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                <title>high - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: 'सरकारी एजेंसी को भेदभावपूर्ण कार्रवाई का अधिकार नहीं', बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र एफडीए को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बांबे हाईकोर्ट ने भेदभावपूर्ण और चुनिंदा कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की खिंचाई की है। कहा है कि एफडीए एक ओर राज्य सरकार के मंत्रालयों की कैंटीनों की खाद्य सामग्री और वहां की स्वच्छता में खामियां मिलने पर उन्हें मात्र व्यवस्था में सुधार का नोटिस देता है, वहीं दूसरी ओर वह प्राइवेट होटलों में मामूली खामियां मिलने पर लाइसेंस रद जैसी कार्रवाई करता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51068/mumbai-government-agency-has-no-right-to-take-discriminatory-action"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/fda.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बांबे हाईकोर्ट ने भेदभावपूर्ण और चुनिंदा कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की खिंचाई की है। कहा है कि एफडीए एक ओर राज्य सरकार के मंत्रालयों की कैंटीनों की खाद्य सामग्री और वहां की स्वच्छता में खामियां मिलने पर उन्हें मात्र व्यवस्था में सुधार का नोटिस देता है, वहीं दूसरी ओर वह प्राइवेट होटलों में मामूली खामियां मिलने पर लाइसेंस रद जैसी कार्रवाई करता है।</p>
<p> </p>
<p>हाईकोर्ट के नामित चार अधिवक्ताओं के पैनल के राज्य सरकार के तीन मंत्रालयों की कैंटीनों के निरीक्षण के बाद दी गई रिपोर्ट पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने एफडीए पर टिप्पणी करते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं। पैनल की रिपोर्ट में बताया गया है कि तीनों ही कैंटीन स्वच्छ नहीं मिलीं। वहां पर नालियां खुली हुईं और बदबूदार थीं। कैंटीन की किचेन के फर्श पर तमाम मक्खियां और काकरोच (तिलचट्टे) पाए गए। जबकि एफडीए ने अपनी रिपोर्ट में इन कैंटीनों को 98 प्रतिशत तक नियमों के अनुरूप पाया है।</p>
<p>कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने कहा, प्राइवेट होटलों और सरकारी प्रतिष्ठानों की कैंटीनों के निरीक्षण और उन पर कार्रवाई का निर्णय लेने में एफडीए को निष्पक्ष, गैर भेदभावपूर्ण और एकरूप रहना चाहिए। मुंबई के पूर्णिमा रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद करने के एफडीए के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई में पीठ ने कहा, एडमिनिस्ट्रेशन ऐसी ही कार्रवाई राज्य सरकार की कैंटीनों पर करे या फिर पूर्णिमा रेस्टोरेंट को राहत दे। किसी सरकारी संस्था को भेदभावपूर्ण कार्रवाई का अधिकार नहीं है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:34:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> मुंबई-गोवा हाईवे पर दर्दनाक हादसा, डंपर से टकराई तेज रफ्तार कार, तीन की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना मुंबई-गोवा हाईवे पर लांजा के पास हुई, जहां तेज रफ्तार कार पीछे से एक डंपर से टकरा गई। हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, हादसा बुधवार सुबह लांजा क्षेत्र के पास मुंबई-गोवा हाईवे पर हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार में सवार परिवार गोवा से मुंबई की ओर लौट रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50780/tragic-accident-on-mumbai-goa-highway-speeding-car-collides-with-dumper"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/mqdefault.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रत्नागिरी : </strong>महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना मुंबई-गोवा हाईवे पर लांजा के पास हुई, जहां तेज रफ्तार कार पीछे से एक डंपर से टकरा गई। हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, हादसा बुधवार सुबह लांजा क्षेत्र के पास मुंबई-गोवा हाईवे पर हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार में सवार परिवार गोवा से मुंबई की ओर लौट रहा था। इसी दौरान उनकी कार सड़क पर आगे चल रहे एक डंपर से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।</p>
<p> </p>
<p>हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों में दो महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। पुलिस के अनुसार, सभी मृतक एक ही परिवार के सदस्य थे और गोवा से मुंबई वापस लौट रहे थे। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।</p>
<p>पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और चालक का वाहन पर नियंत्रण न होना हादसे की वजह मानी जा रही है। हालांकि, पूरी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मुंबई-गोवा हाईवे पर सड़क हादसों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। यह मार्ग भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनता है। पुलिस लगातार वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानी से वाहन चलाने की अपील करती रही है।</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर तेज गति से चलने वाले वाहनों और भारी वाहनों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। मुंबई-गोवा हाईवे महाराष्ट्र के प्रमुख मार्गों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में निजी वाहन, यात्री बसें और मालवाहक वाहन चलते हैं। खासकर पर्यटन सीजन में इस मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:25:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बीएमसी पर सख्त हाईकोर्ट; पूछा - इंदौर साफ हो सकता है तो मुंबई क्यों नहीं?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की सफाई व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब इंदौर लगातार सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है तो मुंबई क्यों नहीं। अदालत ने बीएमसी को सड़कों से तुरंत कचरा हटाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन कराने और वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का सुझाव भी दिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50774/mumbai-high-court-came-down-hard-on-bmc-and-asked"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/1200-675-27155933-1055-27155933-1784123579205.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की सफाई व्यवस्था पर सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब इंदौर लगातार सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है तो मुंबई क्यों नहीं। अदालत ने बीएमसी को सड़कों से तुरंत कचरा हटाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन कराने और वार्ड अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का सुझाव भी दिया। </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या मुंबई में भी मोशी जैसा हादसा हो सकता है?</strong><br />अदालत ने पुणे जिले के मोशी में हाल ही में हुए कचरा संयंत्र भवन हादसे का भी जिक्र किया और कहा कि मुंबई में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि मुंबई में भी कचरे के बड़े-बड़े ढेर मौजूद हैं, इसलिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।<br /><strong>किस मामले की सुनवाई के दौरान हुई यह टिप्पणी?</strong><br />न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे की खंडपीठ उपनगर कांजुरमार्ग स्थित डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोगों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में प्रदूषण, लगातार फैल रही दुर्गंध, गैस उत्सर्जन और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई है।<br /><strong>मोशी हादसे में क्या हुआ था?</strong><br />अदालत ने 8 जुलाई को पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में हुए हादसे का भी उल्लेख किया। भारी बारिश के बाद वर्षों से जमा अनुपचारित ठोस कचरे और औद्योगिक अपशिष्ट का विशाल ढेर अचानक खिसक गया और पास की दो मंजिला इमारत पर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी।<br /><strong>हाईकोर्ट ने मुंबई को लेकर क्या चिंता जताई?</strong><br />खंडपीठ ने कहा कि मुंबई में भी कचरे के ऊंचे-ऊंचे ढेर हैं। यहां भी ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। अदालत ने माना कि समस्या केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि नागरिकों की भी है। इच्छाशक्ति की कमी के कारण शहर की सड़कों पर कचरा फैला रहता है, जिससे मानसून के दौरान जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं।<br />नागरिकों को लेकर अदालत ने क्या कहा?<br />हाईकोर्ट ने कहा कि लोगों को भी जागरूक बनाने की जरूरत है ताकि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें और घरों से निकलने वाले कचरे का अलग-अलग वर्गों में पृथक्करण (सेग्रिगेशन) करें। अदालत ने स्पष्ट कहा कि मुंबई में किसी भी नागरिक को सार्वजनिक सड़क पर कचरा फेंकने की छूट नहीं है। <br />थूकने की आदत पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी क्यों?<br />अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी कड़ी नाराजगी जताई। खंडपीठ ने टिप्पणी की, 'हमारे देश में थूकना मानो राष्ट्रीय शौक बन गया है।' कोर्ट ने कहा कि थूकने पर वर्तमान 200 रुपये का जुर्माना बेहद कम है और इसे बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाना चाहिए ताकि लोगों में डर पैदा हो और इस आदत पर रोक लग सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 12:10:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन के बिना वाहनों पर कार्रवाई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली गाड़ियों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस अभियान के तहत पूरे राज्य में परिवहन विभाग की टीमें सड़कों पर उतरीं और वाहनों की जांच शुरू की गई। हालांकि, पहले ही दिन भारी बारिश के कारण इस प्रवर्तन अभियान की रफ्तार पर असर पड़ा और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी प्रभावित हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50524/action-started-on-vehicles-without-mumbai-high-security-registration"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/secure-the-plate-or-1772233061872_d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली गाड़ियों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस अभियान के तहत पूरे राज्य में परिवहन विभाग की टीमें सड़कों पर उतरीं और वाहनों की जांच शुरू की गई। हालांकि, पहले ही दिन भारी बारिश के कारण इस प्रवर्तन अभियान की रफ्तार पर असर पड़ा और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी प्रभावित हुई। परिवहन विभाग के अनुसार, पहले दिन के अंत तक करीब 80 प्रतिशत एनफोर्समेंट टीमों ने अपनी निरीक्षण (इंस्पेक्शन) रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड नहीं की। इसका मुख्य कारण लगातार बारिश और फील्ड में काम करने में आई कठिनाइयां बताई जा रही हैं। कई जिलों में टीमें समय पर डेटा नहीं भेज सकीं, जिससे राज्य स्तर पर पूरी तस्वीर सामने नहीं आ सकी।</p>
<p> </p>
<p>शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों ने कुल 158 वाहनों की जांच की, जिनमें से 54 वाहन बिना एचएसआरपी के पाए गए। हालांकि, इन मामलों में अभी किसी प्रकार का जुर्माना नहीं वसूला गया है, क्योंकि यह केवल प्रारंभिक जांच का हिस्सा था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़े पूरे राज्य में चल रहे अभियान का केवल एक छोटा हिस्सा हैं और वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक व्यापक हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन केवल 5 से 7 रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस  ने ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा की, जबकि बाकी जिलों से डेटा अभी प्राप्त नहीं हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्यव्यापी अभियान की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।</p>
<p>परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क पर निरीक्षण कार्य बाधित हुआ। फील्ड स्टाफ को वाहनों की जांच करने और रिकॉर्ड संकलित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, कई स्थानों पर नेटवर्क और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण डेटा अपलोड करने में भी देरी हुई। अधिकारियों का कहना है कि एचएसआरपी के बिना चल रहे वाहनों पर सख्ती इसलिए की जा रही है ताकि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके और वाहनों की पहचान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट से वाहन चोरी और फर्जी नंबर प्लेट जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिलती है।</p>
<p>हालांकि, पहले दिन का डेटा पूरे राज्य में चल रहे अभियान की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह से नहीं दर्शाता है। विभाग का मानना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और सभी जिलों से रिपोर्ट समय पर आने लगेंगी, तो प्रवर्तन अभियान की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। परिवहन विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा और बिना एचएसआरपी वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जिन वाहन मालिकों ने अभी तक अपनी नंबर प्लेट अपडेट नहीं कराई है, उन्हें जल्द से जल्द नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि एचएसआरपी  प्रणाली से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुरक्षित होती है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलती है। इसलिए राज्यों में इसे अनिवार्य किया जा रहा है। फिलहाल, बारिश के कारण बाधित हुई रिपोर्टिंग व्यवस्था को सुधारने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में सभी आरटीओ से विस्तृत डेटा प्राप्त हो जाएगा, जिससे अभियान की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:51:39 +0530</pubDate>
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