<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/11747/refuses" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>refuses - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/11747/rss</link>
                <description>refuses RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: शिवाजी पार्क में उद्धव को दशहरा रैली के लिए बीएमसी से मिली मंजूरी, शिंदे की पार्टी ने नहीं दी अर्जी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में इस बार भी शिवसेना (यूबीटी) की ही दशहरा रैली होगी। बीएमसी ने 20 अक्टूबर को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए उद्धव ठाकरे गुट को हरी झंडी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में रैली करने के लिए किसी भी दूसरी पार्टी ने अर्जी नहीं दी थी, इसलिए बीएमसी ने आसानी से इसकी इजाजत दे दी। उद्धव गुट ने इस बार कोई रिस्क न लेते हुए दो महीने पहले ही बीएमसी में परमिशन के लिए एप्लीकेशन दे दी थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51827/manoj-jarange-patil-made-serious-allegations-that-a-conspiracy-was"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-14t111409.170.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में इस बार भी शिवसेना (यूबीटी) की ही दशहरा रैली होगी। बीएमसी ने 20 अक्टूबर को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए उद्धव ठाकरे गुट को हरी झंडी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में रैली करने के लिए किसी भी दूसरी पार्टी ने अर्जी नहीं दी थी, इसलिए बीएमसी ने आसानी से इसकी इजाजत दे दी। उद्धव गुट ने इस बार कोई रिस्क न लेते हुए दो महीने पहले ही बीएमसी में परमिशन के लिए एप्लीकेशन दे दी थी।</p>
<p> </p>
<p>दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने इस साल शिवाजी पार्क के लिए कोई आवेदन ही नहीं किया था। इससे शिवाजी पार्क में रैली को लेकर दोनों गुटों के बीच होने वाला सीधा टकराव टल गया है। शिंदे गुट इस बार अपनी दशहरा रैली दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में करने की तैयारी कर रहा है। अगर उस दौरान बारिश होती है, तो कार्यक्रम को गोरेगांव के नेस्को में शिफ्ट किया जा सकता है। इससे पहले शिवाजी पार्क को लेकर दोनों गुटों में काफी खींचतान देखी गई थी, लेकिन बाद में शिंदे गुट ने अपने कदम पीछे खींच लिए थे और 2023 के बाद से वहां के लिए कोई अर्जी नहीं लगाई है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि दोनों ही रैलियां एक ही समय पर शुरू और खत्म होंगी। सुप्रीम कोर्ट में असली शिवसेना के नाम और चुनाव निशान को लेकर चल रही लड़ाई के बीच, दोनों नेता मंच से एक-दूसरे पर तीखे हमले करेंगे। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे, दोनों ही अपनी-अपनी रैलियों में मुख्य वक्ता होंगे और खुद को असली शिवसेना बताएंगे। इन रैलियों में बीजेपी, कांग्रेस या एनसीपी जैसी सहयोगी पार्टियों के किसी भी बड़े नेता के शामिल होने या भाषण देने की संभावना नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51827/manoj-jarange-patil-made-serious-allegations-that-a-conspiracy-was</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51827/manoj-jarange-patil-made-serious-allegations-that-a-conspiracy-was</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:15:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-14t111409.170.jpg"                         length="9281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र : मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन को मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से किया इनकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आजाद मैदान में 19 सितंबर से आमरण अनशन करने की अनुमति मनोज जरांगे पाटील ने मांगी थी, जिसे मुंबई पुलिस ने खारिज कर दिया है। आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51825/maharashtra-mumbai-police-denies-permission-to-manoj-jarange-patils-movement"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-14t105632.515.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आजाद मैदान में 19 सितंबर से आमरण अनशन करने की अनुमति मनोज जरांगे पाटील ने मांगी थी, जिसे मुंबई पुलिस ने खारिज कर दिया है। आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।</p>
<p> </p>
<p>इन सभी कारणों के चलते पुलिस ने आजाद मैदान में 19 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।  इससे पहले मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने ये धमकी दी थी कि अगर 12 सितंबर तक मांगें नहीं मानीं तो मुंबई कूच करेंगे। </p>
<p><strong>कौन हैं मनोज जरांगे पाटील?</strong><br />मनोज जरांगे पाटील महाराष्ट्र के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह लंबे समय से मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं और आंदोलन भी करते आए हैं। उन्होंने कई बार आमरण अनशन भी किया है और सरकारों पर प्रेशर बनाया है। हालांकि वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाना है। वह अपने इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए एक बार फिर मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करना चाहते हैं लेकिन मुंबई पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51825/maharashtra-mumbai-police-denies-permission-to-manoj-jarange-patils-movement</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51825/maharashtra-mumbai-police-denies-permission-to-manoj-jarange-patils-movement</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 10:57:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/images---2026-09-14t105632.515.jpg"                         length="32650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई हिट-एंड-रन मामला 2024 : जब्त बीएमडब्ल्यू लौटाने से अदालत ने किया मना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना के पूर्व नेता राजेश शाह के बेटे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2024 के हिट-एंड-रन हादसे में शामिल बीएमडब्ल्यू कार वापस करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह महंगी गाड़ी “हथियार” की तरह इस्तेमाल की गई थी और इसके दोबारा दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49472/mumbai-hit-and-run-case-2024-court-refuses-to-return-seized-bmw"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-25t133342.384.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना के पूर्व नेता राजेश शाह के बेटे की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें 2024 के हिट-एंड-रन हादसे में शामिल बीएमडब्ल्यू कार वापस करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि यह महंगी गाड़ी “हथियार” की तरह इस्तेमाल की गई थी और इसके दोबारा दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। </p>
<p> </p>
<p>यह बीएमडब्ल्यू कार कथित रूप से राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह चला रहा था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। यह हादसा सात जुलाई 2024 को हुआ था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल डी सालुंखे ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया वाहन का उपयोग “हथियार की तरह” किया गया और इसके पुनः उपयोग या दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।</p>
<p>मिहिर शाह (24) को घटना के तीन दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उसने वर्ली इलाके में अपनी बीएमडब्ल्यू कार से एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे 45 वर्षीय महिला कावेरी नाखवा की मौत हो गई, जबकि उनके पति प्रदीप घायल हो गए।</p>
<p>पुलिस ने इस दुर्घटना की जांच के तहत कार को जब्त कर लिया था। मिहिर शाह ने अपनी याचिका में कहा था कि उन्हें यह कार व्यवसाय और पारिवारिक उपयोग के लिए चाहिए। शाह के वकील ने दलील दी कि जांच पूरी हो चुकी है, आरोप-पत्र दाखिल किया जा चुका है और वाहन के मूल मालिक को इसे शाह परिवार को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।</p>
<p>अभियोजन पक्ष ने हालांकि आशंका जताई कि कार लौटाए जाने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना हो सकती है। लोक अभियोजक अश्विनी रायकर ने तर्क दिया कि यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना का मामला नहीं, बल्कि गंभीर घटना है, जिसमें आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) सहित मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने कहा कि आरोपी जुलाई 2024 से न्यायिक हिरासत में है और गंभीर आरोपों के चलते उसे अब तक जमानत नहीं मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49472/mumbai-hit-and-run-case-2024-court-refuses-to-return-seized-bmw</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49472/mumbai-hit-and-run-case-2024-court-refuses-to-return-seized-bmw</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 13:34:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-25t133342.384.jpg"                         length="8561"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : महिला के शरीर को देखने और घूरने को अपराध मानने से इंकार  - बॉम्बे हाईकोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49166/refuses-to-criminalize-looking-at-and-staring-at-mumbai-womans"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t131948.232.jpg" alt=""></a><br /><p><br /><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना अनैतिक व्यवहार है, लेकिन यह 'ताक-झांक' का अपराध नहीं है, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में यह बात कही।जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि ऐसे काम नैतिक रूप से गलत हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 354C के तहत कानूनी मानदंडों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना 'ताक-झांक' नहीं है। हाईकोर्ट की इस फैसले एक नई चर्चा छिड़ी है। दरअसल घूरने को भी मोटे तौर पर अपराध मान लिया जाता है। </p>
<p> </p>
<p><strong>दफ्तर के माहौल का किया जिक्र</strong><br />हाईकोर्ट के जस्टिस अमित बोरकर ने कहा कि यह प्रावधान ताक-झांक के अपराध को परिभाषित करता है और उसके लिए सजा तय करता है। इसमें किसी महिला को कोई निजी काम करते हुए देखना, उसकी तस्वीरें लेना या उन्हें फैलाना शामिल है, जब उसे यह उम्मीद हो कि उसकी निजता बनी रहेगी। यह उन स्थितियों पर लागू होता है जहां शरीर के निजी अंग खुले हों, कोई महिला शौचालय का इस्तेमाल कर रही हो, या कोई ऐसा कृत्य कर रही हो जो आमतौर पर सार्वजनिक रूप से नहीं किया जाता। दफ्तर के माहौल में घूरना इस श्रेणी में नहीं आता।</p>
<p><strong>बीमा एक्जीक्यूटिव को बड़ी राहत</strong><br />कोर्ट ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने एक बीमा कंपनी के एग्जीक्यूटिव के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून के शब्दों का मतलब उनके सीधे-सादे अर्थ से ज़्यादा नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले को आगे बढ़ाना कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। गौरतलब हो कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मीटिंग के दौरान आरोपी उससे नजरें नहीं मिलाता था, बल्कि उसके शरीर के अंगों को घूरता था और गलत टिप्पणियां करता था। कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति ने पहले ही इस मामले में आरोपी को बरी कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49166/refuses-to-criminalize-looking-at-and-staring-at-mumbai-womans</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49166/refuses-to-criminalize-looking-at-and-staring-at-mumbai-womans</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:20:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-13t131948.232.jpg"                         length="13346"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        