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                <title>Festival - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Festival RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: जैन फूड फेस्टिवल में मुस्लिम महिला से बुर्का हटाने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुंबई स्थित पॉश वर्ली इलाके में आयोजित एक जैन फूड फेस्टिवल में एक मुस्लिम महिला ने आयोजकों पर बुर्का हटाने के लिए कहने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, अगर वह बुर्का नहीं हटाती तो उसे आयोजन स्थल छोड़ने के लिए कहा गया।  यह कार्यक्रम गुरुवार, 6 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51210/muslim-woman-asked-to-remove-burqa-at-mumbai-jain-food"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images-(2).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मुंबई स्थित पॉश वर्ली इलाके में आयोजित एक जैन फूड फेस्टिवल में एक मुस्लिम महिला ने आयोजकों पर बुर्का हटाने के लिए कहने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, अगर वह बुर्का नहीं हटाती तो उसे आयोजन स्थल छोड़ने के लिए कहा गया।  यह कार्यक्रम गुरुवार, 6 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित किया गया था। महिला वहां शाकाहारी और अंडे रहित खाद्य पदार्थों का स्टॉल लगाने पहुंची थीं। घटना का वीडियो महिला के रिश्तेदार मुश्ताक अंसारी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद सामने आया। उनके मुताबिक, आयोजकों ने उनकी बहन और पत्नी से संपर्क कर बुर्का हटाने के लिए कहा और ऐसा नहीं करने पर परिसर छोड़ने को कहा।  </p>
<p> </p>
<p>महिला ने अपने अनुभव को बेहद परेशान करने वाला बताते हुए कहा कि वह पहले भी कई आयोजनों में अपने खाने-पीने के स्टॉल लगा चुकी हैं। उनके अनुसार, वह हिजाब पहनकर ग्राहकों को खाना परोस रही थीं, तभी आयोजन से जुड़े एक व्यक्ति ने उनसे इसे हटाने के लिए कहा। महिला ने सवाल उठाया कि अगर आयोजन में बुर्का या हिजाब पहनने वाली महिलाओं के लिए आपत्ति थी, तो स्टॉल लगाने के लिए उनसे शुल्क क्यों लिया गया। </p>
<p>महिला का आरोप है कि आयोजन से पहले उन्हें इस तरह की किसी पाबंदी के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि वह जैन धर्म की भावनाओं का सम्मान करती हैं और उनके स्टॉल पर उपलब्ध सभी खाद्य पदार्थ अंडे रहित और शाकाहारी थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी अनुमति के बिना उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:05:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जल्द शुरू होगा मुंबई फिल्म फेस्टिवल, नॉन-फीचर फिल्ममेकर्स को दिया गया न्योता; होंगे ये खास प्रोग्राम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल साल 2026 में अपने 19वें एडिशन के साथ वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस फेस्टिवल को नॉन-फीचर सिनेमा के सबसे मशहूर फेस्टिवल्स में से एक माना जाता है। इस एडिशन के लिए सबमिशन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गए हैं। इसमें भारत समेत दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं को अपनी डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्मों और एनिमेशन फिल्मों को पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48460/mumbai-film-festival-will-start-soon-invitation-given-to-non-feature"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-16t125432.081.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल साल 2026 में अपने 19वें एडिशन के साथ वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस फेस्टिवल को नॉन-फीचर सिनेमा के सबसे मशहूर फेस्टिवल्स में से एक माना जाता है। इस एडिशन के लिए सबमिशन आधिकारिक तौर पर शुरू हो गए हैं। इसमें भारत समेत दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं को अपनी डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्मों और एनिमेशन फिल्मों को पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>फिल्म बनाने वालों को एक साथ लाता है फेस्टिवल</strong><br />मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अब एक मशहूर ग्लोबल प्लेटफॉर्म बन गया है। यह अपनी सार्थक कहानियों के लिए जाना जाता है। यह फेस्टिवल ऐसी फिल्में दिखाकर सबसे अलग पहचान बनाता है, जो सिनेमा के नए नजरियों को दिखाती हैं। यह दुनिया भर से फिल्म बनाने वालों, छात्रों, समीक्षकों और सिनेमा प्रेमियों को एक साथ लाता है।</p>
<p><strong>वैकल्पिक सिनेमा को बढ़ावा देता है फेस्टिवल</strong><br />नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से आयोजित, मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल लंबे समय से वैकल्पिक सिनेमा को बढ़ावा देता रहा है। यह उन फिल्म बनाने वालों का समर्थन करता है, जो कहानी कहने के पारंपरिक तरीकों से हटकर कुछ नया करते हैं।</p>
<p><strong>सिनेमा को बातचीत करने का जरिया मानते हैं</strong><br />2026 के एडिशन के लिए फिल्मों की एंट्री शुरू हो गई है। मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, 'मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हमेशा से उन फिल्म बनाने वालों के लिए एक प्लेटफॉर्म रहा है, जो सिनेमा को बातचीत करने का एक शक्तिशाली जरिया मानते हैं।' फेस्टिवल में फिल्मों की स्क्रीनिंग के अलावा, यह फेस्टिवल पैनल चर्चाएं, वर्कशॉप और इंटरैक्टिव सेशन भी आयोजित करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 12:55:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रंगों का त्योहार शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वसई-विरार जिले में होली का शुभारंभ होलिका दहन से हुआ। शहर और ग्रामीण इलाकों में विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक अनुष्ठानों और धार्मिक समारोहों के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया। लोग रात के समय होलिका की अग्नि के चारों ओर एकत्रित हुए और पर्व की परंपरागत प्रार्थना और मंत्रों के साथ होली की शुरुआत की। स्थानीय निवासी और भक्त होलिका दहन के महत्व और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48140/mumbai-festival-of-colors-begins-with-traditional-customs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-03t120548.599.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>वसई-विरार जिले में होली का शुभारंभ होलिका दहन से हुआ। शहर और ग्रामीण इलाकों में विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक अनुष्ठानों और धार्मिक समारोहों के साथ होलिका दहन का आयोजन किया गया। लोग रात के समय होलिका की अग्नि के चारों ओर एकत्रित हुए और पर्व की परंपरागत प्रार्थना और मंत्रों के साथ होली की शुरुआत की। स्थानीय निवासी और भक्त होलिका दहन के महत्व और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर लोग सुरक्षा और सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए समारोह में शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने होलिका दहन की पवित्र अग्नि के चारों ओर रंगों और खुशियों के साथ त्योहार मनाया। </p>
<p> </p>
<p>दैनिक जीवन की भागदौड़ से अलग यह अवसर लोगों को एकजुट करता है। वसई-विरार में होलिका दहन का आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक मेलजोल का भी प्रतीक बन गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था को सुनिश्चित किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। अनुष्ठानों के दौरान लोग सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए मंत्रों का जाप और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके बाद आने वाले दिन होली खेलने की तैयारियों में जुटे लोग अगली सुबह रंगों और गुलाल के साथ त्योहार मनाने के लिए उत्साहित हैं। इस प्रकार, वसई-विरार में होलिका दहन ने पारंपरिक रीति-रिवाज, धार्मिक आस्था और सामूहिक उत्साह के साथ होली पर्व की शुरुआत कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 12:06:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : फ्री एंट्री, क्यूआर कोड और हजारों रंग, काला घोड़ा फेस्टिवल में उमड़ा कला प्रेमियों का सैलाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई जिसे सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी तेज रफ्तार जिंदगी के लिए मशहूर है. इसी भागदौड़ के बीच साल का एक समय ऐसा आता है, जब यह शहर कला और संस्कृति के रंगों में पूरी तरह डूब जाता है. हम बात कर रहे हैं काला घोड़ा फेस्टिवल की, जो हर साल मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बनकर उभरता है. दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में लगने वाला यह फेस्टिवल न केवल देश बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन जाता है. इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल में कला के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47629/mumbai-free-entry-qr-code-and-thousands-of-colors-art"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-10t142822.422.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई. </strong>मुंबई जिसे सपनों का शहर कहा जाता है, अपनी तेज रफ्तार जिंदगी के लिए मशहूर है. इसी भागदौड़ के बीच साल का एक समय ऐसा आता है, जब यह शहर कला और संस्कृति के रंगों में पूरी तरह डूब जाता है. हम बात कर रहे हैं काला घोड़ा फेस्टिवल की, जो हर साल मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बनकर उभरता है. दक्षिण मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में लगने वाला यह फेस्टिवल न केवल देश बल्कि विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन जाता है. इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल में कला के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय संदेशों का भी अनोखा संगम देखने को मिल रहा है.</p>
<p> </p>
<p>इस साल काला घोड़ा फेस्टिवल की शुरुआत एक बेहद खास और सकारात्मक संदेश के साथ हुई है. पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों को बचाने की अहमियत को समझाने के लिए चर्चगेट स्टेशन के बाहर स्थित ग्राउंड में एक विशेष इंस्टॉलेशन लगाया गया है. इस प्रोजेक्ट को छात्रों ने तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना और ध्वनि प्रदूषण को कम करने का संदेश देना है. स्टेशन के बाहर से गुजरने वाला हर व्यक्ति इस कलाकृति को देखकर रुकने पर मजबूर हो जाता है. काला घोड़ा फेस्टिवल में एंट्री पूरी तरह फ्री रखी गई है, बस आगंतुकों को क्यूआर कोड स्कैन करना होता है.</p>
<p><strong>मिथिला पेंटिंग और बॉम्बे आर्ट बने आकर्षण</strong><br />काला घोड़ा के मुख्य इलाके में प्रवेश करते ही हस्तशिल्प और कला के कई स्टॉल्स दर्शकों का स्वागत करते हैं. इस बार बिहार की प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग फेस्टिवल का बड़ा आकर्षण बनी हुई है. हाथ से बने कागज पर उकेरी गई यह पेंटिंग पूरी तरह पारंपरिक थीम पर आधारित है और दर्शकों को भारतीय लोक कला से रूबरू कराती है. इसके ठीक पास बॉम्बे आर्ट का स्टॉल भी लगाया गया है, जहां पेंटिंग्स में मुंबई की आत्मा दिखाई देती है. इन चित्रों में शहर की ऐतिहासिक इमारतों, गलियों और रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद खूबसूरती से कैनवास पर उतारा गया है. मुंबई के पुराने और नए स्वरूप से जुड़ाव रखने वालों के लिए यह स्टॉल खास आकर्षण बना हुआ है.<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:29:17 +0530</pubDate>
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