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                <title>ago - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी घुसपैठिया अरेस्ट, 10 साल पहले वाया बंगाल आया था भारत </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मुंबई से 36 वर्षीय एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर फर्जी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट के जरिए यात्रा करने का आरोप है। आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में हुई है। आव्रजन अधिकारियों को उसके भारतीय पासपोर्ट पर उस समय शक हुआ, जब उन्होंने पाया कि उसका बोलने का लहजा बांग्लादेश में बोली जाने वाली भाषा से काफी मिलता-जुलता था। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50986/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A4%88---%E0%A4%8F%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A5%81%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F--10-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%C2%A0"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-28t132041.100.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मुंबई से 36 वर्षीय एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। उस पर फर्जी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट के जरिए यात्रा करने का आरोप है। आरोपी की पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में हुई है। आव्रजन अधिकारियों को उसके भारतीय पासपोर्ट पर उस समय शक हुआ, जब उन्होंने पाया कि उसका बोलने का लहजा बांग्लादेश में बोली जाने वाली भाषा से काफी मिलता-जुलता था। </p>
<p> </p>
<p><strong>कोलकाता से बनवाया पासपोर्ट </strong><br />पुलिस ने बताया कि भारत आने के बाद आरोपी ने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे भारतीय पहचान दस्तावेज बनवा लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने वर्ष 2019 में कोलकाता पासपोर्ट कार्यालय से भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया। जांच के दौरान पता चला कि उसने इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश यात्राएं भी कीं। वह वर्ष 2023 में दो बार मालदीव और कम से कम एक बार कोलंबो गया, लेकिन इस दौरान किसी को उस पर शक नहीं हुआ। <br />एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि किन एजेंटों ने आरोपी को फर्जी भारतीय पहचान दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाने में मदद की थी। पुलिस उन सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो इस पूरे मामले में शामिल हो सकते हैं।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, बिस्वास वर्ष 2016 में पत्नी और परिवार के साथ पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में रहने लगा और करीब सात साल तक कोलकाता में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता रहा।</p>
<p><strong>कोलंबो से लौटने पर धरा गया </strong><br />कोलंबो से मुंबई हवाई अड्डे पहुंचने पर आरोपी को रोक लिया गया। वह आव्रजन जांच के लिए काउंटर पर पहुंचा, जहां उसने अपना भारतीय पासपोर्ट और बोर्डिंग पास अधिकारियों को दिखाया। काउंटर नंबर 23 पर तैनात एक सहायक आव्रजन अधिकारी ने बताया कि यात्री श्रीलंकाई एयरलाइंस की उड़ान संख्या यूएल-141 से तड़के सुबह करीब साढ़े तीन बजे मुंबई पहुंचा था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:21:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 6 महीने पहले कुत्ते ने बच्ची को मारी थी खरोच, इंजेक्शन के डर से मासूम ने नहीं लगवाया टीका, अब मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में 9 साल की एक बच्ची की रेबीज के कारण मौत हो गई। करीब छह महीने बच्ची जब अपने दादाजी के साथ टहल रही थी, तब उसे एक आवारा कुत्ते ने खरोच दिया था। इसके बाद बच्ची को एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बच्ची ने इंजेक्शन लगने के डर से टीका लगवाने से मना कर दिया था। बच्ची कुछ ही दिनों में ठीक हो गई थी, इसलिए उसके परिवार वालों ने भी उसे इलाज पूरा करने के लिए जोर नहीं दिया। लेकिन बच्ची की सोमवार को मौत हो गई। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48689/mumbai-6-months-ago-the-dog-had-scratched-the-girl"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-25t110812.859.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में 9 साल की एक बच्ची की रेबीज के कारण मौत हो गई। करीब छह महीने बच्ची जब अपने दादाजी के साथ टहल रही थी, तब उसे एक आवारा कुत्ते ने खरोच दिया था। इसके बाद बच्ची को एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बच्ची ने इंजेक्शन लगने के डर से टीका लगवाने से मना कर दिया था। बच्ची कुछ ही दिनों में ठीक हो गई थी, इसलिए उसके परिवार वालों ने भी उसे इलाज पूरा करने के लिए जोर नहीं दिया। लेकिन बच्ची की सोमवार को मौत हो गई। </p>
<p> </p>
<p><strong>बच्ची की हुई मौत</strong><br />बच्ची का नाम कशिश साहनी था और वह चौथी क्लास की छात्रा थी। बच्ची की कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ गई और उसने खाना-पीना बंद कर दिया था। बच्ची की धीरे-धीरे आंखें भी लाल हो गई थीं। जब उसकी हालत गंभीर होने लगी, तो उसके परिवार वाले बच्ची को तुरंत अस्पताल ले गए। कशिश को बेहतर इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।</p>
<p><strong>परिवार के लोगों का होगा मेडिकल टेस्ट</strong><br />बच्ची की मौत के बाद, नगर निगम ने उसके परिवार वालों और पड़ोसियों का भी मेडिकल टेस्ट करवाने का फैसला किया है। ये लोग बच्ची के संपर्क में आए थे। इस मामले को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को कुत्तों या बिल्लियों के काटने या मामूली खरोच को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत इलाज कराना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:13:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>डोंबिवली पश्चिम के गणेश नगर में 15 दिन पहले बनी कंक्रीट सड़क में तोड़फोड़ से नागरिकों में गुस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">गणेशनगर ट्रैफिक पुलिस चौकी से रेलवे ग्राउंड के बीच 20 फुट की सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर वाहन चलाते समय ड्राइवरों को व्यायाम करना पड़ता है। नये सड़क निर्माण में इस सड़क को पूरा किया जाना था. बहरहाल, इस सड़क को बदहाल स्थिति में छोड़ दिये जाने से नागरिक नगर पालिका के कार्य को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/30245/anger-among-citizens-due-to-vandalism-of-concrete-road-built-15-days-ago-in-ganesh-nagar--dombivali-west"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-04/download-(10)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>डोंबिवली:</strong> कल्याण डोंबिवली नगर पालिका ने डोंबिवली पश्चिम के गणेश नगर में रेलवे ग्राउंड के पास की सड़क को 15 दिनों के लिए बंद करने के बाद सीमेंट कंक्रीट से सड़क का निर्माण किया. इस कंक्रीट सड़क को शुक्रवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। इस सड़क के निर्माण में कुछ तकनीकी दिक्कतों के चलते ठेकेदार ने इस सड़क को दोबारा खोद दिया है, जिस पर यात्रियों ने नाराजगी जताई है.</p>
<p style="text-align:justify;">इस खोदी गई सड़क के कारण इस इलाके में फिर से ट्रैफिक जाम शुरू हो गया है. नगर आयुक्त डाॅ. नागरिक इंदुरानी जाखड़, सिटी इंजीनियर अनिता परदेशी से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गणेशनगर में रेलवे ग्राउंड की ओर जाने वाली सड़क पर गड्ढे हो जाने के कारण कुछ महीने पहले इस इलाके में सड़क के एक तरफ का पक्कीकरण किया गया था. ठेकेदार ने पिछले एक पखवाड़े में सड़क के दूसरी ओर का काम पूरा कर लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले शुक्रवार को ठेकेदार ने अवरुद्ध सड़क का 30 फीट लंबा कंक्रीट वॉकवे पूरा कर दिया। शुक्रवार की रात इस सड़क पर वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। इस सड़क में समतलता नहीं होने की शिकायत वाहन चालकों द्वारा की जा रही थी. ठेकेदार के कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे थे। यह सड़क मुख्य सड़क से समतल नहीं होने के कारण वाहन चालकों को जाम से होकर गुजरना पड़ता है और फिर मुख्य सड़क पर जाना पड़ता है.</p>
<p style="text-align:justify;">इन ट्रैफिक जाम को हटाने के बाद ठेकेदार को सड़कों को समतल करना पड़ा. शिकायतें हैं कि उन्होंने वह काम नहीं किया. ठेकेदार ने आनन-फ़ानन में नवाकारो सड़क को फिर से बुलडोज़र से खोदना शुरू कर दिया है क्योंकि नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जब तक काम अच्छी स्थिति में नहीं होगा, काम का भुगतान और गिनती नहीं की जाएगी। नागरिकों ने शिकायत की है कि यह करदाताओं के पैसे की बर्बादी है क्योंकि सड़क खोदी जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गणेशनगर ट्रैफिक पुलिस चौकी से रेलवे ग्राउंड के बीच 20 फुट की सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर वाहन चलाते समय ड्राइवरों को व्यायाम करना पड़ता है। नये सड़क निर्माण में इस सड़क को पूरा किया जाना था. बहरहाल, इस सड़क को बदहाल स्थिति में छोड़ दिये जाने से नागरिक नगर पालिका के कार्य को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">नागरिकों की मांग है कि सिटी इंजीनियर अनिता परदेशी शहर में अनियोजित सीमेंट कंक्रीट सड़कों का निरीक्षण करें और घटिया काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करें. अधिक जानकारी के लिए डोंबिवली के कार्यकारी अभियंता, मनोज सांगले से संपर्क करें। निरीक्षण दौरे पर होने के कारण उनसे टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Apr 2024 17:36:27 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मणिपुर में कुछ माह पूर्व हुई हिंसा की जांच में राेड़ा बन रही अफसराें की कमी...  एक अधिकारी कर रहा 500 मामलों की निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मणिपुर हिंसा की जांच CBI को सौंपे जाने पर केंद्र सरकार ने दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश से 14 IPS (डीसीपी व एसपी रैंक) व छह इंस्पेक्टरों को जांच में मदद के लिए भेजा है। ये अधिकारी SIT जांच की निगरानी करेंगे। दिल्ली से सबसे अधिक तीन IPS हरेंद्र कुमार सिंह, श्वेता चौहान और ईशा पांडे का जांच के लिए चयन किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25462/lack-of-officers-is-becoming-a-hindrance-in-the-investigation-of-the-violence-that-took-place-a-few-months-ago-in-manipur----one-officer-is-monitoring-500-cases"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-10/download-(24).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>मणिपुर में कुछ माह पूर्व हुई हिंसा की जांच के लिए दिल्ली समेत छह राज्यों से 14 IPS और छह इंस्पेक्टरों को भेजा गया है। वहां बनाई गईं 42 SIT 3 हजार मुकदमों की जांच कर रही हैं, लेकिन बेहतर ढंग से जांच करने में अधिकारियों की कमी आड़े आ रही है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस संख्या बल के अनुसार, एक इंस्पेक्टर पर 7 SIT यानी करीब 500 केसों की निगरानी करने की जिम्मेदारी है, जो व्यावहारिक नहीं है। मणिपुर हिंसा की जांच CBI को सौंपे जाने पर केंद्र सरकार ने दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश से 14 IPS (डीसीपी व एसपी रैंक) व छह इंस्पेक्टरों को जांच में मदद के लिए भेजा है। ये अधिकारी SIT जांच की निगरानी करेंगे। दिल्ली से सबसे अधिक तीन IPS हरेंद्र कुमार सिंह, श्वेता चौहान और ईशा पांडे का जांच के लिए चयन किया गया है।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि एक IPS तीन SIT की निगरानी तो कर सकते हैं, लेकिन एक इंस्पेक्टर को सात SIT की निगरानी करने में दिक्कत आ सकती है, क्योंकि एक इंस्पेक्टर के जिम्मे 500 मुकदमे होंगे। इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। मणिपुर में हुई हिंसा में चर्च और अन्य धार्मिक स्थलों, घरों, दुकानों और कार्यालयों में आग लगा दी गई थी। बड़ी संख्या में लोगों की हत्या कर दी गई, लोगों को जिंदा जला दिया गया, लूटपाट, दुष्कर्म और छेड़खानी की घटनाएं हुईं। लोगों को गंभीर चोट पहुंचाई गई। इससे संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच के लिए चार श्रेणी बनाई गई है।</p>
<p>दिल्ली से गए एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि वहां भाषाई दिक्कत है। स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। दोनों समुदाय एक-दूसरे को दुश्मन की नजर से देख रहे हैं। लोगों में अब भी भय का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग राहत शिविर में रह रहे हैं। इलाका भी एक जैसा नहीं है, कहीं मैदानी तो कहीं पहाड़ी क्षेत्र है। इसके लिए इंस्पेक्टरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही मणिपुर हिंसा की जांच के लिए दूसरे राज्यों से अधिकारियों को भेजा गया है। 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में जांच संबंधी स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जानी है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 12:37:29 +0530</pubDate>
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