<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/10909/streets" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>streets - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/10909/rss</link>
                <description>streets RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: जब असम की कीचड़ से सनी सड़कों पर बिस्तर उठाकर चले मुंबई के ये सोशल वर्कर, बाढ़ पीड़ितों ने पैर छूकर लगाया गले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51138/when-these-social-workers-of-mumbai-walked-on-the-mud"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/7l4ernvc_ju_625x300_05_august_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>असम के कई इलाके इन दिनों भयानक बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं. चारों तरफ सिर्फ पानी-पानी और कीचड़ लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है. हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो चुके हैं. ऐसे समय में जब लोगों के पास सोने तक की सही जगह नहीं बची थी, मुंबई के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और सोशल वर्कर हुसैन मंसूरी अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे. उन्होंने रिलीफ कैंप और वाटर लॉगिंग वाले गांवों का रुख किया, ताकि जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाई जा सके. घुटनों तक भरे कीचड़ और फिसलन की परवाह किए बिना ये टीम पीड़ित परिवारों तक सोने के लिए बिस्तर और गद्दे पहुंचा रही है. </p>
<p> </p>
<p><strong>कीचड़ और पानी के बीच जब मदद की उम्मीद भी टूटने लगी </strong><br />हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में हुसैन और उनकी साथी टीम भारी लकड़ी के बेड उठाकर कीचड़ भरे रास्तों से गुजरते दिख रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि, रास्ता इतना फिसलन भरा था कि एक पल को हुसैन का बैलेंस बिगड़ा और वो गिरने ही वाले थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और अपना कदम पीछे नहीं खींचा. गांव-गांव जाकर टीम ने न सिर्फ पलंग लगाए, बल्कि उन पर साफ मैट और गद्दे भी बिछाकर दिए. ताकि लोगों को जमीन पर न सोना पड़े. जब बेघर हो चुके लोगों को सूखा बिस्तर मिला, तो कई बुजुर्गों और महिलाओं के सब्र का बांध टूट गया. राहत भरी मदद मिलने की खुशी में कुछ लोगों ने हुसैन को गले से लगा लिया, तो इमोशनल होते हुए कई लोगों ने उनके पैर छूकर दुआएं दीं.</p>
<p>हुसैन ने ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'iamhussainmansuri' पर शेयर किया है, जो जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इमोशनल हो रहे हैं. असम में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है. इस तबाही में कई लोग अपनी गंवा चुके हैं. असम के शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. राज्य सरकार भी एक्शन मोड में है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रभावित परिवारों को 75 हजार रुपये की अंतरिम सहायता देनी शुरू कर दी है. फिलहाल प्रशासन 54 रिलीफ कैंपों के जरिए 13,700 से ज्यादा लोगों को खाना और आश्रय मुहैया करा रहा है.</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51138/when-these-social-workers-of-mumbai-walked-on-the-mud</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51138/when-these-social-workers-of-mumbai-walked-on-the-mud</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:21:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/7l4ernvc_ju_625x300_05_august_26.webp"                         length="21650"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में बरसात का अलर्ट, एक घंटे की बारिश में ही भिवंडी का हुआ बुरा हाल, डूबे सड़क-बाजार और मोहल्ले</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री के साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बीती रात काफी तेज बारिश हुई, जिससे ठाणे में कई जगह जलजमाव देखने मिला. फिलहाल, मुंबई में ऑरेंज अलर्ट यानी तेज बारिश की संभावना से पहले आम जनता और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50456/rain-alert-in-mumbai-bhiwandis-condition-deteriorated-in-just-one"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mumbai_rainfall_alert_maharashtra_weather_latest_1689812698434_1689812698804.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री के साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग ने भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बीती रात काफी तेज बारिश हुई, जिससे ठाणे में कई जगह जलजमाव देखने मिला. फिलहाल, मुंबई में ऑरेंज अलर्ट यानी तेज बारिश की संभावना से पहले आम जनता और प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.</p>
<p> </p>
<p>दूसरी ओर, बीती रात महज एक घंटे की बारिश में भिवंडी महानगरपालिका की तैयारियों की पोल खुल गई. भिवंडी के सड़क, बाजार और मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न दिखे. बताया जा रहा है कि शहर की सड़कें दरिया बन गईं, मुख्य बाजार जलमग्न हो गए, दुकानों में पानी घुस गया. </p>
<p>बीच सड़क पर वाहन बंद पड़ने से लोगों को धक्का लगाना पड़ा. हालात ऐसे बन गए कि लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. एक घंटे की तेज बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी. मुख्य बाजार इलाके तीन बत्ती, भाजी मार्केट, निजामपुरा, आमपाड़ा, खंडूपाड़ा रोड और वंजारपट्टी समेत कई इलाके जलमग्न हो गए. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई मोहल्लों और गलियों में भी पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.</p>
<p>सबसे ज्यादा असर शहर के मुख्य बाजारों तीन बत्ती, भाजी मार्केट में देखने को मिला, जहां बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया. दुकानदार अपना सामान बचाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए. वहीं, जलभराव के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच सड़क पर बंद पड़ गए. वाहन चालकों को गाड़ियों को धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50456/rain-alert-in-mumbai-bhiwandis-condition-deteriorated-in-just-one</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50456/rain-alert-in-mumbai-bhiwandis-condition-deteriorated-in-just-one</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:33:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/mumbai_rainfall_alert_maharashtra_weather_latest_1689812698434_1689812698804.jpg"                         length="219963"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : जांच करें कि क्या मुंबई की सड़कों पर बांग्लादेशी प्रवासी फेरी लगा रहे हैं, कानून के अनुसार कार्रवाई करें: हाईकोर्ट ने BMC और पुलिस को निर्देश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को आदेश दिया कि वे शहर की सड़कों पर फेरी लगाने वाले सभी लोगों की पहचान का 'पूरी तरह' से सत्यापन करें। साथ ही यह भी जांच करें कि क्या इनमें कोई 'बांग्लादेशी' या अन्य 'प्रवासी' शामिल हैं जो फेरी लगाने के काम में लगे हैं। यदि ऐसे लोग मिलते हैं, तो अधिकारियों को उनके खिलाफ 'उचित' कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48664/mumbai-should-investigate-whether-bangladeshi-migrants-are-hawking-on-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t120540.836.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को आदेश दिया कि वे शहर की सड़कों पर फेरी लगाने वाले सभी लोगों की पहचान का 'पूरी तरह' से सत्यापन करें। साथ ही यह भी जांच करें कि क्या इनमें कोई 'बांग्लादेशी' या अन्य 'प्रवासी' शामिल हैं जो फेरी लगाने के काम में लगे हैं। यदि ऐसे लोग मिलते हैं, तो अधिकारियों को उनके खिलाफ 'उचित' कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की खंडपीठ ने महाराष्ट्र हॉकर संघ (फेरीवालों का एक संगठन) द्वारा उनके समक्ष रखी गई दलील पर विचार किया। संघ ने तर्क दिया कि राज्य वर्तमान में बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है, जिनमें से कई कथित तौर पर फेरी लगाने के काम में लिप्त हैं। संघ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे प्रवासियों की मौजूदगी न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह स्थानीय विक्रेताओं और फेरीवालों के साथ भी रोज़ाना के झगड़ों का कारण बन रही है।</p>
<p> </p>
<p>खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में आदेश दिया, "बीएमसी और पुलिस तत्काल उन सभी व्यक्तियों की पहचान का पूरी तरह से सत्यापन करें, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन पर बांग्लादेशी या अन्य गैर-भारतीय नागरिक होने का आरोप है। ये वे लोग हैं, जो स्टॉल लगाते हैं, सामान बेचते हैं या फेरी लगाते हैं, अथवा ऐसे स्टॉल मालिकों, विक्रेताओं या फेरीवालों के सहायक या मददगार के तौर पर काम करते हैं। यदि कोई व्यक्ति अवैध प्रवासी पाया जाता है तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सक्षम अधिकारियों द्वारा उसे वापस उसके देश भेजने  के कदम भी शामिल हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की विफलता के लिए संबंधित सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा।"</p>
<p>बॉम्बे हाईकोर्ट जजों ने आगे कहा कि अदालत के लिए यह पूरी तरह से अविवेकपूर्ण और असंवेदनशील होगा कि वह मौजूदा खतरों और निष्क्रियता के परिणामों को नज़रअंदाज़ कर दे। इस मुद्दे को तब तक बढ़ने दे जब तक कि यह अंततः राज्य के सामने कहीं अधिक गंभीर परिणाम उत्पन्न न कर दे। जजों ने ज़ोर देकर कहा, "जो मौजूदा हालात हमारे संज्ञान में लाए गए, वे बेहद चिंताजनक हैं।</p>
<p>नागरिकों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में लगातार गंभीर और बार-बार आने वाली रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें ये शामिल हैं: पैदल चलने वाले लोग फुटपाथ का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन पर कब्ज़ा हो चुका है; इस वजह से उन्हें सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है। महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग नागरिक इन हालात का सबसे ज़्यादा खामियाज़ा भुगतते हैं और लगातार खतरे में रहते हैं; बुज़ुर्ग नागरिकों और दिव्यांग लोगों के लिए अपने घरों से सुरक्षित और सम्मान के साथ बाहर निकलना लगभग नामुमकिन हो गया। बहुत ज़्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में, जहां लोगों की आवाजाही बहुत ज़्यादा होती है, ऐसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं, जहां अनुचित शारीरिक संपर्क की घटनाएं सामने आती हैं—खासकर महिलाओं के साथ—और ऐसे हालात में उनके पास शिकायत करने या मदद पाने का कोई खास ज़रिया नहीं होता।" <br /> इसके अलावा, जजों ने यह भी बताया कि फेरीवालों की समस्या की वजह से रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को उन इमारतों तक पहुंचने में दिक्कत होती है, जो सार्वजनिक सड़कों से लगी हुई हैं; और जब वे शिकायत करते हैं तो कथित तौर पर उन्हें धमकियों और डराने-धमकाने का सामना करना पड़ता है। आपातकालीन सेवाएं—जैसे कि फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस—भी रिहायशी सोसाइटियों तक नहीं पहुंच पातीं, क्योंकि फेरीवालों ने संकरी गलियों पर कब्ज़ा कर रखा होता है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों में भारी-भरकम निवेश किया होता है, लेकिन उनके दुकानों के दरवाज़े और डिस्प्ले विंडो (दिखाने वाली खिड़कियाँ) अक्सर बंद हो जाते हैं; इससे उनकी दुकानें राहगीरों को लगभग दिखाई ही नहीं देतीं, जिसका उनकी रोज़ी-रोटी पर बुरा असर पड़ता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48664/mumbai-should-investigate-whether-bangladeshi-migrants-are-hawking-on-the</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48664/mumbai-should-investigate-whether-bangladeshi-migrants-are-hawking-on-the</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:06:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-24t120540.836.jpg"                         length="16124"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सिंघम गर्ल्स मुंबई की तंग गलियों में बाल विवाह और अपराध के खिलाफ छेड़ी जंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीताह कैंप और साठे नगर की तंग गलियों में जैसे ही शाम ढलती है, एक अलग निगरानी शुरू होती है। सतर्क नजरें, मजबूत कदम और हिम्मत के साथ आगे बढ़ती लड़कियां… ये कोई पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि प्यार से “मुंबई की गर्ल सिंघम्स” कहलाती हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47368/mumbai-singham-girls-wage-war-against-child-marriage-and-crime"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-31t114954.996.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>चीताह कैंप और साठे नगर की तंग गलियों में जैसे ही शाम ढलती है, एक अलग निगरानी शुरू होती है। सतर्क नजरें, मजबूत कदम और हिम्मत के साथ आगे बढ़ती लड़कियां… ये कोई पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि प्यार से “मुंबई की गर्ल सिंघम्स” कहलाती हैं। पिछले चार साल से 11 से 18 साल की उम्र की 1,200 से ज्यादा लड़कियां 12 ग्रुप में बंटकर अपने ही इलाके में बदलाव ला रही हैं। CRY संस्था के सहयोग से ये लड़कियां शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, बाल श्रम और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर काम कर रही हैं। 16 साल की सिमरन शेख इस समूह की नेता हैं। वे परिवारों को कम उम्र में शादी के नुकसान समझाती हैं और इलाके में नजर रखती हैं कि कहीं किसी लड़की की जबरन शादी न हो।</p>
<p> </p>
<p><strong>बाल विवाह पर रोक और सुरक्षित इलाकों की पहल</strong><br />हाल के महीनों में उनके इलाके में छह बाल विवाह रोके गए और लड़कियां फिर स्कूल लौट आईं। CRY के कुमार नीलेंदु बताते हैं कि लड़कियों ने समय रहते मामलों की पहचान की और सही कदम उठाए। एक दिन समूह की बैठक में बच्चों ने अपने इकलौते करबला मैदान की समस्या बताई, जो अंधेरा और असुरक्षित था। </p>
<p><strong>डार्क स्पॉट खत्म, शराब की दुकान बंद</strong><br />बाद में वहां मिट्टी बिछाई गई, लाइटें ठीक की गईं और सीसीटीवी लगाए गए। अब यह मैदान बच्चों के खेल और खुशी की जगह बन गया है। करीब 50 लड़कियों ने अवैध शराब की दुकान के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई और दुकान बंद कराई। 15 साल की अलका अब पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखती है। सामूहिक प्रयासों ने लड़कियों को निडर और अपने अधिकारों के प्रति मजबूत बना दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47368/mumbai-singham-girls-wage-war-against-child-marriage-and-crime</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47368/mumbai-singham-girls-wage-war-against-child-marriage-and-crime</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 11:50:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-01/download---2026-01-31t114954.996.jpg"                         length="10873"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        