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                <title>revelation - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>revelation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>छत्रपति संभाजीनगर : रासायनिक कचरे के अवैध डंपिंग का बड़ा खुलासा, मुख्य सरगना यूपी से गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्रामीण जिले में खतरनाक औद्योगिक रसायनों और रासायनिक पाउडर के अवैध परिवहन एवं निपटान के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से मुख्य सरगना इस्तेकार अहमद निसार खान को गिरफ्तार कर लिया है। सिल्लोड ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी जांच और गोपनीय सूचना के आधार पर नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके में कार्रवाई कर उसे पकड़ा। मामला दर्ज होने के बाद से इस्तेकार खान फरार चल रहा था और पुलिस की भनक लगते ही लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51603/chhatrapati-sambhajinagar-big-revelation-of-illegal-dumping-of-chemical-waste"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-30t115833.134.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>छत्रपति संभाजीनगर : </strong>ग्रामीण जिले में खतरनाक औद्योगिक रसायनों और रासायनिक पाउडर के अवैध परिवहन एवं निपटान के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश से मुख्य सरगना इस्तेकार अहमद निसार खान को गिरफ्तार कर लिया है। सिल्लोड ग्रामीण पुलिस की विशेष टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी जांच और गोपनीय सूचना के आधार पर नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के इलाके में कार्रवाई कर उसे पकड़ा। मामला दर्ज होने के बाद से इस्तेकार खान फरार चल रहा था और पुलिस की भनक लगते ही लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण जिले के पालशी, सिल्लोड शहर, फरदापुर, आलंद, शिवुर और तोंडापुर समेत कई स्थानों पर खतरनाक रसायनों से भरे ड्रमों की अवैध डंपिंग की घटनाओं की जांच के दौरान इस गिरोह का नेटवर्क सामने आया। जांच में घटनास्थल से मिले रासायनिक ड्रम, दूषित मिट्टी, पर्यावरणीय नुकसान, वाहनों की आवाजाही, आरोपियों के संपर्क और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ा गया। जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के अलावा तेलंगाना, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक जुड़े होने का खुलासा हुआ। अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने 1,601 ड्रमों में भरे करीब 3 लाख 52 हजार 220 लीटर खतरनाक औद्योगिक रसायन, 40 टन रासायनिक पाउडर और 50 टन रासायनिक रूप से दूषित मिट्टी बरामद की है। इसके अलावा तीन ट्रक, एक हाइड्रा मशीन और करीब 80.35 लाख रुपए मूल्य के सात मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इस मामले में इस्तेकार खान समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि इस्तेकार खान का औद्योगिक कचरा निपटान के कारोबार से पुराना संबंध रहा है। वर्ष 2005 में मुंबई के धारावी स्थित गोल्डन कैसल कंपनी में काम करने के दौरान उसने प्लास्टिक कचरा एकत्र करने और उससे पेलेट बनाने का अनुभव हासिल किया। बाद में उसने अपने भाई के साथ प्लास्टिक निपटान की फर्म शुरू की और भोइसर तथा एमआईडीसी क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसका निपटान करने का काम किया। इसी कारोबार के दौरान उसके संपर्क हैदराबाद के सादिक और हुसैन से हुए। सादिक के माध्यम से वह तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के मुनिपल्ली स्थित वीबीआर ग्रीन एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा, जबकि हुसैन के जरिए राजस्थान के निम्बाहेड़ा स्थित 3आर एनवायरो कंपनी से संपर्क हुआ।</p>
<p>आरोप है कि इसके बाद गिरोह ने औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलने वाले खतरनाक रसायनों और पाउडर का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने के बजाय उन्हें अवैध रूप से विभिन्न स्थानों पर डंप करने का सिलसिला शुरू किया। पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2025 के आसपास इस्तेकार खान सादिक के माध्यम से सिल्लोड निवासी अब्दुल गफ्फार खान हामिद खान पठान के संपर्क में आया। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण क्षेत्र में रासायनिक कचरे के अवैध निपटान की गतिविधियों में उसकी भूमिका और अधिक सक्रिय हो गई।प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि पिछले 10 से 12 महीनों के दौरान इस्तेकार खान ने 100 से अधिक मालवाहक वाहनों के जरिए बड़ी मात्रा में रासायनिक कचरा छत्रपति संभाजीनगर ग्रामीण क्षेत्र में भेजा। प्रत्येक वाहन में करीब 200 लीटर क्षमता वाले 100 ड्रम भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।</p>
<p>पुलिस का अनुमान है कि पिछले 10 से 11 महीनों में 10 हजार से अधिक रासायनिक ड्रमों के साथ सोडियम बाइकार्बोनेट से मिश्रित दूषित मिट्टी भी निपटान के लिए भेजी गई। इस अवैध निपटान के लिए गफ्फार पठान को प्रत्येक वाहन के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रासायनिक कचरे के अवैध निपटान के लिए गिरोह से जुड़े लोगों के बीच 80 लाख रुपए से अधिक का वित्तीय लेन-देन हुआ है। जांच के दौरान राजस्थान के निम्बाहेड़ा स्थित 3आर एनवायरो कंपनी से जुड़े अत्यधिक खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल का भी खुलासा हुआ है।</p>
<p>मौके से जब्त ड्रमों पर लगे लेबल के आधार पर इनमें टीएचएफ, क्लोरोफॉर्म और टोल्यून जैसे उच्च जोखिम वाले औद्योगिक सॉल्वेंट होने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। रसायनों की वास्तविक संरचना की पुष्टि सरकारी मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच के बाद ही होगी। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मार्गदर्शन में जब्त रसायनों को सुरक्षित निपटान के लिए पुणे स्थित मान्यता प्राप्त टीएसडीएफ भेजा गया है।मुख्य आरोपी इस्तेकार खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उसके पीछे जुड़े लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, वह पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस रासायनिक कचरे के मूल स्रोत, ट्रांसपोर्टरों, बिचौलियों, वित्तीय लेन-देन और कचरे के अंतिम निपटान के स्थान एवं तरीके की जांच कर रही है। राजस्थान और हैदराबाद में भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:59:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवी मुंबई : प्रेमी के लिए पति की हत्या, शव के किए तीन टुकड़े; नवी मुंबई में सनसनीखेज खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नवी मुंबई के ऐरोली इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां प्रेम संबंध में बाधा बन रहे पति की हत्या कर पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शव के तीन टुकड़े कर दिए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। करीब 11 महीने तक छिपी रही इस वारदात की गुत्थी आखिरकार रबाले एमआईडीसी पुलिस ने सुलझा ली। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी सुनीता कुशवाह (40) और उसके प्रेमी राहुल दशरथ प्रजापति (30) को गिरफ्तार किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50752/navi-mumbai-husbands-murdered-body-cut-into-three-pieces-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/navi-mumbai-woman-and-lover-kill-husband-after-11-months.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>नवी मुंबई के ऐरोली इलाके में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां प्रेम संबंध में बाधा बन रहे पति की हत्या कर पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शव के तीन टुकड़े कर दिए और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। करीब 11 महीने तक छिपी रही इस वारदात की गुत्थी आखिरकार रबाले एमआईडीसी पुलिस ने सुलझा ली। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी सुनीता कुशवाह (40) और उसके प्रेमी राहुल दशरथ प्रजापति (30) को गिरफ्तार किया है।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान बलीराम सूर्यनाथ कुशवाह (50) के रूप में हुई है। बलीराम कुशवाह ऐरोली के यादव नगर इलाके में अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। इसी दौरान उनकी पत्नी सुनीता का घणसोली निवासी ऑटो रिक्शा चालक राहुल प्रजापति के साथ प्रेम संबंध बन गया। बताया जा रहा है कि बलीराम को पत्नी और राहुल के रिश्ते की जानकारी हो गई थी और वह लगातार इसका विरोध कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि पति के विरोध से परेशान होकर सुनीता और राहुल ने बलीराम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने मिलकर बलीराम की हत्या कर दी। हत्या के बाद पुलिस और परिवार को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी सामान्य जीवन जीते रहे, जिससे किसी को भी उन पर शक नहीं हुआ।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, घटना के कई महीने बीत जाने के बाद भी बलीराम का कोई सुराग नहीं मिलने पर उनके परिवार को चिंता हुई। करीब आठ महीने बाद बलीराम का भाई गांव से नवी मुंबई पहुंचा और उसने अपने भाई के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद रबाले एमआईडीसी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने बलीराम के परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले और पत्नी सुनीता तथा उसके प्रेमी राहुल की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में दोनों के बयानों में विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और शव के अवशेषों व अन्य सबूतों की तलाश की जा रही है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि लंबे समय तक छिपी इस हत्या का खुलासा तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर किया गया। मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:53:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: म्यांमार में साइबर गुलामी केंद्रों में भारतीयों की तस्करी; व्यक्ति गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई निवासी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक मानव तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। इस रैकेट पर कथित तौर पर म्यांमार में साइबर धोखाधड़ी के संचालन के लिए भारतीय नागरिकों को ले जाने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, इन व्यक्तियों को आकर्षक नौकरियों के झूठे वादे करके बहकाया गया और बाद में धोखाधड़ी की गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48741/mumbai-man-arrested-for-trafficking-indians-into-cyber-slavery-centers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-27t121935.582.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई निवासी सुनील नेल्लाथु रामकृष्णन को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक मानव तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। इस रैकेट पर कथित तौर पर म्यांमार में साइबर धोखाधड़ी के संचालन के लिए भारतीय नागरिकों को ले जाने का आरोप है। अधिकारियों के अनुसार, इन व्यक्तियों को आकर्षक नौकरियों के झूठे वादे करके बहकाया गया और बाद में धोखाधड़ी की गतिविधियों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया।</p>
<p> </p>
<p>जांचों से संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेटों के संचालन का खुलासा हुआ है। ये समूह पीड़ितों को थाईलैंड में नौकरी के प्रस्तावों का लालच देते हैं, केवल उन्हें दिल्ली से बैंकॉक और फिर गुप्त रूप से म्यांमार भेजने के लिए। म्यांमार में, विशेष रूप से म्यावाडी क्षेत्र के केके पार्क में, पीड़ितों को साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है, जिसमें डिजिटल गिरफ्तारी और क्रिप्टोकरेंसी निवेश धोखाधड़ी शामिल है। </p>
<p> प्रताड़ना और शोषण पीड़ितों को अवैध नजरबंदी, डराने-धमकाने और शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उनकी गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रतिबंधित किया जाता है, क्योंकि उन्हें भारत सहित वैश्विक पीड़ितों को निशाना बनाने वाले विभिन्न साइबर घोटालों को अंजाम देने के लिए मजबूर किया जाता है। सीबीआई की जांच में मार्च और नवंबर 2025 में थाईलैंड से प्रत्यर्पित किए गए पीड़ितों के विस्तृत साक्षात्कार शामिल थे।</p>
<p>मुख्य सूत्रधार की पहचान जांच में सुनील उर्फ ​​कृष्ण को तस्करी रैकेट के भीतर एक प्रमुख सूत्रधार के रूप में उजागर किया गया। दक्षिण पूर्व एशिया में पीड़ितों के अवैध परिवहन और शोषण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। सुनील को निगरानी में रखा गया और मुंबई पहुंचने पर गिरफ्तार कर लिया गया। उनके आवास पर तलाशी के दौरान म्यांमार और कंबोडिया में तस्करी के संचालन से जुड़े डिजिटल सबूत मिले। सीबीआई इन आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने और जिम्मेदार लोगों को न्याय दिलाने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है, ताकि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:21:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :दंपती से 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ा खुलासा; 14 महीनों में 513 करोड़ का लेनदेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने शहर के कारोबारी दंपती से 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ा खुलासा किया है. जांच में पता चला है कि इस ठगी के पैसे को एक विदेशी बैंक के म्यूल अकाउंट (यानी ऐसा खाता जिसके जरिए अपराधी पैसे को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं) में ट्रांसफर किया गया था. हैरानी की बात यह है कि इस खाते में पिछले 14 महीनों में कुल ₹513 करोड़ का लेनदेन हुआ है — जिसमें भारी नकद जमा और क्रिप्टोकरंसी ट्रांजेक्शन भी शामिल हैं. इस केस में पुलिस ने शुक्रवार को 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45025/big-revelation-in-the-case-of-cyber-fraud-of-rs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-28t144723.236.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने शहर के कारोबारी दंपती से 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ा खुलासा किया है. जांच में पता चला है कि इस ठगी के पैसे को एक विदेशी बैंक के म्यूल अकाउंट (यानी ऐसा खाता जिसके जरिए अपराधी पैसे को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं) में ट्रांसफर किया गया था. हैरानी की बात यह है कि इस खाते में पिछले 14 महीनों में कुल ₹513 करोड़ का लेनदेन हुआ है — जिसमें भारी नकद जमा और क्रिप्टोकरंसी ट्रांजेक्शन भी शामिल हैं. इस केस में पुलिस ने शुक्रवार को 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अब तक इस मामले में कुल 13 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. गिरफ्तार किए गए लोगों में मुंबई के प्रभादेवी के रहने वाले 66 वर्षीय व्यापारी मुकेश भाटिया, राजस्थान के तीन युवक और मैसूर का एक व्यक्ति शामिल हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>फर्जी एजेंसियों का डर दिखाकर फंसाया</strong><br />पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगों ने दंपती को “डिजिटल गिरफ्तारी” में रखा था — यानी उन्हें झूठे मामलों और फर्जी एजेंसी के नाम पर डराकर लगातार 40 दिनों तक मानसिक रूप से कैद कर लिया गया था. ठगों ने उन्हें सीबीआई और ईडी  जैसी एजेंसियों की जांच के नाम पर डराया, नकली समन और वीडियो भेजे जिनमें फर्जी पुलिस स्टेशन, कोर्टरूम और अधिकारी दिखाए गए थे. यहां तक कि कुछ लोग जज और पुलिस अफसर बनकर वीडियो कॉल पर आए ताकि पीड़ितों को यकीन हो जाए कि वे सच में जांच के दायरे में हैं. डर और भ्रम के माहौल में दंपती ने अपनी पूरी जमा पूंजी — करीब ₹58.1 करोड़ — “जांच पूरी होने के बाद वापस मिलने” की बात पर ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए.</p>
<p><strong>विदेशी बैंक में करोड़ों का लेनदेन</strong><br />पूछताछ में आरोपी मुकेश भाटिया ने बताया कि उन्होंने टेक्नोमिस्ट सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से इंडोनेशिया में एक बैंक खाता खुलवाया था. इसी खाते में पिछले 14 महीनों में ₹513 करोड़ से ज़्यादा की रकम जमा और ट्रांसफर हुई. पुलिस के मुताबिक, इन ट्रांजेक्शन्स को सनी लोधा (32) नाम के आरोपी और उसके सहयोगियों के निर्देश पर अंजाम दिया गया. एक और आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने कई एजेंटों और बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम को विदेशों में भेजा, जिसमें क्रिप्टोकरंसी का इस्तेमाल भी किया गया. साइबर पुलिस अब इस पूरे रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को खंगाल रही है.</p>
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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 14:47:40 +0530</pubDate>
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