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                <title>मुंबई : प्रताप सरनाईक :स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा</title>
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                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के पास मौजूद सरप्लस और खाली जगहों का ज़्यादा अच्छे से इस्तेमाल करके रेवेन्यू बढ़ाने, यात्रियों को अच्छी सुविधाएं देने और लोकल लेवल पर रोज़गार पैदा करने के मकसद से राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने बताया कि महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव काउंसिल में इस मुद्दे पर आधे घंटे की चर्चा हुई। सरकार ने इस बारे में सदन में डिटेल में जानकारी पेश की है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48400/mumbai-pratap-sarnaik-state-road-transport-corporation-will-be-developed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-13t135618.841.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के पास मौजूद सरप्लस और खाली जगहों का ज़्यादा अच्छे से इस्तेमाल करके रेवेन्यू बढ़ाने, यात्रियों को अच्छी सुविधाएं देने और लोकल लेवल पर रोज़गार पैदा करने के मकसद से राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। राज्य के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाइक ने बताया कि महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव काउंसिल में इस मुद्दे पर आधे घंटे की चर्चा हुई। सरकार ने इस बारे में सदन में डिटेल में जानकारी पेश की है।</p>
<p> </p>
<p>ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट  कॉर्पोरेशन के चेयरमैन प्रताप सरनाइक ने कहा कि राज्य भर में अलग-अलग डिपो और बस स्टैंड एरिया में स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की 1500 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन मौजूद है। इन ज़मीनों को प्लान के हिसाब से डेवलप करके रेवेन्यू बढ़ाने के लिए सरकार ने इन्हें पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप बेसिस पर प्राइवेट डेवलपर्स को देने के प्रपोज़ल को मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत, संबंधित ज़मीनों को 98 साल की लीज़ पर देकर उन्हें रीडेवलप करने का प्लान है।</p>
<p>एक नया टेंडर प्रोसेस शुरू किया गया है। अभी राज्य में स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के 251 डिपो और 581 बस स्टैंड चल रहे हैं और देखा गया है कि राज्य में करीब 482 जगहों पर डेवलपमेंट के लिए करीब 2 हज़ार 360 हेक्टेयर ज़मीन मौजूद है। इससे पहले, इन साइट्स को डेवलप करने के लिए 2017 में एक टेंडर प्रोसेस लागू किया गया था; लेकिन उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स न मिलने की वजह से यह प्रोसेस आगे नहीं बढ़ सका। उसके बाद, इस पूरे प्रोसेस को रिव्यू करने के लिए बनी हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक एक रिवाइज्ड पॉलिसी तैयार की गई है और पहले फेज़ में कुछ बड़ी साइट्स के लिए नया टेंडर प्रोसेस शुरू किया गया है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट साइट्स का डेवलपमेंट फेज़ में किया जाएगा। इन साइट्स पर बस स्टैंड को मॉडर्न बनाने, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, ऑफिस बिल्डिंग और यात्रियों के लिए कई तरह की मॉडर्न सुविधाएं बनाने का प्रपोज़ल है। इसके लिए पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप प्रिंसिपल पर प्रोजेक्ट्स लागू किए जाएंगे। </p>
<p>स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को भी लंबे समय के फ़ाइनेंशियल फ़ायदे सरकार ने इस बारे में बदली हुई पॉलिसी को मंज़ूरी दे दी है और लीज़ पीरियड को 30 साल के बजाय 60 साल करने का फ़ैसला किया है। हालांकि, कमर्शियल बेसिस पर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए, असल लीज़ एग्रीमेंट 49+49 साल, यानी कुल 98 साल का दिया गया है। इससे इन्वेस्टर्स को प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए बढ़ावा मिलेगा और स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन को भी लंबे समय के फ़ाइनेंशियल फ़ायदे मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए एक्सपर्ट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स का एक पैनल बनाया गया है और उनके गाइडेंस में, प्रस्तावित साइट्स का एक 'क्लस्टर पैकेज' तैयार किया जा रहा है। पहले फ़ेज़ में 72 प्रोजेक्ट्स के ज़रिए पीपीपी बेसिस पर 216 साइट्स को डेवलप करने का प्रस्ताव है, जिसमें इकोनॉमिक फ़िज़िबिलिटी के हिसाब से 'ए', 'बी' और 'सी' कैटेगरी की साइट्स (यानी ज़िला, तालुका और गांव लेवल पर) शामिल हैं।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:57:32 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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                <title>मुंबई : स्ट्रेस फ्री जोन, नेचुरल पाथवे और अर्बन फॉरेस्ट, मुंबई के अंधेरी में तैयार हो रहा अनोखा पार्क, जानें खास बातें</title>
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                        <![CDATA[<p>अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48237/mumbai-stress-free-zone-natural-pathway-and-urban-forest-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-07t115138.179.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अंधेरी के मरोल में बीएमसी द्वारा 4 एकड़ में 17,000 पेड़ का शहरी जंगल बसाकर एक अनोखा पब्लिक स्पेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लॉट पर मियावॉकी जंगल के अलावा छोटे बच्चों (2 साल से कम के बच्चे) के लिए अलग गार्डन, सोनियर सिरोजन के लिए अलग गार्डन, बांबू जोन, पक्षियों का जोन, सांस्कृतिक वन, देवराई वन, मधुमक्खी गार्डन, आयुर्वेदिक जोन भी होगा। अपनी तरह के इस अद्भुत गार्डन को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी की मदद से 'ग्रीन यात्रा' एनजीओ द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहरी जंगल अगले डेढ़ साल में पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>मियावॉकी पद्धति पर हो रहा काम</strong><br />बीएमसी द्वारा पिछले कुछ सालों से पर्यावरण संतुलन को लेकर तेजी से प्रयास किया जा रहा है, जिसके लिए सघन जंगल के लिए मियावॉकी पद्धति । से काम किया जा रहा है। यह पहल समूचे क्षेत्र में हरियाली बढ़ा रही है।</p>
<p><strong>नए अनोखे पार्क में मिलेंगी ये सुविधाएं</strong><br />• देशी घास के मैदान । पब्लिक अर्बन फॉरेस्ट में कई तरह की सुविधाएं होगी, जो कि संभवतः मुंबई में पहली बार एक ही जगह पर होगी। यहा वन भ्रगण और देशी घास के मैदान भी होंगे।<br />• योग जोन : प्राकृत्तिक वातावरण में योग, श्वास अभ्यास और ध्यान के लिए अलग क्षेत्र।<br />• साइलेंट जोन : मानसिक शांति, आत्म-चितन और आतरिक सुकून प्रदान करने के लिए कम डिस्डरबेस वाला क्षेत्र।<br />• बी विथ यू जोन : यहां भावनात्मक विश्राम, एकात और शहरी तनाव से दूर रहने के लिए बनाए गए विशेष स्थान।<br />· वेलनेस जोन : प्रकृति से जुड़ा एक ऐसा क्षेत्र होगा, जो मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ समत्र कल्याण में नदद करेगा।<br />• देवराई वन : भारत के जैव विविधता और प्रकृति के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव को बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण देशी पेड़ लगेंगे।<br />• संस्कृतिक वन: भारतीय शास्त्रो, संस्कृति और विरासत में वर्णित पेड़ो का पौधरोपण होगा, यहां लोगों की जानकारी के लिए बोर्ड भी लगाए जाएगे।<br />तितली उद्यान : तितलियों, मधुमक्खियों के लिए डिजाइन किया गया देशी फूलो का एक बगीया होगा, जहां वे आकर्षित होगे। इनके रहने के लिए लकड़ी,<br />बांस, पातियों और मिट्टी के घर भी होगे।<br />• औषधीय उद्यान : आयुर्वेद में उपयोग की जाने वाली औषधि जड़ी-बूटियों और पेड़ों का पौधरोपण, जो पारंपरिक उपचार को बढ़ावा देता है।<br />• नेचुरल पाथवे। प्राकृतिक सामग्री जैसे रेत, बजरी, छोटी लकड़ी और पत्थर से बने चलने वाले रास्ते, जो प्रकृति के बीच लोगो को चलने का एक अलग अनुभव देगे।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:55:04 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मुंबई हवाई अड्डे के फ्लाईओवर के नीचे ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ विकसित किया जाएगा</title>
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                        <![CDATA[<p>मुंबई की उपेक्षित जगहों को फिर से जीवंत बनाने की कोशिशों के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास स्थित एक फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को विशाल “सामुदायिक शहरी फार्म” में तब्दील करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना मुंबई में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (डब्ल्यूईएच) कॉरिडोर को लेकर संभवत: अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका मकसद 24,000 वर्ग फुट के इलाके को एक हरे-भरे कृषि क्षेत्र में बदलना है, जहां स्थानीय लोग फल, सब्जियां और अन्य पौधे उगा सकें।</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47950/community-urban-farm-to-be-developed-under-mumbai-airport-flyover"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-23t120937.922.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की उपेक्षित जगहों को फिर से जीवंत बनाने की कोशिशों के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास स्थित एक फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को विशाल “सामुदायिक शहरी फार्म” में तब्दील करने की योजना बनाई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना मुंबई में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (डब्ल्यूईएच) कॉरिडोर को लेकर संभवत: अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका मकसद 24,000 वर्ग फुट के इलाके को एक हरे-भरे कृषि क्षेत्र में बदलना है, जहां स्थानीय लोग फल, सब्जियां और अन्य पौधे उगा सकें।</p>
<p> </p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास टी-1 एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशन के बगल में स्थित इस परियोजना का काम अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि परियोजना में बीएमसी की भूमिका जमीन, पानी और बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित है, जबकि बाकी का काम ‘स्वच्छ पार्ले अभियान’ और ‘पार्ले वृक्ष मित्र’ जैसे स्थानीय संगठन संभाल रहे हैं।</p>
<p>बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण या ‘जॉगिंग ट्रैक’ बनाने की पारंपरिक अवधारणा से आगे बढ़ना है। हम शहर में कंक्रीट की इमारतों के बीच एक कार्यात्मक हरित पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं।”</p>
<p>‘स्वच्छ पार्ले अभियान’ से जुड़ी वर्षा करांबलेकर ने कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत बीएमसी फल-सब्जी उगाने के लिए लगभग 6 फुट x 3 फुट के कई समर्पित क्षेत्र बनाएगी, जिन्हें स्थानीय लोग गोद ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य उपनगरों के निवासी भी इस परियोजना का हिस्सा बन सकते हैं। करांबलेकर के अनुसार, फल-सब्जी उगाने के लिए अब तक 24 समर्पित क्षेत्र विकसित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि लोगों की भागीदारी और मांग के हिसाब से इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।</p>
<p>करांबलेकर के मुताबिक, परियोजना से जुड़े वाले परिवार अपने-अपने भूखंडों के रखरखाव और फसल की कटाई के लिए जिम्मेदार होंगे, जिससे महानगर के भीतर “खेत से सीधे मेज तक” की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत सभी तरह की फल-सब्जियां उगाई जा सकेंगी। करांबलेकर के अनुसार, इस ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ में एक प्रदर्शन क्षेत्र होगा, जहां लोगों को बालकनी में और छत पर बागवानी करने का हुनर सिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि फार्म के एक छोटे से हिस्से में निवासियों को अतिरिक्त उपज बेचने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>करांबलेकर ने बताया कि ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ में एक अनोखी ‘पौधशाला’ भी बनाई जाएगी, जहां लोग शहर से बाहर की यात्रा के दौरान अपने घर में लगे पौधों को देखभाल के लिए छोड़ सकेंगे। <br />उन्होंने कहा कि ‘सामुदायिक शहरी फार्म’ में फल-सब्जी उगाने के लिए शहर में उत्पन्न गीले कचरे से पैदा खाद का इस्तेमाल किए जाने की योजना है।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47950/community-urban-farm-to-be-developed-under-mumbai-airport-flyover</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 12:10:45 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर सीएसआर से हो रहा है स्वच्छ टॉयलेट ब्लॉक्स का विकास</title>
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                        <![CDATA[<p>भारत की व्यस्ततम और सबसे भीड़-भाड़ वाली रेलवे प्रणाली के तहत यात्रियों के लिए स्वच्छता और सुविधाएं सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी हैं। मुंबई में लोकल ट्रेन नेटवर्क के यात्रियों के लिए एक नई राहत की खबर आई है। डी मार्ट ने सेंट्रल रेलवे के साथ मिलकर मुंबई के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता का एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कल्याण और ठाणे रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक और स्वच्छ टॉयलेट ब्लॉक्स विकसित करने का जिम्मा उठाया है, जिससे यात्रियों को सफाई के उच्च मानकों का अनुभव होगा।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43680/clean-toilet-blocks-are-being-developed-at-mumbai-railway-stations-through-csr"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/download---2025-09-06t104134.365.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारत की व्यस्ततम और सबसे भीड़-भाड़ वाली रेलवे प्रणाली के तहत यात्रियों के लिए स्वच्छता और सुविधाएं सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी हैं। मुंबई में लोकल ट्रेन नेटवर्क के यात्रियों के लिए एक नई राहत की खबर आई है। डी मार्ट ने सेंट्रल रेलवे के साथ मिलकर मुंबई के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता का एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने कल्याण और ठाणे रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक और स्वच्छ टॉयलेट ब्लॉक्स विकसित करने का जिम्मा उठाया है, जिससे यात्रियों को सफाई के उच्च मानकों का अनुभव होगा। यह परियोजना सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर, सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। इसके पहले सीएसटी और घाटकोपर रेलवे स्टेशनों पर भी डी मार्ट ने अपने सीएसआर फंड से टॉयलेट ब्लॉक्स को रिनोवेट किया है। अब इस पहल के तहत कल्याण और ठाणे में भी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छता मिलेगी।</p>
<p> </p>
<p>टॉयलेट ब्लॉक्स की रेनोवेशन प्रक्रिया में डी मार्ट ने विशेष रूप से सफाई और सेनिटेशन पर ध्यान दिया है। मौजूदा पुराने टॉयलेट्स को पूरी तरह से नवीनीकरण कर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इन टॉयलेट्स की साफ-सफाई के लिए एक विशेष टीम नियुक्त की जाएगी, जो नियमित रूप से सफाई, सैनिटाइजेशन और मेंटेनेंस का काम करेगी। यह पहल यात्रियों के लिए एक बड़ा राहत का कारण बनेगी, क्योंकि मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर अक्सर पब्लिक टॉयलेट्स की स्थिति खस्ता रहती है और यहां गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। लेकिन डी मार्ट की यह पहल अब मुंबईकरों को स्वच्छ और सुविधाजनक टॉयलेट्स का अनुभव दिलवाएगी।</p>
<p><strong>मिलेगी फ्री सेवा साथ ही यात्रियों के लिए होगी अतिरिक्त सुविधा</strong><br />इसके अलावा, एक और अहम पहल है कि इन रिनोवेटेड टॉयलेट्स का उपयोग पूरी तरह से फ्री रहेगा। यात्रियों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ेगा, जिससे यह सेवा और भी लाभकारी और सुविधाजनक साबित होगी। यह एक बहुत बड़ा कदम है, क्योंकि सामान्यत: रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक टॉयलेट्स का उपयोग करने के लिए छोटे शुल्क लिए जाते हैं, जो बहुत बार यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकते हैं। अब, डी मार्ट के सहयोग से रेलवे स्टेशनों पर यात्री बिना किसी परेशानी के स्वच्छ और सुविधाजनक टॉयलेट्स का उपयोग कर सकेंगे। </p>
<p>डी मार्ट द्वारा यह पहल सीएसआर – कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत की जा रही है। कंपनी के द्वारा किए जा रहे इस कार्य में उनकी प्राथमिकता साफ-सफाई, स्वच्छता और स्वास्थ्य की दिशा में समुदाय के लिए एक ठोस योगदान देना है। यह कदम उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो रोजाना मुंबई की लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं और जिनकी यात्रा में इस प्रकार की बुनियादी सुविधाओं का अभाव अक्सर एक समस्या बनता है। डी मार्ट के इस कदम को देखते हुए आने वाले समय में अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इस तरह के टॉयलेट्स विकसित किए जा सकते हैं। वर्तमान में यह परियोजना कल्याण और ठाणे में लागू की जा रही है, लेकिन भविष्य में इस प्रकार के रिनोवेटेड टॉयलेट्स मुंबई के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी स्थापित किए जा सकते हैं। इस कदम से न केवल रेलवे स्टेशनों की सफाई में सुधार होगा, बल्कि मुंबईकरों के लिए यात्रा का अनुभव भी बेहतर बनेगा।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 06 Sep 2025 10:42:18 +0530</pubDate>
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