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                <title>resolved - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>नई दिल्ली : नेशनल लोक अदालत 9 मई को होगी, कई लंबित मामलों का होगा समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालय तक शनिवार 09 मई 2026 को द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49581/new-delhi-national-lok-adalat-will-be-held-on-9th"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/image-7-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालय तक शनिवार 09 मई 2026 को द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों को कोर्ट की ओर से मध्यस्थता और सूचना जारी की जा रही है, ताकि वे इस अवसर का लाभ लेकर अपने विवादों का<br />समाधान कर सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इस लोक अदालत में राजस्व विभाग, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार न्यायालयों के मामले, बैंक रिकवरी से जुड़े प्री-लिटिगेशन प्रकरण, चेक बाउंस मामले, मोटर वाहन अधिनियम के केस, परिवार न्यायालय के विवाद, श्रमिक विवाद, जमीन विवाद, बिजली बिल, जलकर, संपत्ति कर, टेलीफोन बिल और अन्य विभागों के लंबित बिल एवं जुर्माने से संबंधित मामलों का समाधान किया जाएगा।</p>
<p>पुलिस, नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत, बीएसएनएल और विद्युत विभाग से जुड़े मामलों को भी इस लोक अदालत में शामिल किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और पक्षकारों को आपसी समझौते के माध्यम से राहत देना है। लोक अदालत में दांडिक राजीनामा योग्य प्रकरणों को भी शामिल किया गया है, जिससे लोगों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिल सके। पक्षकारों को एक ही स्थान पर सभी संबंधित विभागों के मामलों के समाधान का अवसर मिलेगा।</p>
<p>यह व्यवस्था न्याय प्रणाली को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर संबंधित विभागों और न्यायालयों में सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा किया जा सके और लोगों को न्याय शीघ्र मिल सके। लोक अदालत में भाग लेकर नागरिक अपने विवादों को बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के समाप्त कर सकते हैं और बकाया बिलों एवं जुर्मानों से राहत प्राप्त कर सकते हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49581/new-delhi-national-lok-adalat-will-be-held-on-9th</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 19:42:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांजुरमार्ग मेट्रो कारशेड : केंद्र व राज्य सरकार का भूमि विवाद सुलझा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">कांजुरमार्ग मेट्रो कार शेड को लेकर केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के बीच चल रहा भूमि विवाद का मामला खत्म हो गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने बांबे हाई कोर्ट में दायर की गई अपनी याचिका को वापस ले लिया है। जमीन के स्वामित्व को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच पिछले कुछ वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था। मेट्रो लाइन 6 के कार शेड के लिए हस्तांतरित की गई कांजुरमार्ग की 15 हेक्टेयर भूमि को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिछले कुछ वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40387/kanjurmarg-metro-carshed--land-dispute-between-central-and-state-government-resolved"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download-(5)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> कांजुरमार्ग मेट्रो कार शेड को लेकर केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के बीच चल रहा भूमि विवाद का मामला खत्म हो गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने बांबे हाई कोर्ट में दायर की गई अपनी याचिका को वापस ले लिया है। जमीन के स्वामित्व को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच पिछले कुछ वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था। मेट्रो लाइन 6 के कार शेड के लिए हस्तांतरित की गई कांजुरमार्ग की 15 हेक्टेयर भूमि को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच पिछले कुछ वर्षों से कानूनी विवाद चल रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्र सरकार ने सोमवार को हाई कोर्ट को सूचित किया कि वह कार शेड के लिए भूमि आवंटन के निर्णय के खिलाफ दायर की गई अपनी याचिका वापस ले रही है। हालांकि इस भूमि को लेकर निजी डेवलपर और सरकार के बीच विवाद जारी है। इसलिए अदालत कार शेड स्थल की यथास्थिति बनाए रखने के अंतरिम आदेश पर गुरुवार को फैसला सुनाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति मकरंद कार्णिक की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत को बताया कि वह अपनी याचिका वापस ले रहे हैं। केंद्र सरकार की याचिका वापस होने के बाद भूमि के स्वामित्व को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद सुलझ गया है। निजी डेवलपर महेश गरोडिया ने भी इस भूमि पर स्वामित्व का दावा किया था। <br /><br />केंद्र सरकार ने पिछले साल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें मुंबई उपनगरीय जिला मजिस्ट्रेट के 17 अप्रैल 2023 के आदेश पर आपत्ति जताई गई थी। कांजुरमार्ग में नमक के खेतों की जमीन को 'स्वामी समर्थ नगर - विक्रोली मेट्रो 6' लाइन के कार शेड के लिए एमएमआरडीए को स्थानांतरित कर दिया गया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका को संज्ञान में लेते हुए स्थल को यथावत रखने और भूमि की प्रकृति में कोई परिवर्तन न करने का अंतरिम आदेश जारी किया था। राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि वह केंद्र सरकार की याचिका पर जवाब दाखिल करेगी। इसके बाद राज्य सरकार ने अदालत से केंद्र सरकार से संपर्क करने और मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का अनुरोध किया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 10:48:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में साइबर जालसाजों से पुलिस ने वसूले 100 करोड़...  करीब 36 हजार शिकायतों का किया समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) दत्ता नलवाडे ने कहा कि इन शिकायतों के आधार पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के 35,918 मामलों पर कार्रवाई की गई. ये मामले शेयर ट्रेडिंग, निवेश योजनाओं, कूरियर कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी की धमकियों, ऑनलाइन लेनदेन और बहुत कुछ से संबंधित थे. उन्होंने लोगों से वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित किसी भी शिकायत की रिपोर्ट करने के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करने का आग्रह किया.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/33055/police-recovered-100-crores-from-cyber-fraudsters-in-mumbai-resolved-nearly-36-thousand-complaints"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-08/dfdsfttt.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस ने साइबर जालसाजों से धोखाधड़ी के लगभग 100 करोड़ रुपये बरामद करने का दावा किया है, जो पिछले सात महीनों में ठगे गए लोगों के थे. अधिकारियों के अनुसार, जालसाजों द्वारा धोखा दिए जाने के बाद लगभग 35,918 पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से मुंबई साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.<br /><br />पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) दत्ता नलवाडे ने कहा कि इन शिकायतों के आधार पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के 35,918 मामलों पर कार्रवाई की गई. ये मामले शेयर ट्रेडिंग, निवेश योजनाओं, कूरियर कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी की धमकियों, ऑनलाइन लेनदेन और बहुत कुछ से संबंधित थे. उन्होंने लोगों से वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित किसी भी शिकायत की रिपोर्ट करने के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करने का आग्रह किया.<br /><br />डीसीपी नलवाडे ने कहा, अगर किसी भी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें. हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद तीन शिफ्ट में काम करने वाले तीन अधिकारी और 50 कांस्टेबल लेनदेन रोकने के लिए बैंकों और उनके नोडल कर्मियों से संपर्क करते हैं.<br /><br />डीसीपी ने कहा, आगे स्थानांतरण को रोकने के लिए आरोपियों के खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं. हेल्पलाइन नंबर 1930 लोगों के लिए जीवन रेखा बन गया है. उन्होंने यह भी कहा कि साइबर जालसाज लोगों को फंसाने और उनसे पैसे ऐंठने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/33055/police-recovered-100-crores-from-cyber-fraudsters-in-mumbai-resolved-nearly-36-thousand-complaints</link>
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                <pubDate>Sun, 04 Aug 2024 12:42:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश...  विधायकों और सांसदों के खिलाफ चल रहे मामलों को जल्द निपटाया जाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ऐसे मामलों पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लें और सुनवाई करें। भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका के जरिए सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की जल्द सुनवाई की मांग की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25819/supreme-court-directs----cases-pending-against-mlas-and-mps-should-be-resolved-soon"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download-(16)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली :</strong> सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि विधायकों और सांसदों के खिलाफ चल रहे मामलों को जल्द निपटाया जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उच्च न्यायालय को इसकी निगरानी करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ऐसे मामलों पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लें और सुनवाई करें। भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने याचिका के जरिए सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की जल्द सुनवाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डी. वाई चंद्रचूड़ की बेंच में आज सुनवाई हुई। हम विशेष अदालत में हर मामले की सुनवाई नहीं कर सकते इसलिए जिला न्यायाधीश को विशेष न्यायालय के मामलों पर नजर रखनी चाहिए। हाई कोर्ट को समय-समय पर ऐसे मामलों की ट्रायल रिपोर्ट तलब करनी चाहिए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सांसदों और विधायकों के मामलों के लिए और अधिक विशेष अदालतें होनी चाहिए, मौत की सजा का सामना कर रहे सांसदों या विधायकों के मामलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हर राज्य के लिए गाइडलाइन बनाना संभव नहीं है क्योंकि हर राज्य की स्थिति अलग है, इसलिए हम ऐसे मामलों की निगरानी का काम उच्च न्यायालय पर छोड़ते हैं, ऐसा मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा। हाई कोर्ट को स्वयं संज्ञान लेकर सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का निपटारा करना चाहिए। उच्च न्यायालय ऐसे मामलों की रिपोर्ट जिला न्यायाधीश से मांग सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/25819/supreme-court-directs----cases-pending-against-mlas-and-mps-should-be-resolved-soon</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Nov 2023 11:17:07 +0530</pubDate>
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