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                <title>takes - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: महाराष्ट्र एफडीए का बड़ा कदम ब्लड बैंकों के लिए पहली बार आए नए दिशा निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य के ब्लड बैंकों के लिए एक व्यापक आदेश जारी किया है। यह आदेश मरीजों और रक्त दाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51220/mumbai-maharashtra-fdas-big-step-new-guidelines-for-blood-banks"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-08t111456.345.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य के ब्लड बैंकों के लिए एक व्यापक आदेश जारी किया है। यह आदेश मरीजों और रक्त दाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।</p>
<p> </p>
<p><strong>किन वैधानिक आवश्यकताओं का पालन जरूरी?</strong><br />मानव रक्त और घटक ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत "दवा" अधिसूचित हैं। वैध लाइसेंस के बिना रक्त केंद्र रक्त एकत्र, संसाधित, संग्रहीत या वितरित नहीं कर सकते। मुंढे ने कहा कि प्रत्येक रक्त केंद्र को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियम, 1945 की वैधानिक आवश्यकताओं का पालन करना होगा। दिशानिर्देशों में बुनियादी ढांचा, कर्मियों की योग्यता, दाता चयन, रक्त संग्रह और परीक्षण शामिल हैं।</p>
<p><strong>आदेश का मकसद प्रावधानों का प्रभावी कार्यान्वयन</strong><br />इसमें घटक तैयारी, भंडारण, लेबलिंग, बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन और रक्तदान शिविरों का आयोजन भी शामिल है। ई-रक्तकोष पोर्टल पर जानकारी का दैनिक अद्यतन और नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन अनिवार्य है। निरीक्षणों में कुछ रक्त केंद्रों में वैधानिक आवश्यकताओं का पालन नहीं हुआ। इन प्रावधानों के प्रभावी और समान कार्यान्वयन हेतु यह आदेश जारी हुआ है।</p>
<p><strong>आवश्यक सुविधाएं और कर्मचारी</strong><br />ब्लड बैंकों को परामर्श कक्ष, गुणवत्ता नियंत्रण और रक्त घटक प्रसंस्करण सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी। उन्हें योग्य चिकित्सा अधिकारी, तकनीकी पर्यवेक्षक, ब्लड बैंक तकनीशियन, नर्स और परामर्शदाता रखने होंगे। प्रत्येक ब्लड बैंक को 2020 के संशोधित दाता चयन मानदंडों को लागू करना होगा।</p>
<p><strong>परीक्षण, भंडारण और अनुपालन</strong><br />प्रत्येक रक्त इकाई का एचआयव्ही, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, सिफलिस और मलेरिया के लिए अनिवार्य परीक्षण हो। रक्त और रक्त घटकों का निर्धारित तापमान पर भंडारण सुनिश्चित करें। संदिग्ध रक्त इकाइयों के लिए अलग संगरोध सुविधाएं भी हों। रक्त बैग की लेबलिंग, रिकॉर्ड बनाए रखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार रक्त घटकों को तैयार करने का पालन करें। एफडीए ने सभी रक्त केंद्रों को मौजूदा प्रथाओं की समीक्षा कर सुधारात्मक उपाय लागू करने को कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 11:16:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : 5 क्लबों पर एफडीए का एक्शन, लाइसेंस सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यव्यापी विशेष जांच अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पांच प्रतिष्ठित क्लबों के एफएसएसएआय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं. जांच के दौरान स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और खाद्य मानक नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए गए. इसके अलावा एक क्लब को व्यवसाय बंद करने का नोटिस और एक अन्य को सुधार नोटिस जारी किया गया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51012/fdas-action-on-mumbai-5-clubs-suspends-license"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/the-cricket-club-of-india-left-and-the-willingdon-sports-club-right-are-among-the-clubs-that-los-293639802-16x9_0.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यव्यापी विशेष जांच अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के पांच प्रतिष्ठित क्लबों के एफएसएसएआय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं. जांच के दौरान स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और खाद्य मानक नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए गए. इसके अलावा एक क्लब को व्यवसाय बंद करने का नोटिस और एक अन्य को सुधार नोटिस जारी किया गया है.</p>
<p> </p>
<p>एफडीए द्वारा 27 जुलाई 2026 को मुंबई के सात क्लब, कैंटीन और रेस्तरां की जांच की गई थी. जांच में कई जगहों पर गंदगी, कीटों का प्रकोप, एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का उपयोग, खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई.</p>
<p><strong>इन पांच क्लबों के लाइसेंस निलंबित</strong><br />एफडीए ने निम्नलिखित पांच प्रतिष्ठानों के एफएसएसएआय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए हैं.<br />द क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया लिमिटेड<br />आरके जुहू जिमखाना<br />द अपर्णा, जुहू जिमखाना<br />एमआईजी क्रिकेट क्लब, बांद्रा पूर्व<br />द विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब</p>
<p><strong>क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में मिलीं गंभीर खामियां</strong><br />क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन तैयार करने की जगह अलग नहीं थी. रसोई और कचरा निस्तारण क्षेत्र में बड़ी संख्या में कॉकरोच और मक्खियां पाई गईं. एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री, सड़ी-गली सब्जियां और खराब मशरूम भी मिले. इसके अलावा खाद्य पदार्थों के भंडारण और लेबलिंग में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं.</p>
<p><strong>जुहू जिमखाना में स्वच्छता नियमों की अनदेखी</strong><br />आरके जुहू जिमखाना में खाद्य पदार्थों की उचित निगरानी नहीं की जा रही थी. इस्तेमाल किए गए तेल का रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था. रसोई क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था खराब पाई गई और कर्मचारियों द्वारा दस्ताने, कैप तथा एप्रन का उपयोग नहीं किया जा रहा था.</p>
<p><strong>एमआयजी क्रिकेट क्लब में बिना लाइसेंस के कैटरिंग संचालन</strong><br />एमआयजी क्रिकेट क्लब में जांच के दौरान पता चला कि “नेबुला कैटरिंग सर्विसेज” नामक संस्था बिना वैध एफएसएसएआय लाइसेंस के क्लब परिसर में कैटरिंग का काम कर रही थी. इसके अलावा रसोई में कॉकरोच और मकड़ी के जाले मिले तथा खाद्य पदार्थों का भंडारण नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया.<br />गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब को व्यवसाय बंद करने का आदेश<br />मलाड पश्चिम स्थित गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब को बिना वैध पंजीकरण और लाइसेंस के खाद्य व्यवसाय संचालित करने के कारण “स्टॉप बिजनेस नोटिस” जारी किया गया है. एफडीए ने क्लब को तत्काल खाद्य व्यवसाय बंद करने के निर्देश दिए हैं.<br />राज्यभर में एफडीए की बड़ी कार्रवाई</p>
<p><strong>विशेष अभियान के दौरान एफडीए ने राज्यभर में कई कार्रवाई कीं.</strong><br />कुल 35 छापे मारे गए.<br />81 होटल, रेस्ट्रोरेंट , ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई.<br />12 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए.<br />11 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए.<br />दूध और दुग्धजन्य उत्पादों का 205 लीटर स्टॉक (8,696 रुपये) जब्त किया गया.</p>
<p>प्रतिबंधित पान मसाला और गुटखा की बिक्री, वितरण और परिवहन के 18 मामलों में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा 46.59 लाख मूल्य का माल जब्त किया गया.</p>
<p>अन्य खाद्य पदार्थों का 21,434.13 किलोग्राम स्टॉक, जिसकी कीमत करीब 58.03 लाख है, जब्त किया गया.<br />प्रतिबंधित और अन्य खाद्य पदार्थों सहित कुल 1.04 करोड़ से अधिक मूल्य का माल जब्त किया गया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:10:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई:  612 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन मिलने से मचा हड़कंप, एफडीए ने की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की टीम ने शनिवार को उल्हासनगर में भैसों के तबेले पर कार्रवाई करते हुए 612 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ज़ब्त किया है। जब्त किया गया आक्सीटोसिन इंजेक्शन भैंसों का दूध बढ़ाने के लिए गैर-कानूनी तरीके से दिए जा रहे थे । इस मामले की गहन छानबीन एफडीआई की टीम कर रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50848/mumbai-612-there-was-a-stir-after-receiving-oxytocin-injection"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-20t132814.002.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की टीम ने शनिवार को उल्हासनगर में भैसों के तबेले पर कार्रवाई करते हुए 612 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ज़ब्त किया है। जब्त किया गया आक्सीटोसिन इंजेक्शन भैंसों का दूध बढ़ाने के लिए गैर-कानूनी तरीके से दिए जा रहे थे । इस मामले की गहन छानबीन एफडीआई की टीम कर रही है।</p>
<p> </p>
<p>इस मामले की छानबीन कर रहे एफडीए अधिकारी ने आज बताया कि एफडीए टीम को उल्हासनगर कैंप नंबर 3 के ओटी सेक्शन के जसलोक हाई स्कूल इलाके में प्रकाश वाधवानी के भैंसों के तबेले पर छापा मारा। इस छापे में, जानवरों को ज़्यादा दूध के लिए लगाए जाने वाले 612 गैर-कानूनी इंजेक्शन और इसके लिए इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की बोतलों का बड़ा स्टॉक ज़ब्त किया गया है।</p>
<p>ऑक्सीटोसिन दवा का इस्तेमाल जानवरों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। इन इंजेक्शन से जानवरों को बहुत तकलीफ होती है। इतना ही नहीं, मेडिकल एक्सपट्र्स को डर है कि इस तरह ऑक्सीटोसिन वाला दूध पीने से इंसानी सेहत पर, खासकर छोटे बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं पर गंभीर साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं। इसी वजह से सरकार ने कानूनन इस दवा की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:29:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बीएमसी पर सख्त हाईकोर्ट; पूछा - इंदौर साफ हो सकता है तो मुंबई क्यों नहीं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की सफाई व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब इंदौर लगातार सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है तो मुंबई क्यों नहीं। अदालत ने बीएमसी को सड़कों से तुरंत कचरा हटाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन कराने और वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का सुझाव भी दिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50774/mumbai-high-court-came-down-hard-on-bmc-and-asked"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/1200-675-27155933-1055-27155933-1784123579205.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की सफाई व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब इंदौर लगातार सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है तो मुंबई क्यों नहीं। अदालत ने बीएमसी को सड़कों से तुरंत कचरा हटाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन कराने और वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का सुझाव भी दिया। </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या मुंबई में भी मोशी जैसा हादसा हो सकता है?</strong><br />अदालत ने पुणे जिले के मोशी में हाल ही में हुए कचरा संयंत्र भवन हादसे का भी जिक्र किया और कहा कि मुंबई में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि मुंबई में भी कचरे के बड़े-बड़े ढेर मौजूद हैं, इसलिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।<br /><strong>किस मामले की सुनवाई के दौरान हुई यह टिप्पणी?</strong><br />न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे की खंडपीठ उपनगर कांजुरमार्ग स्थित डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोगों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में प्रदूषण, लगातार फैल रही दुर्गंध, गैस उत्सर्जन और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई है।<br /><strong>मोशी हादसे में क्या हुआ था?</strong><br />अदालत ने 8 जुलाई को पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में हुए हादसे का भी उल्लेख किया। भारी बारिश के बाद वर्षों से जमा अनुपचारित ठोस कचरे और औद्योगिक अपशिष्ट का विशाल ढेर अचानक खिसक गया और पास की दो मंजिला इमारत पर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी।<br /><strong>हाईकोर्ट ने मुंबई को लेकर क्या चिंता जताई?</strong><br />खंडपीठ ने कहा कि मुंबई में भी कचरे के ऊंचे-ऊंचे ढेर हैं। यहां भी ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। अदालत ने माना कि समस्या केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि नागरिकों की भी है। इच्छाशक्ति की कमी के कारण शहर की सड़कों पर कचरा फैला रहता है, जिससे मानसून के दौरान जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं।<br />नागरिकों को लेकर अदालत ने क्या कहा?<br />हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को भी जागरूक बनाने की जरूरत है ताकि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें और घरों से निकलने वाले कचरे का अलग-अलग वर्गों में पृथक्करण (सेग्रिगेशन) करें। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मुंबई में किसी भी नागरिक को सार्वजनिक सड़क पर कचरा फेंकने की छूट नहीं है। <br />थूकने की आदत पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी क्यों?<br />अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी कड़ी नाराजगी जताई। खंडपीठ ने टिप्पणी की, 'हमारे देश में थूकना मानो राष्ट्रीय शौक बन गया है।' कोर्ट ने कहा कि थूकने पर वर्तमान 200 रुपये का जुर्माना बेहद कम है और इसे बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाना चाहिए ताकि लोगों में डर पैदा हो और इस आदत पर रोक लग सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:10:30 +0530</pubDate>
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