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                <title>celebrated - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>celebrated RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में जश्न, मुंबई में बांटी गई मिठाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस में खुशी का माहौल देखने को मिला. इस्तीफे की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया. कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत मिठाई लेकर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर खुशी जताई. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है और सरकार को आखिरकार जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50957/celebration-in-congress-after-the-resignation-of-mumbai-education-minister"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/image-2026-07-22-at-7.33.41-pm.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस में खुशी का माहौल देखने को मिला. इस्तीफे की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया. कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत मिठाई लेकर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर खुशी जताई. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह छात्रों के संघर्ष की जीत है और सरकार को आखिरकार जवाबदेही स्वीकार करनी पड़ी. </p>
<p> </p>
<p><strong>'लोकतंत्र को बचाने के हमारे युवा काबिल'</strong><br />कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, "हमने शुरू में ही इसलिए मिठाई बांटी क्योंकि इस देश के लोकतंत्र को बचाने के हमारे देश का युवा काबिल है. गृहमंत्री का भी इस्तीफा लेना चाहिए और नरेंद्र मोदी को भी माफी मांगनी चाहिए. यह देश के युवाओं की विजय है, हमारे नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में जो NSU ने संघर्ष किया, उसकी विजय है.</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "यह नॉन बायोलॉजिकल पीएम को युवाओं ने याद दिलाया कि वो भी इंसान है. युवाओं ने उनको याद दिलाया कि यह मोदी तंत्र नहीं है यह लोकतंत्र है. इस देश के 50% से जायदा युवा बेरोजगार है. 12 वर्ष में 152 से जायदा पेपर लीक हुए किसी ने कोई जवाबदेही नहीं ली थी. लाठी के ऊपर कील लगाकर मारा, पत्थर लेकर पुलिस आई." </p>
<p>वहीं मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अहंकार की हार और सत्य और संविधान की जीत." उनका कहना है कि नीट पेपर लीक विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा और आखिरकार शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा.</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, "हमने शुरू में ही इसलिए मिठाई बांटी क्योंकि इस देश के लोकतंत्र को बचाने के हमारे देश का युवा काबिल है. गृहमंत्री का भी इस्तीफा लेना चाहिए और नरेंद्र मोदी को भी माफी मांगनी चाहिए. यह देश के युवाओं की विजय है, हमारे नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में जो NSU ने संघर्ष किया, उसकी विजय है.</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "यह नॉन बायोलॉजिकल पीएम को युवाओं ने याद दिलाया कि वो भी इंसान है. युवाओं ने उनको याद दिलाया कि यह मोदी तंत्र नहीं है यह लोकतंत्र है. इस देश के 50% से जायदा युवा बेरोजगार है. 12 वर्ष में 152 से जायदा पेपर लीक हुए किसी ने कोई जवाबदेही नहीं ली थी. लाठी के ऊपर कील लगाकर मारा, पत्थर लेकर पुलिस आई." </p>
<p><strong>नीट पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ा था दबाव</strong><br />नीट पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साध रहा था. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लंबे समय से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. अब उनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस इसे छात्रों के आंदोलन और विपक्ष के दबाव की जीत बता रही है. वहीं इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50957/celebration-in-congress-after-the-resignation-of-mumbai-education-minister</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 11:09:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई समेत पूरे राज्य में शांति के साथ मनाया गया मुहर्रम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में शुक्रवार को मुहर्रम (आशूरा) श्रद्धा, शांति और गंभीर माहौल के बीच मनाया गया। राज्य के बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने धार्मिक परंपराओं का पालन किया। मुहर्रम के अवसर पर महाराष्ट्र में सरकारी अवकाश रहा। इस कारण पूरे राज्य में व्यावसायिक गतिविधियां काफी हद तक बंद रहीं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में कारोबार नहीं हुआ।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50416/muharram-was-celebrated-peacefully-in-the-entire-state-including-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/1690509821dsc_9226.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में शुक्रवार को मुहर्रम (आशूरा) श्रद्धा, शांति और गंभीर माहौल के बीच मनाया गया। राज्य के बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने धार्मिक परंपराओं का पालन किया। मुहर्रम के अवसर पर महाराष्ट्र में सरकारी अवकाश रहा। इस कारण पूरे राज्य में व्यावसायिक गतिविधियां काफी हद तक बंद रहीं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में कारोबार नहीं हुआ।</p>
<p> </p>
<p>राज्यभर में बैंकों की शाखाएं भी बंद रहीं। इसके साथ ही चौथे शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से बैंक कर्मचारियों के लिए लगातार तीन दिन का अवकाश हो गया। मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर सहित पूरे राज्य में सरकारी कार्यालय, नगर निगम, स्कूल और कॉलेज भी बंद रहे। शिया समुदाय ने इस दिन को पूरी श्रद्धा और शोक के साथ मनाया। दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार, डोंगरी और क्रॉफर्ड मार्केट जैसे इलाकों में तय मार्गों पर पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए।</p>
<p>काले कपड़े पहने लोगों ने कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मजलिस में हिस्सा लिया। वहीं, सुन्नी समुदाय के लोगों ने कई जगह रोजा रखा, मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की और जरूरतमंदों की मदद की। स्थानीय परंपरा के अनुसार, जुलूस के रास्तों पर कई जगहों पर सबील लगाई गई, जहां लोगों को पानी, दूध और मीठा शरबत बांटा गया। दोपहर और शाम को निकलने वाले जुलूसों को देखते हुए मुंबई पुलिस और पुणे तथा छत्रपति संभाजीनगर ( औरंगाबाद) सहित कई शहरों की ट्रैफिक पुलिस ने पहले से ही यातायात में बदलाव किए थे। पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, ताकि जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हो सकें और आपातकालीन सेवाओं तथा सार्वजनिक परिवहन पर कोई असर न पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 10:28:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोंगरी में रहमान शाह बाबा दरगाह में संदल की रस्म बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई; मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती भी मौजूद थे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक सदी से ज़्यादा पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए, डोंगरी में रहमान शाह बाबा दरगाह में संदल की रस्म बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। हर साल होने वाले इस कार्यक्रम में मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती भी मौजूद थे, जिन्होंने पवित्र दरगाह पर रस्म वाली चादर (संदल का कपड़ा) चढ़ाया। हर साल होने वाली यह रस्म सिर्फ़ आस्था ही नहीं, बल्कि शहर के नागरिक रक्षकों और यहाँ के अलग-अलग समुदायों के बीच मज़बूत रिश्ते को भी दिखाती है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45057/sandal-ceremony-was-celebrated-with-great-reverence-and-devotion-at"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-29t210658.266.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>एक सदी से ज़्यादा पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए, डोंगरी में रहमान शाह बाबा दरगाह में संदल की रस्म बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। हर साल होने वाले इस कार्यक्रम में मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती भी मौजूद थे, जिन्होंने पवित्र दरगाह पर रस्म वाली चादर (संदल का कपड़ा) चढ़ाया। हर साल होने वाली यह रस्म सिर्फ़ आस्था ही नहीं, बल्कि शहर के नागरिक रक्षकों और यहाँ के अलग-अलग समुदायों के बीच मज़बूत रिश्ते को भी दिखाती है। </p>
<p> </p>
<p>आस्था और भाईचारे की परंपरा रहमान शाह बाबा दरगाह में संदल की रस्म मुंबई और उसके बाहर के भक्तों के लिए बहुत ज़्यादा आध्यात्मिक महत्व रखती है। हज़रत अब्दुल रहमान शाह बाबा को समर्पित यह दरगाह सभी धर्मों के लोगों के लिए एक पवित्र जगह मानी जाती है, जहाँ लोग आशीर्वाद और मन की शांति पाने आते हैं।</p>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 21:08:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश में भी मनाई जाती है दिवाली, कई मुल्कों में तो सरकारी छुट्टी भी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत में दीपावली का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन देश का हर कोना रोशनी से जगमगा उठता है. रोशनी का यह त्योहार केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भी मनाया जाता है. भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बन चुके प्रकाश के इस पर्व को अब सीमाओं से परे कई देशों में आधिकारिक तौर पर मनाया जाता है. दरअसल, जिन देशों में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, वहां दीपावली को राष्ट्रीय या सार्वजनिक त्योहार के रूप में मान्यता मिली हुई है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44833/new-delhi-diwali-is-celebrated-even-in-the-country-with"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-20t213401.143.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>भारत में दीपावली का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन देश का हर कोना रोशनी से जगमगा उठता है. रोशनी का यह त्योहार केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भी मनाया जाता है. भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बन चुके प्रकाश के इस पर्व को अब सीमाओं से परे कई देशों में आधिकारिक तौर पर मनाया जाता है. दरअसल, जिन देशों में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, वहां दीपावली को राष्ट्रीय या सार्वजनिक त्योहार के रूप में मान्यता मिली हुई है.</p>
<p> </p>
<p>भारत के पड़ोसी देश नेपाल की बात करें, तो यह देश हिंदू बहुल होने के कारण दीपावली यहां के प्रमुख त्योहारों में से एक है. नेपाल में दीपावली को “तिहार” कहा जाता है और इसे पांच दिनों तक मनाया जाता है. इसके अलावा श्रीलंका, मॉरीशस और फिजी में भी दीपावली पर आधिकारिक छुट्टी मिलती है. साथ ही, सिंगापुर में दीपावली को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है. मलेशिया में इसे “हरी दीवाली” कहा जाता है और यहां भी इस त्योहार के दिन राष्ट्रीय छुट्टी मिलती है.</p>
<p>त्रिनिदाद एंड टोबैगो, गयाना, और सूरीनाम जैसे कैरेबियाई देशों में भी वहां रहने वाले भारतीय धूमधाम से दीपावली मनाते हैं. हालांकि, यहां दीपावली की छुट्टी तो नहीं होती है, लेकिन भारतीय लोग इसे मनाते हैं. इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देश में भी दीपावली को सांस्कृतिक महत्व के रूप में मनाया जाता है.</p>
<p>वहीं फिजी में दीपावली आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अवकाश है और स्कूलों तथा सरकारी कार्यालयों में भी छुट्टी रहती है. हाल के वर्षों में ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी दीपावली को बड़ी धूमधाम से मनाया जाने लगा है. अमेरिका के व्हाइट हाउस में भी पिछले कुछ वर्षों से दीपावली मनाने की परंपरा शुरू हो चुकी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 21:34:57 +0530</pubDate>
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