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                <title>times - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>times RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कल्याण: सनसनीखेज वारदात: बेल पर बाहर आए हिस्ट्रीशीटर पर एक दर्जन बार चाकू से वार, बचाने आई मंगेतर भी जख्मी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई से सटे कल्याण (पूर्व) में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। हत्या के एक मामले में हाल ही में जमानत पर बाहर आए एक हिस्ट्रीशीटर की गुरुवार तड़के कुछ लोगों ने चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस हमले में उसे बचाने की कोशिश कर रही उसकी प्रेमिका भी मामूली रूप से जख्मी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50817/kalyan-sensational-incident-history-sheeter-who-came-out-on-bail-was"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/untitled-2sf.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कल्याण :</strong> मुंबई से सटे कल्याण (पूर्व) में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। हत्या के एक मामले में हाल ही में जमानत पर बाहर आए एक हिस्ट्रीशीटर की गुरुवार तड़के कुछ लोगों ने चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस हमले में उसे बचाने की कोशिश कर रही उसकी प्रेमिका भी मामूली रूप से जख्मी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कल्याण (पूर्व) के अदिवाली इलाके के रहने वाले अर्जुन कालपांडे उर्फ 'पेंड्या भाई' के रूप में हुई है। हमलावरों ने अर्जुन पर चाकू से ताबड़तोड़ 12 से 13 वार किए थे। वारदात के बाद उसे आनन-फानन में पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज शुरू करने से पहले ही उसे मृत घोषित कर दिया। </p>
<p> </p>
<p><strong>पुराना विवाद आया सामने</strong><br />अर्जुन कालपांडे अदिवाली इलाके में अपनी महिला दोस्त के साथ मौजूद था। इसी दौरान अविनाश झा, गौरव उर्फ 'बॉम्बे' और उनके चार अन्य साथियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। पुरानी दुश्मनी के चलते इन लोगों ने अर्जुन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जब अर्जुन की महिला दोस्त ने बीच-बचाव कर उसे बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया, जिससे उसे मामूली चोटें आईं।</p>
<p>पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस खूनी हमले के पीछे अर्जुन और मुख्य आरोपी अविनाश व बॉम्बे के बीच का पुराना विवाद हो सकता है। घटना से करीब चार दिन पहले भी इनके बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात को बदले की भावना से अंजाम दिया गया है। </p>
<p><strong>बेल पर जेल से बाहर आया था अर्जुन कालपांडे</strong><br />मृतक अर्जुन कालपांडे खुद एक आपराधिक बैकग्राउंड का था। वह करीब डेढ़ साल पहले कल्याण (पूर्व) में हुए संदीप राठौड़ मर्डर केस में आरोपी था और कुछ समय पहले ही बेल पर जेल से बाहर आया था। अर्जुन के परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी तय हो चुकी थी और अगले चार महीनों में वह अपनी इसी प्रेमिका के साथ शादी के बंधन में बंधने वाला था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 11:55:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : होली के बाद घर वापसी बनी 'अग्नि परीक्षा': दिल्ली-मुंबई रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग, कई में 'Regret' की स्थिति </title>
                                    <description><![CDATA[<p>होली का उल्लास बीतने के बाद अब काम पर लौटने वालों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। शुक्रवार से रविवार तक का तीन दिवसीय समय रेलवे और यात्रियों, दोनों के लिए 'अग्नि परीक्षा' साबित होने वाला है। दिल्ली, मुंबई और पुणे जैसे महानगरों की ओर जाने वाली किसी भी ट्रेन में कन्फर्म आरक्षित सीटें उपलब्ध नहीं हैं। दो दर्जन प्रमुख ट्रेनों में 'रिग्रेट' की स्थिति आ गई है, यानी अब उनमें वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहे हैं। प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली तेजस राजधानी में 10 मार्च तक थर्ड एसी में रिग्रेट है, जबकि फर्स्ट एसी में नौ मार्च तक टिकट मिलना बंद हो चुका है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48249/returning-home-after-mumbai-holi-became-an-ordeal-long-waiting"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-07t122229.118.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>होली का उल्लास बीतने के बाद अब काम पर लौटने वालों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। शुक्रवार से रविवार तक का तीन दिवसीय समय रेलवे और यात्रियों, दोनों के लिए 'अग्नि परीक्षा' साबित होने वाला है। दिल्ली, मुंबई और पुणे जैसे महानगरों की ओर जाने वाली किसी भी ट्रेन में कन्फर्म आरक्षित सीटें उपलब्ध नहीं हैं। दो दर्जन प्रमुख ट्रेनों में 'रिग्रेट' की स्थिति आ गई है, यानी अब उनमें वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहे हैं। प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली तेजस राजधानी में 10 मार्च तक थर्ड एसी में रिग्रेट है, जबकि फर्स्ट एसी में नौ मार्च तक टिकट मिलना बंद हो चुका है। यही हाल शिवगंगा एक्सप्रेस और आनंद विहार गरीब रथ का भी है। नई शुरू हुई अमृत भारत एक्सप्रेस में भी 15 मार्च तक कोई सीट उपलब्ध नहीं है।प्रयागराज की लाइफलाइन मानी जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस के स्लीपर में 157 वेटिंग है, जबकि फर्स्ट और थर्ड एसी में रिग्रेट की स्थिति है। बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट और मगध एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 150 के पार जा चुकी है। </p>
<p> </p>
<p>शाम को चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में रविवार तक वेटिंग लिस्ट 300 के करीब पहुंचने का अनुमान है। वहीं, सूबेदारगंज से चलने वाली जम्मू मेल और नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के सभी कोचों में आठ मार्च तक रिग्रेट लग चुका है। आठ मार्च तक उमड़ने वाली इस संभावित भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सभी बड़े स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा है। यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार विशेष ट्रेनों की समय सारिणी जारी की जा रही है। </p>
<p><strong>इन ट्रेनों में भी मारामारी </strong><br />डिब्रूगढ़ राजधानी: 12 मार्च तक थर्ड और सेकंड एसी फुल।<br />पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति: स्लीपर में इस पूरे महीने सीट नहीं।<br />ब्रह्मपुत्र मेल व पुरुषोत्तम एक्सप्रेस: सभी श्रेणियों में टिकट मिलना बंद।<br />महाबोधि व पूर्वा एक्सप्रेस: रिग्रेट की स्थिति के कारण वेटिंग टिकट भी नहीं। </p>
<p><strong>मुंबई रूट की स्थिति </strong><br />मुंबई रूट पर जय नगर एलटीटी में 12 मार्च तक स्लीपर, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में नो रूम है। राजगीर-एलटीटी एक्सप्रेस, गोरखपुर एलटीटी, पाटिलीपुत्र-एलटीटी एक्सप्रेस, छिवकी के रास्ते चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस, पटना-एलटीटी एक्सप्रेस में रिग्रेट की स्थिति है।स्लीपर श्रेणी में महानगरी एक्सप्रेस में रिग्रेट है, हालांकि अन्य श्रेणी में वेटिंग में टिकट मिल रहा है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 12:26:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : युवक की बेरहमी से हत्या, 20 से ज्यादा बार गोदा शरीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है. शहर के भांडुप इलाके में शंकर प्रसाद उर्फ कली नामक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. सामने आई जानकारी के अनुसार हमलावरों ने युवक पर 22 बार वार किए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया. वारदात के तुरंत बाद शंकर प्रसाद को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.  शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश होने की आशंका जताई जा रही है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47253/mumbai-youth-brutally-murdered-body-mutilated-more-than-20-times"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-05t194929.3491.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> एक हैरान करने वाला मामला सामने आ रहा है. शहर के भांडुप इलाके में शंकर प्रसाद उर्फ कली नामक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. सामने आई जानकारी के अनुसार हमलावरों ने युवक पर 22 बार वार किए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया. वारदात के तुरंत बाद शंकर प्रसाद को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.  शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है. इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. </p>
<p> </p>
<p>पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है. शंकर प्रसाद की आयु 32 वर्ष थी. मृतक का पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है. उन्हें पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास और विभिन्न इलाकों में 8 टीमें तैनात की गई हैं और तलाशी अभियान जारी है. </p>
<p><strong>प्रोफेसर की चाकू से गोदकर हत्या</strong><br />हाल ही में मुंबई में एक प्रोफेसर की लोकल ट्रेन में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना मुंबई के मलाड स्टेशन की थी. मृतक की पहचान आलोक सिंह के रूप में हुई थी. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला था कि ये घटना ट्रेन से उतरने के दौरान हुई. बताया जा रहा है कि आलोक सिंह की कुछ लोगों से ट्रेन से उतरते समय मामूली सी बात पर कहासुनी हो गई थी. आरोपी भी ट्रेन में उनके साथ ही सफर कर रहे थे. इसके बाद आलोक सिंह की हत्या कर दी गई.</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 12:07:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में कितनी बार गैर-मराठी बन चुके हैं मेयर, जानें कितने हिंदी भाषी लोगों को मिल चुका मौका?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>2026 के बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मराठी पहचान और भाषा को जोरदार तरीके से उठाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी चुनाव परिणामों ने एक अलग ही सच्चाई को सामने रखा. 227 सदस्यों वाली बीएमसी में रिकॉर्ड 80 गैर मराठी भाषी पार्षद चुने गए हैं. आइए जानते हैं कि मुंबई में कितनी बार गैर मराठी मेयर बन चुके हैं.  </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47141/how-many-times-have-non-marathi-people-become-mayors-in-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-17t102740.3251.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>2026 के बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मराठी पहचान और भाषा को जोरदार तरीके से उठाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी चुनाव परिणामों ने एक अलग ही सच्चाई को सामने रखा. 227 सदस्यों वाली बीएमसी में रिकॉर्ड 80 गैर मराठी भाषी पार्षद चुने गए हैं. आइए जानते हैं कि मुंबई में कितनी बार गैर मराठी मेयर बन चुके हैं.  </p>
<p> </p>
<p><strong>कब आया मुंबई में मेयर पद अस्तित्व में  </strong><br />मुंबई में मेयर का पद 1931 में अस्तित्व में आया. पहले के नगर पालिका अध्यक्ष पदनाम को औपचारिक रूप से बदल दिया गया. बस तभी से मेयर का पद शहर के राजनीतिक और सामाजिक बदलावों को दर्शा रहा है. शुरुआती दशकों में मुंबई का नागरिक नेतृत्व इसके महानगरीय स्वरूप को दिखाता था. इसमें अलग-अलग भाषाई, धार्मिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि के लोग बड़े पद पर काबिज थे. </p>
<p><strong>गैर मराठी मेयरों का दौर </strong><br />एतिहासिक रिकॉर्ड ऐसा बताते हैं कि मेयर पद के 94 साल के इतिहास में लगभग 35 गैर मराठी लोगों ने मुंबई के मेयर के रूप में काम किया है. असल में क्षेत्रीय पहचान आधारित राजनीति के उदय से पहले गैर मराठी मेयर कोई अपवाद नहीं बल्कि एक आम बात थी. आजादी और 1968 के बीच 21 में से 15 मेयर गैर मराठी थे. आपको बता दें कि यह मेयर गुजराती, पारसी, मुस्लिम, ईसाई, दक्षिण भारतीय और उत्तर भारतीय जैसे समुदायों को रिप्रेजेंट करते थे. इस दौर में बड़े नाम में सर जे बी बोमन-बेहराम का नाम भी शामिल है. वे मुंबई के पहले मेयर थे और उन्होंने 1931 से 1932 तक यह पद संभाला. इसके बाद 1942 से 1943 तक युसूफ मेहरअली, 1949 से 1952 में एसके पाटिल और 1982 से 1983 में डॉक्टर प्रभाकर पाई मेयर बने.  </p>
<p><strong>शिवसेना के उदय के बाद एक बड़ा मोड़ </strong><br />1973 के बाद मेयर का परिदृश्य काफी ज्यादा बदल गया. शिवसेना के सुधीर जोशी मुंबई के पहले मराठी भाषी मेयर बने. यह एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत थी. अगले तीन दशकों में शिवसेना बीएमसी में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरी और मेयर का पद धीरे-धीरे मराठी भाषी नेताओं के लिए आरक्षित होता गया. पिछले 30 से 35 सालों से मेयर का पद लगभग पूरी तरह से मराठी बोलने वालों के पास रहा है.  </p>
<p><strong>मुंबई के कितने हिंदी भाषा लोग मेयर बने हैं  </strong><br />मुंबई में बड़ी संख्या में हिंदी भाषी आबादी होने के बावजूद भी इस समुदाय के नेताओं के लिए मेयर बनने का मौका काफी कम रहा है. मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक केवल दो हिंदी भाषी व्यक्तियों ने ही अब तक इस पद को संभाला है.  पहले थे मुरलीधर देवड़ा. इन्होंने 1977-78 में मेयर के रूप में काम किया. मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले मुरलीधर बाद में एक बड़े कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री बने. दूसरे थे आर आर सिंह. उन्होंने 1993 से 1994 तक मेयर के रूप में काम किया. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के थे और कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे. उन्हें मुंबई का आखिरी हिंदी भाषी मेयर माना जाता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47141/how-many-times-have-non-marathi-people-become-mayors-in-mumbai</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 12:58:15 +0530</pubDate>
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