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                <title>admission - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>admission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : आईआईएम और आईआईटी बाॅम्बे ने शुरू किया डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स, जेईई मेन स्कोर से मिलेगा एडमिशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49199/mumbai-iim-and-iit-bombay-started-digital-science-and-business"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t112056.307.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 में शामिल हुए कैंडिडेट्स के लिए बड़ा अपडेट है. अब जेईई मेन स्कोर से एडमिशन का दायरा बढ़ गया है. अब ऐसे कैंडिडेट्स जेईई मेन स्कोर से डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में भी एडमिशन ले सकेंगे. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे के साथ मिलकर 4 साल का ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स शुरू किया है. ये अपने तरह का पहला कोर्स है, जो टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. </p>
<p> </p>
<p>आइए, डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. जानेंगे कि इस कोर्स में क्या खास है? साथ ही इस कोर्स के एडमिशन प्रोसेस और फीस के बारे में विस्तार से जानते हैं.</p>
<p><strong>आईआईएम और आईआईटी ने तैयार किया कोर्स</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स की जानकारी आईआईएम मुंबई के डायरेक्टर प्रोफेसर मनोज तिवारी ने दी है. उन्होंने बताया कि आईआईएम मुंबई इस कोर्स को संचालित करेगा, जिसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे और इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से तैयार किया गया है, जो इस सेशन से संचालित किया जाएगा.</p>
<p><strong>जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन स्कोर और इंटरव्यू से एडमिशन</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में एडमिशन जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन  मेन स्काेर के आधार पर दिया जाएगा. एडमिशन के लिए जेईई मेन स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स को शार्टलिस्ट किया जाएगा, इसके बाद उनका एक इंटरव्यू होगा. इसके बाद एडमिशन के लिए फाइनल मेरिट बनेगी.</p>
<p><strong>कोर्स में क्या सीखाया जाएगा</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स को टेक्नोलॉजी और बिजनेस लीडरशिप को साथ रखकर तैयार किया गया है. इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और रोबोटिक्स के बारे में जानेंगे का मौका मिलेगा. इसके साथ ही कोर्स में मैनेजमेंट के मुख्य स्तंभों: ऑपरेशंस, मार्केटिंग, फाइनेंस और मैन्युफैक्चरिंग के बारे में भी पढ़ाया जाएगा. </p>
<p><strong>70 सीटें, फीस डिटेल्स और 100 फीसदी प्लेसमेंट</strong><br />डिजिटल साइंस व बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स के लिए 70 सीटें निर्धारित हैं. तो वहीं ये कोर्स डिजिटल रूप से संचालित किया जाएगा, जिसे इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस कोर्स के लिए निर्धारित फीस की बात करें तो इस डिग्री प्रोग्राम की सालाना फीस 6-7 लाख रुपये होगी. तो वहीं 100 प्रतिशत प्लेसमेंट की गारंटी भी संस्थान की तरफ से दी जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:22:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : प्रवेश सत्र के दौरान छात्रों और शिक्षकों से 200 से ज़्यादा शिकायतें मिली </title>
                                    <description><![CDATA[<p>शुल्क नियामक प्राधिकरण को चालू प्रवेश सत्र के दौरान छात्रों और शिक्षकों से 200 से ज़्यादा शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कई व्यावसायिक कॉलेज उसके शुल्क मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं। कुछ शिकायतें शिक्षकों की ओर से भी आई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कुछ कॉलेजों ने अपनी रिपोर्ट में वेतन बढ़ाकर बताया है, जबकि कर्मचारियों को कथित तौर पर कम वेतन दिया है। प्राधिकरण ने सोमवार को सुनवाई के लिए कुछ दोषी कॉलेजों को तलब किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45307/more-than-200-complaints-received-from-students-and-teachers-during"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-08t121710.141.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> शुल्क नियामक प्राधिकरण को चालू प्रवेश सत्र के दौरान छात्रों और शिक्षकों से 200 से ज़्यादा शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कई व्यावसायिक कॉलेज उसके शुल्क मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं। कुछ शिकायतें शिक्षकों की ओर से भी आई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कुछ कॉलेजों ने अपनी रिपोर्ट में वेतन बढ़ाकर बताया है, जबकि कर्मचारियों को कथित तौर पर कम वेतन दिया है। प्राधिकरण ने सोमवार को सुनवाई के लिए कुछ दोषी कॉलेजों को तलब किया है।</p>
<p> </p>
<p>शुल्क उल्लंघन के लिए कॉलेजों के खिलाफ शुल्क नियामक प्राधिकरण  में 200 से ज़्यादा शिकायतें दर्जव्यावसायिक शिक्षा महाविद्यालयों के शुल्क ढाँचे को नियंत्रित करने वाले शुल्क नियामक प्राधिकरण ने पाया है कि प्राधिकरण द्वारा निश्चित शुल्क स्वीकृत होने के बावजूद, कई संस्थान छात्रों से ज़्यादा शुल्क ले रहे हैं या विभिन्न श्रेणियों के तहत अतिरिक्त भुगतान की माँग कर रहे हैं। शुल्क नियामक प्राधिकरण के सदस्य सचिव अर्जुन चिखले ने कहा, "इस प्रवेश सत्र में हमें लगभग 200 शिकायतें मिली हैं, जिनमें से 31 मेडिकल कॉलेजों से हैं। </p>
<p>कई शिकायतें ज़्यादा शुल्क लेने या अनिवार्य छात्रावास शुल्क लेने से संबंधित हैं, जबकि संकाय सदस्यों ने भी कुछ शिकायतें दर्ज की हैं।"उन्होंने बताया कि संकाय सदस्यों ने भी शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि कुछ कॉलेज एफआरए को अपनी व्यय रिपोर्ट में बढ़ा-चढ़ाकर वेतन भुगतान दिखाते हैं, लेकिन अपने कर्मचारियों को वास्तविक राशि का भुगतान नहीं करते।</p>
<p>उन्होंने बताया, "जब हमें शिकायतें मिलती हैं, तो हम सबसे पहले संबंधित संस्थान से स्पष्टीकरण मांगते हैं। अगर जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो हम दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाते हैं।" एफआरए ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर सोमवार को कुछ कॉलेजों के लिए सुनवाई निर्धारित की है।मौजूदा नियमों के तहत, एफआरए संस्थानों द्वारा प्रस्तुत वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर ट्यूशन और विकास शुल्क निर्धारित करता है। हालाँकि, कॉलेजों द्वारा लगाए जाने वाले अन्य शुल्कों पर प्राधिकरण का कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण बार-बार विवाद होते रहते हैं।</p>
<p>हाल के हफ्तों में, मेडिकल छात्रों ने भी शिकायत की है कि कुछ कॉलेज उन्हें हॉस्टल और मेस शुल्क का अग्रिम भुगतान करने के लिए मजबूर कर रहे हैं, भले ही वे इन सुविधाओं का उपयोग करने का इरादा न रखते हों। छात्रों का आरोप है कि एफआरए के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए, ऐसे भुगतान किए जाने तक प्रवेश रोके जा रहे हैं।हाल ही में, एफआरए ने राज्य भर के 450 कॉलेजों को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर अपनी स्वीकृत शुल्क संरचना प्रदर्शित नहीं करने के लिए नोटिस भी जारी किए। एफआरए नियमों के अनुसार, प्रत्येक कॉलेज को प्रत्येक पाठ्यक्रम की फीस सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करनी होगी। चिखले ने कहा, "हमने इन कॉलेजों को अपनी फीस का विवरण तुरंत अपलोड करने का निर्देश दिया है। कुछ ने इसका पालन किया है, लेकिन जो ऐसा नहीं करते हैं, उन पर एफआरए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।"<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 12:18:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई: मेडिकल कोर्स में दाखिले का बड़ा रैकेट; कई छात्रों ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश आवेदन भरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य में मेडिकल कोर्स में दाखिले का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। पता चला है कि राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल (सीईटी सेल) द्वारा आयोजित एमबीबीएस कोर्स के तीसरे राउंड के लिए दूसरे राज्यों के कई छात्रों ने फर्जी ईमेल, टेलीफोन नंबर और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश आवेदन भरे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, सीईटी सेल ने इन छात्रों से अपने मूल दस्तावेज जमा करने को कहा था। केवल एक छात्र ने दस्तावेज जमा किए हैं। इसलिए, सीईटी सेल अब शेष 151 छात्रों को अगले राउंड के प्रवेश में शामिल होने से रोक देगा। इन सभी छात्रों के दस्तावेजों की जाँच की जाएगी और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी से इस बारे में जानकारी माँगी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44780/big-racket-of-admission-in-mumbai-medical-course-many-students"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/images---2025-10-18t221410.364.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>राज्य में मेडिकल कोर्स में दाखिले का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। पता चला है कि राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल (सीईटी सेल) द्वारा आयोजित एमबीबीएस कोर्स के तीसरे राउंड के लिए दूसरे राज्यों के कई छात्रों ने फर्जी ईमेल, टेलीफोन नंबर और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्रवेश आवेदन भरे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद, सीईटी सेल ने इन छात्रों से अपने मूल दस्तावेज जमा करने को कहा था। केवल एक छात्र ने दस्तावेज जमा किए हैं। इसलिए, सीईटी सेल अब शेष 151 छात्रों को अगले राउंड के प्रवेश में शामिल होने से रोक देगा। इन सभी छात्रों के दस्तावेजों की जाँच की जाएगी और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी से इस बारे में जानकारी माँगी गई है।</p>
<p> </p>
<p>'उनके' दस्तावेजों की जाँच में क्या पता चला? सीईटी सेल द्वारा मेडिकल कोर्स के तीसरे राउंड की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद, नए उम्मीदवारों को भी नए सिरे से प्रवेश आवेदन पत्र भरने का मौका दिया गया। सीईटी सेल को शिकायतें मिली थीं कि दूसरे राज्यों के छात्रों ने महाराष्ट्र का निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करके प्रवेश प्रक्रिया में अपने आवेदन जमा किए थे। सीईटी सेल ने इन छात्रों के दस्तावेजों की जाँच की। पाया गया कि 152 छात्रों ने गलत दस्तावेज जमा किए थे।</p>
<p><strong>क्या ये प्रमाण पत्र भी फर्जी हैं? </strong><br />छात्रों द्वारा जमा किए गए निवास प्रमाण पत्र पर अलग-अलग नाम होने, राज्य सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र के प्रारूप या अक्षरों में न होने और प्रमाण पत्र का केवल आधा हिस्सा दिखाई देने जैसी त्रुटियाँ थीं। सूत्रों ने यह भी अनुमान लगाया कि इनमें से कुछ प्रमाण पत्र फर्जी थे। हालाँकि, अधिकारियों ने कहा कि छात्रों द्वारा अपना पक्ष रखने के बाद ही और स्पष्टता आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 22:15:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पिंपरी-चिंचवाड़ के 15 इंजीनियरिंग कॉलेजों को नोटिस... प्रवेश प्रक्रिया का खुलासा करने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सीईटी सेल ने इन सीटों पर प्रवेश के लिए संस्थान स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया के कार्यान्वयन के संबंध में नियम बनाए हैं और नियमानुसार निर्देश दिए हैं। हालांकि, इंजीनियरिंग कॉलेजों ने सीईटी सेल के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए सीएपी दौर की समाप्ति से पहले ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन पर बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन के जरिए कम अंक वाले छात्रों को प्रवेश देने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में संयुक्त सचिव कल्पेश यादव ने युवा सेना के माध्यम से पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ इंजीनियरिंग कॉलेजों के सीईटी सेल में शिकायत दर्ज कराई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/34037/notice-to-15-engineering-colleges-of-pimpri-chinchwad-order-to-disclose-admission-process"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-09/65df.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र :</strong> राज्य कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) सेल ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के 15 इंजीनियरिंग कॉलेजों को नोटिस भेजा है, जो नियमित प्रवेश दौर (सीएपी) की समाप्ति से पहले रिक्त सीटों पर संस्थागत स्तर पर प्रवेश ले रहे हैं। तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीई) ने इन कॉलेजों को तुरंत प्रवेश प्रक्रिया का खुलासा करने का आदेश दिया है। यदि इन कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अनियमित रूप से आयोजित की जाती है, तो छात्रों के प्रवेश रद्द होने की संभावना है। राज्य सीईटी सेल राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करता है। इसके अनुसार, तीसरा प्रवेश दौर सोमवार, 9 सितंबर को समाप्त होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रवेश प्रक्रिया के नियमों के अनुसार, तीसरे दौर की समाप्ति के बाद कॉलेजों में सीटें खाली रहती हैं। सीईटी सेल ने इन सीटों पर प्रवेश के लिए संस्थान स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया के कार्यान्वयन के संबंध में नियम बनाए हैं और नियमानुसार निर्देश दिए हैं। हालांकि, इंजीनियरिंग कॉलेजों ने सीईटी सेल के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए सीएपी दौर की समाप्ति से पहले ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन पर बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन के जरिए कम अंक वाले छात्रों को प्रवेश देने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में संयुक्त सचिव कल्पेश यादव ने युवा सेना के माध्यम से पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ इंजीनियरिंग कॉलेजों के सीईटी सेल में शिकायत दर्ज कराई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस शिकायत के अनुसार सीईटी सेल के आयुक्त दिलीप सरदेसाई और तकनीकी शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ विनोद मोहितकर को कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। तदनुसार, डीटीई के पुणे संभागीय कार्यालय के अधिकारी दत्तात्रेय जाधव ने 15 इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रिंसिपलों को नोटिस भेजकर तत्काल खुलासा करने का आदेश दिया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस बात पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए कि यदि संस्थान अवैध रूप से प्रवेश देता है, तो संबंधित प्रवेश रद्द कर दिए जाएंगे। इसलिए, इन कॉलेजों पर सीईटी सेल और डीटीई द्वारा की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/34037/notice-to-15-engineering-colleges-of-pimpri-chinchwad-order-to-disclose-admission-process</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 11:34:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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