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                <title>60 - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>60 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : पार्षदों ने वार्षिक वार्ड विकास कोष ६० लाख रुपए से बढ़ाकर सीधे १ करोड़ रुपए करने की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की बदहाल सड़कों, भरे नालों और चरमराई नागरिक सुविधाओं की चिंता छोड़कर मनपा के पार्षद अब अपने वार्ड फंड का दायरा बढ़ाने की होड़ में लग गए हैं। शहर में विकास कार्य भले ही धरातल पर रेंग रहे हों, लेकिन पार्षदों ने अपने वार्षिक वार्ड विकास कोष को ६० लाख रुपए से बढ़ाकर सीधे १ करोड़ रुपए करने की मांग रख दी है। ६७ प्रतिशत की इस भारी-भरकम बढ़ोतरी को लेकर मनपा की आगामी आम सभा में प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51652/mumbai-councilors-demand-direct-increase-in-annual-ward-development-fund"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-02t111530.817.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की बदहाल सड़कों, भरे नालों और चरमराई नागरिक सुविधाओं की चिंता छोड़कर मनपा के पार्षद अब अपने वार्ड फंड का दायरा बढ़ाने की होड़ में लग गए हैं। शहर में विकास कार्य भले ही धरातल पर रेंग रहे हों, लेकिन पार्षदों ने अपने वार्षिक वार्ड विकास कोष को ६० लाख रुपए से बढ़ाकर सीधे १ करोड़ रुपए करने की मांग रख दी है। ६७ प्रतिशत की इस भारी-भरकम बढ़ोतरी को लेकर मनपा की आगामी आम सभा में प्रस्ताव लाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।<br /><strong> </strong></p>
<p><br />भाजपा पार्षद अश्विनी माटे द्वारा पेश किए जा रहे इस प्रस्ताव में बढ़ती आबादी, महंगाई और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों का बहाना बनाया गया है। तर्क दिया जा रहा है कि सड़क मरम्मत, स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालय और उद्यानों के रखरखाव के लिए ६० लाख रुपए की मौजूदा राशि अपर्याप्त है। हालांकि, कड़वी सच्चाई यह है कि पिछले कई सालों में आवंटित करोड़ों रुपए के बावजूद शहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में फंड को १ करोड़ रुपए करने की यह मांग नागरिक सुविधाओं से ज्यादा प्रशासनिक खजाने पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास नजर आ रही है।</p>
<p>पार्षदों का रोना है कि १८ प्रतिशत जीएसटी और १४ प्रतिशत मनपा शुल्कों के रूप में कुल ३२ प्रतिशत राशि तो काम शुरू होने से पहले ही कट जाती है। इसके अलावा २०११ के बाद से दर अनुसूची में हुए बदलावों के कारण हर नागरिक कार्य महंगा हो गया है। विपक्ष का तर्क है कि यदि यह ४० लाख रुपए अतिरिक्त जोड़कर बजट में शामिल कर लिए जाएं तो इसे मनमाने ढंग से वापस नहीं लिया जा सकेगा।</p>
<p><strong>सवालों के घेरे में पार्षदों की प्राथमिकता</strong><br />२२७ वार्डों के पार्षदों को ४०-४० लाख रुपए अतिरिक्त देने का सीधा मतलब मानपा खजाने पर अरबों रुपए का फालतू बोझ डालना है। जब ६० लाख रुपए के बजट में भी शहर के नालों की बदबू और सड़कों के गड्ढे गायब नहीं हो पाए, तो १ करोड़ रुपए मिलते ही कौन-सी क्रांति आ जाएगी?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51652/mumbai-councilors-demand-direct-increase-in-annual-ward-development-fund</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 11:20:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्‍ली : 60 साल बाद बदलने जा रहा गन्‍ने से जुड़ा कानून, किसानों को फायदा होगा या नुकसान, एथनॉल उत्‍पादन पर भी असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49398/new-delhi-the-law-related-to-sugarcane-is-going-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t184642.138.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्‍ली : </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है. इसमें पहली बार एथनॉल उत्पादन, डिजिटल नियमों के पालन और कारखानों की मंजूरी के लिए एक औपचारिक व्यवस्था को साथ लाया गया है. सरकार ने इस मसौदे पर 20 मई तक सुझाव मांगे हैं.</p>
<p> </p>
<p>केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे में पुराने कानून की बुनियादी संरचना को बरकरार रखा गया है. इसमें उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के नियम, गन्ने की आवाजाही पर नियंत्रण, 14 दिनों के भीतर भुगतान की समय सीमा और देरी से भुगतान पर 15 फीसदी सालाना ब्याज शामिल है. हालांकि, इसमें पूरी तरह बदल चुके उद्योग के अनुरूप एक नया ढांचा तैयार किया गया है. इन नियमों का ज्‍यादातर लाभ किसानों को होगा, क्‍योंकि अभी मिलों के पास उनके हजारों करोड़ के बकाए पड़े हुए हैं.</p>
<p><strong>600 लीटर एथनॉल बराबर एक टन चीनी</strong><br />साल 1966 के कानून में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव एथनॉल को गन्ना नियामक ढांचे में स्पष्ट रूप से शामिल करना है और मसौदे में चीनी कारखाने की परिभाषा का विस्तार कर इसमें गन्ने के रस, सिरप, चीनी और मोलासेस से एथनॉल उत्पादन को भी शामिल किया गया है. इसके लिए एक ठोस रूपांतरण सूत्र पेश किया गया है, जिसके तहत उत्पादन गणना करते समय 600 लीटर एथनॉल को एक टन चीनी के बराबर माना जाएगा.</p>
<p><strong>कुछ कंपनियों को बैंक गारंटी से छूट</strong><br />मसौदे में कहा गया है कि केवल एथनॉल बनाने वाली इकाइयां, जो अपने परिसर में गन्ना नहीं पेरती हैं. उन्हें प्रदर्शन बैंक गारंटी की आवश्यकता से छूट दी गई है. यह एकीकृत चीनी-सह-एथनॉल मिलों पर नियंत्रण हल्का किए बिना एकल एथनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए एक सोची-समझी नीतिगत पहल है. मसौदे की धारा 6ए से 6जी में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो पुराने आदेश में नहीं थे. इसमें नए कारखानों के लिए औपचारिक आईईएम-आधारित मंजूरी प्रक्रिया, न्यूनतम दूरी के नियम, प्रदर्शन बैंक गारंटी को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करना और प्रभावी कदम तथा व्यावसायिक उत्पादन के लिए समय सीमा तय करना शामिल है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:48:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाकर 60 करने पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी, हाउस लीडर कोर्ट जाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य के शहरी विकास विभाग ने 60 साल की उम्र सीमा के फैसले को रोक दिया है, जिसके बाद हाउस लीडर सागर नाइक कोर्ट जाने वाले हैं। इस फैसले को पहले नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी ने मंज़ूरी दी थी। इससे भाजपा और शिवसेना के शिंदे गुट के बीच नया राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है। शहरी विकास विभाग के फैसले पर रोक लगाने के बाद विवाद बढ़ गया। इस पर नाइक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम अनुभवी और कुशल कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने वाले प्रस्ताव को जानबूझकर रोकने की कोशिश है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48928/state-government-bans-increasing-the-retirement-age-of-navi-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-03t115547.547.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>राज्य के शहरी विकास विभाग ने 60 साल की उम्र सीमा के फैसले को रोक दिया है, जिसके बाद हाउस लीडर सागर नाइक कोर्ट जाने वाले हैं। इस फैसले को पहले नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी ने मंज़ूरी दी थी। इससे भाजपा और शिवसेना के शिंदे गुट के बीच नया राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है। शहरी विकास विभाग के फैसले पर रोक लगाने के बाद विवाद बढ़ गया। इस पर नाइक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम अनुभवी और कुशल कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने वाले प्रस्ताव को जानबूझकर रोकने की कोशिश है।</p>
<p> </p>
<p>स्टैंडिंग कमेटी ने रिटायरमेंट की उम्र 58 से बढ़ाकर 60 करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी। नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की स्टैंडिंग कमेटी ने 11 मार्च को प्रस्तावित नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन सर्विस रेगुलेशन 2026 के तहत नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 58 से बढ़ाकर 60 साल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी। यह प्रस्ताव हाउस लीडर और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य सागर नाइक ने स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन अशोक पाटिल की अध्यक्षता में हुई मीटिंग के दौरान पेश किया था। ये नियम महाराष्ट्र म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 465 के तहत बनाए गए थे, और कुछ बदलावों और सुझावों के साथ उन्हें मंज़ूरी दी गई थी। उसी एक्ट के नियमों का हवाला देते हुए, अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने प्रस्ताव को सस्पेंड कर दिया, जिससे प्रस्ताव पर असर पड़ा। इस फ़ैसले का तुरंत असर हुआ, मार्च में आठ कर्मचारी म्युनिसिपल सर्विस से रिटायर हो गए।</p>
<p>नाइक ने कहा कि इस फ़ैसले का मकसद सीनियर स्टाफ़ के लिए न्याय पक्का करना और सिविक एडमिनिस्ट्रेशन में अनुभवी लोगों को बनाए रखना था। अगर जनरल बॉडी से मंज़ूरी मिल जाती है, तो बदले हुए सर्विस नियम कर्मचारियों और अधिकारियों का कार्यकाल दो साल बढ़ा देंगे, जिससे एडमिनिस्ट्रेटिव कंटिन्यूटी को मज़बूत करने में मदद मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48928/state-government-bans-increasing-the-retirement-age-of-navi-mumbai</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 11:58:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 115 रुपये महंगी हुई एलपीजी गैस, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े, जानें दिल्ली-मुंबई में कीम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर देशभर में देखने मिल रहा है. इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया. जिसके बाद आयात होने वाले तरल पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इस बीच भारत में एलपीजी गैस के सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं. भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर अब महंगा हो गया है. भारत में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है. सूत्रों के अनुसार, नई दर 7 मार्च से प्रभावी होगी. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48247/mumbai-lpg-gas-became-costlier-by-rs-115-domestic-cylinder"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-07t121640.531.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर देशभर में देखने मिल रहा है. इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया. जिसके बाद आयात होने वाले तरल पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इस बीच भारत में एलपीजी गैस के सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं. भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर अब महंगा हो गया है. भारत में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है. सूत्रों के अनुसार, नई दर 7 मार्च से प्रभावी होगी. </p>
<p> </p>
<p><strong>इतने रुपये का मिलेगा दिल्ली में सिलेंडर</strong><br />दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है. दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है. सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है. <br />वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा. सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है. अपूर्ति को लेकर इतने बड़े बदलाव से आम जनता की जेब पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है.  </p>
<p><strong>इस वजह से हुई गैस के दामों में बढ़ोतरी</strong><br />पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है. होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है.  <br />इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है. भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48247/mumbai-lpg-gas-became-costlier-by-rs-115-domestic-cylinder</link>
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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 12:17:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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