<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/11977/last-many-years" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>last many years - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/11977/rss</link>
                <description>last many years RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पिछले कई सालों से कागजों पर लटकी ठाणे कोस्टल रोड परियोजना पर से टला ग्रहण... युद्धस्तर पर जल्द शुरू होगा काम </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[महानगरपालिका ने इस परियोजना में मैंग्रोव (कांदलवन) क्षेत्र से प्रभावित वन भूमि के बदले अब चंद्रपुर के एक गांव में 15 हेक्टेयर भूमि पर पुनर्रोपण किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर वन विभाग की सहमति के बाद अब महानगरपालिका प्रशासन ने भूमि हस्तांतरण और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे ठाणे बेसाइड रोड की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है जो कई वर्षों से कागजों पर सिमटी कोस्टल परियोजना का काम अगले कुछ महीनों में शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/18105/eclipse-postponed-on-thane-coastal-road-project-hanging-on-papers-for-last-many-years----work-will-start-soon-on-war-footing"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-02/image.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ठाणे : </strong>पिछले कई सालों से कागजों पर लटकी कोस्टल रोड परियोजना में आ रही बाधाएं अब दूर हो गई है। महानगरपालिका ने इस परियोजना में मैंग्रोव (कांदलवन) क्षेत्र से प्रभावित वन भूमि के बदले अब चंद्रपुर के एक गांव में 15 हेक्टेयर भूमि पर पुनर्रोपण किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर वन विभाग की सहमति के बाद अब महानगरपालिका प्रशासन ने भूमि हस्तांतरण और अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे ठाणे बेसाइड रोड की एक बड़ी बाधा दूर हो गई है जो कई वर्षों से कागजों पर सिमटी कोस्टल परियोजना का काम अगले कुछ महीनों में शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ठाणे के गायमुख-खारेगाव कोस्टल रोड को लेकर पिछले कई सालों से चर्चा चल रही है। अब इस मार्ग में आने वाले बाधाएं खत्म होती नजर आ रही थी। क्योंकि पिछले साल ही महानगरपालिका द्वारा इस कार्य की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई थी और इस पर 1200 करोड़ की लागत का अनुमान है।  इसे एमएमआरडीए द्वारा निधि उपलब्ध कराया जाने वाला है। यह तटीय सड़क 13 किमी लंबी है और इसकी चौड़ाई 45 मीटर होगी। यह सड़क 5.5 किमी की दुरी एलिवेटेड अर्थात उन्नति मार्ग का होगा। चूंकि, यह तटीय सड़क सीआरजेड क्षेत्र से होकर गुजरती है, इसलिए उस हिस्से में एलिवेटेड मार्ग का निर्माण किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि क्षेत्र में 450 मीटर लंबी सड़क भूमिगत होगी ताकि रक्षा बलों के अकबर शिविर के सुरक्षा मानदंडों में हस्तक्षेप न हो। इस बीच, बाधाओं को दूर करने के लिए एक सलाहकार नियुक्त किया गया था। इस सलाहकार द्वारा किए गए सर्वेक्षण के लिए पर्यावरण विभाग की अनुमति की आवश्यकता होती है। साथ ही वन विभाग और अन्य विभागों के पास मंजूरी के लिए प्रस्ताव भी जमा कराये जायेंगे। तदनुसार 1316.18 करोड़ रुपए की संशोधित परियोजना रिपोर्ट एमएमआरडीए को पहले ही सौंपा जा चुका है। <br /><br />घोड़बंदर रोड के समानांतर खारेगांव-गायमुख कोस्टल रोड होने से घोड़बंदर रोड पर भारी ट्रैफिक से राहत मिलेगी। चूंकि सभी भारी वाहन मुंबई, गुजरात, नासिक और अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए घोड़बंदर मार्ग का उपयोग करते हैं, इस स्थान पर बहुत बड़ा ट्रैफिक जाम होता है। कोस्टल रोड बनने के बाद वाहन चालकों को इस परेशानी से निजात मिल जाएगी। <br /><br />डीपीआर के अनुसार 13 किमी तटीय सड़क होगी और इस सड़क की चौड़ाई 40 से 45 मीटर होगी। जैसे ही 5.5 किमी सड़क सीआरजेड से होकर गुजरती है, तो इसे एलिवेटेड कर दिया जाएगा। अकबर कैंप में रक्षा विभाग के निर्देशन में 450 मीटर लंबी भूमिगत सड़क का निर्माण किया जाएगा। कोलशेत, वाघबिल, पातलीपाडा और चार अन्य स्थानों पर कोस्टल रोड पर प्रवेश और निकास प्रदान किया जाएगा। भिवंडी में एक बड़ा वाहन पार्किंग स्थल का निर्माण किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">एमएमआरडीए ने इस परियोजना के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया और पर्यावरण मंजूरी लेने का निर्देश दिया है। इस आदेश के अनुसार महानगरपालिका ने इन विभागों से आवश्यक स्वीकृति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। ऐसे में महानगरपालिका ने पहले गढ़चिरौली, सतारा, पालघर जिलों के कुछ वन क्षेत्र को विकल्प के रूप में आगे लाया था। क्योंकि ये स्थल वनीकरण के लिए उपयुक्त नहीं थे इसलिए वन विभाग ने इन स्थलों के प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया था। उसके बाद, महानगरपालिका ने चंद्रपुर जिले में एक साइट की तलाश की और वन विभाग को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। जिसे अब वन विभाग ने इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है और कोस्टल परियोजना के निर्माण में एक एक बड़ी बाधा को दूर कर दिया गया है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/18105/eclipse-postponed-on-thane-coastal-road-project-hanging-on-papers-for-last-many-years----work-will-start-soon-on-war-footing</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/18105/eclipse-postponed-on-thane-coastal-road-project-hanging-on-papers-for-last-many-years----work-will-start-soon-on-war-footing</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Feb 2023 11:24:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-02/image.jpg"                         length="125741"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        