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                <title>problem - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>नवी मुंबई : नवी मुंबई एयरपोर्ट पर मुसीबत बनी महंगी सवारी, घर पहुंचना बना जेब पर भारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन यहां उतरने वाले यात्रियों के लिए घर तक पहुंचना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। एयरपोर्ट पर कैब की कमी, लंबा इंतजार और मनमाने किराए यात्रियों के अनुभव को खराब कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी के बीच ग्राउंड कनेक्टिविटी बनी सबसे बड़ी चुनौती!</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49501/navi-mumbai-navi-mumbai-airport-becomes-a-problem-expensive-ride"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(42).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन यहां उतरने वाले यात्रियों के लिए घर तक पहुंचना एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। एयरपोर्ट पर कैब की कमी, लंबा इंतजार और मनमाने किराए यात्रियों के अनुभव को खराब कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी के बीच ग्राउंड कनेक्टिविटी बनी सबसे बड़ी चुनौती! प्रीपेड सिस्टम और शटल बसें भी अभी पूरी तरह राहत नहीं दे पा रहीं!</p>
<p> </p>
<p><strong>कैब के लिए लंबा इंतजार, भारी किराया</strong><br />यात्रियों के मुताबिक, एयरपोर्ट पर कैब लेने के लिए उन्हें 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, कई मामलों में यात्रियों से 5,000 से 6,000 रुपये तक का किराया मांगा गया। जनवरी और फरवरी 2026 की रिपोर्ट बताती है कि विले पार्ले जाने के लिए 2,000 से 2,500 रुपये और सांताक्रूज तक के लिए 3,000 से 3,500 रुपये तक वसूले गए। ऐप-आधारित सेवाएं जैसे ओला और उबर भी यात्रियों को राहत नहीं दे पा रही हैं। यात्रियों ने सर्ज प्राइसिंग और सीमित उपलब्धता को इसकी मुख्य वजह बताया है।</p>
<p><strong>नेटवर्क समस्या ने बढ़ाई मुश्किलें</strong><br />एयरपोर्ट के शुरुआती संचालन के दौरान मोबाइल नेटवर्क की कमी भी बड़ी समस्या रही। टर्मिनल के अंदर नेटवर्क न होने के कारण यात्री ऐप के जरिए कैब बुक नहीं कर पा रहे थे। हालांकि, 10 अप्रैल 2026 तक वोडाफोन आइडिया, एयरटेल और बीएसएनएल की सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, जबकि Jio का काम अभी जारी है।</p>
<p><strong>किराया नियंत्रण के लिए प्रीपेड सिस्टम लागू</strong><br />किरायों में मनमानी रोकने के लिए 1 जनवरी 2026 से एयरपोर्ट पर प्रीपेड टैक्सी सिस्टम लागू किया गया है। इसकी निगरानी पनवेल के असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर  द्वारा की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 13:21:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों को गर्म खाना देने में क्यों आ रही दिक्कत, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने की ये डिमांड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हावड़ा–कामाख्या रूट पर शुरू हुई प्रीमियम वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खाने को लेकर विवाद के बाद अब इसके डिजाइन में बदलाव पर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर ट्रेन में पैंट्री कार जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि यात्रियों को गर्म और अच्छी क्वालिटी का खाना मिल सके। इस मुद्दे पर हाल ही में मुंबई में एक हाई लेवल मीटिंग का आयोजन किया गया था। इस मीटिंग में अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान ट्रेन में कैटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रही इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने पैंट्री कार की मांग रखी है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48070/why-is-there-a-problem-in-providing-hot-food-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-28t115152.639.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>हावड़ा–कामाख्या रूट पर शुरू हुई प्रीमियम वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में खाने को लेकर विवाद के बाद अब इसके डिजाइन में बदलाव पर चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर ट्रेन में पैंट्री कार जोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि यात्रियों को गर्म और अच्छी क्वालिटी का खाना मिल सके। इस मुद्दे पर हाल ही में मुंबई में एक हाई लेवल मीटिंग का आयोजन किया गया था। इस मीटिंग में अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान ट्रेन में कैटरिंग की जिम्मेदारी संभाल रही इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने पैंट्री कार की मांग रखी है। </p>
<p> </p>
<p><strong>खाना गरम करने में सक्षम नहीं है हॉट केस</strong><br />अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैंट्री कार नहीं है। 2 कोच के बीच में हॉट केस (खाना गर्म करने की मशीन) लगी हैं, जो खाने को सही तापमान तक गर्म करने में सक्षम नहीं है। इसी वजह से कई यात्रियों ने खाने के ठंडा, बासी या बदबूदार होने की शिकायत की है। दरअसल हॉट केस में नार्मल टेम्परेचर का खाना गरम करा जा सकता है, लेकिन यदि खाना फ्रोजेन है,तो उसे ज्यादा समय लगता है। लेकिन यात्रियों की आबादी को देखते हुए, ज्यादा समय देना मुमकिन नहीं है। </p>
<p><strong>स्टोरेज में भी आ रही दिक्कत</strong><br />सूत्रों ने बताया कि इस ट्रेन में हाई-प्रोफाइल कैटरर्स के जरिए कोल्ड चेन मील्स दी जा रही हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि हॉट केस खाना ठीक से गर्म नहीं कर पा रही है। ऊपर से हर कोच में ये सुविधा भी नहीं है। ऐसे में पैक्ड फूड खराब होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि न तो सही हीटिंग सिस्टम है और न ही स्टोरेज का पूरा इंतजाम। नतीजन यात्रियों ने कम्प्लेन करना शुरू कर दिया है। आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने कहा कि यात्री गर्म खाना चाहते हैं, जो इस व्यवस्था में संभव नहीं हो पा रहा। इसलिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैंट्री कार की जरूरत है और इसका प्रस्ताव भी दिया गया है।</p>
<p><strong>मुंबई से चलने वाली ट्रेनों में मिलेगा महाराष्ट्रियन खाना</strong><br />मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि भारतीय रेलवे जल्द ही मुंबई से भी निर्धारित गंतव्य के लिए वंदे भारत शुरू कर सकती है। इसी कड़ी में मुंबई से चलने वाली वंदे भारत स्लीपर के मेन्यू पर भी मंथन चालु है । मिली जानकारी के अनुसार, महारष्ट्र से चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में महाराष्ट्रीयन मेनू होगा, जिसमे मिसल पाँव, वडा पाव, थालीपीठ, आलू वडी, पिटला - भाकरी, पोहा और उपमा जैसे चीज़ शामिल हो सकती है। </p>
<p><strong>कितने कोच की होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन</strong><br />दरअसल वंदे भारत स्लीपर 16 कोच की ओवरनाइट स्लीपर ट्रेन है। इसमें कुल 823 बर्थ हैं। इसमें 11 एसी 3-टियर कोच (611 बर्थ), 4 एसी 2-टियर कोच (188 बर्थ) और 1 फर्स्ट क्लास एसी कोच (24 बर्थ) शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 11:53:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर : एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, एअर इंडिया की फ्लाइट की लैंडिंग में दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर एयरपोर्ट पर भी बारामती जैसा हादसा होते-होते बच गया। दरअसल, दिल्ली से जयपुर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 की लैंडिंग फेल होने से बुधवार दोपहर यात्रियों में दहशत फैल गई। दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर विमान ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन रनवे को टच करते ही पायलट ने आखिरी क्षणों में फैसला बदलते हुए विमान को दोबारा हवा में उठा लिया।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47309/major-accident-averted-at-jaipur-airport-problem-in-landing-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-28t183140.880.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर : </strong>जयपुर एयरपोर्ट पर भी बारामती जैसा हादसा होते-होते बच गया। दरअसल, दिल्ली से जयपुर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI-1719 की लैंडिंग फेल होने से बुधवार दोपहर यात्रियों में दहशत फैल गई। दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर विमान ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन रनवे को टच करते ही पायलट ने आखिरी क्षणों में फैसला बदलते हुए विमान को दोबारा हवा में उठा लिया।</p>
<p> </p>
<p>सूत्रों के अनुसार, लैंडिंग के दौरान अस्थिर अप्रोच की स्थिति बन गई थी। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने मानक प्रक्रिया के तहत ‘गो-अराउंड’ का निर्णय लिया। इसके बाद विमान ने एयरपोर्ट के ऊपर कुछ समय तक चक्कर लगाए। हालात सामान्य होने के बाद करीब 10 मिनट बाद दूसरे प्रयास में फ्लाइट की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई। विमान में सवार यात्रियों ने राहत की सांस ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 18:32:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बिगड़ते एयर पॉल्यूशन की तरफ आंखें मूंद लेने और इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए कोई असरदार कदम न उठाने के लिए बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को फटकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को शहर में बिगड़ते एयर पॉल्यूशन की तरफ आंखें मूंद लेने और इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए कोई असरदार कदम न उठाने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने सिविक बॉडी को चेतावनी दी कि अगर हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह कंस्ट्रक्शन के लिए आगे कोई भी परमिशन देने से रोकने के लिए ऑर्डर पास करेगी।कोर्ट 2023 में खुद से शुरू की गई एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और हाल ही में एयर क्वालिटी इंडेक्स में काफी गिरावट के बाद फाइल किए गए कई इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46456/brihanmumbai-municipal-corporation-reprimanded-for-turning-a-blind-eye-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-25t141740.823.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को शहर में बिगड़ते एयर पॉल्यूशन की तरफ आंखें मूंद लेने और इस प्रॉब्लम को कम करने के लिए कोई असरदार कदम न उठाने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने सिविक बॉडी को चेतावनी दी कि अगर हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह कंस्ट्रक्शन के लिए आगे कोई भी परमिशन देने से रोकने के लिए ऑर्डर पास करेगी।कोर्ट 2023 में खुद से शुरू की गई एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और हाल ही में एयर क्वालिटी इंडेक्स में काफी गिरावट के बाद फाइल किए गए कई इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहा था। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की बेंच ने पूछा कि सिविक बॉडी ने मुंबई जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा के 125 से ज़्यादा कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को कैसे मंज़ूरी दी।<br />जजों ने पूछा, "इतने छोटे शहर में ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा के 125 प्रोजेक्ट्स को कैसे मंज़ूरी दी जा सकती है, यह बहुत ज़्यादा है।</p>
<p> </p>
<p>अब हालात आपके कंट्रोल से बाहर हो गए हैं। अब आप चीज़ों को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं।"कोर्ट 2023 में खुद से शुरू की गई एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और हाल ही में एयर क्वालिटी इंडेक्स में भारी गिरावट के बाद फाइल की गई कई इंटरवेंशन एप्लीकेशन पर सुनवाई कर रहा था। यह ऑब्ज़र्वेशन तब आया जब एमिकस क्यूरी डेरियस खंबाटा ने बताया कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के उपाय ज़्यादातर रिएक्शनरी थे, सुधार के लिए नहीं।जजों ने कहा कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन “कुछ नहीं कर रही है” और यहां तक ​​कि कम से कम ज़रूरतें भी पूरी नहीं की गईं और एयर पॉल्यूशन को कम करने के उपायों को लागू करने के लिए कुछ भी नहीं था।जजों ने अपनी बनाई पांच मेंबर वाली कमेटी की तरफ से कोई एक्शन न लेने पर कहा, “बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बिल्कुल काम नहीं कर रही है।</p>
<p>कोई मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। उसने इस मुद्दे पर आंखें मूंद ली हैं।”जजों से यह नोट करने के लिए कहा गया कि एयर पॉल्यूशन फैलाने वाली साइट्स के खिलाफ सही एक्शन लेने के बड़े अधिकार होने के बावजूद, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने शो-कॉज नोटिस जारी करने के अलावा कुछ नहीं किया। बेंच ने यह भी नोट किया कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कई स्पेशल स्क्वॉड कंस्ट्रक्शन साइट्स पर इंस्पेक्शन नहीं कर रहे थे, क्योंकि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से पेश सीनियर वकील एसयू कामदार ने कोर्ट को बताया कि मंगलवार को सिविक स्क्वॉड ने 39 साइट्स का इंस्पेक्शन किया था। कामदार ने कहा कि बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 91 स्क्वॉड में से ज़्यादातर सिविक अधिकारियों को इलेक्शन ड्यूटी के लिए बुलाया गया था और इसलिए वे ज़्यादा साइट्स को कवर नहीं कर पाए।</p>
<p>हालांकि, जजों ने कहा कि इलेक्शन ड्यूटी कोई बहाना नहीं हो सकता, और सिविक बॉडी हमेशा संबंधित अधिकारियों के लिए छूट मांगने के लिए इलेक्शन कमीशन में एप्लीकेशन दे सकती है।जब सीनियर वकील ने दावा किया कि बुधवार को शहर का एक्यूआई 88 था, जिसे संतोषजनक माना जाता है, तो जजों ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि कॉर्पोरेशन काम कर रहा है।जब कोर्ट ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से पूछा कि वह अगले दो हफ़्तों में क्या करने की योजना बना रही है, तो कोर्ट में मौजूद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कमिश्नर भूषण गगरानी ने कहा कि सिविक स्क्वॉड हर दिन कम से कम दो कंस्ट्रक्शन साइट्स का इंस्पेक्शन करेंगे और एयर पॉल्यूशन को कम करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएंगे। कोर्ट ने अब मामले की सुनवाई 20 जनवरी को तय की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 14:18:51 +0530</pubDate>
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