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                <title>way - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : एलआईसी बिल्डिंग के रिडेवलपमेंट का रास्ता होगा साफ, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दक्षिण मुंबई स्थित एलआईसी और देना बैंक की सालों पुरानी जर्जर इमारतें के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद दावा किया कि अगले तीन महीने में वित्त मंत्री इस बाबत सकारात्मक निर्णय लेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48949/the-way-for-redevelopment-of-mumbai-lic-building-will-be"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(6).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दक्षिण मुंबई स्थित एलआईसी और देना बैंक की सालों पुरानी जर्जर इमारतें के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद दावा किया कि अगले तीन महीने में वित्त मंत्री इस बाबत सकारात्मक निर्णय लेगी। मंत्री लोढ़ा ने नई दिल्ली में एलआईसी टेनेंट्स एंड ऑक्युपेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का निवेदन पत्र लेकर वित्त मंत्री से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया।</p>
<p> </p>
<p><strong>90 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं इमारत</strong><br />दरअसल, दक्षिण मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में एलआईसी और देना बैंक की कई सारी इमारतें हैं जो 90 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। आज वह जर्जर अवस्था में पहुंच गई है। फिर भी इन इमारतों में आज भी लोग रह रहे हैं, जबकि म्हाडा ने ऐसी पुरानी खतरनाक इमारतों में रहने वाले कई सारे किराएदारों को हटा, लेकिन केंद्र सरकार की पुरानी इमारतों में आज भी लोग जान हथेली पर लेकर रह रहे हैं। इन लोगों की अवाज को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए कैबिनेट मंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं। खतरनाक इमारतों में रहने वाले के किरायेदार संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पुनर्विकास प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (पीएमसी) की नियुक्ति नहीं हुई है। दूसरी ओर, मॉनसून नजदीक आने के कारण किरायेदारों में डर और असुरक्षा का माहौल है।</p>
<p><strong>वित्त मंत्री को दिए पत्र में क्या?</strong><br />मंत्री लोढ़ा द्वारा वित्त मंत्री को दिए पत्र में किराएदारों ने मांग की है कि जिनमें पीएमसी की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करना, म्हाडा के नियमों के अनुसार किरायेदारों को अंतरिम वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराना, पुनर्विकास के लिए अनुभवी डेवलपर के चयन में किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित करना, खाली कराई गई इमारतों का किराया अस्थायी रूप से स्थगित करना और किरायेदारों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक या कानूनी बोझ न डालना शामिल है।</p>
<p><strong>वित्त मंत्री ने दिया भरोसा</strong><br />मंत्री लोढ़ा ने कहा कि इन किराएदारों की पूरी तस्वीर उन्होंने वित्त मंत्री के सामने रखी। वित्त मंत्री ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि अगले तीन महीने वे इस बारे में सकारात्मक निर्णय लेगी, ताकि निवासियों की समस्याओं को हल किया जा सके। मंत्री लोढ़ा ने विश्वास जताया कि जल्द ही एलआईसी और बैंक इमारतों के किरायेदारों को न्याय मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:31:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :100 मीटर लंबे कनेक्टर ब्रिज के लिए बीएमसी ने अंधेरी पश्चिम में एसवीपी नगर रोड पर 42 झुग्गी बस्तियों को ढहा दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने अंधेरी पश्चिम में एसवीपी नगर रोड पर 42 झुग्गी बस्तियों को ढहा दिया ताकि 100 मीटर लंबे कनेक्टर ब्रिज के लिए ज़मीन साफ़ की जा सके। यह ब्रिज प्रस्तावित वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड और वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मुंबई, भारत - 30 अक्टूबर, 2025: गुरुवार, 30 अक्टूबर, 2025 को मुंबई, भारत में यारी रोड और लोखंडवाला को जोड़ने वाले एक नए पुल के निर्माण के लिए अंधेरी पश्चिम के सिद्धार्थ नगर में 42 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को बेदखल किया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45096/mumbai-bmc-demolishes-42-slums-on-svp-nagar-road-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-31t121834.557.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने अंधेरी पश्चिम में एसवीपी नगर रोड पर 42 झुग्गी बस्तियों को ढहा दिया ताकि 100 मीटर लंबे कनेक्टर ब्रिज के लिए ज़मीन साफ़ की जा सके। यह ब्रिज प्रस्तावित वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड और वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मुंबई, भारत - 30 अक्टूबर, 2025: गुरुवार, 30 अक्टूबर, 2025 को मुंबई, भारत में यारी रोड और लोखंडवाला को जोड़ने वाले एक नए पुल के निर्माण के लिए अंधेरी पश्चिम के सिद्धार्थ नगर में 42 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को बेदखल किया जा रहा है।</p>
<p> </p>
<p>यह पुल, जिसे "लापता कड़ी" माना जा रहा है, यारी रोड को लोखंडवाला से जोड़ेगा और जेपी रोड तथा सेवन बंगलोज पर यातायात की भीड़ को कम करेगा, जिससे वर्सोवा निवासियों के लिए यात्रा का समय 30 मिनट से घटकर केवल 10 मिनट रह जाएगा। बीएमसी के पुल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि तोड़फोड़ सरकारी स्वामित्व वाले तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) की जमीन पर हुई। अधिकारी ने बताया, "जब हमने 2019 में इस जमीन पर पहली बार तोड़फोड़ की थी, तब अतिक्रमण मैंग्रोव बफर जोन में थे। पिछले 30 सालों से उनके अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है।"</p>
<p>ज़मीन साफ़ करने से एक फीडर रोड या पुल के निर्माण का रास्ता साफ़ होगा, जो आगामी वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड और मढ़-वर्सोवा लिंक के साथ जुड़ेगा। उन्होंने कहा, "एसवीपी इलाके में रहने वालों को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होगा। इससे जेपी रोड और सेवन बंगलो पर ट्रैफ़िक का असर कम होगा।" क्या आप मंगला में रहते हैं? इसे पढ़ने से पहले श्रवण यंत्र न ख़रीदें एसवीपी रोड का वह हिस्सा जहाँ अतिक्रमण हटाया गया था, एक टी-जंक्शन के रूप में काम करेगा, जिससे ट्रैफ़िक प्रवाह को सुव्यवस्थित करने के लिए नए प्रवेश और निकास बिंदु उपलब्ध होंगे। अधिकारी ने आगे कहा, "यह गायब लिंक दो प्रमुख कॉरिडोर - जेपी रोड और एसवीपी रोड - में भीड़भाड़ को कम करेगा और लोखंडवाला और वर्सोवा के बीच यात्रा करने वालों का यात्रा समय 30 मिनट से घटकर 10 मिनट रह जाएगा।"</p>
<p>यह पुल 393 मीटर लंबा होगा और कवठे क्रीक पर फैला होगा। यह यारी रोड और वर्सोवा को सरदार वल्लभभाई पटेल नगर, लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स और समर्थ नगर से जोड़ेगा। 100 मीटर लंबा खाड़ी खंड एकल-स्पैन स्टील आर्च के रूप में बनाया जाएगा, जिसमें यारी रोड से 166 मीटर और लोखंडवाला से 117 मीटर की पहुँच सड़कें होंगी। हालांकि, इस तोड़फोड़ के कारण कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रभावित झुग्गीवासियों, जिनका पुनर्वास नहीं हो रहा है, का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने से बचने के लिए झुग्गी पुनर्वास अधिनियम, 1995 के बजाय महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता का सहारा लिया। मुंबई उपनगरीय ज़िला कलेक्टर द्वारा 26 सितंबर को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में उनके घरों को "अनधिकृत संरचनाएँ" बताया गया था।</p>
<p>नगरपालिका अधिकारियों ने बताया कि जुलाई में हुए एक स्थल निरीक्षण से पता चला था कि 2011 में बेदखली की कार्रवाई के बावजूद, ज़मीन पर 41 झोपड़ियाँ और एक मंदिर फिर से बन गए थे। नतीजतन, अधिकारियों ने महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 50(3) लागू की और 2008 के एक राज्य परिपत्र के तहत बेदखली नोटिस जारी किए। 45 वर्षीय गौतम खन्ना जैसे निवासियों के लिए, जिनका घर ढहा दिया गया, यह कदम विनाशकारी रहा है। "हम निर्माण मज़दूर और बढ़ई थे, जिन्होंने 2000 में धनलक्ष्मी भवन के निर्माण के बाद यहाँ घर बनाए थे। हमें अवैध घोषित किए बिना, उन्होंने हमारे घरों को ढहा दिया। खन्ना ने कहा, "हर परिवार में कम से कम आठ सदस्य और पाँच बच्चे हैं।" जन अधिकार संघर्ष समिति के सदस्य शुभम कोठारी ने कहा, "महाराष्ट्र स्लम अधिनियम 1971 के तहत, झुग्गीवासियों को पुनर्वास के लिए अपनी पात्रता साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए, जो नहीं दिया गया।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Oct 2025 12:19:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई का एलफिंस्टन ब्रिज ढहने की कगार पर, सेवरी-वर्ली कनेक्टर के लिए रास्ता साफ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेंट्रल मुंबई का प्रसिद्ध और 125 साल पुराना एलफिंस्टन रोड ओवरब्रिज अब इतिहास बनने की ओर है. परेल और प्रभादेवी को जोड़ने वाला यह पुल, जो कभी औद्योगिक मुंबई की पहचान हुआ करता था, 12 सितंबर 2025 को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया.  बीएमसी और एमएमआरडीए की टीमों ने खुदाई और विध्वंस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44639/mumbais-elphinstone-bridge-on-the-verge-of-collapse-paving-way"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-13t114143.493.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सेंट्रल मुंबई का प्रसिद्ध और 125 साल पुराना एलफिंस्टन रोड ओवरब्रिज अब इतिहास बनने की ओर है. परेल और प्रभादेवी को जोड़ने वाला यह पुल, जो कभी औद्योगिक मुंबई की पहचान हुआ करता था, 12 सितंबर 2025 को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया.  बीएमसी और एमएमआरडीए की टीमों ने खुदाई और विध्वंस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.</p>
<p> </p>
<p>यह पुल ब्रिटिश काल में बनाया गया था और लंबे समय तक मुंबई के सेंट्रल उपनगरों को जोड़ने का अहम जरिया रहा. परेल, प्रभादेवी और लोअर परेल जैसे इलाकों में रोज़ लाखों लोगों की आवाजाही इसी ब्रिज से होती थी. हालांकि, बढ़ते ट्रैफिक दबाव, पुराने ढांचे और नई शहरी परियोजनाओं की ज़रूरतों के चलते इसे अब हटाया जा रहा है. एलफिंस्टन ब्रिज को तोड़कर सेवरी-वर्ली एलिवेटेड कनेक्टर के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है — यह नया कनेक्टर बांद्रा-वर्ली सी लिंक और मुंबई कोस्टल रोड को सीधे मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (अटल सेतु) से जोड़ेगा.  यह प्रोजेक्ट दक्षिण और पूर्वी मुंबई के बीच यात्रा समय को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा.  </p>
<p>विध्वंस कार्य के दौरान आसपास के इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को कुछ असुविधा हो रही है.  वहीं, कई पुराने मुंबईकरों ने सोशल मीडिया पर एलफिंस्टन ब्रिज से जुड़ी अपनी यादें साझा की हैं. किसी के लिए यह बचपन के सफ़र की याद है, तो किसी के लिए ऑफिस जाने का रोज़ का रास्ता.  इतिहास और आधुनिकता के इस संगम में एलफिंस्टन ब्रिज का अंत मुंबई के शहरी विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44639/mumbais-elphinstone-bridge-on-the-verge-of-collapse-paving-way</link>
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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 11:44:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नालासोपारा : बच्‍चा चौथी मंजिल से गिर गया जान बच गई; हॉस्पिटल ले जा रहे थे जाम ने छीन ली जान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्‍ट्र से दिल को चीर देने वाली एक घटना सामने आई है. खेलते समय 2 साल का बच्‍चा चौथी मंजिल से गिर गया. कुदरत का करिश्‍मा कहिए कि उसकी जान बच गई. घरवाले घायल बच्‍चे को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जा रहे थे, पर 5 घंटे की लंबी जाम ने उसकी जान छीन ली. देश के बड़े शहरों में अनेक तरह की समस्‍याएं सामने आती हैं. इनमें ट्रैफिक जाम का प्रोब्‍लम काफी अहम है. दिल्‍ली-NCR से लेकर बेंगलुरु और मुंबई तक में इस समस्‍या से आमलोगों को हर दिन जूझना पड़ता है. बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की वजह से होने वाली परेशानी को लेकर अक्‍सर ही चर्चाएं होती रहती हैं. अब मुंबई में इस समस्‍या का भयानक परिणाम सामने आया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44033/nalasopara--child-falls-from-fourth-floor--survives--traffic-jam-kills-child-on-way-to-hospital"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-20t125252.664.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नालासोपारा : </strong>महाराष्‍ट्र से दिल को चीर देने वाली एक घटना सामने आई है. खेलते समय 2 साल का बच्‍चा चौथी मंजिल से गिर गया. कुदरत का करिश्‍मा कहिए कि उसकी जान बच गई. घरवाले घायल बच्‍चे को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जा रहे थे, पर 5 घंटे की लंबी जाम ने उसकी जान छीन ली. देश के बड़े शहरों में अनेक तरह की समस्‍याएं सामने आती हैं. इनमें ट्रैफिक जाम का प्रोब्‍लम काफी अहम है. दिल्‍ली-NCR से लेकर बेंगलुरु और मुंबई तक में इस समस्‍या से आमलोगों को हर दिन जूझना पड़ता है. बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम की वजह से होने वाली परेशानी को लेकर अक्‍सर ही चर्चाएं होती रहती हैं. अब मुंबई में इस समस्‍या का भयानक परिणाम सामने आया है.</p>
<p> </p>
<p>जानकारी के अनुसार, मुंबई से सटे नालासोपारा में 2 साल का बच्चा चौथी मंजिल से गिर गया था. इस हादसे में बच्चा बच भी गया था. वह बस घायल हो गया था. उसे इलाज के मुंबई लाया जा रहा था, लेकिन एंबुलेंस जाम में फंस गई. एक या दो नहीं, बल्कि बच्‍चे को अस्‍पताल ले जा रही एंबुलेंस 5 घंटे तक ट्रैफिक में फंसी रही. समय पर अस्‍पताल न पहुंचने और इलाज न मिलने की वजह से मासूम बच्‍चे की एंबुलेंस में ही मौत हो गई.</p>
<p><strong>चौथी मंजिल पर खेल रहा था बच्‍चा</strong><br />बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार मुंबई से सटे नालासोपारा का रहने वाला है. दो साल का मासूम चौथी मंजिल पर खेल रहा था. इसी दौरान वह गिर गया. इससे वहां कोहराम मच गया. हालांकि, चौथी मंजिल से गिरने से बच्‍चे की जान नहीं गया, बल्कि वह सिर्फ घायल हुआ था. परिवार के लोग घायल बच्चे को पास के हॉस्पिटल में ले कर गए. वहां के डॉक्टर्स ने बच्चे को मुंबई रेफर कर दिया. बच्चे को पैन किलर देकर परिवार नालासोपारा से मुंबई के लिए रवाना हो गया था.<br />आमतौर पर नालासोपारा से मुंबई जाने में एक घंटे का समय लगता है. लेकिन, शाम को मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर बहुत ज्‍यादा ट्रैफिक था. वाहनों का लंबा रेला लगा हुआ था. बच्‍चे को ले जा रही एंबुलेंस इस जाम में 5 घंटे तक फंसी रही और दो साल के मासूम बच्‍चे का यह सफर कभी पूरा नहीं हो सका. घायल बच्‍चे की एंबुलेंस में ही मौत हो गई.  </p>
<p><strong>बेंगलुरु का हाल </strong><br />भारत के सिलिकॉन वैली के नाम से मशहूर बेंगलुरु को ऊंची-ऊंची इमारतों के साथ ही अब ट्रैफिक जाम और सड़कों की दुर्दशा के लिए भी जाना जाता है. एक कंपनी ने शहर को इन्हीं कारणों से छोड़ने का फैसला कर लिया. ब्लैक बक कंपनी के सीईओ राजेश याबाजी ने X पर पोस्‍ट लिखकर खुद इस बात की जानकारी दी. अपने इस पोस्‍ट में उन्होंने घर बन चुके ऑफिस छूट जाने को लेकर दुख भी जताया. बेंगलुरु में हजारों की तादाद में लोग प्रतिदिन लंबे जाम से संघर्ष कर अपने मंजिल तक पहुंचने को मजबूर हैं.<br />आमतौर पर नालासोपारा से मुंबई जाने में एक घंटे का समय लगता है. लेकिन, शाम को मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर बहुत ज्‍यादा ट्रैफिक था. वाहनों का लंबा रेला लगा हुआ था. बच्‍चे को ले जा रही एंबुलेंस इस जाम में 5 घंटे तक फंसी रही और दो साल के मासूम बच्‍चे का यह सफर कभी पूरा नहीं हो सका. घायल बच्‍चे की एंबुलेंस में ही मौत हो गई.</p>
<p><strong>बेंगलुरु का हाल </strong><br />भारत के सिलिकॉन वैली के नाम से मशहूर बेंगलुरु को ऊंची-ऊंची इमारतों के साथ ही अब ट्रैफिक जाम और सड़कों की दुर्दशा के लिए भी जाना जाता है. एक कंपनी ने शहर को इन्हीं कारणों से छोड़ने का फैसला कर लिया. ब्लैक बक कंपनी के सीईओ राजेश याबाजी ने X पर पोस्‍ट लिखकर खुद इस बात की जानकारी दी. अपने इस पोस्‍ट में उन्होंने घर बन चुके ऑफिस छूट जाने को लेकर दुख भी जताया. बेंगलुरु में हजारों की तादाद में लोग प्रतिदिन लंबे जाम से संघर्ष कर अपने मंजिल तक पहुंचने को मजबूर हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/44033/nalasopara--child-falls-from-fourth-floor--survives--traffic-jam-kills-child-on-way-to-hospital</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 12:54:13 +0530</pubDate>
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