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                <title>tribal - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>tribal RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई : अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रस्तावित राज्य स्तरीय आयोग से 1.35 करोड़ से अधिक आदिवासी आबादी को लाभ होगा - मंत्री अशोक उइके</title>
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                        <![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मंत्री अशोक उइके ने कहा कि अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए प्रस्तावित राज्य स्तरीय आयोग से 1.35 करोड़ से अधिक आदिवासी आबादी को लाभ होगा क्योंकि यह समुदाय के सदस्यों के सामने आने वाले विभिन्न मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इस सप्ताह के शुरू में केन्द्रीय निकाय की तर्ज पर अनुसूचित जनजातियों के लिए आयोग की स्थापना को मंजूरी दी थी।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/41129/mumbai--the-proposed-state-level-commission-for-scheduled-tribes-will-benefit-more-than-1-35-crore-tribal-population---minister-ashok-uikey"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/images---2025-06-07t113245.528.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मंत्री अशोक उइके ने कहा कि अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए प्रस्तावित राज्य स्तरीय आयोग से 1.35 करोड़ से अधिक आदिवासी आबादी को लाभ होगा क्योंकि यह समुदाय के सदस्यों के सामने आने वाले विभिन्न मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्य मंत्रिमंडल ने इस सप्ताह के शुरू में केन्द्रीय निकाय की तर्ज पर अनुसूचित जनजातियों के लिए आयोग की स्थापना को मंजूरी दी थी। उइके ने यहां संवाददाताओं से कहा, “आयोग राज्य के 1.35 करोड़ आदिवासियों से सीधा संवाद स्थापित कर सकेगा। मैं इस महत्वपूर्ण कदम के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार को धन्यवाद देता हूं।”</p>
<p> </p>
<p>जनजातीय विकास मंत्री ने कहा कि आयोग में एक अध्यक्ष और चार गैर-सरकारी सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के 26 अधिकारी शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने इसके संचालन के लिए अलग से बजट बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सकारात्मक कदम उठा रहा है, जो आदिवासी समुदायों के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा और विस्थापन से संबंधित मुद्दों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”</p>
<p>मंत्री के अनुसार, आयोग जनजातीय आबादी और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करेगा और निर्देश जारी करने का अधिकार रखेगा। उन्होंने कहा, “इससे यह सुनिश्चित होगा कि आदिवासी लोगों की आवाज सुनी जाए। इससे समुदाय को काफी लाभ होगा।”</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 11:33:27 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>मुंबई: आदिवासी आबादी की गणना करने के निर्देश; आदिवासी पाड़ों और बस्तियों को सभी नागरिक सुविधाएं प्रदान करने की योजना</title>
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                        <![CDATA[<p>जिला नियोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बांद्रा-पूर्व स्थित चेतना कॉलेज में आयोजित की गई। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एवं मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 1,088 करोड़ रुपए के खर्च को मंजूरी दी। इस मौके पर मंत्री शेलार ने कहा कि जिला नियाेजन समिति एक महत्वपूर्ण समिति है।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40984/mumbai--instructions-to-count-tribal-population--plan-to-provide-all-civic-amenities-to-tribal-hamlets-and-settlements"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-06/download---2025-06-01t114940.668.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> जिला नियोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बांद्रा-पूर्व स्थित चेतना कॉलेज में आयोजित की गई। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एवं मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 1,088 करोड़ रुपए के खर्च को मंजूरी दी। इस मौके पर मंत्री शेलार ने कहा कि जिला नियाेजन समिति एक महत्वपूर्ण समिति है। यहां लोगों के हित के मुद्दे उठाए जाते हैं। इसलिए जन कल्याण के लिए सरकारी निधि खर्च करने की जिम्मेदारी कार्यकारी एजेंसियों की होती है। अत: सभी विभाग प्रमुखों को 100 प्रतिशत निधि खर्च करने का प्रयास करके उठाए गए मुद्दों को हल करने का प्रयास करना चाहिए। </p>
<p> </p>
<p>मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि सभी विभागों को नियोजन समिति की बैठक में उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब देना चाहिए और इन समस्याओं के 100 प्रतिशत समाधान के लिए 100 प्रतिशत निधि का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, अनुपालन के जवाब सही और तथ्यात्मक होने चाहिए। अनुपालन की एक प्रति जल्द से जल्द सदस्यों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का तुरंत जवाब दिया जाना चाहिए। </p>
<p><strong>बैठक में लिए गए गई बड़े निर्णय</strong><br />मंत्री शेलार ने कहा कि सरकार ने जिले में आदिवासी आबादी की गणना करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए इस निधि को खर्च करते समय सटीक योजना बनाना संभव होगा। इस निधि से आदिवासी पाड़ों और बस्तियों को सभी नागरिक सुविधाएं प्रदान करने की योजना बनाई जानी चाहिए। पुलिस, सार्वजनिक निर्माण और नगर निगम के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता पर ध्यान देना चाहिए। इन मुद्दों को हल करने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आदिवासी विकास के लिए 100 करोड़ रुपए प्रदान करने का राजनीतिक निर्णय लिया है। </p>
<p>जिले में पुरानी जर्जर और खतरनाक इमारतों के पुनर्विकास के लिए निवासियों को 20,000 रुपए किराया देने का निर्णय भी लिया गया है। इसी तरह भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्रों में मास नेट लगाने का निर्णय लिया गया है। इसमें 9 मीटर से कम ऊंची दीवारों वाले क्षेत्रों में म्हाडा मास नेट लगाएगा। जबकि 9 मीटर से अधिक ऊंचे क्षेत्रों में मास नेट लगाने का काम लोक निर्माण विभाग करेगा। मंत्री शेलार ने कहा कि कलिना में फोर्स वन ट्रेनिंग सेंटर को भी मंजूरी दी जा रही है। </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:50:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>बिहार : डंडे से पीटा, सड़क पर घसीटा… आदिवासी युवक पर पुलिस ने दिखाया वर्दी का रौब, 4 सस्पेंड</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">कटिहार एसपी वैभव शर्मा ने इस पूरे मामले पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े एएसआई केदार प्रसाद यादव, महिला सिपाही प्रीति कुमारी, होमगार्ड सिकंदर राय, राज किशोर महतो और प्राइवेट ड्राइवर बमबम कुमार पर कार्रवाई करते हुए एएसआई और सिपाही को सस्पेंड कर दिया है. होमगार्ड को एक साल के लिए कर्तव्य से वंचित करने के साथ बमबम कुमार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों के द्वारा इस प्रकार से किए गए कार्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है.</p>]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38518/bihar--beaten-with-a-stick--dragged-on-the-road-police-showed-the-power-of-uniform-on-tribal-youth--4-suspended"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-02/download-(6).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बिहार :</strong> बिहार के कटिहार से पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. खाकी वर्दी का रौब दिखाते हुए दो पुलिस के जवान ने एक शख्स की बेदर्दी से पिटाई कर दी. पुलिस द्वारा शख्स को पिटते हुए जिसने भी देखा वो सहम गया. बीच सड़क पर पोठीया थाना पुलिस बेरहमी से एक शख्स की पिटाई कर दी. पिटाई की वजह तो साफ नहीं है लेकिन छोहार पंचायत बड़ी संथाली के वार्ड नंबर 9 के इस शख्स के बारे में बताया जा रहा है कि आदिवासी युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है.</p>
<p style="text-align:justify;">इसी हालत में सड़क पर घूमने के दौरान वह पुलिस गाड़ी को देखकर कुछ व्यंगात्मक शब्द कह दिए थे. जिससे से नाराज होकर पुलिस गाड़ी से उतर कर जवानों ने बेरहमी से शख्स की पिटाई कर दिया. इतना ही नहीं फिर उसे खींच कर साथ ले गए. हालांकि स्थानीय लोगों के बीच बचाव के बाद युवक को छोड़ तो दिया. मानसिक रुप से विक्षिप्त युवक और उनके परिजन पुलिस के इस रवैये को भूल नहीं पा रहे हैं.<br /><br />वही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के तरफ से संज्ञान लिए जाने के बाद उनकी पार्टी के दिवंगत पूर्व विधायक नीरज यादव की पत्नी बेबी देवी पीड़ित के घर पहुंचकर उन लोगों से मुलाकात की. राजद नेत्री ने कहा कि पोठिया थाना पुलिस ने छोहार पंचायत वार्ड नंबर 9 बड़ी संथाली आदिवासी टोला के अनिल बास्की को जिस तरह से बेरहमी से पीटा है, उसके लिए तमाम पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं आदिवासी विकास परिषद ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर थाना घेराव और रोड जाम की बात कही है.<br /><br />कटिहार एसपी वैभव शर्मा ने इस पूरे मामले पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े एएसआई केदार प्रसाद यादव, महिला सिपाही प्रीति कुमारी, होमगार्ड सिकंदर राय, राज किशोर महतो और प्राइवेट ड्राइवर बमबम कुमार पर कार्रवाई करते हुए एएसआई और सिपाही को सस्पेंड कर दिया है. होमगार्ड को एक साल के लिए कर्तव्य से वंचित करने के साथ बमबम कुमार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों के द्वारा इस प्रकार से किए गए कार्य से पुलिस की छवि धूमिल हुई है.<br /><br />पुलिस के जवानों ने अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही की है. कटिहार एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश देते हुए जिले में जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करते हुए आगे भी कठोर कार्रवाई करने की बात कही हैं. साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को पुरस्कृत करने का भी आश्वासन दिया है.</p>]]>
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                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 18:57:12 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>महाराष्ट्र में मोबाइल क्लीनिक हवा हवाई साबित हुई...  आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल क्लीनिक को ले जाना संभव नहीं</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र में आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में रहनेवाले आदिवासी और गरीबों का उनके दरवाजे तक पहुंच कर इलाज करने के इरादे से शुरू हुई राज्य सरकार की योजना मोबाइल क्लीनिक हवा हवाई साबित हुई है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों की संख्या ज्यादा है। इस तरह के क्षेत्रों में जाने के लिए आज भी पैदल अथवा नाव से होकर जाना पड़ता है।</p>]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/32372/mobile-clinics-in-maharashtra-proved-to-be-a-gimmick-it-is-not-possible-to-take-mobile-clinics-to-tribal-and-remote-areas"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-07/36s.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में रहनेवाले आदिवासी और गरीबों का उनके दरवाजे तक पहुंच कर इलाज करने के इरादे से शुरू हुई राज्य सरकार की योजना मोबाइल क्लीनिक हवा हवाई साबित हुई है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों की संख्या ज्यादा है। इस तरह के क्षेत्रों में जाने के लिए आज भी पैदल अथवा नाव से होकर जाना पड़ता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई मामलों में इन क्षेत्रों में रहनेवाले आदिवासी और गरीबों को जरूरी और समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। सरकार ने उनकी इस समस्या का निपटारा करने के लिए मोबाइल मेडिकल क्लिनिकल वैन यानी मोबाइल क्लीनिक योजना शुरू की। लेकिन यह मोबाइल मेडिकल क्लिनिकल वैन आदिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच ही नहीं पा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">विधान परिषद सदस्यों ने सरकार से लिखित सवाल पूछा है कि राज्य के कई दूरदराज के इलाकों में मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने पाड़ों, बस्तियों आदि तक पहुंचने के लिए इस साल हर जिले में मोबाइल मेडिकल क्लिनिकल वैन शुरू करने का फैसला किया है। नासिक, पालघर, नगर, ठाणे और अन्य जिलों के सुदूर आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण मरीजों को अभी भी इलाज के लिए डोली में ले जाना पड़ता है।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jul 2024 13:36:00 +0530</pubDate>
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