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                <title> मुंबई : बारिश के कारण प्याज की फसल खराब;  कीमतें एक बार फिर से आसमान छूने जा रही हैं!</title>
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                        <![CDATA[<p>दक्षिण और मध्य भारत में जबरदस्त बारिश हुई है. मई के महीने में बारिश के कारण कई फसलें खराब हो हुई हैं. कुछ ऐसा ही हाल देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक महाराष्ट्र के साथ भी हुआ है. जहां पर भारी बारिश के कारण करोड़ों रुपयों की प्याज की फसल खराब हो गई है. जिसकी वजह से महाराष्ट्र में प्याज उत्पादकों के एक संगठन ने पिछले महीने राज्य में हुई भारी बारिश के कारण अपनी फसल खोने वाले किसानों के लिए 1 लाख रुपये प्रति एकड़ के मुआवजे की मांग की है.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41000/mumbai--onion-crop-damaged-due-to-rain--prices-set-to-skyrocket-again"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-01t201137.211.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दक्षिण और मध्य भारत में जबरदस्त बारिश हुई है. मई के महीने में बारिश के कारण कई फसलें खराब हो हुई हैं. कुछ ऐसा ही हाल देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक महाराष्ट्र के साथ भी हुआ है. जहां पर भारी बारिश के कारण करोड़ों रुपयों की प्याज की फसल खराब हो गई है. जिसकी वजह से महाराष्ट्र में प्याज उत्पादकों के एक संगठन ने पिछले महीने राज्य में हुई भारी बारिश के कारण अपनी फसल खोने वाले किसानों के लिए 1 लाख रुपये प्रति एकड़ के मुआवजे की मांग की है. वहीं दूसरा सबसे बड़ा सवाल ये है कि प्याज की फसल खराब होने के कारण क्या आने वाले दिनों में प्याज की कीमतें एक बार फिर से आसमान छूने जा रही हैं?</p>
<p> </p>
<p>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में, महाराष्ट्र राज्य कांडा उत्पादक संगठन ने भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) द्वारा “पारदर्शी” प्याज खरीद की भी मांग की. इसने बताया कि महाराष्ट्र में मई में अभूतपूर्व बारिश हुई. पत्र में कहा गया है कि जलगांव, धुले, नासिक, अहिल्यानगर, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे, सोलापुर, बीड, धाराशिव, सांगली, बुलढाणा, अकोला, परभणी और जालना जैसे प्याज उत्पादक जिले बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत दिघोले और नासिक जिला प्रमुख जयदीप भदाणे द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि 6 मई से राज्य भर में भारी बारिश के कारण राज्य भर में प्याज की फसल को काफी नुकसान हुआ है. कई किसानों ने अपनी पूरी रबी सीजन की फसल कटाई से पहले ही खो दी, उन्होंने प्रति एकड़ 1 लाख रुपये का मुआवजा मांगा.</p>
<p><strong>मुआवजे की मांग</strong><br />एसोसिएशन ने आगे कहा कि जिन प्याज की कटाई की गई थी, लेकिन भंडारण नहीं किया गया था, वे भी क्षतिग्रस्त हो गए, और उन किसानों के लिए 2,000 रुपए प्रति क्विंटल की सब्सिडी की मांग की, जो अपनी फसल कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर थे. एसोसिएशन ने दावा किया कि लगातार भारी बारिश के कारण, हजारों टन प्याज खेतों में सड़ गए हैं, जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है. एसोसिएशन ने कहा कि हम राज्य सरकार से नुकसान का तुरंत और सटीक आकलन करने और तत्काल मुआवजा देने का आग्रह करते हैं.</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 20:12:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई : राज्‍य के वन मंत्री ने फसल नुकसान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही </title>
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                        <![CDATA[<p>देशभर में कई राज्‍यों में बेसहारा और जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आते हैं. इनसे निपटने के लिए राज्‍य अपने स्‍तर पर प्‍लान तो बनाते है, लेकिन किसानों की समस्‍या जस की तस बनी रहती है. अब महाराष्‍ट्र के तटीय इलाके कोंकण में किसान बंदर, लंगूरों और जंगली सूअरों से त्रास खा रहे हैं. ऐसे में राज्‍य के वन मंत्री ने फसल नुकसान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही है.</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40093/mumbai--state-forest-minister-said-that-effective-steps-will-be-taken-to-prevent-crop-damage"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-04/images---2025-04-26t104724.414.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> देशभर में कई राज्‍यों में बेसहारा और जंगली जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आते हैं. इनसे निपटने के लिए राज्‍य अपने स्‍तर पर प्‍लान तो बनाते है, लेकिन किसानों की समस्‍या जस की तस बनी रहती है. अब महाराष्‍ट्र के तटीय इलाके कोंकण में किसान बंदर, लंगूरों और जंगली सूअरों से त्रास खा रहे हैं. ऐसे में राज्‍य के वन मंत्री ने फसल नुकसान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही है. वन मंत्री गणेश नाइक ने  रत्नागिरी जिले के दापोली तालुका में जंगली जानवरों के कारण स्थानीय किसानों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक बैठक की. </p>
<p> </p>
<p><strong>दीर्घकालिक समाधान की जरूरत: वन मंत्री</strong><br />उन्‍होंने कहा कि राज्‍य सरकार कोंकण क्षेत्र में बंदरों और लंगूरों की आबादी को नियंत्रित करने और उनसे होने वाले फसल नुकसान को रोकने के लिए उनकी नसबंदी के लिए केंद्र बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. नाइक के हवाले से एक बयान में कहा गया है कि कोंकण में बंदरों और लंगूरों द्वारा, विशेष रूप से कृषि क्षेत्रों में बढ़ती हुई परेशानियों ने हमें दीर्घकालिक निवारक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया है. हम वर्तमान में रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में उनकी आबादी को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी केंद्र बनाने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. </p>
<p><strong>मुआवजा देना स्‍थायी समाधान नहीं: नाइक</strong><br />मंत्री ने कहा कि इन जानवरों के कारण होने वाले फसल नुकसान के लिए किसानों को केवल मुआवजा देने का वर्तमान दृष्टिकोण स्थायी समाधान नहीं है. नाइक ने कहा कि हमें भविष्य में इस तरह के नुकसान को रोकने के लिए स्थायी उपाय लागू करने चाहिए. जंगली सूअर, बंदर और लंगूर न केवल दापोली में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गांवों और यहां तक ​​कि घरों में भी घुसने लगे हैं.  </p>
<p><strong>उपाय लागू करने में नहीं होगी पैसों की कमी</strong><br />उन्होंने कहा कि इस तरह की घुसपैठ स्थानीय किसानों की आजीविका के लिए गंभीर खतरा है. मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि दीर्घकालिक उपायों को लागू करने के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सरकार कृषि की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और वन्यजीवों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक धन आवंटित करेगी. किसानों को जंगली सूअरों से अपनी फसलों की रक्षा के लिए कानूनी सीमाओं के भीतर बंदूकों का इस्‍तेमाल करने की अनुमति दी जानी चाहिए. </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 10:49:00 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र के अकोला में बारिश से सैकड़ों हेक्टेयर में लगी सोयाबीन की फसल बर्बाद...  किसानों ने की मुआवजे की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के अकोला में जून की शुरुआत में कई जगह बुवाई के समय अच्छी बारिश हुई. इससे किसानों ने तेजी से सोयाबीन और अरहर की बुवाई की. लेकिन शुरुआती दौर की बारिश के बाद पूरे जून महीने में बारिश नहीं हुई. वहीं, जुलाई महीने में बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी. ऐसे में बारिश का पानी अपने साथ खड़ी फसल को भी बहा ले गई. कुछ ऐसा ही हाल अकोला के नजदीक स्थित लोनी गांव का है. इस गांव के खेतों में बारिश से जलभराव हो गया है. ऐसे में गांव के किसान रतन खेलकर अपने  खेत में रुके पानी को निकालने का जुगाड़ कर रहे हैं.</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/32362/hundreds-of-hectares-of-soybean-crop-was-destroyed-due-to-rain-in-akola--maharashtra-farmers-demanded-compensation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-07/fffe.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अकोला :</strong> जिले में पिछले दो दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है. इससे सैकड़ों हेक्टेयर में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा है. कहा जा रहा है कि खेतों में जलभराव होने से सबसे ज्यादा बर्बादी सोयाबीन और अरहर की फसल की हुई है. इससे किसान काफी चिंतित हैं. उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है. किसानों का कहना है कि अगर सरकार मुआवजा नहीं देती है, तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों ने कहा कि जिले में अब तक 45 फीसदी रकबे में दालों की बुवाई की गई थी. उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी. लेकिन बीते दिनों बारिश न होने से सूखे की वजह से फसल चौपट हो गई. वहीं, अब बची-खुची फसल को बारिश न बर्बाद कर दिया. ऐसे में किसान सरकार और शासन से आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं. <br /><br />महाराष्ट्र के अकोला में जून की शुरुआत में कई जगह बुवाई के समय अच्छी बारिश हुई. इससे किसानों ने तेजी से सोयाबीन और अरहर की बुवाई की. लेकिन शुरुआती दौर की बारिश के बाद पूरे जून महीने में बारिश नहीं हुई. वहीं, जुलाई महीने में बारिश ने बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न कर दी. ऐसे में बारिश का पानी अपने साथ खड़ी फसल को भी बहा ले गई. कुछ ऐसा ही हाल अकोला के नजदीक स्थित लोनी गांव का है. इस गांव के खेतों में बारिश से जलभराव हो गया है. ऐसे में गांव के किसान रतन खेलकर अपने  खेत में रुके पानी को निकालने का जुगाड़ कर रहे हैं.<br /><br />इन्होंने 4 एकड़ में सोयाबीन की बुवाई की थी. फसल भी उग आई थी, लेकिन पिछले 24 घंटे हुई मूसलाधार बारिश ने फसल पर कहर बरपाया है. लगातार बारिश होने से जिले के सभी नदी- नाले उफान पर हैं. किसान रतन का कहना है कि बारिश से सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ है. अब उन्होंने सरकार और प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है.<br /><br />खास बात यह है कि ऐसा नुकसान अकोला जिले के सभी तहसीलों में हुआ है. अब प्रशासन द्वारा सभी तलाठी मंडल अधिकारी को खेतों के सर्वेक्षण करने के आदेश दिए गए हैं. लेकिन मौसम विभाग ने 11 तारीख तक अकोला जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं, जलभराव के कारण खेतों का सर्वेक्षण करना संभव नहीं हो पा रहा है. फिर भी किसानों की उम्मीद है कि उन्हें सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता मिलेगी.<br /><br />वहीं, कल खबर सामने आई थी कि  बुलढाना जिले में पिछले 15 घंटों से हो रही बारिश से हाहाकार मचा हुआ है. खेत से लेकर सड़कों पर तक बारिश का पानी भर गया है. इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है. वहीं, इंसान से लेकर मवेशियों तक घरों में कैद हो गए हैं. कई गांवो में तो घरों तक में पानी घुसने शुरू हो गए हैं. इससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. जिले के खामगांव तहसील के पिंपरी गवली गांव में बारिश का सबसे ज्यादा विकराल रूप देखने को मिला है. इस गांव में इतनी अधिक बारिश हुई है, गांव में बाढ़ आ गई है. </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jul 2024 18:51:43 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>फसल बीमा योजना के माध्यम से सरकार ने करीब आठ करोड़ रुपयों का घोटाला किया - उद्धव ठाकरे </title>
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                        <![CDATA[<p>शिवसेना ने किसानों की मदद की और उन्हें छुड़ाया। इसके बाद किसानों ने कल `मातोश्री’ निवास स्थान पर जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। उद्धव ठाकरे ने अपनेपन से उनकी व्यथा और वेदना सुनी और समझी। साथ ही शिवसेना आपके पीछे सदैव खड़ी है, ऐसा विश्वास जताया।</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26468/government-committed-a-scam-of-about-rs-8-crore-through-crop-insurance-scheme---uddhav-thackeray"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/download-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>फसल बीमा योजना के माध्यम से सरकार ने करीब आठ करोड़ रुपयों का घोटाला किया है। इस तरह का सनसनीखेज दावा शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल किया। सरकार ने फसल बीमा के लिए आठ हजार करोड़ रुपए बीमा कंपनियों के मत्थे मढ़ दिया है और उसके बाद भी किसानों के नुकसान के मुआवजे की भरपाई नहीं मिल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">फिर यह पैसा किसकी जेब में गया, ऐसा नाराजगी भरा सवाल भी उद्धव ठाकरे ने किया। दूसरों के घरों के बर्तन साफ करने के लिए जानेवाले लोग राज्य का कामकाज संभालने में नालायक हैं, ऐसा मैंने कहा था। वह शब्द उन्हें चुभ गया। फिर मैं पूछता हूं किसानों पर अंग बेचने की नौबत लानेवाली सरकार का गुणगान किन शब्दों में करूं, ऐसा जबरदस्त तंज भी उद्धव ठाकरे ने कसा है।</p>
<p style="text-align:justify;">फसली कर्ज लौटाने के लिए पैसे न होने के कारण आत्महत्या करने की बजाय खुद के अंगों को बेचने का फैसला हिंगोली और वासिम जिले के किसानों ने लिया। उन्होंने मांग की कि सरकार उनके अंगों को बेचकर उनका कर्ज चुकाए। ये किसान कल मुंबई में आए हुए थे। उसी समय पुलिस ने उन्हें जबरन गिरफ्तार करके पुलिस थाने में बंद कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">शिवसेना ने किसानों की मदद की और उन्हें छुड़ाया। इसके बाद किसानों ने कल `मातोश्री’ निवास स्थान पर जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। उद्धव ठाकरे ने अपनेपन से उनकी व्यथा और वेदना सुनी और समझी। साथ ही शिवसेना आपके पीछे सदैव खड़ी है, ऐसा विश्वास जताया।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Dec 2023 13:36:21 +0530</pubDate>
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