रशासन पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुलुंड में 14 फरवरी को हुए मेट्रो हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक निर्माणाधीन मेट्रो पुल का भारी-भरकम पैरापेट गिरने से रामधन यादव नाम के व्यक्ति की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. घटना ने एक बार फिर मुंबई के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब स्टैंडअप कॉमेडियन और लेखक वरुण ग्रोवर ने इस घटना पर कड़ा रिएक्शन दिया है. वरुण ग्रोवर ने इस पर तीखा तंज कसते हुए मुंबई को भ्रष्टाचार का सेंटर बताया.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47741/after-the-mumbai-metro-accident-varun-grovers-sharp-attack-called"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-15t110036.212.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुलुंड में 14 फरवरी को हुए मेट्रो हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. एक निर्माणाधीन मेट्रो पुल का भारी-भरकम पैरापेट गिरने से रामधन यादव नाम के व्यक्ति की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. घटना ने एक बार फिर मुंबई के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब स्टैंडअप कॉमेडियन और लेखक वरुण ग्रोवर ने इस घटना पर कड़ा रिएक्शन दिया है. वरुण ग्रोवर ने इस पर तीखा तंज कसते हुए मुंबई को भ्रष्टाचार का सेंटर बताया. उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत की फाइनेंशियल राजधानी की सड़कें गांवों से भी बदतर हैं और यहां सिटी प्लान के नाम पर जिंदगी की घोर अनदेखी की जा रही है. वरुण ग्रोवर के इस बयान ने सोशल मीडिया पर उन आम मुंबईकरों की आवा को हवा दी है जो आए दिन जर्जर बुनियादी ढांचे से जूझते हैं.</p>
<p> </p>
<p>हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एंटरटेनमेंट जगत की अन्य हस्तियों ने भी अपनी सिक्योरिटी जाहिर की है. मशहूर सिंगर राहुल वैद्य ने इंस्टाग्राम पर अपनी चिंता बयां करते हुए कहा कि मेट्रो ब्रिज के नीचे से गुजरते वक्त उन्हें हमेशा इसी तरह की अनहोनी का डर सताता है. यह डर अब केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए हकीकत बन गया है जो उस दोपहर मुलुंड फायर स्टेशन के पास से गुजर रहे थे. जब पियर P-196 का हिस्सा ऊंचाई से गिरकर एक ऑटो रिक्शा पर गिरा, तो पल भर में सब कुछ तबाह हो गया. एमएमआरडीए ने आनन-फानन में जांच के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन लोकल निवासियों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है, क्योंकि वे इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं.</p>
<p>मशहूर गीतकार, लेखक और स्टैंडअप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर का जन्म 26 जनवरी 1980 को हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में हुआ. एक पंजाबी हिंदू परिवार से ताल्लुक रखने वाले वरुण के पिता आर्मी इंजीनियर और मां स्कूल टीचर थीं. फिल्मों के प्रति उनकी दिलचस्पी विरासत में मिली थी. उनके दादा जगाधरी में सिनेमा के पोस्टर पेंट करते थे, जिससे उनके पिता और फिर वरुण को सिनेमा का चस्पा लगा. वरुण की शुरुआती पढ़ाई देहरादून और लखनऊ में हुई, जिसके बाद उन्होंने IIT (BHU) वाराणसी से साल 2003 में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. करियर की शुरुआत उन्होंने पुणे में एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के रूप में की थी, लेकिन लिखने के अपने जुनून के चलते वे 2004 में मुंबई चले आए. साल 2005 में ‘द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो’ के लिए स्क्रिप्ट लिखकर उनकी लेखनी का सफर औपचारिक रूप से शुरू हुआ. वरुण ग्रोवर को साल 2015 में उन्हें 63वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट गीतकार के खिताब से नवाजा गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:01:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल में एसआईआर विवाद: मुख्य निर्वाचन अधिकारी का सख्त बयान, शिकायतों को साजिश बताया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दो पुलिस शिकायतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों से इस कार्यालय को जानकारी मिली है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46621/sir-controversy-in-west-bengal-chief-electoral-officers-strict-statement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-31t202336.560.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलकाता: </strong>पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने दो पुलिस शिकायतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि विभिन्न प्रेस विज्ञप्तियों से इस कार्यालय को जानकारी मिली है कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के खिलाफ पुलिस में दो शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों को पहले से सोची-समझी साजिश, बिना किसी ठोस सबूत के और एसआईआर के कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे अधिकारियों को डराने-धमकाने की घटिया कोशिश करार दिया गया है।</p>
<p> </p>
<p>आधिकारिक बयान में आगे लिखा है कि चुनाव मशीनरी को डराकर झुकाने और पूरी प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए बनाई गई ऐसी धमकी भरी चालें निश्चित रूप से नाकाम रहेंगी। इन लगातार और मनगढ़ंत शिकायतों के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कानून का राज कायम रहेगा और सच्चाई की जीत होगी। राज्य की चुनाव मशीनरी जनहित में पूरी हिम्मत और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दो बुजुर्ग मतदाताओं की मौत की खबरें सामने आईं।</p>
<p>एक 82 वर्षीय पुरुलिया निवासी दुर्जन माझी और दूसरे पूर्व मिदनापुर के 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि एसआईआर सुनवाई नोटिस मिलने से मानसिक दबाव के कारण उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या की। परिजनों ने सीईसी और सीईओ को मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसआईआर प्रक्रिया नवंबर 2025 से शुरू हुई, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना, मृतकों, डुप्लिकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना है। दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट रोल में 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 20:24:28 +0530</pubDate>
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