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                <title>war - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई में सफाई अभियान: BMC चीफ ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट वॉर रूम बनाने का आदेश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>BMC के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की कॉर्पोरेटर्स द्वारा आलोचना किए जाने के एक दिन बाद, म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने गुरुवार को डिपार्टमेंट में चल रहे काम का रिव्यू किया। उन्होंने अधिकारियों को एक सेंट्रल कंट्रोल रूम (वॉर रूम) बनाने का निर्देश दिया ताकि यह पक्का हो सके कि सफाई का काम अच्छे से हो रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49112/cleanliness-drive-in-mumbai-bmc-chief-ordered-to-create-solid"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t195821.448.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :  </strong>BMC के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की कॉर्पोरेटर्स द्वारा आलोचना किए जाने के एक दिन बाद, म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने गुरुवार को डिपार्टमेंट में चल रहे काम का रिव्यू किया। उन्होंने अधिकारियों को एक सेंट्रल कंट्रोल रूम (वॉर रूम) बनाने का निर्देश दिया ताकि यह पक्का हो सके कि सफाई का काम अच्छे से हो रहा है। इसके अलावा, सभी संबंधित वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नरों को लोकल लेवल पर सही सफाई पक्का करने के लिए रेगुलर फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया गया है। एक रिव्यू मीटिंग के दौरान, भिड़े ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सफाई एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है जिसे लगातार और अच्छे से किया जाना चाहिए। उन्होंने मुंबई की कोस्टल सड़कों और बिज़ी हाईवे पर सफाई बनाए रखने के लिए खास मैकेनाइज्ड गाड़ियों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जहाँ भारी ट्रैफिक के कारण हाथ से सफाई करना मुश्किल होता है।</p>
<p> </p>
<p>भिड़े ने भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मॉडल क्लीन ज़ोन बनाने और समय के साथ ऊँचे सफाई स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर भी ज़ोर दिया। इलेक्ट्रिक वेस्ट कलेक्शन गाड़ियों पर ज़ोर उन्होंने आगे कहा कि BMC की 10% एडवांस्ड वेस्ट कलेक्शन गाड़ियां इलेक्ट्रिक हैं, जिससे यह सिविक बॉडी देश की पहली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बन गई है जो इतने बड़े पैमाने पर हाई-कैपेसिटी वाली ई-गाड़ियों का इस्तेमाल कर रही है।</p>
<p>उन्होंने नागरिकों और ऑर्गनाइज़ेशन से शहर की सफ़ाई में लगातार पब्लिक एंगेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए ‘मुंबई क्लीन लीग’ में एक्टिव रूप से हिस्सा लेने की भी अपील की। रोज़ाना वेस्ट मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी सेशन के दौरान, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर किरण दिघावकर ने SWM डिपार्टमेंट के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स, इक्विपमेंट और ऑपरेशन्स पर एक डिटेल्ड प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने कहा कि अभी, BMC मुंबई से रोज़ाना लगभग 7,200 मीट्रिक टन सॉलिड वेस्ट इकट्ठा करती है, जिसे साइंटिफिक तरीके से प्रोसेस करके डिस्पोज़ किया जाता है। पूरे शहर में सफ़ाई के ऊंचे स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए, एक सर्विस-बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम अपनाया गया है।</p>
<p>उन्होंने यह भी बताया कि वेस्ट कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन के लिए नई गाड़ियां शुरू की गई हैं। पहले, 1,196 गाड़ियां चल रही थीं, लेकिन अपग्रेडेड कैपेसिटी के साथ, अपडेटेड कलर स्कीम के साथ यह संख्या घटाकर 988 कर दी गई है। मुंबई में 46 सूखा कचरा अलग करने वाले सेंटर हैं, जिन्हें 94 खास गाड़ियों की मदद मिलती है। इसके अलावा, घरेलू सैनिटरी कचरा इकट्ठा करने के लिए एक खास सर्विस शुरू की गई है, जिसका कई जगहों पर अच्छे से इस्तेमाल किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 19:59:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नई दिल्ली : जंग थमने में पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस ने  प्रधानमंत्री मोदी को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के सीजफायर के बाद पश्चिम एशिया तनाव को खत्म करने का कूटनीतिक रास्ता खुलता दिख रहा है। वहीं, इस युद्धविराम को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को गिराया है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49061/congress-cornered-prime-minister-modi-on-pakistans-role-in-stopping"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(90).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के सीजफायर के बाद पश्चिम एशिया तनाव को खत्म करने का कूटनीतिक रास्ता खुलता दिख रहा है। वहीं, इस युद्धविराम को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को गिराया है। </p>
<p> </p>
<p>कांग्रेस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की 'अत्यधिक व्यक्तिगत कूटनीति' के लिए एक 'गंभीर झटका' बताते हुए कहा कि स्वघोषित विश्वगुरु पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि पूरी दुनिया पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का सावधानी से स्वागत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के शीर्ष नेतृत्व की लक्षित हत्याओं से शुरू हुआ था, जो प्रधानमंत्री मोदी की इस्राइल की बहुप्रचारित यात्रा के ठीक दो दिन बाद हुआ था। कांग्रेस के अनुसार, इस यात्रा ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को कम किया।</p>
<p><strong>पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल</strong><br />जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा में इस्राइल के नरसंहार और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में उसकी विस्तारवादी नीतियों पर कुछ भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम कराने में निभाई गई भूमिका पीएम मोदी की अत्यधिक व्यक्तिगत कूटनीति के सार और शैली दोनों के लिए एक गंभीर झटका है।</p>
<p><strong>पाकिस्तान की भूमिका से पीएम मोदी का नीति पर प्रश्न चिन्ह</strong><br />उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के प्रति पाकिस्तान के निरंतर समर्थन के लिए उसे अलग-थलग करने और दुनिया को यह समझाने की नीति कि वह एक विफल राष्ट्र है, स्पष्ट रूप से सफल नहीं हुई है। कांग्रेस के अनुसार, एक दिवालिया अर्थव्यवस्था, जो पूरी तरह से बाहरी दाताओं की दया पर निर्भर है, और कई तरह से टूटा हुआ देश ऐसी भूमिका निभाने में सक्षम था, यह पीएम मोदी की जुड़ाव और नैरेटिव प्रबंधन की रणनीति पर सवाल उठाता है। </p>
<p><strong>क्यों रोका ऑपरेशन सिंदूर, अब तक नहीं दिया जवाब : कांग्रेस</strong><br />कांग्रेस नेता ने कहा, "उन्होंने (पीएम मोदी) या उनकी टीम ने कभी यह भी नहीं बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को 10 मई 2025 को अचानक क्यों रोक दिया गया, जिसकी पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री ने की थी। इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तब से लगभग सौ बार श्रेय ले चुके हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 17:00:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : युद्ध के बीच प्याज के एक्सपोर्ट में गिरावट, लासलगांव मार्केट में कीमतों में भारी गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और झगड़े का असर भारत के प्याज़ एक्सपोर्ट पर साफ दिखाई दे रहा है। इस कारण एशिया की सबसे बड़ी प्याज़ मंडी लासलगांव एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी में प्याज़ की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले एक्सपोर्ट में लगभग 45 फीसदी की कमी देखी गई है। युद्ध जैसी स्थिति ने कंटेनर ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ा दी है और शिपमेंट धीमा कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49031/onion-export-decline-amid-mumbai-war-huge-fall-in-prices"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(76).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और झगड़े का असर भारत के प्याज़ एक्सपोर्ट पर साफ दिखाई दे रहा है। इस कारण एशिया की सबसे बड़ी प्याज़ मंडी लासलगांव एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी में प्याज़ की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले एक्सपोर्ट में लगभग 45 फीसदी की कमी देखी गई है। युद्ध जैसी स्थिति ने कंटेनर ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ा दी है और शिपमेंट धीमा कर दिया है।</p>
<p> </p>
<p>खबर है कि मार्च 2026 में भारतीय एक्सपोर्टर्स लगभग 350 कंटेनर प्याज़ शिप करने में सफल रहे, जबकि पिछले साल इसी महीने में लगभग 600 कंटेनर शिप किए गए थे। एग्रीकल्चरल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट विकास सिंह के अनुसार, विश्व स्तर पर प्याज़ के एक्सपोर्ट में भी लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे डिमांड पर असर पड़ा है। मार्च 2026 में गर्मियों के प्याज़ की कीमत ₹1,500 प्रति क्विंटल तक रह गई, जबकि लाल प्याज़ ₹1,417 प्रति क्विंटल में बिक रही थी। यह पिछले साल मार्च की तुलना में काफी गिरावट है, जब गर्मियों के प्याज़ ₹2,627 और लाल प्याज़ ₹3,101 प्रति क्विंटल बिक रहे थे। कीमतों में इस भारी गिरावट से किसान और ट्रेडर दोनों परेशान हैं। </p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय माल ढुलाई का खर्च भी तेज़ी से बढ़ा है। गल्फ़ देशों को भेजे जाने वाले कंटेनर चार्ज पहले $600-$700 के बीच थे, जो अब बढ़कर लगभग $6,500 हो गए हैं। इस बढ़ती लागत ने भारतीय प्याज़ को एक्सपोर्ट के लिहाज से महंगा कर दिया है। वहीं, यमन और मिस्र जैसे देश रोड ट्रांसपोर्ट के माध्यम से गल्फ़ मार्केट में कम रेट पर प्याज़ सप्लाई कर रहे हैं। इसका सीधा असर भारतीय प्याज़ की डिमांड पर पड़ा है। बाजार में सप्लाई बढ़ने के बावजूद कीमतें गिर रही हैं, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।</p>
<p>लासलगांव एपीएमसी के एक्सपोर्टर और ट्रेडर-डायरेक्टर प्रवीण कदम ने केंद्र सरकार से अपील की है कि बढ़ती ढुलाई लागत को कंट्रोल किया जाए और किसानों और व्यापारियों की मदद के लिए प्याज़ एक्सपोर्ट पर कम से कम 10 प्रतिशत सब्सिडी दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसान और व्यापारियों दोनों को राहत मिलेगी और भारतीय प्याज़ की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बनी रहेगी। कुल मिलाकर, अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे विवाद ने भारतीय प्याज़ एक्सपोर्ट को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।</p>
<p>कंटेनर चार्ज में भारी बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सस्ते विकल्प की वजह से लासलगांव मंडी में कीमतें गिर रही हैं। इस समय सरकार और एक्सपोर्टर्स के बीच सहयोग जरूरी है, ताकि किसान और व्यापारियों को राहत मिल सके और भारतीय प्याज़ की डिमांड बनाए रखी जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 16:57:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : युद्ध के बीच चीन से जहाजों पर लदकर आईं सुरंगें खोदने वाली मशीनें, अंडरग्राउंड दौड़ेगी बुलेट ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेेरिका-ईरान में चले रहे युद्ध के बीच भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पहुंच गई हैं। सुरंगें खोदने वाली हर मशीन करीब 2,000 टन की हैं। ये मशीनें जर्मन कंपनी हेरेनकनेक्ट  ने बनाई हैं, जिनका प्रोडॅक्शन चीन में गुआंगझू की फैक्ट्री में किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48763/amidst-the-mumbai-war-tunnel-digging-machines-came-loaded-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t104328.084.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अमेेरिका-ईरान में चले रहे युद्ध के बीच भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पहुंच गई हैं। सुरंगें खोदने वाली हर मशीन करीब 2,000 टन की हैं। ये मशीनें जर्मन कंपनी हेरेनकनेक्ट  ने बनाई हैं, जिनका प्रोडॅक्शन चीन में गुआंगझू की फैक्ट्री में किया गया है। इन मशीनों को चीन से भारत जहाजों के जरिये लाने में नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय को बीजिंग, बर्लिन से संपर्क साधना पड़ा और अरसे से कूटनीतिक बातचीत के बाद सरकार को ये बड़ी कामयाबी मिली है। इन मशीनों के आने से अब बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरा करने में तेजी आएगी। </p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई के नीचे चट्टान काटकर बनेगा अंडरग्राउंड टनल</strong><br />मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही ये मशीनें एक शहर के नीचे चट्टानों को काटकर अंडरग्राउंड टनल बना देंगी, जिससे होकर भारत की पहली बुलेट ट्रेन गुजरेगी। 13.56 डायमीटर वाली ये टनल बोरिंग मशीनें भारत की धरती पर अब तक की सबसे बड़ी मशीनें हैं।</p>
<p><strong>मुंबई के नीचे चट्टान काटकर बनेगा अंडरग्राउंड टनल</strong><br />मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही ये मशीनें एक शहर के नीचे चट्टानों को काटकर अंडरग्राउंड टनल बना देंगी, जिससे होकर भारत की पहली बुलेट ट्रेन गुजरेगी। 13.56 डायमीटर वाली ये टनल बोरिंग मशीनें भारत की धरती पर अब तक की सबसे बड़ी मशीनें हैं।<br />रिपोर्टों के अनुसार, इन मशीनों को लाने में भारत के कूटनीतिक संपर्कों का बड़ा इस्तेमाल हुआ है। नई दिल्ली, बीजिंग और बर्लिन के बीच कूटनीतिक प्रयास करने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय विदेश मंत्रालय 18 महीनों से लगा हुआ था, तब जाकर ये मशीनें चीन से भारत आ पाईं। </p>
<p><strong>मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किमी दौड़ेगी बुलेट ट्रेन</strong><br />रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुुलेट ट्रेन परियोजना के लिए मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल  का कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा होगा, जो महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर का करीब 323 किलोमीटर का हिस्सा तकरीबन पूरा हो चुका है। </p>
<p><strong>21 किलोमटर का अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनेगा</strong><br />हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सबसे ज्यादा तकनीकी हिस्सा अंडरग्राउंड वाला है, जो 21 किलोमीटर लंबा है।<br />यह मुंबई में बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स से नवीं मुंबई के शिलफाटा के बीच होगा।<br />यहां बेहद घनी आबादी और इन्फ्रास्ट्रक्चर है, ऐसे में इसे बनाना बेहद जटिल साबित हो रहा था।<br />मगर, अब इन टीबीएम मशीनों के आने से टनल बनाने का काम संभव हो पाएगा। </p>
<p><strong>कितना हो चुका है काम, कितना है बकाया</strong><br />इन 21 किलोमीटर की सुरंग में से 4.8 किमी का काम तो पूरा हो चुका है। इस हिस्से को न्यू ऑस्ट्रियाई टनलिंग मेथड यानी ड्रिल और ब्लास्ट के तरीके से बनाया गया है। बचा हुआ 15.5 किलोमीटर के हिस्से को बनाने के लिए इन TBM मशीनों की जरूरत थी।</p>
<p>एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त, 2027 तक चलने की उम्मीद है।<br />केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने बुलेट ट्रेन के लिए 7 नए कॉरिडोर का ऐलान किया था, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:44:49 +0530</pubDate>
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