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                <title>acres - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>acres RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई:16 एकड़ जमीन को लेकर आदित्य ठाकरे का आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने मुंबई की 16 एकड़ खुली जमीन के आवंटन को लेकर महाराष्ट्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। आदित्य ठाकरे का आरोप है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और म्हाडा के माध्यम से मुंबई की सार्वजनिक जमीन एक भाजपा एमएलसी को सौंपी जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51172/mumbai-aditya-thackerays-allegation-regarding-16-acres-of-land"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-06t114158.227.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने मुंबई की 16 एकड़ खुली जमीन के आवंटन को लेकर महाराष्ट्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। आदित्य ठाकरे का आरोप है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और म्हाडा के माध्यम से मुंबई की सार्वजनिक जमीन एक भाजपा एमएलसी को सौंपी जा रही है।</p>
<p> </p>
<p>आदित्य ठाकरे ने कहा कि कुल 16 एकड़ खुली जमीन में से दो भूखंड कथित तौर पर मुफ्त में और एक बेहद कम कीमत पर आवंटित किया जा रहा है। उन्होंने इसे "भूमि हड़पने" का मामला बताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।</p>
<p>अपने बयान में ठाकरे ने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। बीएमसी और म्हाडा के जरिए भाजपा द्वारा जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। यह बंद होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मुंबईकर इस शर्मनाक भूमि आवंटन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई जैसे महानगर में सार्वजनिक उपयोग की खुली जमीन का संरक्षण बेहद जरूरी है और ऐसे भूखंडों का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उनके अनुसार, यदि सार्वजनिक संपत्ति का अनुचित तरीके से हस्तांतरण किया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा।</p>
<p>हालांकि, आदित्य ठाकरे के ये आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भारतीय जनता पार्टी, बीएमसी या म्हाडा की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर सरकार या संबंधित एजेंसियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 11:43:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :3.0 ग्रोथ सेंटर के लिए 216 एकड़ भूमि अधिग्रहण, रायगढ़ में विकास को मिलेगी नई गति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="background-color:rgb(0,0,0);">मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित मुंबई 3.0 परियोजना के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए 216 एकड़ भूमि सफलतापूर्वक अधिग्रहित कर ली है। यह उपलब्धि पेन-रायगढ़ ग्रोथ सेंटर से जुड़ी उस प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें शेयरहोल्डर एग्रीमेंट साइन होने के बाद परियोजना को लेकर आगे की तैयारियां तेज हो गई हैं।</span></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49341/acquisition-of-216-acres-of-land-for-mumbai-30-growth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-20t134138.055.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने रायगढ़ जिले में प्रस्तावित मुंबई 3.0 परियोजना के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए 216 एकड़ भूमि सफलतापूर्वक अधिग्रहित कर ली है। यह उपलब्धि पेन-रायगढ़ ग्रोथ सेंटर से जुड़ी उस प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें शेयरहोल्डर एग्रीमेंट साइन होने के बाद परियोजना को लेकर आगे की तैयारियां तेज हो गई हैं। यह भूमि अधिग्रहण मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पार्टिसिपेटरी लैंड एक्विजिशन पॉलिसी को मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स के कारण संभव हुआ है। इस नीति के तहत जमीन मालिकों को परियोजना में भागीदारी के कई विकल्प दिए जा रहे हैं, जिससे वे केवल भूमि देने वाले नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया के सक्रिय भागीदार बन सकें।</p>
<p> </p>
<p>रायगढ़ के पेन ग्रोथ कॉरिडोर को मुंबई 3.0 न्यू टाउन डेवलपमेंट एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के करीब स्थित है, जिसमें अटल सेतु, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और विरार-अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से इस पूरे क्षेत्र को बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अनुसार इस ग्रोथ सेंटर से भविष्य में लगभग 2 लाख से अधिक उच्च कौशल और अच्छी वेतन वाली प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बनें</p>
<p>पार्टिसिपेटरी मॉडल के तहत जमीन मालिकों को कई विकल्प दिए जा रहे हैं। इनमें आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण शामिल है, जिसमें महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट 1966 के प्रावधानों के तहत मुआवजा तय किया जाएगा। इसके अलावा डेवलपमेंट राइट्स के माध्यम से मुआवजा देने का विकल्प भी मौजूद है, जिसमें एफएसआई और टीडीआर जैसे प्रावधान शामिल हैं। कुछ मामलों में अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिए जा सकते हैं। इसके साथ ही लैंड पूलिंग मॉडल भी प्रस्तावित है, जिसमें विकसित भूमि के बदले अविकसित भूमि का प्रावधान किया जाएगा। इस मॉडल के तहत जमीन मालिकों को विकसित भूमि का लगभग 22.5 प्रतिशत हिस्सा वापस मिलने का प्रावधान है, जैसा कि सिडको मॉडल में देखा गया है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का कहना है कि यह पूरी नीति पारदर्शिता, न्यायसंगत प्रक्रिया और भागीदारी पर आधारित है, जिससे स्थानीय भूमि मालिक भी दीर्घकालिक विकास का हिस्सा बन सकें। मुंबई 3.0 को एक आधुनिक, योजनाबद्ध और आर्थिक रूप से मजबूत शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:42:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मानखुर्द में सरकारी जमीन पर बने 1,200 अवैध निर्माण ध्वस्त, 11 एकड़ जमीन कराई खाली</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेश पर नगर निगम ने मानखुर्द के साहित्य रत्न अन्नाभाऊ साठे नगर में सरकारी जमीन पर निर्मित लगभग 1,200 अवैध झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया है। अब खाली की गई जमीन का उपयोग नागरिकों के लाभ के लिए एक 'आदिवासी सृष्टि' और एक 'विज्ञान पार्क' विकसित करने के लिए किया जाएगा। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि मुंबई में अवैध निर्माणों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जो देश की वित्तीय राजधानी की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने सरकारी जमीनों के सत्यापन और पुनः अधिग्रहण की आवश्यकता पर बल दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49081/1200-illegal-constructions-built-on-government-land-in-mumbai-mankhurd"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-09t132411.532.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के आदेश पर नगर निगम ने मानखुर्द के साहित्य रत्न अन्नाभाऊ साठे नगर में सरकारी जमीन पर निर्मित लगभग 1,200 अवैध झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया है। अब खाली की गई जमीन का उपयोग नागरिकों के लाभ के लिए एक 'आदिवासी सृष्टि' और एक 'विज्ञान पार्क' विकसित करने के लिए किया जाएगा। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि मुंबई में अवैध निर्माणों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जो देश की वित्तीय राजधानी की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने सरकारी जमीनों के सत्यापन और पुनः अधिग्रहण की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p> </p>
<p>मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नगर निगम के उपनगरीय अतिक्रमण उन्मूलन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई को अधिक सुरक्षित, अधिक सुविधाजनक और अधिक सुंदर बनाने का संकल्प लिया है। इसी संदर्भ में, सह-संरक्षक मंत्री के रूप में, वे अतिक्रमित सरकारी भूमि को वापस लेने के प्रयास कर रहे हैं। सरकार के संज्ञान में आया है कि पिछले कुछ वर्षों से भूमि माफिया मुंबई और उसके उपनगरों में अवैध निर्माणों के माध्यम से सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे हैं। कई मामलों में यह देखा गया है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या व्यक्तियों को स्थानीय तत्वों के समर्थन से संरक्षण प्राप्त होता है।</p>
<p>ऐसे क्षेत्र अक्सर अवैध मादक पदार्थों के व्यापार और अन्य असामाजिक गतिविधियों के केंद्र बन जाते हैं। मंत्री लोढ़ा ने बताया कि मलाड और मालवानी क्षेत्रों में भी इसी तरह के बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पाए गए हैं, जहां कड़ी कार्रवाई जारी है।</p>
<p>सरकार ने पाया है कि मुंबई और उसके उपनगरों में हजारों एकड़ सरकारी भूमि पर अनाधिकृत कब्जा है। ऐसे अतिक्रमणों को हटाने और इन जमीनों को सरकार के नियंत्रण में वापस लाने के लिए कार्रवाई जारी है। इनमें से चयनित 500 एकड़ अतिक्रमण-मुक्त भूमि का उपयोग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में रचनात्मक पहलों के लिए किया जाएगा।</p>
<p>मंत्री लोढ़ा ने आगे स्पष्ट किया कि मानखुर्द में हाल ही में अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर जनहित के लिए धर्मार्थ संगठनों की सहायता से अत्याधुनिक 'विज्ञान पार्क' विकसित किया जाएगा। इस बीच, वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि मुंबई के उपनगरों में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है, ताकि शहर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49081/1200-illegal-constructions-built-on-government-land-in-mumbai-mankhurd</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 13:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : रिहैब हाउसिंग के लिए धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को मलाड की 118 एकड़ ज़मीन सौंपी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मलाड-मालवानी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ ज़मीन का कब्ज़ा धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को सौंप दिया, जिससे स्पेशल पर्पस व्हीकल -- नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड  -- के लिए रिहैबिलिटेशन बिल्डिंग की प्लानिंग और कंस्ट्रक्शन शुरू करने का रास्ता साफ़ हो गया। नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार और अडानी ग्रुप के बीच एक SPV है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47858/118-acres-of-malad-land-handed-over-to-dharavi-redevelopment"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-19t181515.047.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को मलाड-मालवानी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ ज़मीन का कब्ज़ा धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को सौंप दिया, जिससे स्पेशल पर्पस व्हीकल -- नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड  -- के लिए रिहैबिलिटेशन बिल्डिंग की प्लानिंग और कंस्ट्रक्शन शुरू करने का रास्ता साफ़ हो गया। नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र सरकार और अडानी ग्रुप के बीच एक SPV है।</p>
<p> </p>
<p> इस साइट का इस्तेमाल धारावी के उन निवासियों को घर देने के लिए किया जाएगा जो धारावी के अंदर इन-सीटू रिहैबिलिटेशन के लिए एलिजिबल नहीं हैं। अधिकारियों ने कहा कि मलाड की ज़मीन DRP के कब्ज़े में आने वाली तीसरी बड़ी ज़मीन है, इससे पहले कुर्ला में मदर डेयरी लैंड और मुलुंड में जामास साल्टपैन लैंड आ चुकी है। इस साइट पर ज़्यादातर ऊपरी मंज़िल पर रहने वाले लोग और वे लोग रहेंगे जो 1 जनवरी, 2011 के बाद और 15 नवंबर, 2022 से पहले धारावी में बस गए थे।</p>
<p>प्रोजेक्ट की शर्तों के मुताबिक, इन लोगों को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के अंदर मॉडर्न, प्लान्ड टाउनशिप में बसाया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए दिए गए दूसरे पार्सल की तरह, मलाड की ज़मीन का मालिकाना हक भी DRP/SRA के पास रहेगा, जबकि SPV के पास डेवलपमेंट के अधिकार होंगे। 118 एकड़ ज़मीन की कुल कीमत लगभग 540 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें से 135 करोड़ रुपये नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने डेवलपमेंट के अधिकारों के प्रीमियम के तौर पर पहले ही दे दिए हैं।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "मुक्तेश्वर में तय 140 एकड़ में से 118 एकड़ अब सौंप दी गई है, जबकि 22 एकड़ पर अभी भी केस चल रहा है।" कुल मिलाकर, राज्य ने धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत अच्छे और सस्ते घरों के मकसद से MMR में करीब 540 एकड़ ज़मीन के टुकड़े पहचाने और दिए हैं। इसमें कुर्ला की ज़मीन, कंजूर, भांडुप और मुलुंड की नमक की ज़मीनें, और देवनार डंपिंग ग्राउंड के कुछ हिस्से शामिल हैं, ताकि बड़े पैमाने पर पुनर्वास हो सके। इस हैंडओवर से पुनर्वास घरों के कंस्ट्रक्शन में तेज़ी आने और फेज़ में रीडेवलपमेंट को रफ़्तार मिलने की उम्मीद है, ताकि धारावीकर सात साल के समय में एलिजिबिलिटी के हिसाब से अपने नए घरों में जा सकें। अनुमान है कि करीब 10 लाख लोगों के पुनर्वास के लिए करीब 1.25-1.5 लाख नए घर बनाए जाएंगे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 18:16:35 +0530</pubDate>
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