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                <title>assets - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय ने  रिलायंस कम्युनिकेशंस के कथित धोखाधड़ी मामले में 3,034 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की </title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड बैंक कथित धोखाधड़ी मामले में 3034.90 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिससे रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों में कुल कुर्की 19,344 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित  एसआईटी रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों की जांच कर रही है, जिसमें एसबीआई बैंक/पब्लिक फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49567/mumbai-enforcement-directorate-seizes-assets-worth-rs-3034-crore-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(56).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड बैंक कथित धोखाधड़ी मामले में 3034.90 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है, जिससे रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों में कुल कुर्की 19,344 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित  एसआईटी रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के मामलों की जांच कर रही है, जिसमें एसबीआई बैंक/पब्लिक फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।</p>
<p> </p>
<p>पीएमएलए के तहत यह अस्थायी कुर्की संपत्ति को बिकने से रोकने और बैंकों तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए की गई है। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों पर आरकॉम  , अनिल डी. अंबानी और अन्य के खिलाफ दर्ज कई सीबीआई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की गई थी। आरकॉम  और उसकी ग्रुप कंपनियों ने कथित तौर पर घरेलू और विदेशी कर्जदाताओं से लोन लिए थे, जिनमें से कुल 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं।</p>
<p>प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, प्रमोटर ग्रुप की कुछ संपत्तियां कुर्क की गईं, जिनमें मुंबई की उषा किरण बिल्डिंग में एक फ्लैट, पुणे के खंडाला में एक फार्महाउस, अहमदाबाद के सानंद में ज़मीन का एक टुकड़ा और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर शामिल हैं। ये शेयर मेसर्स राइजी इनफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास थे, जो अनिल अंबानी के ग्रुप की एक कंपनी है और राइजी ट्रस्ट  के तहत आती है। यह राइजी ट्रस्ट अनिल अंबानी के परिवार के सदस्यों का एक निजी पारिवारिक ट्रस्ट है।</p>
<p>पीएमएलए की धारा 8 के तहत, कुर्क की गई संपत्ति उन असली दावेदारों को वापस कर दी जाएगी जिन्हें नुकसान हुआ है, जिनमें पीड़ित बैंक भी शामिल हैं। इस प्रकार, कुर्की संपत्ति का मूल्य सुरक्षित रखती है ताकि उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद, सार्वजनिक धन को कानून के अनुसार बैंकों और अंततः आम जनता को वापस दिलाया जा सके। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल संपत्तियों की पहचान करके और उन्हें कुर्क करके वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा और सार्वजनिक धन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49567/mumbai-enforcement-directorate-seizes-assets-worth-rs-3034-crore-in</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:32:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की चल रही जांच के संबंध में 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय कार्यालय ने पूर्वी कोयला क्षेत्र लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टे वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की चल रही जांच के संबंध में 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति, अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल का 'लाला', जो अवैध माइनिंग के धंधे में लिप्त था, उसके नकली 'पैड' की खूब तूती बोलती थी। पुलिस व आरटीओ, 'लाला' के पैड को देखकर अवैध माइनिंग के ट्रकों को ग्रीन सिग्नल दे देते थे। सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 'लाला' का गिरोह, पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में कोयले की आपूर्ति करता था। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49237/new-delhi-assets-worth-rs-15951-crore-seized-in-connection"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-15t170759.147.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय कार्यालय ने पूर्वी कोयला क्षेत्र लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टे वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की चल रही जांच के संबंध में 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति, अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल का 'लाला', जो अवैध माइनिंग के धंधे में लिप्त था, उसके नकली 'पैड' की खूब तूती बोलती थी। पुलिस व आरटीओ, 'लाला' के पैड को देखकर अवैध माइनिंग के ट्रकों को ग्रीन सिग्नल दे देते थे। सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 'लाला' का गिरोह, पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में कोयले की आपूर्ति करता था। </p>
<p> </p>
<p><strong>जब्त संपत्ति में कॉर्पोरेट बॉन्ड व निवेश फंड ... </strong><br />ईडी की जांच में पता चला है कि अवैध खनन कार्य अनुप मजी उर्फ 'लाला' के नेतृत्व वाले एक गिरोह द्वारा किया जा रहा था। उसे पश्चिम बंगाल की कुछ लाभार्थी कंपनियों के लिए अवैध रूप से निकाले गए कोयले को नकद में खरीदने का दोषी पाया गया। इससे 'अपराध की आय' को वैध दिखाने और उसे छिपाने में मदद मिली। जब्त की गई संपत्तियों में चल वित्तीय साधनों में निवेश शामिल है, जैसे कि कॉर्पोरेट बॉन्ड और वैकल्पिक निवेश फंड, जो लाभार्थी संस्थाओं के नाम पर हैं। इनमें श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड और श्याम फेरो अलॉयज लिमिटेड शामिल हैं, जो संजय अग्रवाल और बृज भूषण अग्रवाल द्वारा प्रबंधित और नियंत्रित श्याम समूह का हिस्सा हैं।</p>
<p><strong>यूं चलती थी 'लाला पैड' अवैध चालान प्रणाली ...  </strong><br />जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अवैध रूप से कोयले की खुदाई और बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी में लिप्त था। स्थानीय प्रशासनिक तत्वों की सक्रिय मिलीभगत से पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में कोयले की आपूर्ति होती थी। वह 'लाला पैड' नामक एक अवैध परिवहन चालान प्रणाली का उपयोग करता था। ये काल्पनिक संस्थाओं के नाम पर जारी किए गए फर्जी कर चालान होते थे। </p>
<p><strong>ट्रांसपोर्टर को थमाते थे 10-20 रुपये का नोट ...  </strong><br />फर्जी परिवहन चालान के साथ, ट्रांसपोर्टर को 10 या 20 रुपये का एक नोट दिया जाता था। ट्रांसपोर्टर अवैध कोयले से भरे ट्रक, डम्पर या टिपर की नंबर प्लेट के पास नोट को पकड़कर उसकी तस्वीर लेता था। उसके बाद वह तस्वीर कोयला गिरोह के संचालक को भेजी जाती थी। संचालक फिर उस तस्वीर को व्हाट्सएप के माध्यम से वाहन के मार्ग में स्थित संबंधित पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी अधिकारियों को भेजता था। यह इसलिए किया जाता ताकि ट्रक को रोका न जाए। यदि रोका भी जाए तो उसे तुरंत छोड़ दिया जाए।</p>
<p><strong>भूमिगत हवाला नेटवर्क का उपयोग ... </strong><br />जांच में यह भी पता चला है कि अपराध से प्राप्त धन को नकद में स्थानांतरित करने के लिए एक भूमिगत हवाला नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा था। इसके जरिए औपचारिक बैंकिंग चैनलों को दरकिनार किया जाता था। लेन-देन को विशिष्ट पहचानकर्ताओं, आमतौर पर प्रेषक और प्राप्तकर्ता के बीच साझा किए गए करेंसी नोट के सीरियल नंबर, के माध्यम से प्रमाणित किया जाता था। नोट के मिलान के सत्यापन के बाद, बिना किसी औपचारिक दस्तावेजीकरण के नकद राशि सौंप दी जाती थी। इससे धन का निर्बाध और पता न चलने योग्य हस्तांतरण संभव हो जाता था।</p>
<p><strong>अभी तक 482.22 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच ... </strong><br />इस मामले में अभी तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 482.22 करोड़ रुपये हो गया है। इस अपराध में अवैध धन के स्रोत और स्वामित्व को छिपाने के लिए डिज़ाइन किए गए जटिल वित्तीय लेन-देन की कई परतें शामिल हैं। ईडी, अंतिम लाभार्थियों की पहचान करने, अपराध से प्राप्त अतिरिक्त धन का पता लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया में शामिल सभी व्यक्तियों का पता लगाने के लिए इन परतों को व्यवस्थित रूप से उजागर करना जारी रखे हुए है। ईडी, आर्थिक अपराधों, विशेष रूप से अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है, जो सार्वजनिक संसाधनों और आर्थिक अखंडता को कमजोर करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49237/new-delhi-assets-worth-rs-15951-crore-seized-in-connection</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 17:08:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में ईडी का बड़ा एक्शन, गोरेगांव पर्ल प्रोजेक्ट से जुड़े 41.70 करोड़ रुपये के संपत्ति अटैच, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ई़डी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को पीएमएलए के तहत 41 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को अटैच किया है. यह कार्रवाई मुंबई के गोरेगांव पर्ल प्रोजेक्ट पर की गई है. प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम  , 2002 के तहत करीब 41.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ये संपत्तियां मुंबई के गोरेगांव स्थित गोरेगांव पर्ल सीएचएस  प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, जिनमें पूर्ण और आंशिक रूप से निर्मित रिहायशी फ्लैट, कमर्शियल दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48767/eds-big-action-in-mumbai-assets-worth-rs-4170-crore"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t105019.109.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ई़डी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को पीएमएलए के तहत 41 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को अटैच किया है. यह कार्रवाई मुंबई के गोरेगांव पर्ल प्रोजेक्ट पर की गई है. प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम  , 2002 के तहत करीब 41.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ये संपत्तियां मुंबई के गोरेगांव स्थित गोरेगांव पर्ल सीएचएस  प्रोजेक्ट से जुड़ी हैं, जिनमें पूर्ण और आंशिक रूप से निर्मित रिहायशी फ्लैट, कमर्शियल दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>ईडी ने अपनी जांच में और क्या खुलासे किए?  </strong><br />ईडी की जांच में सामने आया कि इन संपत्तियों को मूल रूप से  मेसर्स साई सिद्धि डेवलपर्स द्वारा विकसित किया गया था. डेवलपर्स ने इन फ्लैट्स और दुकानों का कुछ हिस्सा बाहरी खरीदारों को बेच दिया और उनसे पूरी या आंशिक रकम भी वसूल ली. लेकिन खरीदारों को न तो फ्लैट/दुकानें दी गईं और न ही उनकी रकम वापस की गई, जिससे वे इस मामले में पीड़ित बन गए. </p>
<p>जांच में यह भी पता चला कि साई सिद्धि डेवलपर्स के प्रमुख पार्टनर जयेश तन्ना ने खरीदारों से धोखाधड़ी कर जो रकम हासिल की, वही इस मामले में अपराध की आय है. </p>
<p><strong>मुंबई पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर पर हुई ईडी की कार्रवाई</strong><br />ईडी ने यह जांच मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत साई सिद्धि डेवलपर्स, जयेश तन्ना और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थीं. इन मामलों में मुंबई पुलिस द्वारा चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. </p>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि जयेश तन्ना ने गोरेगांव पर्ल रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर फ्लैट और दुकान खरीदारों से जुटाए गए फंड का दुरुपयोग किया और उसे निजी लाभ के लिए डायवर्ट किया. इसके चलते प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका और खरीदारों को करीब 47.51 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. </p>
<p><strong>ईडी ने 2025 में मुंबई के 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी </strong><br />इससे पहले भी ईडी ने 5 मार्च 2025 को जयेश तन्ना और साई ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स के मामले में मुंबई के 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस मामले में ईडी ने 35.89 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं, जिनमें यूके में स्थित संपत्ति भी शामिल थी. इस अटैचमेंट को नई दिल्ली स्थित एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि भी दी है. फिलहाल इस पूरे मामले में ईडी की जांच जारी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48767/eds-big-action-in-mumbai-assets-worth-rs-4170-crore</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:51:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई :भाजपा और शिंदे सेना के उम्मीदवार ने संपत्ति में तेज़ी से बढ़ोतरी की जानकारी दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आने वाले नगर निगम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा बताई गई चल और अचल संपत्ति की जानकारी से पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में उनकी संपत्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है। लिस्ट में शामिल किसी भी उम्मीदवार ने कोई क्रिमिनल केस या सज़ा नहीं बताई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46907/mumbai-bjp-and-shinde-sena-candidates-informed-about-rapid-increase"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images-(92).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong>आने वाले नगर निगम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा बताई गई चल और अचल संपत्ति की जानकारी से पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में उनकी संपत्ति में काफी बढ़ोतरी हुई है। लिस्ट में शामिल किसी भी उम्मीदवार ने कोई क्रिमिनल केस या सज़ा नहीं बताई है।</p>
<p> </p>
<p>वार्ड 122: चंदन शर्मा (भाजपा, पवई) कैंडिडेट: चंदन शर्मा पार्टी: भाजपा वार्ड: 122 (पवई) प्रोफेशन: डेवलपर 2025 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 84,77,99,635 2017 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 18,01,37,581</p>
<p>क्रिमिनल केस: 0 दोषी पाया गया: 0 कैंडिडेट: मीनल तुरडे पार्टी: शिंदे सेना वार्ड: 166 (विक्रोली) प्रोफेशन: बिज़नेस 2025 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 55,17,50,842 2017 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 76,13,600 क्रिमिनल केस: 0 दोषी पाया गया: 0 वार्ड 105: अनीता वैती (भाजपा, मुलुंड ईस्ट) कैंडिडेट: अनीता वैती पार्टी: भाजपा वार्ड: 105 (मुलुंड ईस्ट) प्रोफेशन: बिज़नेस 2025 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 28,88,10,000 2007 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 7,00,000</p>
<p>क्रिमिनल केस: 0 दोषी पाया गया: 0 वार्ड 97: हेतल गाला (भाजपा, बांद्रा फोर्ट) कैंडिडेट: हेतल गाला पार्टी: भाजपा वार्ड: 97 (बांद्रा फोर्ट) प्रोफेशन: बिज़नेस 2025 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 27,93,40,281 2017 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 17,93,98,268 क्रिमिनल केस: 0 दोषी पाया गया: 0 वार्ड 188: भास्कर शेट्टी (शिंदे सेना, घाटकोपर ईस्ट) कैंडिडेट: भास्कर शेट्टी पार्टी: शिंदे सेना वार्ड: 188 (घाटकोपर ईस्ट) प्रोफेशन: बिज़नेस 2025 तक कुल चल और अचल संपत्ति: Rs 25,37,26,000 2017 तक कुल चल और अचल संपत्ति: उपलब्ध नहीं क्रिमिनल केस: 0 दोषी पाया गया: 0</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 12:30:45 +0530</pubDate>
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