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                <title>crore - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>crore RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: 28,000 करोड़ रुपये की योजना से मुंबई की बदहाल बेस्ट बस सेवा की ‘कायापलट’ की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>घाटे में चल रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए 28,000 करोड़ रुपये की पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दे दी है. बेस्ट समिति की इस योजना का नाम ‘कायापलट’ है. इसका उद्देश्य पुराने बस डिपो को आधुनिक बनाना और उन्हें कमर्शियल और रिहायशी हब में बदलकर उनसे कमाई करना है. आर्थिक तंगी से जूझ रही बेस्ट मुंबई की प्रमुख जमीनों पर बने 27 में से 22 बस डिपो को आधुनिक बनाकर उन्हें मिश्रित उपयोग वाले शहरी केंद्रों में बदलना चाहती है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51186/mumbai-preparation-to-transform-mumbais-distressed-best-bus-service-with"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/69365758_202307587155.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>घाटे में चल रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए 28,000 करोड़ रुपये की पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दे दी है. बेस्ट समिति की इस योजना का नाम ‘कायापलट’ है. इसका उद्देश्य पुराने बस डिपो को आधुनिक बनाना और उन्हें कमर्शियल और रिहायशी हब में बदलकर उनसे कमाई करना है. आर्थिक तंगी से जूझ रही बेस्ट मुंबई की प्रमुख जमीनों पर बने 27 में से 22 बस डिपो को आधुनिक बनाकर उन्हें मिश्रित उपयोग वाले शहरी केंद्रों में बदलना चाहती है.</p>
<p> </p>
<p>बेस्ट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है. अब इसे मंजूरी के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम के पास भेजा जाएगा. इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे महाराष्ट्र सरकार के पास भेजा जाएगा. कायापलट योजना के तहत 132 एकड़ में फैले 22 डिपो को आधुनिक एकीकृत हब में बदला जाएगा, जिससे घाटे में चल रही संस्था को आमदनी होगी. बेस्ट के पास कुल 190 एकड़ में फैले 27 डिपो हैं.</p>
<p>बेस्ट पर 14,323 करोड़ रुपये की देनदारी है. 5,000 बसें चलाने के लिए उसे 13,561 करोड़ रुपये की जरूरत है. योजना के तहत 28,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे देनदारियां चुकाई जाएंगी, नई बसें खरीदी जाएंगी और कर्मचारियों से जुड़े खर्च भी पूरे किए जाएंगे. इससे पहले बेस्ट कुर्ला डिपो का पुनर्विकास कर चुकी है. वहीं धारावी और काला किला डिपो को धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए सौंपा गया है. अनिक और प्रतीक्षा नगर डिपो मेट्रो-11 कॉरिडोर के निर्माण के लिए दिए जा रहे हैं.</p>
<p>बेस्ट के एक अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “इस पहल के तहत तैयार होने वाला सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर संस्था के लिए लंबे समय तक नियमित और स्थायी आय का स्रोत बनेगा. इस परियोजना के तहत एक समर्पित कॉर्पस फंड और एक रिकरिंग फंड बनाया जाएगा, जिससे संस्था की लंबी अवधि की वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी.”</p>
<p>उन्होंने कहा, “इस बदलाव की योजना से मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली बेस्ट को फिर से मजबूत बनाया जाएगा, ताकि यह आर्थिक रूप से सक्षम बन सके और यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सेवाएं दे सके.”</p>
<p>अधिकारी ने आगे कहा कि इस योजना से बेस्ट की आर्थिक मदद के लिए बीएमसी पर निर्भरता कम होगी, क्योंकि संस्था की अपनी कमाई का स्रोत तैयार होगा. मौजूदा वित्तीय वर्ष में बीएमसी ने बेस्ट को 1,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है. पहले चरण में बस डिपो और कर्मचारियों के क्वार्टरों को आधुनिक बनाया जाएगा. इसके बाद सार्वजनिक पार्किंग और सामाजिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा. यह पुनर्विकास डिज़ाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल से किया जाएगा. जमीन का मालिकाना हक बेस्ट के पास ही रहेगा.</p>
<p>बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव के मुताबिक, मुंबई को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 7,000 बेस्ट बसों की जरूरत है. फिलहाल शहर में 2,792 बेस्ट बसें हैं. आबादी के हिसाब से मुंबई में करीब 12,000 बसें होनी चाहिए. अधिकारियों ने बताया कि बेस्ट ने 2026-27 के लिए 1,500 मिडी बसों का ऑर्डर दे दिया है. ये बसें चार चरणों में आएंगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51186/mumbai-preparation-to-transform-mumbais-distressed-best-bus-service-with</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:14:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 800 करोड़ रुपये की ठगी: ईडी की मुंबई से लेकर बंगलूरू तक छापेमारी, क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी गई ठगी की रकम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्दाफाश किया है। ईडी की मुंबई जोनल शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत मुंबई, पुणे और बंगलूरू के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि लोगों से ठगे गए पैसे को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50967/mumbai-fraud-of-rs-800-crore-ed-raids-from-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/img_dk_shivakumar_at_ed__2_1_79c5icdl.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्दाफाश किया है। ईडी की मुंबई जोनल शाखा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत मुंबई, पुणे और बंगलूरू के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि लोगों से ठगे गए पैसे को फर्जी कंपनियों और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजा जा रहा था। इस मामले में कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। </p>
<p> </p>
<p><strong>ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर करोड़ों की ठगी</strong><br />ईडी के मुताबिक यह पूरा मामला 'ऑल पैनल एक्सचेंज' नाम के एक ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। इस प्लेटफॉर्म के खिलाफ महाराष्ट्र के जलगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।</p>
<p>जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप संदेश भेजकर इस एप से जोड़ा गया था। शुरुआत में उसका भरोसा जीतने के लिए उसे छोटी-छोटी रकम निकालने की अनुमति दी गई। इससे उसे लगा कि प्लेटफॉर्म असली है। बाद में जब उसने बड़ी रकम निवेश कर दी, तो पैसे निकालने का विकल्प बंद कर दिया गया और आरोपियों ने उससे संपर्क भी खत्म कर दिया। </p>
<p>ईडी की जांच में पता चला कि गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से ठगे गए पैसे को पुणे स्थित एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में भेजा जाता था। इसके लिए फर्जी बैंक खाते और कई मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इसी कंपनी के खाते देशभर में हुई कई साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हैं। इनमें फर्जी शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो निवेश और ऑनलाइन टास्क के नाम पर होने वाली ठगी के मामले शामिल हैं। बंगलूरू पुलिस ने भी इस कंपनी के खिलाफ 5.30 करोड़ रुपये की ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। </p>
<p><strong>ऐसे विदेश भेजी जा रही थी अवैध कमाई</strong><br />ईडी के अनुसार, आरोपियों ने अपराध से कमाए गए पैसे को कई फर्जी कंपनियों के जरिए इधर-उधर घुमाया और फिर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के माध्यम से उसे वर्चुअल डिजिटल एसेट में बदलकर विदेश भेज दिया। जांच में यह भी पता चला कि इन कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था और इन्हें डमी निदेशकों के नाम पर संचालित किया जा रहा था। </p>
<p>सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि एक क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक क्रिप्टो एक्सचेंज पर फर्जी खाता और वॉलेट खोला गया। इसी खाते के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। ईडी का कहना है कि यह पूरी रकम ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से ठगी गई थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:19:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई का कारोबारी डिजिटल अरेस्ट, 14 दिन में ठगों को किया 7.9 करोड़ रुपये ट्रांसफर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का बहुत बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई में साइबर ठगों ने एक 73 साल के टूर एंड ट्रैवल कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसा डराया कि उन्होंने 14 दिनों के भीतर 7.9 करोड़ रुपए गंवा दिए। अंधेरी के रहने वाले इस कारोबारी से हुई साइबर ठगी की जांच अब मुंबई की वेस्ट साइबर पुलिस कर रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50953/mumbai-businessman-digitally-arrested-transferred-rs-79-crore-to-thugs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-26t110108.234.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का बहुत बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई में साइबर ठगों ने एक 73 साल के टूर एंड ट्रैवल कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसा डराया कि उन्होंने 14 दिनों के भीतर 7.9 करोड़ रुपए गंवा दिए। अंधेरी के रहने वाले इस कारोबारी से हुई साइबर ठगी की जांच अब मुंबई की वेस्ट साइबर पुलिस कर रही है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को कारोबारी को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है। कॉल करने वाले की व्हाट्सऐप प्रोफाइल पर दिल्ली पुलिस की तस्वीर लगी हुई थी, जिससे कारोबारी को उस पर विश्वास हो गया।</p>
<p><strong>कैसे की ठगी?</strong><br />इसके बाद ठगों ने उन्हें यह कहकर डराया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी को भी इसकी जानकारी न दें। कई दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए उनकी पूछताछ की गई। एक व्यक्ति (जिसने अपना नाम राहुल गुप्ता बताया) ने दावा किया कि कारोबारी के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक सरकारी बैंक में खाता खोला गया है। इसमें 7 करोड़ रुपए जमा हैं। उसने जल्द गिरफ्तारी की धमकी भी दी। ठगों ने कारोबारी को डर के माहौल में रखा और लगातार पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सुप्रीम कोर्ट के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे।</p>
<p><strong>7.9 करोड़ रुपए ठगों के बताए बैंक खातों में भेजे</strong><br />वहीं, खुद को दिल्ली साइबर पुलिस की अधिकारी निशा गुप्ता बताने वाली एक महिला ने कहा कि अदालत के आदेश के तहत जांच के लिए कारोबारी अपने सभी म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक खातों की रकम बताए गए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करें। इस दावे को सही साबित करने के लिए एक फर्जी सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी भेजा गया। लगातार दबाव और डर के कारण कारोबारी ने 7 जुलाई से 16 जुलाई के बीच छह अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 7.9 करोड़ रुपए ठगों की ओर से बताए गए निजी बैंक खातों में भेज दिए।</p>
<p><strong>कैसे हुआ फ्रॉड का खुलासा?</strong><br />इस पूरे धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब 18 जुलाई को वेस्ट साइबर पुलिस के अधिकारी उनके घर पहुंचे और उन्हें बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर वेस्ट साइबर पुलिस ने 21 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p><strong>पैसे वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू</strong><br />पुलिस ने ठगी गई 7.9 करोड़ रुपए की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मुंबई पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली सूचना के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और ठगी गई 7.9 करोड़ रुपए की राशि को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 11:02:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बिना OTP के 10 करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई में 'बॉस स्कैम' का भंडाफोड़, ऐसे मिटाते थे सबूत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक नया और हाईटेक तरीका निकाल लिया है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की एक बड़ी कंपनी को 10 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड को “बॉस स्कैम” नाम दिया है. इस मामले में दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए 3 राज्यों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50866/mumbai-fraud-of-rs-10-crore-without-otp-boss-scam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/istock-157619625-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक नया और हाईटेक तरीका निकाल लिया है. मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ही इंटरस्टेट साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देश की एक बड़ी कंपनी को 10 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. मुंबई पुलिस ने इस नए साइबर फ्रॉड को “बॉस स्कैम” नाम दिया है. इस मामले में दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन (क्राइम ब्रांच) ने कार्रवाई करते हुए 3 राज्यों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश अभी जारी है.</p>
<p> </p>
<p>सायबर सेल के डीसीपी बजरंग बनसोड़े ने बताया कि इस ठगी की सबसे खास बात यह थी कि इसमें शिकार को न तो कोई फिशिंग लिंक भेजा गया, न ही OTP या बैंकिंग डिटेल मांगी गई. ठगों ने सिर्फ 'भरोसे' को अपना हथियार बनाया. ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो लगाकर एक फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया. इस नंबर से कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को मैसेज भेजा गया, जिसमें लिखा था कि 'डायरेक्टर' एक अहम मीटिंग में व्यस्त हैं और कुछ बेहद जरूरी भुगतान तत्काल प्रभाव से करने हैं.</p>
<p>अधिकारी ने डायरेक्टर का मैसेज समझकर बिना कोई शक किए, अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए. जब तक अधिकारी का संपर्क असली डायरेक्टर से हुआ, तब तक कंपनी के खाते से 10.40 करोड़ रुपये उड़ चुके थे.</p>
<p><strong>3 राज्यों में छापेमारी, 5.63 करोड़ रुपये कराए गए फ्रीज</strong><br />मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और बैंकिंग ट्रेल की बारीकी से जांच की गई. पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना, बिहार के सीवान और दिल्ली में एक साथ छापेमारी कर 7 आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए 5 करोड़ 63 लाख 98 हजार रुपये से अधिक की रकम विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवा दी है.</p>
<p><strong>सोना खरीदकर मिटाते थे मनी ट्रेल</strong><br />जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य ठगी की रकम को ट्रेस होने से बचाने के लिए उसे कई बैंक खातों में घुमाते थे. इसके बाद, उस रकम से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के कई नामी ज्वेलर्स से सोना खरीदा जाता था, ताकि मनी ट्रेल को पूरी तरह खत्म किया जा सके. पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड समेत कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं.</p>
<p><strong>पुलिस की कंपनियों से अपील</strong><br />पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क बहुत बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसी "बॉस स्कैम" के जरिए अन्य कंपनियों को भी निशाना बनाया गया है. मुंबई पुलिस ने अपील की है कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आने वाले वित्तीय लेन-देन या भुगतान संबंधी निर्देशों की कॉल करके पुष्टि जरूर करें, बिना पुष्टि के फंड ट्रांसफर न करें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:57:39 +0530</pubDate>
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