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                <title>stones - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>stones RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: संजय निरुपम की गाड़ी पर पथराव, MNS कार्यकर्ता बोले-'गो बैक'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में एक बार फिर 'मराठी बनाम हिंदी' भाषा का विवाद गहरा गया है. मुंबई के दहिसर इलाके में उस समय भारी बवाल हो गया जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ऑटो चालकों से संवाद करने पहुंचे थे. वहां पहले से मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने निरुपम का कड़ा विरोध करते हुए उनकी गाड़ी पर पथराव किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49468/mumbai-mns-workers-pelted-stones-at-sanjay-nirupams-car-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-25t132623.954.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>मुंबई में एक बार फिर 'मराठी बनाम हिंदी' भाषा का विवाद गहरा गया है. मुंबई के दहिसर इलाके में उस समय भारी बवाल हो गया जब शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ऑटो चालकों से संवाद करने पहुंचे थे. वहां पहले से मौजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने निरुपम का कड़ा विरोध करते हुए उनकी गाड़ी पर पथराव किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की. </p>
<p> </p>
<p><strong>विवाद की जड़: ऑटो चालकों के लिए मराठी की अनिवार्यता</strong><br />इस पूरे विवाद की शुरुआत शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के एक आदेश से हुई है. सरनाईक ने निर्देश दिया है कि 1 मई से मुंबई से सटे मीरा-भायंदर क्षेत्र में सभी ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा बोलना, लिखना और पढ़ना अनिवार्य होगा. संजय निरुपम ने अपनी ही पार्टी के मंत्री के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे 'परप्रांतीय' चालकों के साथ अन्याय बताया है.  </p>
<p>संजय निरुपम जब दहिसर में रिक्शा चालकों से मिलने पहुंचे, तो MNS कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया. नारेबाजी और हमला: "निरुपम गो बैक" और "एक ही भाषा, मराठी भाषा" के नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने निरुपम की कार के टायर की हवा निकाल दी और वाहन पर पथराव किया.<br />पुलिस की कार्रवाई: स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद संजय निरुपम को सुरक्षित मौके से बाहर निकाला.</p>
<p><strong>11 पदाधिकारियों पर FIR, MNS ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी</strong><br />पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए MNS के महासचिव नयन कदम और शहर उपाध्यक्ष कुणाल माईनकर को हिरासत में ले लिया है. कुल 11 पदाधिकारियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. </p>
<p>दूसरी ओर, MNS ने पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव में आकर कार्रवाई की गई, तो पूरी मुंबई में तीव्र आंदोलन किया जाएगा. MNS की मांग है कि पुलिस पहले संजय निरुपम के खिलाफ मामला दर्ज करे, क्योंकि वे सरकारी नियमों का विरोध कर रहे हैं. </p>
<p><strong>शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर का अंतर्विरोध उजागर</strong><br />इस घटना ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी के भीतर चल रहे वैचारिक मतभेद को भी सतह पर ला दिया है. एक ओर मंत्री प्रताप सरनाईक 'मराठी कार्ड' के जरिए स्थानीय अस्मिता पर जोर दे रहे हैं, वहीं संजय निरुपम उत्तर भारतीय और अन्य राज्यों के प्रवासियों के हितों की वकालत कर रहे हैं. फिलहाल दहिसर और आसपास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है. पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके.</p>
<p><strong>संजय न‍िरुपम ने ल‍िखा पत्र </strong><br />न्‍यूज एजेंसी IANS से बातचीत में शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम कहते हैं, "सबसे पहले, मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं और मैंने अपने पत्र में भी यह लिखा है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा का सम्मान किया जाना चाहिए। राज्य सरकार का यह आग्रह है कि महाराष्ट्र में रहने वाला हर व्यक्ति मराठी भाषा का सम्मान करे, उसे बोलने में सक्षम हो और उसे समझे। यह बात बिल्कुल सही है; यह सरकार, पार्टी और मेरा अपना निजी मत भी है..."</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 13:29:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : गोराई बीच पर एक बार फिर कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला; अवैध रूप से घोड़ागाड़ी और बैलगाड़ी की रेस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के गोराई बीच पर एक बार फिर कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा स्पष्ट प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद यहां अवैध रूप से घोड़ागाड़ी और बैलगाड़ी की रेस आयोजित की गई। हैरानी की बात यह रही कि समुद्र किनारे हजारों लोगों की मौजूदगी में यह रेस कराई गई, जबकि इस दौरान सट्टेबाजी होने की भी आशंका जताई जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49079/once-again-a-case-of-blatant-flouting-of-law-illegal"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(100).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई के गोराई बीच पर एक बार फिर कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा स्पष्ट प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद यहां अवैध रूप से घोड़ागाड़ी और बैलगाड़ी की रेस आयोजित की गई। हैरानी की बात यह रही कि समुद्र किनारे हजारों लोगों की मौजूदगी में यह रेस कराई गई, जबकि इस दौरान सट्टेबाजी होने की भी आशंका जताई जा रही है।</p>
<p> </p>
<p>बताया जा रहा है कि गोराई बीच पर कुछ लोगों ने गुपचुप तरीके से घोड़ागाड़ी और बैलगाड़ी की रेस का आयोजन किया। सुबह-सुबह शुरू हुई इस रेस को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग बीच पर जमा हो गए। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे इलाके में शोर-शराबे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घोड़ों और बैलों को तेज दौड़ाने के लिए उन्हें चाबुक से बेरहमी से मारा जा रहा है। रेस के दौरान तेज रफ्तार से दौड़ती गाड़ियों के आसपास मोटरसाइकिलें और लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। ऐसे हालात में किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध आयोजन चलता रहा।</p>
<p>इस पूरे मामले की शिकायत समाजसेविका पल्लवी पाटील ने गोराई पुलिस थाने में दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आयोजकों और रेस में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रेस का आयोजन करने वाले और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस उस वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है, जिसमें घोड़े और बैलगाड़ियों को बेरहमी से दौड़ाया जाता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में तेज रफ्तार में दौड़ती गाड़ियों के आसपास लोगों और मोटरसाइकिलों की भीड़ भी दिखाई दे रही है, जिससे यह साफ होता है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा के किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:19:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : चलती लोकल ट्रेन में पथराव; 28 वर्षीय युवती घायल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उपनगरीय लोकल ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में रे रोड रेलवे स्टेशन के पास एक चलती लोकल ट्रेन में हुए पथराव में 28 वर्षीय एक युवती घायल हो गई। यह एक ही हफ्ते में इस तरह की तीसरी घटना है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पीड़ित युवती परेल की निवासी है और एक निजी कंपनी में काम करती है। शुक्रवार शाम को उसने सीएसएमटी-गोरेगांव हार्बर मार्ग की धीमी लोकल पकड़ी थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44266/mumbai--stones-pelted-at-moving-local-train--28-year-old-woman-injured"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/images---2025-09-29t114559.835.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>उपनगरीय लोकल ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में रे रोड रेलवे स्टेशन के पास एक चलती लोकल ट्रेन में हुए पथराव में 28 वर्षीय एक युवती घायल हो गई। यह एक ही हफ्ते में इस तरह की तीसरी घटना है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पीड़ित युवती परेल की निवासी है और एक निजी कंपनी में काम करती है। शुक्रवार शाम को उसने सीएसएमटी-गोरेगांव हार्बर मार्ग की धीमी लोकल पकड़ी थी। वह मोटरमैन के पास वाली महिला बोगी में यात्रा कर रही थी। जब ट्रेन रे रोड स्टेशन पहुंची, तो वह कॉटन ग्रीन पर उतरने के लिए दरवाजे के पास खड़ी हो गई। तभी अचानक एक पत्थर उसकी तरफ फेंका गया और उसके सिर पर जा लगा। इस घटना के बाद कॉटन ग्रीन स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने उसे प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उसे आगे के इलाज के लिए केईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद महिला यात्री वडाला रेलवे पुलिस स्टेशन गई और उसने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। </p>
<p> </p>
<p>वडाला रेलवे पुलिस ने बताया कि उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। मुंबई लोकल ट्रेनों पर पथराव से घायल हो रही यात्री ध्‍यान रहे, मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में रोजाना लाखों यात्री यात्रा करते हैं। लेकिन कुछ हिस्सों में होने वाली पथराव की इन घटनाओं से यात्रियों को गंभीर चोटें आ रही हैं, जिनमें कई लोगों को सिर या आंखों में चोट लगने के मामले दर्ज किए गए हैं। एक सप्‍ताह में हुई ये तीसरी घटना यह घटना शिवड़ी और वडाला रेलवे स्टेशनों के पास चलती लोकल पर हुए पथराव की पिछली दो घटनाओं के ठीक बाद हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरी है। 18 सितंबर को पथराव में महिला हुई थीं जख्‍मी पहली घटना 18 सितंबर 2025 को हुई थी, जब वडाला पूर्व की रहने वाली 39 वर्षीय अनुराधा साव पर शिवड़ी स्टेशन पार करने के बाद पत्थर फेंका गया। पत्थर पहले उनके मोबाइल पर लगा और फिर उनकी बाईं आंख पर। उन्हें लोकमान्य तिलक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।</p>
<p>22 सितंबर की महिला हुईं थी जख्‍मी दूसरी घटना 22 सितंबर 2025 को वडाला रेलवे स्टेशन के पास हुई। 21 वर्षीय हर्षदा पवार अपनी ऑफिस से लौट रही थीं और भीड़ के कारण ट्रेन के फुटबोर्ड पर खड़ी थीं। कॉटन ग्रीन और रे रोड स्टेशनों के बीच अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेंका गया पत्थर उनके चेहरे पर लगा, जिससे वे घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में उपचार मिला।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 11:46:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>चंद्रपुर : चिमूर कस्बे में दो बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म; थाने पर पथराव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के चिमूर कस्बे में दो बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। जैसे ही इस बर्बर घटना की खबर फैली, क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और सैकड़ों लोग इंसाफ की मांग को लेकर चिमूर पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। जानकारी के अनुसार, 10 और 12 वर्ष की दो मासूम बच्चियों के साथ दो आरोपियों रसीद रुस्तम शेख और नसीर वजीर शेख ने दो महीनों तक घिनौनी हरकत की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39894/chandrapur--two-girls-raped-in-chimur-town--stones-pelted-at-police-station"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/new-project-2025-04-17t122145.146_2025041441456.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चंद्रपुर : </strong>महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के चिमूर कस्बे में दो बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। जैसे ही इस बर्बर घटना की खबर फैली, क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और सैकड़ों लोग इंसाफ की मांग को लेकर चिमूर पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। जानकारी के अनुसार, 10 और 12 वर्ष की दो मासूम बच्चियों के साथ दो आरोपियों रसीद रुस्तम शेख और नसीर वजीर शेख ने दो महीनों तक घिनौनी हरकत की। जब यह बात उजागर हुई, तो जनभावनाएं उबाल पर आ गईं। "बेटियों के गुनहगारों को फांसी दो" जैसे नारों के बीच भीड़ ने थाने पर पथराव किया।</p>
<p> </p>
<p>पथराव के दौरान थाने की खिड़की के शीशे टूट गए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस घटना में एक महिला पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड घायल हो गए। पुलिस ने बाद में इस हिंसक प्रदर्शन में शामिल लगभग 20 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।  हालांकि पुलिस ने आरोपियों को उसी रात गिरफ्तार कर लिया और उन्हें अदालत में पेश कर एक दिन की पुलिस कस्टडी (पीसीआर) ली गई, फिर भी स्थानीय लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों को जनता के हवाले किया जाए और त्वरित न्याय के तहत उन्हें फांसी दी जाए। </p>
<p>घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और फोटो के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान शुरू कर दी है। जिन 20 से ज्यादा नागरिकों पर मामला दर्ज हुआ है, उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 189(2), 191(2), 195(1), 329(4), 121(1), 130 सहित कई धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति क्षति अधिनियम, 1984 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 14:19:26 +0530</pubDate>
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