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                <title>estate - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>estate RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हैदराबाद बना नंबर-1, 4.77 लाख करोड़ की हुई हाउसिंग बिक्री; आईटी हब से रियल एस्टेट किंग तक </title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है. पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) के दौरान आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री मूल्य के मामले में हैदराबाद ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है. इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही हैदराबाद देश का सबसे मूल्यवान और आकर्षक हाउसिंग मार्केट बन गया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51680/hyderabad-became-number-1-housing-sales-worth-rs-477-lakh-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-04t104715.933.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हैदराबाद : </strong>भारतीय रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है. पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025) के दौरान आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री मूल्य के मामले में हैदराबाद ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है. इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही हैदराबाद देश का सबसे मूल्यवान और आकर्षक हाउसिंग मार्केट बन गया है.</p>
<p> </p>
<p>रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म ‘सीआरई मैट्रिक्स’ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से 2025 की अवधि के दौरान हैदराबाद में कुल 4,77,977 करोड़ रुपए मूल्य की रिहायशी संपत्तियों की बिक्री दर्ज की गई. वहीं, मुंबई 4,51,811 करोड़ रुपए की कुल बिक्री के साथ दूसरे पायदान पर खिसक गया है. रियल एस्टेट एक्सपर्ट डॉ. एहसान खान ने बताया कि दक्षिण भारत का यह प्रमुख आईटी हब अब देश के शीर्ष रियल एस्टेट बाजारों की अगुवाई कर रहा है.</p>
<p><strong>देश के शीर्ष 5 रियल एस्टेट मार्केट</strong><br />बिक्री मूल्य के मामले में देश के शीर्ष पांच शहरों की स्थिति इस प्रकार रही:<br />हैदराबाद: 4.77 लाख करोड़ रुपए<br />मुंबई: 4.52 लाख करोड़ रुपए<br />बेंगलुरु: 3.92 लाख करोड़ रुपए<br />गुरुग्राम: 3.31 लाख करोड़ रुपए<br />अहमदाबाद: 2.92 लाख करोड़ रुपए</p>
<p><strong>हैदराबाद की छलांग के मुख्य कारण</strong><br />डॉ. एहसान खान के अनुसार, हैदराबाद में प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की माँग में भारी उछाल आया है. शहर के वेस्टर्न कॉरिडोर यानी गाचीबोवली, हाईटेक सिटी, कोकापेट, मणिकोंडा और नल्लागंडला जैसे इलाकों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, आईटी हब्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के विस्तार से उच्च आय वर्ग के खरीदारों की संख्या बढ़ी है. बड़े आकार के फ्लैट्स, गेटेड कम्युनिटीज और विला प्रोजेक्ट्स के कारण कुल बिक्री मूल्य में जबरदस्त इजाफा हुआ है. इसके अलावा, आउटर रिंग रोड, बेहतरीन कनेक्टिविटी और नए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने शहर के रियल एस्टेट विकास को पंख लगाए हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 10:48:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी कानून का हो रहा उल्लंघन, फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स का दावा- सालाना रिपोर्ट नहीं हो रही जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलेपमेंट) एक्ट 2016 के तहत राज्य स्तरीय रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी नए घर खरीदने वाले लोगों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। यह बिल्डर और ग्राहक के बीच पारदर्शिता लाने का काम करती है, लेकिन अब यह बॉडी खुद ही गंभीर आरोपों का सामना कर रही है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47749/mumbai-real-estate-regulatory-authority-act-is-being-violated-forum"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-15t111504.591.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलेपमेंट) एक्ट 2016 के तहत राज्य स्तरीय रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी नए घर खरीदने वाले लोगों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। यह बिल्डर और ग्राहक के बीच पारदर्शिता लाने का काम करती है, लेकिन अब यह बॉडी खुद ही गंभीर आरोपों का सामना कर रही है। </p>
<p> </p>
<p><strong>75 फीसदी राज्यों ने जारी नहीं की वार्षिक रिपोर्ट: फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स  </strong><br />घर खरीदने वाले लोगों के एक संगठन फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स  का दावा है कि देश के 75 फीसदी राज्यों में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने वार्षिक रिपोर्ट जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट या तो आज तक जारी ही नहीं हुई, या सालों पर पहले इनके रिपोर्टों के प्रकाशनों को बंद कर दिया गया।</p>
<p><strong>वार्षिक रिपोर्ट जारी करना अनिवार्य</strong><br />फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स   की ओर से जारी एक स्टेटस रिपोर्ट (21 आरईआरए पर आधारित, 13 फरवरी 2026 तक) के अनुसार, रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट की धारा 78 के तहत वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करना अनिवार्य है। इसके बावजूद आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के बार-बार निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। </p>
<p><strong>यहां कभी जारी नहीं की रिपोर्ट</strong><br />फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स  ने कहा कि देश के सात प्रमुख राज्य कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गोवा में रेरा लागू होने के बाद एक भी वार्षिक रिपोर्ट जारी नहीं की गई है, जबकि नौ ऐसे राज्य हैं जहां शुरुआत में तो रिपोर्ट जारी की गई, लेकिन अब वहां भी इसे बंद कर दिया गया है। 75% से अधिक राज्यों में रेरा ने अपने दायित्वों से पल्ला झाड़ लिया है।</p>
<p>फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स के अध्यक्ष अभय उपाध्याय ने कहा, "रेरा लागू होने के बाद सेक्टर में डिलीवरी, निष्पक्षता और वादों की पूर्ति में सुधार हुआ है, इसका विश्वसनीय डेटा उपलब्ध नहीं होने से हम अंधेरे में तीर चला रहे हैं। जब रेगुलेटर खुद कानून का पालन नहीं करते, तो वे अन्य पक्षों से अनुपालन की मांग करने का नैतिक और कानूनी अधिकार खो देते हैं। इससे बिल्डर उत्साहित होते हैं और पूरा सिस्टम कमजोर पड़ता है। निर्दोष गृहक्रेता अब भी ठगे जा रहे हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि रेरा की रिपोर्ट बिल्डर की विश्वसनीयता जांचने में मदद करता है। साथ ही, राज्य व केंद्र सरकारों को प्रभावी नीतियां बनाने, प्रोत्साहन योजनाएं तैयार करने व टैक्स फ्रेमवर्क विकसित करने में मदद करता है। संगठन ने सुझाव दिया है कि एक्ट में नई धारा जोड़कर केंद्र सरकार को अधिकार दिया जाए कि यदि निर्देशों की अवहेलना हो तो अथॉरिटी या उसके सदस्यों को हटाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:17:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : देश की बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां कर रही है अब छोटे शहरों का रुख </title>
                                    <description><![CDATA[<p>रियल एस्टेट खासकर मॉल मार्केट की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे पारंपरिक मेट्रो सिटीज से हटकर, देश की बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां अब छोटे शहरों का रुख कर रही है. प्रॉपर्ट कंसल्टेंट एनारॉक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, फीनिक्स मिल्स, प्रेस्टीज एस्टेट्स और नेक्सस मॉल जैसे दिग्गज डेवलपर्स अब इंदौर, सूरत, चंडीगढ़, कोयंबटूर और भुवनेश्वर जैसे टियर 2 शहरों में आक्रमक तौर से विस्तार कर रहे हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44788/mumbai-big-real-estate-companies-of-the-country-are-now"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-19t121448.805.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> रियल एस्टेट खासकर मॉल मार्केट की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे पारंपरिक मेट्रो सिटीज से हटकर, देश की बड़ी रियल एस्टेट कंपनियां अब छोटे शहरों का रुख कर रही है. प्रॉपर्ट कंसल्टेंट एनारॉक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, फीनिक्स मिल्स, प्रेस्टीज एस्टेट्स और नेक्सस मॉल जैसे दिग्गज डेवलपर्स अब इंदौर, सूरत, चंडीगढ़, कोयंबटूर और भुवनेश्वर जैसे टियर 2 शहरों में आक्रमक तौर से विस्तार कर रहे हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>डेस्टिनेशन मॉल पर फोकस</strong><br />ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह बदलाव इन छोटे शहरों में बढ़ती इनकम और खर्च करने की क्षमता के कारण आ रहा है. कंपनियां इन शहरों में सिर्फ शॉपिंग सेंटर नहीं, बल्कि बड़े और भव्य डेस्टिनेशन मॉल बना रही है. रिपोर्ट के मुताबिक नए मॉल्स का औसत साइज 10 से 12 लाख वर्ग फुट तक है, जो इन्हें मेट्रो शहरों के बड़े मॉल्स के बराबर खड़ा करता है. रिपोर्ट में कहा है कि, इन नए मॉल्स में लगभग आधा हिस्सा मनोरंजन, फूड एंड बेवरेज और लाइफस्टाइल रिटेल को दिया जा रहा है. ऐसे में मॉल केवल खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि लोगों के घूमने-फिरने और समय बिताने का केंद्र बनेंगे.</p>
<p><strong>कमर्शियल रियल एस्टेट में भी तेजी</strong><br />एक्सपर्ट के मुताबिक बड़े इंस्टीट्यूशन प्लेयर्स के आने से न केवल ऑर्गनाइज्ड रिटेल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही इन शहरों के कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में भी जबरदस्त तेजी आने की संभावना है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Oct 2025 12:18:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में भारी उछाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में भारी उछाल दर्ज किया गया है और ऑफिस लीजिंग लगातार छठी तिमाही में सप्लाई से अधिक रही है. यह जानकारी आई एक रिपोर्ट में दी गई. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 की तीसरी तिमाही में नेट लीजिंग पिछले वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत बढ़कर 15.9 मिलियन वर्ग फुट हो गई, जबकि निर्माण कार्य पूरा होने की दर पिछले वर्ष की तुलना में 44 प्रतिशत बढ़कर 13.6 मिलियन वर्ग फुट हो गई. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44775/mumbai--commercial-real-estate-market-to-witness-massive-boom-in-the-third-quarter-of-2025"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-18t114652.130.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट मार्केट में वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में भारी उछाल दर्ज किया गया है और ऑफिस लीजिंग लगातार छठी तिमाही में सप्लाई से अधिक रही है. यह जानकारी आई एक रिपोर्ट में दी गई. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 की तीसरी तिमाही में नेट लीजिंग पिछले वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत बढ़कर 15.9 मिलियन वर्ग फुट हो गई, जबकि निर्माण कार्य पूरा होने की दर पिछले वर्ष की तुलना में 44 प्रतिशत बढ़कर 13.6 मिलियन वर्ग फुट हो गई. </p>
<p> </p>
<p><strong>14.2 फीसदी रही रिक्तियों की दर</strong><br />निर्माण कार्य पूरा होने के कारण रिक्तियों की दर 14.2 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 240 आधार अंकों की गिरावट और पिछली तिमाही की तुलना में 60 आधार अंकों की गिरावट को दर्शाता है. नुवामा ने वर्ष 2025-26 में सालाना 50-54 मिलियन वर्ग फुट निर्माण कार्य पूरा होने का अनुमान लगाया है, हालांकि कुछ प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यम अवधि में रिक्तियों के स्तर में मामूली गिरावट आने की संभावना है, जबकि वार्षिक किराये में वृद्धि में तेजी आने की उम्मीद है. </p>
<p><strong>22.3 मिलियन वर्ग फुट ग्रॉस लीजिंग</strong><br />ग्रॉस लीजिंग क्रमिक रूप से 5 प्रतिशत बढ़कर 22.3 मिलियन वर्ग फुट हो गई, जो लगातार आठवीं तिमाही है जिसमें अब्सॉर्प्शन 20 मिलियन वर्ग फुट या उससे अधिक रहा. सभी प्रमुख शहरों में किराए में वृद्धि हुई, जो डेवलपर्स और मकान मालिकों की बढ़ती मूल्य निर्धारण शक्ति को दर्शाता है. बेंगलुरु में रिक्तियों का स्तर सबसे कम 9.2 प्रतिशत रहा, जबकि हैदराबाद में 22 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक रहा. मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में रिक्तियों में 10.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जो 2015 के बाद से सबसे कम है. </p>
<p><strong>टेक सेक्टर में सबसे ज्यादा लीजिंग</strong><br />रिपोर्ट के मुताबिक एनसीआर क्षेत्र में 2012 के बाद से सबसे कम रिक्तियों की दर 20.2 प्रतिशत दर्ज की गई. टेक्नोलॉजी सेक्टर ने लीजिंग में 31 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हुए लीजिंग एक्टिविटी पर हावी रहा, इसके बाद वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) का स्थान रहा, जिसने तिमाही के दौरान ग्रॉस लीजिंग में 38 प्रतिशत का योगदान दिया. जीसीसी एक्टिविटी में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां लगभग 38 प्रतिशत लेनदेन हुए. हालांकि घरेलू ऑक्यूपायर्स की हिस्सेदारी दूसरी तिमाही के 52 प्रतिशत से थोड़ी कम होकर तीसरी तिमाही में 46 प्रतिशत रह गई, लेकिन बहुराष्ट्रीय और वैश्विक क्षमता केंद्रों से मांग मजबूत बनी रही. </p>
<p>ब्रोकरेज का कहना है कि आर्थिक रूप से मजबूत डेवलपर्स अपनी मार्केट पॉजिशन को कंसोलिडेट कर रहे हैं क्योंकि कमजोर प्लेयर्स अपनी हिस्सेदारी खो रहे हैं. नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि बड़े रेंटल पोर्टफोलियो वाले डेवलपर्स इस मजबूत ऑफिस स्पेस मांग का लाभ उठाने की सबसे अच्छी स्थिति में हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44775/mumbai--commercial-real-estate-market-to-witness-massive-boom-in-the-third-quarter-of-2025</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 11:47:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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