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                <title>feet - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : जोगेश्वरी में शराबी पत्नी ने किया पति पर हमला, हाथ-पैर में आईं गंभीर चोटें, केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जोगेश्वरी इलाके में घरेलू विवाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही पति पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया. बताया जा रहा है कि महिला शराब का सेवन करती थी. इस मामले में अंबोली पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक अब्दुल कुरैशी (39), जो पेशे से प्लंबर हैं और जोगेश्वरी पश्चिम के यादव नगर इलाके में रहते हैं. पति के मुताबिक शराब पीने को लेकर पत्नी से बहस हुई जिसके बाद उसने उनके ऊपर हमला कर दिया.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48943/drunken-wife-attacks-husband-in-mumbai-jogeshwari-serious-injuries-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जोगेश्वरी इलाके में घरेलू विवाद का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही पति पर चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया. बताया जा रहा है कि महिला शराब का सेवन करती थी. इस मामले में अंबोली पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद रफीक अब्दुल कुरैशी (39), जो पेशे से प्लंबर हैं और जोगेश्वरी पश्चिम के यादव नगर इलाके में रहते हैं. पति के मुताबिक शराब पीने को लेकर पत्नी से बहस हुई जिसके बाद उसने उनके ऊपर हमला कर दिया.</p>
<p> </p>
<p><strong>पति ने पत्नी पर लगाया ये आरोप</strong><br />पति ने आरोप लगाया कि 31 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे जब वह घर पहुंचे तो उनकी पत्नी सबा कुरैशी (30) नशे की हालत में घर में सो रही थी. रफीक के मुताबिक, जब उन्होंने पत्नी से रोज शराब पीकर आने को लेकर सवाल किया, तो वह भड़क गई और गाली-गलौज करने लगी.  उन्होंने जब उसे समझाने की कोशिश की, तो सबा ने उन्हें घर से बाहर निकलने के लिए कहा और धमकी देने लगी. आरोप है कि इसी दौरान सबा ने घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से रफीक पर हमला कर दिया. महिला के पति रफीक ने पुलिस को इसकी शिकायत देते हुए अपनी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. </p>
<p><strong>पति का पैर और हाथ में आईं गंभीर चोटें</strong><br />इस हमले में रफीक के दाहिने पैर और बाएं हाथ पर चोटें आईं और पैर में गंभीर जख्म हो गया. घायल रफीक ने जोगेश्वरी पूर्व स्थित ट्रॉमा केयर अस्पताल में इलाज कराया, जिसके बाद अंबोली पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 118(1), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस द्वारा जल्द ही महिला के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:14:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सेंट्रल रेलवे के सफाई अभियान से 5.98 करोड़ की कमाई; 19 मिलियन किलोग्राम से ज़्यादा ऑफिस स्क्रैप निकला, जिससे लगभग 74,876 वर्ग फुट जगह खाली हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेंट्रल रेलवे के दो महीने लंबे सफाई अभियान से 19 मिलियन किलोग्राम से ज़्यादा ऑफिस स्क्रैप निकला, जिससे लगभग 74,876 वर्ग फुट जगह खाली हुई और रेलवे को 5.98 करोड़ की कमाई हुई।सेंट्रल रेलवे  ने 19 मिलियन किलोग्राम स्क्रैप बेचा, ऑफिस और स्टेशनों को खाली करके 5.98 करोड़ कमाएछत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की हेरिटेज बिल्डिंग और दूसरे रेलवे ऑफिस की जगहों पर फेंकी गई फाइलों और कचरे के ढेर को ठीक करने के लिए, सेंट्रल रेलवे  अधिकारियों ने एक अभियान शुरू किया, जिसमें 1,943 ऑफिस और 2,565 जगहों की सफाई की गई, जिनमें स्टेशन, फुट-ओवर-ब्रिज, प्लेटफॉर्म और दूसरी जगहें शामिल हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45666/mumbai-central-railways-cleanliness-campaign-earned-rs-598-crore-more"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-22t111635.624.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सेंट्रल रेलवे के दो महीने लंबे सफाई अभियान से 19 मिलियन किलोग्राम से ज़्यादा ऑफिस स्क्रैप निकला, जिससे लगभग 74,876 वर्ग फुट जगह खाली हुई और रेलवे को 5.98 करोड़ की कमाई हुई।सेंट्रल रेलवे  ने 19 मिलियन किलोग्राम स्क्रैप बेचा, ऑफिस और स्टेशनों को खाली करके 5.98 करोड़ कमाएछत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की हेरिटेज बिल्डिंग और दूसरे रेलवे ऑफिस की जगहों पर फेंकी गई फाइलों और कचरे के ढेर को ठीक करने के लिए, सेंट्रल रेलवे  अधिकारियों ने एक अभियान शुरू किया, जिसमें 1,943 ऑफिस और 2,565 जगहों की सफाई की गई, जिनमें स्टेशन, फुट-ओवर-ब्रिज, प्लेटफॉर्म और दूसरी जगहें शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p>सेंट्रल रेलवे  के एक अधिकारी ने कहा, “हमने 19 मिलियन किलोग्राम से ज़्यादा स्क्रैप का निपटान किया है।”1,900 से ज़्यादा ऑफिस से कबाड़ का सामान – 2,800 ऑफिस फाइलें, ई-वेस्ट, पुरानी मशीनें, कंप्यूटर, फर्नीचर और फिक्स्चर, और दूसरी चीजें – बेचकर सेंट्रल रेलवे  ने 5.98 करोड़ का रेवेन्यू कमाया है। मुंबई यात्री संघ के प्रेसिडेंट सुभाष गुप्ता ने कहा, “इससे पता चलता है कि रेल अधिकारी अपने ऑफिस की देखभाल करने में आलसी हैं।</p>
<p>स्टेशनों की सफाई से पहले, अधिकारियों को समय-समय पर अपने ऑफिस की जगहों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। जितना ई-वेस्ट और पुरानी फाइलें निकलती हैं, उससे साफ है कि सरकारी ऑफिस कितने गंदे हैं।”सेंट्रल रेलवे  अधिकारियों ने इस सफाई अभियान को दूसरे रेलवे स्टेशनों और जगहों पर भी बढ़ाया है। हर रात, रेल कर्मचारी प्लेटफॉर्म और दीवारों को साफ करने के लिए मशीन वाली सफाई मशीनों, जेट स्प्रे से पानी और पोछे का इस्तेमाल करते हैं।सेंट्रल रेलवे  के एक और अधिकारी ने कहा, “हमने सेंट्रल रेलवे  स्टेशनों पर 3,200 से ज़्यादा सफाई अभियान चलाए। हमारे अधिकारियों को जो दिक्कतें आईं, उनमें से एक यह थी कि कुछ लोग हमारे कर्मचारियों द्वारा साफ किया गया कचरा वापस रेल जगह पर फेंक देते थे।”</p>
<p>रेलवे यूनियन के नेताओं ने कहा कि रेल प्रशासन को सफाई के काम में लगे कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों पर नज़र रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारी अक्सर रेल परिसर में छोटी-छोटी दरारों और गंदी जगहों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हालांकि, प्रशासन ने जवाब दिया कि उनके सफाई के काम पर ठीक से नज़र रखी जाती है, उसे डॉक्यूमेंट किया जाता है और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 11:17:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>क्लब फुट का होता है राजावाडी सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज... 19 महीने में 84 बच्चों के पैर हुए ठीक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">राजावाडी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. भारती राजूवाला ने बताया कि अस्पताल में क्लब फुट के लिए विशेष ओपीडी चलाई जाती है। गरीब अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं आए, इसलिए हमारे यहां सभी बच्चों का मुफ्त में इलाज किया जाता है। कंसल्टेंट पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. चिंतन दोशी बच्चों का उपचार करते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/32512/club-foot-is-treated-free-of-cost-at-rajawadi-government-hospital-84-children-s-feet-were-cured-in-19-months"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-07/5d.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> जो बच्चे जन्मजात मुड़े पैर (क्लब फुट) वाले होते हैं, उन्हें ठीक करने के लिए उनके माता-पिता एड़ी चोटी का जोर लगा देते हैं, फिर भी उन्हें निराशा हाथ लगती है। लेकिन घाटकोपर में बीएमसी के राजावाडी अस्पताल के डॉक्टर बेहतरीन इलाज के माध्यम से ऐसे बच्चों को ठीक करने में सफल हो रहे हैं। इस अस्पताल से क्लब फुट वाले बच्चे ठीक होकर निकल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले 19 महीने में अस्पताल के डॉक्टर ने क्लब फुट से जूझ रहे 84 मासूम बच्चों के पैरों को पूरी तरह से ठीक किया है। क्लब फुट में पैरों की कई असामान्यताएं शामिल हैं, जो आमतौर पर जन्म के समय पाईं जाती हैं। इसमें बच्चे के एक या दोनों पैर का आकार अंदर की ओर मुड़ा हुआ होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्लब फुट में, मांसपेशियों को हड्डी (टेंडन) से जोड़ने वाले ऊतक सामान्य से छोटे होते हैं। जागरूकता की कमी के कारण कई बार अभिभावकों को पता ही नहीं चलता और फिर बच्चे जब थोड़े बड़े हो जाते हैं, तो फिर उन्हें चलने में दिक्कत होती है। इस विकृति से जूझ रहे बच्चों को इलाज मिले, इसी के मद्देनजर सितंबर 2022 में राजावाडी अस्पताल में क्लब फुट ओपीडी की शुरुआत की गई।<br /><br />राजावाडी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. भारती राजूवाला ने बताया कि अस्पताल में क्लब फुट के लिए विशेष ओपीडी चलाई जाती है। गरीब अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं आए, इसलिए हमारे यहां सभी बच्चों का मुफ्त में इलाज किया जाता है। कंसल्टेंट पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. चिंतन दोशी बच्चों का उपचार करते हैं।<br /><br />डॉ. चिंतन दोषी ने बताया कि पिछले 18 महीनों में ओपीडी में 1,000 अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आए हैं। इनमें से 150 बच्चे ऐसे थे, जिन्हें क्लब फुट की समस्या थी, लेकिन फिजियोथेरेपी की मदद से ही उनका पांव ठीक हो गया। इसके लिए बच्चे की मां को ही प्रशिक्षण दिया गया। जब बच्चे छोटे रहते हैं और विकृति उतनी गंभीर नहीं होती, तब केवल फिजियो से भी पांव को ठीक किया जा सकता है।<br /><br />डॉ. दोषी ने बताया कि 88 बच्चे ऐसे थे, जिनकी एड़ी फिजियो से ठीक नहीं हो सकती थी। इन बच्चों का हर सप्ताह प्लास्टर किया जाता है। 4 से 5 सप्ताह प्लास्टर करने के बाद टीनाटामी प्रक्रिया की जाती है। इसमें बच्चे के एड़ी पिछले हिस्से की सख्त मसल को लूज किया जाता है, ताकि पैर अपने सामान्य पोजीशन पर आ सके।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद 3 महीने तक फिर से बच्चे के प्रभावित पैर में प्लास्टर किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद अभिभावकों को विशेष प्रकार के जूते (ब्रेस) दिए जाते हैं। यह जूते 6 महीने लगातार 22 घंटे तक पहनने होते हैं। 6 महीने के बाद जब तक बच्चा 4 साल का पूरा नहीं होता, तब तक उसे सोते वक्त जूते पहनने के लिए कहा जाता है।<br /><br />डर और इलाज के बारे में अज्ञानता होने से बच्चे के इलाज में बाधा आती है। कुछ परिवारों में ऐसा माना जाता है कि श्राप, ग्रहण, माता-पिता द्वारा कुत्ते पर पैर रखने जैसे अंधविश्वासों के कारण बच्चे का जन्म विकलांग बच्चे के रूप में हुआ है। यह भी अंधविश्वास है कि अपने पैर से नींबू को पार करने के कारण बच्चे ऐसे पैरों के साथ पैदा होते हैं। इन सब अंधविश्वासों के कारण समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता है। लेकिन यह ओपीडी इस गलतफहमी को दूर करने और यह समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है कि बच्चे के पैर क्यों मुड़े हुए हैं और इसके ठीक करने के उपाय क्या हैं।<br /><br />क्लब फुट तब होता है जब जन्म के समय बच्चे के पैर मुड़े हुए होते हैं। यह कई बार एक ही पोजिशन में पैर होने के कारण भी होता है। यह गर्भावस्था में सोनोग्राफी में भी नहीं दिखता है। हालांकि, क्लब फुट की पहचान बच्चे के जन्म होते ही की जा सकती है। डॉ. दोषी ने बताया कि हमारे अस्पताल में यदि कोई बच्चा उक्त विकृति के साथ जन्म लेता है, तो डॉक्टर हमें तुरंत बुलाते हैं।<br /><br />डॉ. दोषी ने बताया कि क्लब फुट की पहचान और इलाज जितनी जल्दी हो उतना अच्छा परिणाम मिलता है। एक बार बच्चा बड़ा हो जाता है, तो फिर सर्जरी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। सर्जरी तक बात नहीं पहुंचे, इसलिए अभिभावकों को जरा भी संदेह है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/32512/club-foot-is-treated-free-of-cost-at-rajawadi-government-hospital-84-children-s-feet-were-cured-in-19-months</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 09:52:35 +0530</pubDate>
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                <title>रश्मिका मंदाना अपनी मेड के छूती हैं पैर...  एक्ट्रेस ने बताई ये वजह</title>
                                    <description><![CDATA[एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना उन चुनिंदा एक्ट्रेसेस में से एक हैं जिन्होंने अपने काम के दम पर कम समय में ही इंडस्ट्री में अपनी अच्छी पहचान बना ली है। नेशनल क्रश रश्मिका की अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। जो उनकी हर एक्टिविटी पर नजर रखती है। अब एक्ट्रेस ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में ये खुलासा किया कि वो अपनी हाउस हैल्पर के भी पैर छूती हैं। रश्मिका जब भी घर जाती हैं तो वो सभी के पैर छूती हैं। उन्होंने अपनी मेड के पैर छुने की दिल छू लेने वाली वजह बताई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19200/rashmika-mandanna-touches-her-maid-s-feet----the-actress-told-the-reason"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/download-(5)12.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना उन चुनिंदा एक्ट्रेसेस में से एक हैं जिन्होंने अपने काम के दम पर कम समय में ही इंडस्ट्री में अपनी अच्छी पहचान बना ली है। नेशनल क्रश रश्मिका की अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। जो उनकी हर एक्टिविटी पर नजर रखती है। अब एक्ट्रेस ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में ये खुलासा किया कि वो अपनी हाउस हैल्पर के भी पैर छूती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रश्मिका जब भी घर जाती हैं तो वो सभी के पैर छूती हैं। उन्होंने अपनी मेड के पैर छुने की दिल छू लेने वाली वजह बताई। खबर के अनुसार बाजार इंडिया को दिए इंटरव्यू में रश्मिका ने बताया, "मेरे लिए छोटी चीजें मायने रखती हैं। मैं जागती हूं और अपने पालतू जानवरों के साथ समय बिताती हूं। अपने दोस्तों से भी मिलती हूं, इससे मुझे खुशी मिलती है। शब्द वास्तव में शक्तिशाली होते हैं और वो किसी व्यक्ति को बना या बिगाड़ सकते हैं, यही कारण है कि जब कोई कुछ कहता है, तो ये मेरे लिए मायने रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैं अपनी डायरी में छोटी से छोटी बात लिखती हूं... जब घर जाती हूं, मुझे सम्मान के लिए सभी के पैर छूने की आदत है, मैं अपने हाउस हेल्प के भी पैर छूती हूं, क्योंकि मैं अंतर नहीं करना चाहती। मैं सभी का सम्मान करती हूं... एक व्यक्ति के रूप में मैं यही हूं।" ये पूछे जाने पर कि क्या उनके पेरेंट्स को उन पर प्राउड फील होता है, रश्मिका ने बताया, "वास्तव में नहीं, क्योंकि मेरा परिवार फिल्म उद्योग से अलग हो गया है और उन्हें नहीं पता कि उनकी बेटी क्या कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन जब मैं अवॉर्ड जीतती हूं तो उन्हें गर्व महसूस होता है। शायद मुझे उन्हें मुझ पर गर्व करने के लिए और भी बहुत कुछ हासिल करने की जरूरत है। मेरे पैरेंट्स ने मुझे बिना किसी हिचकिचाहट के पाला है, उन्होंने मुझे वो सब कुछ प्रदान किया है जो एक बच्चा मांग सकता है, और मैं इसके लिए आभारी हूं और अब उनकी देखभाल करने की बारी मेरी है..."<br /><br />रश्मिका मंदाना ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 2016 में आई कन्नड़ फिल्म किरिक पार्टी से की थी। इस फिल्म में उनके रोल को काफी पसंद किया गया। जिसके बाद उन्होंने कई साउथ फिल्मों में काम किया। हाल ही में रिलीज हुई मिशन मजनू एक्ट्रेस की लास्ट फिल्म थी। वहीं अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो एक्ट्रेस फिलहाल पुष्पा फ्रेंचाइजी पुष्पा: द रूल की शूटिंग में बिजी चल रही हैं साथ ही रश्मिका बॉलीवुड फिल्म एनिमल में भी नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके अपोजिट रणबीर कपूर भी लीड रोल में रहेंगे। रणबीर के साथ रश्मिका की ये पहली फिल्म होगी। इस फिल्म की रिलीज डेट 11 अगस्त 2023 अनाउंस की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Wed, 22 Mar 2023 20:27:17 +0530</pubDate>
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