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                <title>change - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>change RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : देश में मौसम का बड़ा बदलाव: कई राज्यों में लू और कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस हफ़्ते पूरे भारत में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को मौसम पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत हो सकती है, क्योंकि आने वाले दिनों में देश में मौसम के बिल्कुल अलग-अलग हालात देखने को मिल सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी नवीनतम 'अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन' के अनुसार, कई उत्तरी और मध्य राज्यों में भीषण लू की स्थिति जारी रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49565/mumbai-big-change-in-weather-in-the-country-warning-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(55).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>इस हफ़्ते पूरे भारत में यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को मौसम पर कड़ी नज़र रखने की ज़रूरत हो सकती है, क्योंकि आने वाले दिनों में देश में मौसम के बिल्कुल अलग-अलग हालात देखने को मिल सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी नवीनतम 'अखिल भारतीय मौसम सारांश और पूर्वानुमान बुलेटिन' के अनुसार, कई उत्तरी और मध्य राज्यों में भीषण लू की स्थिति जारी रहने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।</p>
<p> </p>
<p>26 अप्रैल की रात को राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया कि देश का सबसे ज़्यादा अधिकतम तापमान अकोला में दर्ज किया गया, जहाँ पारा 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली और आस-पास के कई हिस्सों में भी तापमान सामान्य से काफ़ी ज़्यादा रहा, जिससे दिन के समय मौसम काफ़ी सख़्त हो गया। इसका असर घूमने-फिरने, सड़क यात्राओं और अन्य बाहरी यात्रा योजनाओं पर पड़ सकता है।</p>
<p>आईएमडी ने 28 अप्रैल तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति की चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में रातें भी गर्म रहने की संभावना है, जिसका मतलब है कि यात्रियों को रात में भी ज़्यादा राहत नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, मौसम एजेंसी ने पूर्वोत्तर भारत और उससे सटे पूर्वी राज्यों में ज़ोरदार बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। 30 अप्रैल तक पूर्वोत्तर में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 मई तक बारिश जारी रह सकती है।<br />अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 2 मई तक, और नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम तथा त्रिपुरा में 1 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश होने की उम्मीद है, और 28 अप्रैल को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से, और कभी-कभी 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवाओं के साथ तूफ़ान आ सकता है। गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी संभावना है। तेलंगाना और आस-पास के दक्षिण-मध्य इलाकों के लिए, आईएमडी ने 2 मई तक गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। इस हफ़्ते के दौरान छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी ऐसा ही मौसम रहने की उम्मीद है। केरल और माहे में 29 अप्रैल से 1 मई के बीच भारी बारिश हो सकती है; छुट्टियां मनाने वालों को समुद्र तट और बाहर घूमने-फिरने की अपनी योजनाओं में इस बात का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p>एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत के मौसम में भी बदलाव आने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ बारिश या बर्फ़बारी हो सकती है, जबकि हिमालयी राज्यों में कहीं-कहीं ओले भी पड़ सकते हैं। आईएमडी ने बताया कि आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिससे मौजूदा गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: समीर वानखेड़े का जोर: “नशामुक्ति पर समाज की भागीदारी से आएगा बड़ा बदलाव”</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आयोजित एक हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने नशामुक्ति को लेकर समाज की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को जागरूक करने और सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समीर वानखेड़े ने कहा, “यह एक बहुत अच्छा कार्यक्रम है। मेरा मुख्य फोकस नशामुक्ति अभियानों पर रहा है। जब समाज इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट होता है, तो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सामूहिक प्रयास से सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।”</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49488/mumbai-sameer-wankhedes-emphasis-%E2%80%9Cbig-change-will-come-with-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-26t120003.977.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>आयोजित एक हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने नशामुक्ति को लेकर समाज की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज को जागरूक करने और सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समीर वानखेड़े ने कहा, “यह एक बहुत अच्छा कार्यक्रम है। मेरा मुख्य फोकस नशामुक्ति अभियानों पर रहा है। जब समाज इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकजुट होता है, तो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सामूहिक प्रयास से सार्थक बदलाव लाया जा सकता है।”</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून के जरिए पूरी तरह खत्म नहीं की जा सकती, इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। परिवार, सामाजिक संगठन और प्रशासन मिलकर काम करें तो युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है। वानखेड़े ने यह भी कहा कि जागरूकता अभियान, काउंसलिंग और पुनर्वास जैसी पहलें नशामुक्ति के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली नशे से जुड़ी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और प्रशासन को सहयोग दें।</p>
<p>कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही, जहां सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के साथ नशामुक्ति को लेकर जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों को संवेदनशील मुद्दों पर एकजुट होने की प्रेरणा मिलती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 12:01:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्‍ली : 60 साल बाद बदलने जा रहा गन्‍ने से जुड़ा कानून, किसानों को फायदा होगा या नुकसान, एथनॉल उत्‍पादन पर भी असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49398/new-delhi-the-law-related-to-sugarcane-is-going-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t184642.138.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्‍ली : </strong>यूपी सहित देश के तमाम गन्‍ना उत्‍पादक राज्‍यों के किसानों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार 60 साल बाद गन्‍ने से जुड़े कानून में बदलाव करने जा रही है. इसका फायदा सीधे तौर पर किसानों को होगा. मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने साल 1966 के गन्ना नियंत्रण आदेश को एक व्यापक और नए नियामक ढांचे से बदलने का प्रस्ताव किया है. इसमें पहली बार एथनॉल उत्पादन, डिजिटल नियमों के पालन और कारखानों की मंजूरी के लिए एक औपचारिक व्यवस्था को साथ लाया गया है. सरकार ने इस मसौदे पर 20 मई तक सुझाव मांगे हैं.</p>
<p> </p>
<p>केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के गन्ना (नियंत्रण) आदेश 2026 के मसौदे में पुराने कानून की बुनियादी संरचना को बरकरार रखा गया है. इसमें उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) के नियम, गन्ने की आवाजाही पर नियंत्रण, 14 दिनों के भीतर भुगतान की समय सीमा और देरी से भुगतान पर 15 फीसदी सालाना ब्याज शामिल है. हालांकि, इसमें पूरी तरह बदल चुके उद्योग के अनुरूप एक नया ढांचा तैयार किया गया है. इन नियमों का ज्‍यादातर लाभ किसानों को होगा, क्‍योंकि अभी मिलों के पास उनके हजारों करोड़ के बकाए पड़े हुए हैं.</p>
<p><strong>600 लीटर एथनॉल बराबर एक टन चीनी</strong><br />साल 1966 के कानून में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव एथनॉल को गन्ना नियामक ढांचे में स्पष्ट रूप से शामिल करना है और मसौदे में चीनी कारखाने की परिभाषा का विस्तार कर इसमें गन्ने के रस, सिरप, चीनी और मोलासेस से एथनॉल उत्पादन को भी शामिल किया गया है. इसके लिए एक ठोस रूपांतरण सूत्र पेश किया गया है, जिसके तहत उत्पादन गणना करते समय 600 लीटर एथनॉल को एक टन चीनी के बराबर माना जाएगा.</p>
<p><strong>कुछ कंपनियों को बैंक गारंटी से छूट</strong><br />मसौदे में कहा गया है कि केवल एथनॉल बनाने वाली इकाइयां, जो अपने परिसर में गन्ना नहीं पेरती हैं. उन्हें प्रदर्शन बैंक गारंटी की आवश्यकता से छूट दी गई है. यह एकीकृत चीनी-सह-एथनॉल मिलों पर नियंत्रण हल्का किए बिना एकल एथनॉल क्षमता बढ़ाने के लिए एक सोची-समझी नीतिगत पहल है. मसौदे की धारा 6ए से 6जी में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो पुराने आदेश में नहीं थे. इसमें नए कारखानों के लिए औपचारिक आईईएम-आधारित मंजूरी प्रक्रिया, न्यूनतम दूरी के नियम, प्रदर्शन बैंक गारंटी को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करना और प्रभावी कदम तथा व्यावसायिक उत्पादन के लिए समय सीमा तय करना शामिल है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 18:48:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कोऑपरेटिव सेक्टर में बड़ा बदलाव, नई नीति जल्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य के सहकारिता क्षेत्र को सक्रिय, पारदर्शी व सशक्त बनाने के लिए जल्द ही एक नई कोऑपरेटिव पॉलिसी लागू की जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को विधान परिषद में बाबासाहेब पाटिल ने की। भाजपा के प्रवीण दरेकर व अन्य सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा कि इस नई पॉलिसी के लिए 15 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है और इसमें एक्सपर्ट्स, एक्टिविस्ट्स और राज्य के अलग-अलग हिस्सों की युवा पीढ़ी के सुझावों को शामिल किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48703/big-change-in-mumbai-cooperative-sector-new-policy-soon"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-25t115403.138.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>राज्य के सहकारिता क्षेत्र को सक्रिय, पारदर्शी व सशक्त बनाने के लिए जल्द ही एक नई कोऑपरेटिव पॉलिसी लागू की जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को विधान परिषद में बाबासाहेब पाटिल ने की। भाजपा के प्रवीण दरेकर व अन्य सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री पाटिल ने कहा कि इस नई पॉलिसी के लिए 15 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है और इसमें एक्सपर्ट्स, एक्टिविस्ट्स और राज्य के अलग-अलग हिस्सों की युवा पीढ़ी के सुझावों को शामिल किया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>इस पॉलिसी में पारदर्शिता, कार्यक्षमता और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य में अभी 2.33 लाख कोऑपरेटिव सोसाइटी चल रही हैं। इसमें 1.21 लाख हाउसिंग सोसाइटी, 21,284 एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी और 422 अर्बन कोऑपरेटिव बैंक शामिल हैं। कोऑपरेटिव बैंकों में डिपॉजिट 3.8 लाख करोड़ तक पहुंच गया है और इस सेक्टर से करीब 4.30 लाख नौकरियां पैदा हुई हैं।</p>
<p>इस बीच दरेकर ने अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों की समस्याओं पर चिंता जताते हुए अर्जेंट मीटिंग बुलाने की मांग की। इस पर मंत्री पाटिल ने मुश्किल में फंसे बैंकों को आर्थिक मदद देने और फैसले लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48703/big-change-in-mumbai-cooperative-sector-new-policy-soon</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 11:54:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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