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                <title>refuses - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>refuses RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई हिट-एंड-रन मामला 2024 : जब्त बीएमडब्ल्यू लौटाने से अदालत ने किया मना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना के पूर्व नेता राजेश शाह के बेटे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2024 के हिट-एंड-रन हादसे में शामिल बीएमडब्ल्यू कार वापस करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह महंगी गाड़ी “हथियार” की तरह इस्तेमाल की गई थी और इसके दोबारा दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49472/mumbai-hit-and-run-case-2024-court-refuses-to-return-seized-bmw"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-25t133342.384.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना के पूर्व नेता राजेश शाह के बेटे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2024 के हिट-एंड-रन हादसे में शामिल बीएमडब्ल्यू कार वापस करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह महंगी गाड़ी “हथियार” की तरह इस्तेमाल की गई थी और इसके दोबारा दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। </p>
<p> </p>
<p>यह बीएमडब्ल्यू कार कथित रूप से राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह चला रहा था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। यह हादसा सात जुलाई 2024 को हुआ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल डी सालुंखे ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया वाहन का उपयोग “हथियार की तरह” किया गया और इसके पुनः उपयोग या दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p>मिहिर शाह (24) को घटना के तीन दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उसने वर्ली इलाके में अपनी बीएमडब्ल्यू कार से एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे 45 वर्षीय महिला कावेरी नाखवा की मौत हो गई, जबकि उनके पति प्रदीप घायल हो गए।</p>
<p>पुलिस ने इस दुर्घटना की जांच के तहत कार को जब्त कर लिया था। मिहिर शाह ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्हें यह कार व्यवसाय और पारिवारिक उपयोग के लिए चाहिए। शाह के वकील ने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है और वाहन के मूल मालिक को इसे शाह परिवार को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।</p>
<p>अभियोजन पक्ष ने हालांकि आशंका जताई कि कार लौटाए जाने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना हो सकती है। लोक अभियोजक अश्विनी रायकर ने तर्क दिया कि यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना का मामला नहीं, बल्कि गंभीर घटना है, जिसमें आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) सहित मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने कहा कि आरोपी जुलाई 2024 से न्यायिक हिरासत में है और गंभीर आरोपों के चलते उसे अब तक जमानत नहीं मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 13:34:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49166/refuses-to-criminalize-looking-at-and-staring-at-mumbai-womans"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t131948.232.jpg" alt=""></a><br /><p><br /><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। </p>
<p> </p>
<p><strong>दफ्तर के माहौल का किया जिक्र</strong><br />हाईकोर्ट के जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि यह प्रावधान ताक-झांक के अपराध को परिभाषित करता है और उसके लिए सजा तय करता है। इसमें किसी महिला को कोई निजी काम करते हुए देखना, उसकी तस्वीरें लेना या उन्हें फैलाना शामिल है, जब उसे यह उम्मीद हो कि उसकी निजता बनी रहेगी। यह उन स्थितियों पर लागू होता है जहां शरीर के निजी अंग खुले हों, कोई महिला शौचालय का इस्तेमाल कर रही हो, या कोई ऐसा कृत्य कर रही हो जो आमतौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं किया जाता। दफ्तर के माहौल में घूरना इस श्रेणी में नहीं आता।</p>
<p><strong>बीमा एक्जीक्यूटिव को बड़ी राहत</strong><br />कोर्ट ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने एक बीमा कंपनी के एग्जीक्यूटिव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून के शब्दों का मतलब उनके सीधे-सादे अर्थ से ज़्यादा नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को आगे बढ़ाना कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। गौरतलब हो कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मीटिंग के दौरान आरोपी उससे नजरें नहीं मिलाता था, बल्कि उसके शरीर के अंगों को घूरता था और गलत टिप्पणियां करता था। कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति ने पहले ही इस मामले में आरोपी को बरी कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:20:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : मीरा रोड में खौफनाक वारदात, शारीरिक संबंध बनाने से किया इनकार तो मेड की ले ली जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मीरा रोड इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. साईबाबा नगर स्थित चंद्रेश एकॉर्ड्स बिल्डिंग में 36 वर्षीय एक घरेलू कामगार महिला की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई. हत्या का कारण महिला द्वारा शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना बताया जा रहा है. काशीमीरा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 5 विशेष टीमों का गठन किया है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48743/horrible-incident-in-mira-road-mumbai-maid-took-life-when"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-27t122641.017.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मीरा रोड इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. साईबाबा नगर स्थित चंद्रेश एकॉर्ड्स बिल्डिंग में 36 वर्षीय एक घरेलू कामगार महिला की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी गई. हत्या का कारण महिला द्वारा शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना बताया जा रहा है. काशीमीरा पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 5 विशेष टीमों का गठन किया है. </p>
<p> </p>
<p><strong>शारीरिक संबंध का दबाव और काम छोड़ना</strong><br />मृतक महिला की पहचान सुमन कांबले (36) के रूप में हुई है. वह काशीमीरा इलाके में अपने पति और चार बच्चों के साथ रहती थी और लोगों के घरों में काम करके अपने परिवार का पेट पालती थी. पुलिस के मुताबिक, जिस घर में यह वारदात हुई, वहां रहने वाला 42 वर्षीय आरोपी पिछले करीब एक महीने से सुमन पर शारीरिक संबंध बनाने का लगातार दबाव बना रहा था. सुमन ने इसका कड़ा विरोध किया और अपने परिवार को भी इस प्रताड़ना के बारे में बताया. बात न मानने पर सुमन ने आरोपी के बड़े भाई से उसकी शिकायत की और उस घर में काम करना छोड़ दिया.</p>
<p><strong>घात लगाए बैठा था हत्यारा </strong></p>
<p>सुमन के काम छोड़ने के कुछ दिन बाद आरोपी के बड़े भाई ने उससे दोबारा काम पर आने की गुजारिश की. उसने सुमन को भरोसा दिलाया कि उसका छोटा भाई (आरोपी) अब उस घर में नहीं रहता है. इसी भरोसे पर सुमन बुधवार शाम करीब 6:30 बजे फिर से काम पर पहुंची. लेकिन, पुलिस के अनुसार आरोपी उसी दौरान घर पर मौजूद था और घात लगाए बैठा था. मौका मिलते ही उसने सुमन पर चाकू से कई ताबड़तोड़ वार किए और वहां से फरार हो गया. <br /><br /></p>
<p><strong>दरवाजे तक संघर्ष करती रही सुमन</strong><br />गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ सुमन अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते हुए किसी तरह दरवाजे तक पहुंची. पड़ोसियों ने जब उसे इस भयानक हालत में देखा, तो तुरंत आसपास के लोगों को इकट्ठा कर उसे अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, गहरे घावों और अत्यधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. </p>
<p><strong>पुलिस की 5 टीमें कर रहीं तलाश</strong><br />घटना की सूचना मिलते ही काशीमीरा पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की. पुलिस की शुरुआती जांच में बड़े भाई की इस साजिश में कोई भूमिका सामने नहीं आई है. पिछले दो दिनों में दोनों भाइयों के बीच कोई फोन कॉल भी नहीं हुआ था. पुलिस ने बड़े भाई का बयान  दर्ज कर लिया है. <br />फिलहाल हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी के भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की सघन जांच की जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 12:27:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मेयर रितू तावडे को झटका, कोर्ट ने केस से बरी करने से किया इनकार, जानिए पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी की नई मेयर और बीजेपी नगरसेवक रितु तावडे को मुंबई की कोर्ट से झटका लगा है। सेशन कोर्ट ने 2 टीचरों पर हमले के आरोपों का सामना कर रही तावडे को आपराधिक केस से बरी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने माना है कि विक्टिम और गवाहों के बयान आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं। मामले से जुड़ा विवाद टीचर के ट्रांसफर को लेकर पैदा हुआ था। झगड़े के दौरान तावडे ने टीचरों के साथ मारपीट की थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48553/shock-to-mumbai-mayor-ritu-tawde-court-refuses-to-acquit"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-19t183445.778.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी की नई मेयर और बीजेपी नगरसेवक रितु तावडे को मुंबई की कोर्ट से झटका लगा है। सेशन कोर्ट ने 2 टीचरों पर हमले के आरोपों का सामना कर रही तावडे को आपराधिक केस से बरी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने माना है कि विक्टिम और गवाहों के बयान आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त हैं। मामले से जुड़ा विवाद टीचर के ट्रांसफर को लेकर पैदा हुआ था। झगड़े के दौरान तावडे ने टीचरों के साथ मारपीट की थी।</p>
<p> </p>
<p><strong>टीचर ट्रांसफर का विवाद</strong><br />यह घटना 29 जुलाई 2016 को वाकोला स्थित उर्दू मीडियम स्कूल में हुई थी। मामले से जुड़ा विवाद टीचर के ट्रांसफर को लेकर पैदा हुआ था। झगड़े के दौरान तावडे ने टोचरों के साथ मारपीट की थी। अडिशनल सेशन जज वाईपी मंथाका ने केस के तथ्यों के मद्देनजर तावडे को राहत देने से इनकार कर दिया।</p>
<p><strong>दो टीचर्स को थप्पड़ मारने का आरोप</strong><br />अभियोजन पक्ष के मुताबिक, कैंसर से जूझ रही महिला के तबादले के चलते तनावपूर्ण स्थित पैदा हुई थी। इस बीच तावडे की 6 लोगों के साध स्कूल प्रबंधन के साथ पहले तीखी बहस हुई थी। इस दौरान कथित रूप से तावडे ने 2 टीचर के साथ असभ्य भाषा में बात की थी और उन्हें थप्पड़ मारा था।</p>
<p><strong>13 दिन बाद ऋतु तावडे पर हुई थी एफआईआर</strong><br />घटना के 13 दिन बाद केस को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। वहीं, केस से बरी करने के आवेदन में रितू तावडे ने दावा किया था कि उनका इस मामले से संबंध नही था। उन पर लगे आरोप अस्पष्ट थे। घटनास्थल पर उनकी उपस्थिति संयोगवश थी। स्कूल ने प्रचार पाने के लिए उनके खिलाफ शिकायत की थी। उन्हें झूठे केस में फंसाने का प्रयास किया गया था।</p>
<p><strong>सरकारी वकील ने किया था आवेदन का विरोध</strong><br />सरकारी चकील ने आवेदन का विरोध किया। उन्होंने कहा, इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। स्कूल वह स्थान होता है, जहां स्टूडेंट को सीख मिलती है। इस लिहाज से आरोपी के आचरण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इन दलीलों के मह्देनजर जज ने कहा, केस के विक्टिम ने आरोपी का नाम लिया है। आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने के लिए गवाह के बयान पर्याप्त है। यह टिप्पणी कर जज ने आरोपी को केस से आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 18:35:46 +0530</pubDate>
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