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                <title>turn - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>turn RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नासिक : प्याज पर मचेगा रार: दाम कम करने पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी, किसान हुए उग्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>राज्य कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष पाशा पटेल ने पिछले वर्ष प्याज के उत्पादन में कमी, मई माह में बेमौसम बारिश, प्याज की बिक्री में व्यवधान और राज्य में भंडारण प्रणाली की कमी के कारण अगले दो महीनों में प्याज की कमी की आशंका जताई है। हालांकि, पटेल का यह बयान गलत है और वर्तमान में किसानों के पास पर्याप्त प्याज मौजूद है। महाराष्ट्र राज्य प्याज किसान संघ ने कहा है कि यदि सरकार हस्तक्षेप करती है और प्याज की कीमत कम करती है, तो हम देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50893/there-will-be-an-uproar-over-nashik-onion-farmers-become"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/the-protestors-rued-that-the-government-proposed-c_1692895367573.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नासिक : </strong>राज्य कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष पाशा पटेल ने पिछले वर्ष प्याज के उत्पादन में कमी, मई माह में बेमौसम बारिश, प्याज की बिक्री में व्यवधान और राज्य में भंडारण प्रणाली की कमी के कारण अगले दो महीनों में प्याज की कमी की आशंका जताई है। हालांकि, पटेल का यह बयान गलत है और वर्तमान में किसानों के पास पर्याप्त प्याज मौजूद है। महाराष्ट्र राज्य प्याज किसान संघ ने कहा है कि यदि सरकार हस्तक्षेप करती है और प्याज की कीमत कम करती है, तो हम देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।  </p>
<p> </p>
<p>प्याज उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक नुकसान : महाराष्ट्र में प्याज का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025-26 में अब तक देश में 327.40 लाख मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन हो चुका है। इसमें से 151.10 लाख मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन महाराष्ट्र में हुआ है। देश के कुल प्याज उत्पादन का लगभग 50 प्रतिशत महाराष्ट्र में होता है। हालांकि, राज्य में पर्याप्त प्रसंस्करण उद्योग और भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण प्याज बड़े पैमाने पर खराब हो जाता है।</p>
<p>परिणामस्वरूप प्याज किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने पाशा पटेल की अध्यक्षता में प्याज नीति तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति प्रसंस्करण उद्योगों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। “राज्य कृषि मूल्य आयोग के अध्यक्ष पाशा पटेल का यह कहना कि अगले दो महीनों में राज्य में प्याज की कमी हो जाएगी, पूरी तरह गलत है। किसानों के पास प्याज का पर्याप्त भंडार है। अभी तो केवल नई प्याज की ही बड़े पैमाने पर बुवाई हुई है।</p>
<p>अगर सरकार हस्तक्षेप करती है और प्याज की कीमतें कम करती है, तो हम पूरे देश में बड़ा आंदोलन करेंगे, हम किसानों के हितों से समझौता नहीं करेंगे।” - भरत दिघोले, अध्यक्ष, महाराष्ट्र प्याज उत्पादक संघ इन स्थानों पर प्याज की खेती होती है : महाराष्ट्र के नासिक, जलगांव, पुणे, अहिल्यानगर, सोलापुर, धुले और सतारा जिलों में प्याज का सबसे अधिक उत्पादन होता है, जबकि देश में कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार और अन्य राज्यों में भी बड़े पैमाने पर प्याज की खेती की जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 11:20:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एग्जिट पोल में पलट गया गेम, नीतीश से काफी आगे निकल गए तेजस्वी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए बिहार में 2 चरणों मतदान हुआ। पहले फेज की वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को हुई। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए हैं। सभी एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। एग्जिट पोल में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एग्जिट पोल के नतीजे आ गए हैं। एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। हालांकि, इस बार कई सीटों पर मुकाबला दिलचस्प नजर आ रहा है। महागठबंधन और एनडीए के साथ पीके की जन सुराज पार्टी, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM, तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल भी मैदान में है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45420/the-game-changed-in-the-exit-poll-tejashwi-was-way"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-12t181644.963.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>पटना : </strong>बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए बिहार में 2 चरणों मतदान हुआ। पहले फेज की वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को हुई। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए हैं। सभी एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। एग्जिट पोल में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एग्जिट पोल के नतीजे आ गए हैं। एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। हालांकि, इस बार कई सीटों पर मुकाबला दिलचस्प नजर आ रहा है। महागठबंधन और एनडीए के साथ पीके की जन सुराज पार्टी, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM, तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल भी मैदान में है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>चंपारण क्षेत्र की 21 सीटों पर एनडीए को बढ़त</strong></div>
<div>एग्जिट पोल में चंपारण में एनडीए को काफी बढ़त मिलती दिख रही है। एनडीए के खाते में 44 प्रतिशत वोट शेयर जा सकता है। वहीं, महागठबंधन को 41 प्रतिशत वोट मिल सकता है। जन सुराज को 6 प्रतिशत और अन्य के खाते में 9 प्रतिशत वोट शेयर जा सकता है। 21 में से 12 सीटों पर एनडीए को बढ़त दिख रही है। 9 सीटों पर महागठबंधन को बढ़त दिख रही है।</div>
<div> </div>
<div><strong>कौन होना चाहिए बिहार का सीएम?</strong></div>
<div>एक्सिस माय इंडिया ने पसंदीदा मुख्यमंत्री को लेकर भी एग्जिट पोल शेयर किया है। 22 प्रतिशत वोटर चाहते हैं कि नीतीश कुमार ही दोबारा बिहार के मुख्यमंत्री बनें, जबकि 34 प्रतिशत लोगों ने तेजस्वी यादव के नाम पर मुहर लगाई है।</div>
<div> </div>
<div><strong>पुरुष वोटर किसके साथ?</strong></div>
<div>एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, 41 प्रतिशत पुरुषों ने एनडीए को वोट किया है, जबकि 42 प्रतिशत पुरुषों महागठबंधन के साथ गईं हैं। जन सुराज को पुरुषों का 5 प्रतिशत वोट मिला है। अन्य के खाते में पुरुषों का 12 प्रतिशत वोट जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>महिलाएं किसके साथ?</strong></div>
<div>एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, 45 प्रतिशत महिलाओं ने एनडीए को वोट किया है, जबकि 40 प्रतिशत महिलाएं महागठबंधन के साथ गईं हैं। जन सुराज को महिलाओं का 3 प्रतिशत वोट मिला है। अन्य के खाते में महिलाओं का 12 प्रतिशत वोट ज सकता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 18:18:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : राजनीतिक रूप ले चुका है कबूतरख़ाने बंद होने के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन; बीएमसी चुनावों से पहले नया “धार्मिक वोट बैंक” बनाने की कोशिश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की सियासत में आज एक अनोखा मोड़ देखा गया जब पशु कल्याण को लेकर शुरू हुआ विवाद ने अब एक राजनीतिक पार्टी को जन्म दे दिया है. पारंपरिक कबूतरख़ाने बंद होने के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है और शहरभर की चर्चा का केंद्र बन गया है.   </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44607/mumbai-has-taken-a-political-form-movement-started-against-closure"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-12t120036.457.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई की सियासत में आज एक अनोखा मोड़ देखा गया जब पशु कल्याण को लेकर शुरू हुआ विवाद ने अब एक राजनीतिक पार्टी को जन्म दे दिया है. पारंपरिक कबूतरख़ाने बंद होने के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक रूप ले चुका है और शहरभर की चर्चा का केंद्र बन गया है.   </p>
<p> </p>
<p><strong>नई पार्टी का जन्म</strong><br />शांति दूत कबूतर जीवदया समिति के प्रमुख निलेश चंद्र ने दादर ईस्ट स्थित स्वामीनारायण मंदिर के बाहर उपस्थित भीड़ को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अब उनकी समिति राजनीति में उतर रही है.बोले, “हमारी पार्टी का नाम होगा शांति दूत जनकल्याण पार्टी. अब सांसद भी हमारे होंगे, विधायक भी हमारे होंगे. हमें कम मत समझना, संत</p>
<p><strong>समाज चाहे तो सरकारें हिला सकता है.”</strong><br />आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ़ कबूतरों या जीवदया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धर्म, नीति और परंपरा की रक्षा का मामला है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह आने वाले बीएमसी चुनावों से पहले नया “धार्मिक वोट बैंक” बनाने की कोशिश है.</p>
<p>मंच पर मौजूद कई हिंदू धर्मगुरुओं ने सत्ता में बैठे लोगों को चेतावनी दी, हिंदू धर्मगुरुओं में कहा, “धर्म सत्ता से ऊपर है. जब धर्मगुरु साथ आए, तब देवेंद्र फड़णवीस मुख्यमंत्री बने. सत्ता में बैठे लोगों से कहना चाहता हूँ हम कम नहीं हैं. जब भी जीव हत्या का सवाल उठेगा, पूरा संत समाज एकजुट होगा. नागा साधुओं से लेकर संत समाज तक, हर जीवन के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी.”</p>
<p>अब यह सभा सिर्फ़ कबूतरों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं रही बल्कि राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन बन गई. निलेश चंद्र ने कहा, “अब ये कबूतर तय करेंगे कि गद्दी पर कौन बैठेगा. पहले भाषा के अधिकार की लड़ाई होती थी, अब जीवों के अधिकार की होगी. शराब और सिगरेट पर रोक नहीं लगती, तो इन निर्दोष जीवों पर क्यों लगाई जाए?” उन्होंने बालासाहेब ठाकरे का उदाहरण देते हुए कहा, “एक ही नेता ऐसा था बालासाहेब ठाकरे. अगर वो होते तो कोई विवादित बयान नहीं दे पाता. अब लड़ाई आर-पार की होगी.” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. विपक्षी दलों ने इसे “धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश” बताया.</p>
<p><strong>करुणा या राजनीति?</strong><br />विशेषज्ञों के अनुसार, शांति दूत जनकल्याण पार्टी महाराष्ट्र में उभरते धार्मिक-राजनीतिक समीकरणों का संकेत देती है. मुंबई में जहां पारंपरिक धर्मस्थल और शहरी विकास का संघर्ष लंबे समय से है, यह नया मोर्चा प्रशासन के लिए चुनौती हो सकता है. कबूतरख़ाना विवाद अब सिर्फ़ जीवदया तक सीमित नहीं रहा. यह धार्मिक पहचान, परंपरा और राजनीतिक प्रभाव की जंग बन गया है. अगर यह पार्टी चुनाव लड़ती है, तो तो इसका असर बीएमसी और विधानसभा चुनावों में दिखेगा?  <br />कबूतरों की मौत पर संवेदना जताने से शुरू हुआ यह आंदोलन अब संभावित राजनीतिक युग की शुरुआत दिखाता है. धर्मगुरुओं का कहना कि “धर्म सत्ता से ऊपर है” भारत की संवैधानिक व्यवस्था में नई बहस को जन्म देता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 12:01:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पालघर : नवरात्रि का जश्न त्रासदी में बदल गया; 45 वर्षीय महिला मृत </title>
                                    <description><![CDATA[<p>वसई के एक मोहल्ले में नवरात्रि का जश्न उस समय त्रासदी में बदल गया जब 45 वर्षीय एक महिला दोस्तों और परिवार के साथ गरबा करते हुए बेहोश हो गई। फाल्गुनी राजेश शाह, ओमनगर इलाके में विघ्नेश्वर मंडल द्वारा आयोजित नवरात्रि उत्सव में शामिल हुई थीं। रात करीब 10:30 बजे, सिविक गार्डन में नृत्य के एक राउंड के बाद, उन्हें बेचैनी महसूस हुई, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे लगभग 50 प्रतिभागियों के सामने गिर पड़ीं। मंडल के सदस्य और उनके पति उन्हें पास के एक अस्पताल ले गए, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्हें होश में लाने के प्रयासों के बावजूद, शाह को बचाया नहीं जा सका।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44244/palghar--navratri-celebrations-turn-into-tragedy--45-year-old-woman-dead"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-28t125934.810.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पालघर :</strong> वसई के एक मोहल्ले में नवरात्रि का जश्न उस समय त्रासदी में बदल गया जब 45 वर्षीय एक महिला दोस्तों और परिवार के साथ गरबा करते हुए बेहोश हो गई। फाल्गुनी राजेश शाह, ओमनगर इलाके में विघ्नेश्वर मंडल द्वारा आयोजित नवरात्रि उत्सव में शामिल हुई थीं। रात करीब 10:30 बजे, सिविक गार्डन में नृत्य के एक राउंड के बाद, उन्हें बेचैनी महसूस हुई, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे लगभग 50 प्रतिभागियों के सामने गिर पड़ीं। मंडल के सदस्य और उनके पति उन्हें पास के एक अस्पताल ले गए, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्हें होश में लाने के प्रयासों के बावजूद, शाह को बचाया नहीं जा सका।</p>
<p> </p>
<p>अस्पताल ले जाने से पहले कार्यक्रम स्थल पर मौजूद एक डॉक्टर ने सीपीआर का भी प्रयास किया था। इस अचानक हुई मौत ने उत्सव में डूबे समुदाय पर शोक की छाया डाल दी। चिकित्सा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि नृत्य जैसी तीव्र शारीरिक गतिविधि हृदय पर दबाव डाल सकती है। वे मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हृदय रोग जैसी बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को ऐसे समारोहों में शामिल होने से पहले स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह देते हैं। इस बीच, निवासियों ने बड़े पैमाने पर नवरात्रि कार्यक्रमों के आयोजकों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और डॉक्टर मौके पर मौजूद रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 13:00:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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