<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/12065/100" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>100 - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/12065/rss</link>
                <description>100 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरु... सरकार लाने जा रही है 25% एथेनॉल वाला पेट्रोल, 2030 तक E100 का प्लान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देशभर में एक अप्रैल से E20 पेट्रोल (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) बेचने को अनिवार्य करने के बाद सरकार अब E25 पेट्रोल (25 फीसदी एथेनॉल और 75 फीसदी पेट्रोल) ला रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, जिसे बस अंतिम रूप दिया जा रहा है। <br />E25 अभी सभी गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता। इसे देखते हुए कुछ ही दिनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत देश के कुछ पेट्रोल पंपों से की जाएगी। जिसमें दिल्ली और एनसीआर के सभी शहर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद के अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कुछ अन्य बड़े शहर भी इस लिस्ट में शामिल किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49514/delhi-noida-gurugram-mumbai-bengaluru-government-is-going-to-bring"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t132628.339.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>देशभर में एक अप्रैल से E20 पेट्रोल (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) बेचने को अनिवार्य करने के बाद सरकार अब E25 पेट्रोल (25 फीसदी एथेनॉल और 75 फीसदी पेट्रोल) ला रही है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है, जिसे बस अंतिम रूप दिया जा रहा है। <br />E25 अभी सभी गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता। इसे देखते हुए कुछ ही दिनों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसकी शुरुआत देश के कुछ पेट्रोल पंपों से की जाएगी। जिसमें दिल्ली और एनसीआर के सभी शहर गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद के अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कुछ अन्य बड़े शहर भी इस लिस्ट में शामिल किए जा रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>अभी चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ही मिलेगा</strong><br />सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत एथेनॉल को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत E-20 आने के बाद अब E-25 लाने पर काम किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर समेत देश की तमाम मेट्रो सिटी के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों से इसे बेचना शुरू किया जाएगा। इसमें पेट्रोल पंपों के एक-एक पेट्रोल टैंकों को E25 पेट्रोल में कन्वर्ट किया जाएगा, सभी को नहीं। ताकि लोगों को ई-20 पेट्रोल की कोई कमी ना रहे। </p>
<p><strong>सरकार रख सकती है कीमत कम</strong><br />उम्मीद जताई जा रही है कि ई-25 को बढ़ावा देने के लिए सरकार शुरू में इसे कुछ सस्ता रख सकती है। इसमें तेल कंपनियों की रजामंदी भी जरूरी है।<br />इसके लिए IOC और बीपीसी समेत तमाम तेल कंपनियों से भी बातचीत जारी है। इसके तहत दिल्ली में पूसा इंस्टीट्यूट की तरफ और राजधानी के एक-दो अन्य पेट्रोल पंपों से इसे बेचना शुरू किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि उम्मीद है कि कुछ दिनों बाद कुछ पेट्रोल पंपों से ई-25 पेट्रोल लोगों को मिलना भी शुरू हो जाए। </p>
<p><strong>क्या पड़ेगा आप पर असर?</strong><br />E-25 फ्यूल से ना केवल लोगों की जेब कम ढीली होगी, बल्कि इससे प्रदूषण भी कम होगा। इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।<br />इसके अलावा सरकार की कच्चे तेल को इंपोर्ट करने पर निर्भरता और कम होगी।<br />किसानों को भी इसका बड़ा लाभ होगा। हालांकि, इसे बड़े स्तर पर लागू करने से पहले सरकार इसके चैलेंज को भी समझना चाह रही है। ताकि कुछ पेट्रोल पंपों से इसकी शुरुआत कर इसकी तकनीकी बारीकियों को भी समझा जा सके।  </p>
<p><strong>सभी गाड़ियों में नहीं डाला जाएगा E-25</strong><br />ई-25 बेचने से पहले सरकार और तेल कंपनियां इस फ्यूल ट्रांजिशन को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों समेत सभी स्टेकहोल्डर से भी बात कर रही हैं। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियों में से कौन-कौन से मॉडल में ई-25 पेट्रोल भरा जा सकता है और किसमें नहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49514/delhi-noida-gurugram-mumbai-bengaluru-government-is-going-to-bring</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49514/delhi-noida-gurugram-mumbai-bengaluru-government-is-going-to-bring</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:27:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-27t132628.339.jpg"                         length="9514"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 100किलोमीट के ज्यादा का सफर, बेंगलुरु को पीछे छोड़ मुंबई बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के बड़े शहरों में मेट्रो का विस्तार तेजी से हो रहा है और यह अब शहरी परिवहन की रीढ़ बनता जा रहा है. इसी क्रम में मुंबई मेट्रो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस उपलब्धि के तहत मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 100 किलोमीट से अधिक का हो गया है. इस विस्तार के साथ बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए मुंबई मेट्रो अब देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है. पहले नंबर पर 416 किलोमीटर परिचालन नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो पहले स्थान पर है. वहीं, अब बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो लगभग 96 किलोमीटर के परिचालन नेटवर्क के साथ तीसरे स्थान पर है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49127/mumbai-travels-more-than-100-kilometers-leaving-bengaluru-behind-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/895229795722f5ce787b10838895dcfe6e5610a8.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारत के बड़े शहरों में मेट्रो का विस्तार तेजी से हो रहा है और यह अब शहरी परिवहन की रीढ़ बनता जा रहा है. इसी क्रम में मुंबई मेट्रो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस उपलब्धि के तहत मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 100 किलोमीट से अधिक का हो गया है. इस विस्तार के साथ बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए मुंबई मेट्रो अब देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन गया है. पहले नंबर पर 416 किलोमीटर परिचालन नेटवर्क के साथ दिल्ली मेट्रो पहले स्थान पर है. वहीं, अब बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो लगभग 96 किलोमीटर के परिचालन नेटवर्क के साथ तीसरे स्थान पर है. </p>
<p> </p>
<p>अभी हाल ही में मुंबई मेंट्रो नेटवर्क में दो नई लाइनें (मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 2B) जुड़ने से यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई. हालांकि, ये दोनों लाइनें अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुई हैं, लेकिन पहले चरण के तहत शुरू हुए परिचालन से कुल नेटवर्क में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है. फेज-1 के  तहत मेट्रो-9 की ऑपरेशनल लंबाई करीब 4.7 किलोमीटर है, जो ठाणे क्षेत्र तक पहली सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी वाला मार्ग है.  </p>
<p>गौर हो कि मुंबई  की मेट्रो लाइन 9 को लाइन 7 से जोड़ा गया है, जिससे अंधेरी ईस्ट से मीरा-भायंदर तक अब सीधा सफर संभव हो गया है. इन दो नई लाइनों के जुड़ने से मुंबई का परिचालन मेट्रो नेटवर्क छह कॉरिडोर तक विस्तारित हुआ है. वहीं, फेज-1 के  तहत मेट्रो लाइन 2B की ऑपरेशनल लंबाई करीब 5.6 किमी है, जो  2B मुंबई में हार्बर लाइन पर पहली मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इन दोनों मेट्रो लाइनों के शुरू होने से मुंबई में सफर पहले से तेज और आसान हो जाएगा. लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और रोजाना के सफर में काफी समय बचेगा. </p>
<p><strong>पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हुआ विस्तार</strong><br />इस तरह नए नेटवर्क के परिचालन की शुरूआत हो जाने से मुंबई मेंट्रो का नेटवर्क का 101 किलोमीटर तक विस्तार हो गया है. गौर हो कि मुंबई मेट्रो का विस्तार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से हो रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो  मुंबई मेट्रो नेटवर्क का विस्तार लगभग 330-350 किमी तक हो सकता है, जिससे यह और भी बड़ा और अधिक प्रभावी हो जाएगा. इससे ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने, यात्रा समय घटाने और पर्यावरणीय प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49127/mumbai-travels-more-than-100-kilometers-leaving-bengaluru-behind-and</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49127/mumbai-travels-more-than-100-kilometers-leaving-bengaluru-behind-and</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:09:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/895229795722f5ce787b10838895dcfe6e5610a8.webp"                         length="175120"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे, पुराने डबल डेकर बसों पर विवाद तेज; हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में इस साल मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे हो रहे हैं। एक ओर बस प्रेमी पुरानी नॉन-एसी डबल डेकर बसों को विरासत के तौर पर बचाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नागपाड़ा और जेजे फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोग इन बसों को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बसें अब उपयोग में नहीं हैं और इलाके में परेशानी का कारण बन रही हैं। ये तीन पुरानी डबल डेकर बसें जेजे फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हैं। पहली बस साउथ मुंबई की तरफ से आते हुए पायधोनी जंक्शन पर 'कैफेटेरिया' के नाम से खड़ी है। दूसरी बस मिनारा मस्जिद के पास 'लाइब्रेरी' के रूप में और तीसरी बस जेजे जंक्शन के पास 'आर्ट गैलरी' के रूप में रखी गई है। ये बसें मारोल डिपो की थीं और 15 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें सार्वजनिक सेवा से हटा दिया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47846/demand-to-remove-controversy-over-double-decker-buses-which-is"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-19t122555.632.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में इस साल मोटर बस सेवा के 100 साल पूरे हो रहे हैं। एक ओर बस प्रेमी पुरानी नॉन-एसी डबल डेकर बसों को विरासत के तौर पर बचाने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर नागपाड़ा और जेजे फ्लाईओवर के आसपास रहने वाले लोग इन बसों को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये बसें अब उपयोग में नहीं हैं और इलाके में परेशानी का कारण बन रही हैं। ये तीन पुरानी डबल डेकर बसें जेजे फ्लाईओवर के नीचे खड़ी हैं। पहली बस साउथ मुंबई की तरफ से आते हुए पायधोनी जंक्शन पर 'कैफेटेरिया' के नाम से खड़ी है। दूसरी बस मिनारा मस्जिद के पास 'लाइब्रेरी' के रूप में और तीसरी बस जेजे जंक्शन के पास 'आर्ट गैलरी' के रूप में रखी गई है। ये बसें मारोल डिपो की थीं और 15 साल की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें सार्वजनिक सेवा से हटा दिया गया था।<br /></p><p><br /></p><p><strong>कितना खर्च हुआ?</strong><br />2021 में सौंदर्यीकरण अभियान के तहत इन तीन बसों को कैफेटेरिया, लाइब्रेरी और आर्ट गैलरी में बदलने के लिए टेंडर निकाला गया था। इन बसों को तैयार करने पर कुल ₹69.23 लाख खर्च किए गए। ये बसें बीएमसी के 'बी वार्ड' क्षेत्र में रखी गई हैं, जिसमें कालबादेवी, मस्जिद बंदर और भेंडी बाजार इलाके शामिल हैं।<br /></p><p><strong>अभी क्या हालत है?</strong><br />फिलहाल ये तीनों बसें बंद पड़ी हैं। उन पर धूल और गंदगी जमी है। न तो इनमें कैफेटेरिया चल रहा है, न लाइब्रेरी और न ही आर्ट गैलरी। कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी हुई है और ये आम लोगों के लिए बंद हैं। बस प्रेमी शुभम पाडवे का कहना है कि इन बसों की हालत खराब कर दी गई है। उनका आरोप है कि बसों को गलत रंग से रंग दिया गया, जो मुंबई की बसों से अलग दिखता है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी इन बसों की देखभाल नहीं कर सकते, तो वे इन्हें खरीदकर निजी संग्रह में रखने को तैयार हैं। उन्होंने साउथ मुंबई में इन्हें टूरिस्ट सर्किट पर चलाने का प्रस्ताव भी दिया है।<br /></p><p><strong>स्थानीय लोगों की नाराजगी</strong><br />मोहम्मद अली रोड के रुहान शेख का कहना है कि पहले ये नई चीज़ लगी, लेकिन अब सड़क के बीच लाल दीवार जैसी लगती है। यहां पहले ही पार्किंग की समस्या है। यूसुफ खातिब का कहना है कि सड़क पार करने में दिक्कत होती है क्योंकि बसों के कारण रास्ता रुकता है। नागपाड़ा के रंगराज खातू ने कहा कि वे पुरानी बसों का सम्मान करते हैं, लेकिन फ्लाईओवर के नीचे लाइब्रेरी या कैफे का विचार काम नहीं करता। व्यापारी आत्माराम घोलप ने कहा कि अगर इन्हें किसी खुले संग्रहालय में रखा जाए तो ठीक है, लेकिन यहां ये ट्रैफिक और आपातकालीन वाहनों के लिए रुकावट बन रही हैं।<br /></p><p><strong>100 साल पूरे होने का मौका</strong><br />मुंबई में मोटर बस सेवा शुरू करने का फैसला जुलाई 1926 में लिया गया था। इस साल जुलाई में उसके 100 साल पूरे हो रहे हैं। उस समय शहर में इलेक्ट्रिक ट्राम से बसों की ओर बड़ा बदलाव हुआ था। हालांकि यह साफ नहीं है कि BEST इस मौके को आधिकारिक तौर पर मनाएगा या नहीं, लेकिन शहर के बस प्रेमी इसे बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47846/demand-to-remove-controversy-over-double-decker-buses-which-is</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47846/demand-to-remove-controversy-over-double-decker-buses-which-is</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 12:26:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-19t122555.632.jpg"                         length="8376"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महावितरण में महाघोटाला; सरकारी खजाने पर १०० करोड़ रुपए का डाका डालने का सनसनीखेज मामला उजागर  </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महावितरण में महाघोटाला सामने आया है, जिसने मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी २.० योजना की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी बैंक गारंटी के सहारे सरकारी खजाने पर १०० करोड़ रुपए का डाका डालने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। बताया गया है कि जिस योजना को किसानों के हित और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बनाया गया था, उसी योजना में घोटालों का जहर घुसने से प्रशासनिक तंत्र हिल गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46925/a-sensational-case-of-robbery-of-rs-100-crore-from"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images-(93).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महावितरण में महाघोटाला सामने आया है, जिसने मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी २.० योजना की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी बैंक गारंटी के सहारे सरकारी खजाने पर १०० करोड़ रुपए का डाका डालने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। बताया गया है कि जिस योजना को किसानों के हित और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बनाया गया था, उसी योजना में घोटालों का जहर घुसने से प्रशासनिक तंत्र हिल गया है। इस प्रकरण में चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आर्थिक अपराध शाखा द्वारा गहन जांच किए जाने की तैयारी है। यह घोटाला न केवल महावितरण, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, २०२४ से जनवरी २०२६ की अवधि के दौरान ओम एस सीजेआर लामाट व्हिया प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. ने महावितरण के साथ गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी की। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने करीब ९९ करोड़ ५० लाख रुपए की फर्जी बैंक गारंटी तैयार कर उसे असली बताकर पेश किया और इसी आधार पर परियोजना का काम हासिल किया। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की गुजरात के जूनागढ़ शाखा के नाम पर नकली बैंक गारंटी तैयार की। इतना ही नहीं इस गारंटी को वैध साबित करने के लिए एसबीआई के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी का भी इस्तेमाल किया गया। यह बैंक गारंटी महावितरण के मुंबई स्थित नवीकरणीय ऊर्जा विभाग में जमा कराई गई थी।</p>
<p><strong>अंदरखाने मिलीभगत का आरोप</strong><br />शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महावितरण के नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के सहायक महाप्रबंधक राहुल पन्हाले ने बैंक गारंटी के फर्जी होने की जानकारी होने के बावजूद उसे जानबूझकर वास्तविक बताकर संबंधित कंपनी को काम दिलाने में मदद की। इस पूरे प्रकरण में व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप है।</p>
<p><strong>महावितरण को हुआ भारी नुकसान</strong><br />फर्जी बैंक गारंटी के कारण महावितरण समय पर सुरक्षा राशि भुना नहीं सकी। परिणामस्वरूप, सरकार और महावितरण को लगभग ९९.५० करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस मामले में महावितरण के कर्मचारियों द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर निर्मल नगर पुलिस स्टेशन में कंपनी निदेशक भावेश कुमार पटेल, हितेश भाई राविया, हिरेन कुमार कनानी और अधिकारी राहुल पन्हाले के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे तथा अन्य जिम्मेदारों की भूमिका सामने आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/46925/a-sensational-case-of-robbery-of-rs-100-crore-from</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/46925/a-sensational-case-of-robbery-of-rs-100-crore-from</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 10:49:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/images-%2893%29.jpg"                         length="14466"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        