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                <title>but - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई : केंद्र ने केस वापसी का किया वादा, पर मुंबई पुलिस प्रदर्शनकारियों को भेज रही नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कॉकरोच जनता पार्टी ने बताया कि केंद्र ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे। बावजूद इसके मुंबई पुलिस प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर में नामजद लोगों को नोटिस भेज रही है लोगों को उनके बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। पुलिस का कहना था कि उन्हें जांच रोकने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं। कई छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स ने बताया कि उन्हें पुलिस से नोटिस या कॉल आए, जिनमें उन्हें पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50990/mumbai-police-is-sending-notices-to-the-protesters-after-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-28t134455.785.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कॉकरोच जनता पार्टी ने बताया कि केंद्र ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे। बावजूद इसके मुंबई पुलिस प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर में नामजद लोगों को नोटिस भेज रही है लोगों को उनके बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। पुलिस का कहना था कि उन्हें जांच रोकने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं। कई छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स ने बताया कि उन्हें पुलिस से नोटिस या कॉल आए, जिनमें उन्हें पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया था। इससे कई लोग उलझन में पड़ गए कि क्या मामले वापस लेने का वादा असल में शुरू हो गया है। पुलिस का कहना था कि इसमें कोई विरोधाभास नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि जांच को बीच में नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रक्रिया के तहत, राजनीतिक और सामाजिक प्रदर्शनों से जुड़े मामले चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही वापस लिए जा सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>पुलिस ने कहा, कोई निर्देश नहीं मिले</strong><br />चेंबूर में हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर में नामजद एक व्यक्ति को अपना बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया। उससे पूछा गया कि क्या प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए गए थे। बॉम्बे हाई कोर्ट के वकीलों के एक ग्रुप के साथ मिलकर कई छात्रों और प्रदर्शनकारियों का पक्ष रख रहे वकील विक्रांत खरे ने कहा कि पुलिस अधिकारी अपनी जांच जारी रखे हुए हैं, जिसमें नामजद लोगों को नोटिस भेजना और उनके बयान दर्ज करना शामिल है। हमें बताया गया कि वे मामले में आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि इस प्रक्रिया को रोकने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया गया है। हम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और राज्य सरकार से अनुरोध करते हैं कि वे कम से कम अंतरिम निर्देश जारी करके कार्यवाही को तब तक रोक दें, जब तक कि मामलों को वापस लेने का औपचारिक आदेश जारी न हो जाए।<br />क्या बोले मुंबई पुलिस के अफसर<br />मुंबई पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें से कुछ को समन मिल सकते हैं क्योंकि जांच अभी भी चल रही है। अधिकारी ने कहा कि केस वापस लेने की प्रक्रिया चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही शुरू होती है। तब तक हम जांच जारी रखेंगे, जिसमें आरोपियों और गवाहों के बयान दर्ज करना, पंचनामा तैयार करना और दूसरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद, केस एक स्क्रूटनी कमेटी के सामने जाते हैं जो उन्हें वापस लेने की सिफारिश करती है।</p>
<p><strong>31 जुलाई तक चार्जशीट</strong><br />राज्य सरकार समय-समय पर उस सरकारी आदेश को आगे बढ़ाती है जिसके तहत ऐसी एफआईआर वापस ली जाती हैं। मौजूदा समय-सीमा 31 जुलाई तक है। अधिकारी ने कहा कि इनमें से ज़्यादातर मामलों में 31 जुलाई से पहले चार्जशीट दाखिल होने की संभावना कम है क्योंकि जांच अभी चल रही है। इसलिए सरकार को समय-सीमा फिर से बढ़ानी होगी। जितनी जल्दी चार्जशीट दाखिल होगी, जीआर जारी होने के बाद उतनी ही जल्दी केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। </p>
<p><strong>सीजेपी ने दी वॉर्निंग</strong><br />कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को अपना विरोध प्रदर्शन तब खत्म कर दिया था जब केंद्र सरकार ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उनकी मांग मान ली थी। पार्टी ने कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्रियों जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह से यह भरोसा भी मिला था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कॉकरोच जनता पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उस भरोसे को निभाने में नाकाम रही है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मांग की कि सरकार समझौते का तुरंत पालन करे, सभी एफआईआर वापस ले और कानूनी मामलों पर लिखित समझौता मंगलवार तक साझा करे। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश के अन्य हिस्सों में छात्रों को अभी भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>जिन लोगों को नोटिस मिला, उनमें गोवंडी के रहने वाले 23 साल के अयान मिर्जा भी शामिल थे। उन्होंने 22 जुलाई को चेंबूर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर गार्डन में हुए एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। अयान मिर्जा ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बाद, हमें आरसीएफ पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां मुझसे मेरा नाम, कॉन्टैक्ट नंबर और दूसरी जानकारी लिखने को कहा गया। बाद में, मुझे फोन करके नज़दीकी पुलिस स्टेशन बुलाया गया क्योंकि वे नोटिस देने के लिए मेरा घर नहीं ढूंढ पा रहे थे। मैं सोमवार को देवनार पुलिस स्टेशन गया और नोटिस लिया। </p>
<p>उन्होंने कहा कि स्टेशन पर एक अधिकारी ने उनके दोस्त का कॉन्टैक्ट नंबर भी लिया, ताकि उन्हें भी नोटिस भेजा जा सके। मिर्ज़ा ने कहा, "इसका मतलब है कि अब मेरे दोस्त को भी नोटिस मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:45:52 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : करोड़ों खर्च हुए, पर नहीं बदला मुंबई की मीठी नदी का भाग्य, अब भी भरी खर-पतवार, प्लास्टिक और कचरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मीठी नदी खर-पतवार, प्लास्टिक और कचरे से भर गई है। BMC ने इस साल 10 जून तक मीठी नदी से गाद निकालने की मियाद तय की थी, लेकिन काम नहीं हो पाया। बाद में नए ठेकेदार को जिम्मा सौंपा गया, पर बारिश आने तक सिर्फ 64% गाद ही हटाई जा सकी। मुंबई की मीठी नदी से पांच मिनट की दूरी पर भारत का सबसे महंगा कारोबारी इलाका बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स है। प्रमुख बैंक, बहुराष्ट्रीय कंपनियां, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के साथ-साथ यहीं पर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज और बंबई स्टॉक एक्सचेंज भी हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50864/crores-were-spent-but-the-fate-of-mumbais-mithi-river"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-21t115032.349.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मीठी नदी खर-पतवार, प्लास्टिक और कचरे से भर गई है। BMC ने इस साल 10 जून तक मीठी नदी से गाद निकालने की मियाद तय की थी, लेकिन काम नहीं हो पाया। बाद में नए ठेकेदार को जिम्मा सौंपा गया, पर बारिश आने तक सिर्फ 64% गाद ही हटाई जा सकी। मुंबई की मीठी नदी से पांच मिनट की दूरी पर भारत का सबसे महंगा कारोबारी इलाका बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स है। प्रमुख बैंक, बहुराष्ट्रीय कंपनियां, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के साथ-साथ यहीं पर नैशनल स्टॉक एक्सचेंज और बंबई स्टॉक एक्सचेंज भी हैं। यहां दफ्तरों का किराया हर महीने औसतन 350 रुपये प्रति वर्ग फुट है। इसके बावजूद, मीठी नदी बदहाल है।</p>
<p> </p>
<p><strong>समस्या जस की तस</strong><br />2005 की भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने मीठी नदी के लिए 3,500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट तय किया था। इनमें से तकरीबन 2,200 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं। नदी अब भी प्रदूषित है। अधिकांश प्रदूषण बिना ट्रीट किए सीवेज से आता है। पानी की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। 2020-21 में नदी का वॉटर क्वॉलिटी इंडेक्स 100 में से 44 था। हर साल गाद निकालने, चैनल चौड़ा करने और दीवारें बनाने का काम दोहराया जाता है, लेकिन तय समय पर पूरा नहीं होता और समस्या जस की तस है।</p>
<p><strong>अधूरी परियोजनाएं</strong><br />पिछले साल मीठी नदी के लिए एक बार फिर कई परियोजनाओं की घोषणा हुई, लेकिन अधिकांश अब भी अधूरी हैं। 455 करोड़ रुपये की सीवेज टनल तैयार है, पर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू न होने से बेकार पड़ी है। नदी का प्रबंधन कई एजेंसियों के जिम्मे है। इस कारण समन्वय की कमी बनी रहती है।</p>
<p><strong>दुनिया से सबक</strong><br />दुनिया के कई शहरों ने साबित किया है कि बदहाल नदियों को दोबारा जीवित किया जा सकता है। सियोल ने 2005 में 50 बरस से दबी चेओंगग्येचेओन धारा को पुनर्जीवित करने के लिए करीब 38 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। 1970 के दशक के अंत तक सिंगापुर ने भी सीवेज व्यवस्था, उद्योगों के स्थानांतरण और सख्त प्रदूषण नियंत्रण के जरिये अपनी प्रदूषित नदी को एशिया के सबसे आकर्षक वॉटरफ्रंट में तब्दील कर दिया।</p>
<p><strong>रणनीति से बदलाव</strong><br />छत्रपति संभाजीनगर की खाम नदी भी कभी मीठी नदी जैसी बदहाल थी। सुनियोजित रणनीति से उसका कायाकल्प किया गया। परियोजना पर 4.5 करोड़ रुपये से अधिक रकम खर्च की गई, जो मीठी नदी की सालाना गाद सफाई लागत का एक फीसदी भी नहीं। असल में, समाधान केवल गाद निकालने में नहीं, सरकार, उद्योगों और विशेषज्ञों की साझेदारी वाले मॉडल में है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:51:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: सूचना के अधिकार नियमों पर रोक का स्वागत, अन्ना हजारे ने अनशन टाला लेकिन वापसी की मांग जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p> सूचना के अधिकार से जुड़े प्रस्तावित नए नियमों पर राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इन प्रस्तावित गाइडलाइंस को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50548/mumbai-uddhav-thackeray-announces-to-launch-ram-raksha-andolan-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-04t114008.634.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>सूचना के अधिकार से जुड़े प्रस्तावित नए नियमों पर राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इन प्रस्तावित गाइडलाइंस को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार का यह कदम एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन जब तक नए नियम पूरी तरह रद्द नहीं होते, तब तक संतोष नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे पर उन्होंने 5 जुलाई से प्रस्तावित अपने अनिश्चितकालीन अनशन को फिलहाल टालने की घोषणा की है।</p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में सूचना के अधिकार नियमों में कई बदलावों का प्रस्ताव रखा गया था, जिन्हें लेकर व्यापक विवाद खड़ा हो गया था। प्रस्तावित नियमों में आरटीआई आवेदन शुल्क बढ़ाने, पहचान पत्र अनिवार्य करने और यह शर्त रखने का सुझाव शामिल था कि प्रत्येक आवेदन केवल एक ही विषय से संबंधित होना चाहिए। इन बदलावों को लेकर सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई थी कि इससे आम नागरिकों के लिए सूचना प्राप्त करना कठिन हो सकता है और पारदर्शिता पर असर पड़ेगा। </p>
<p>अन्ना हजारे, जिन्होंने देश में सूचना के अधिकार आंदोलन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि नियम वापस नहीं लिए गए तो वह अनशन करेंगे। सरकार द्वारा फिलहाल नियमों पर रोक लगाने के बाद उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है और जब तक प्रस्तावित संशोधन पूरी तरह वापस नहीं लिए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इसमें किसी भी तरह की कटौती जनता के हित में नहीं है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना के अधिकार नियमों में बदलाव को लेकर सरकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच संवाद जरूरी है, ताकि पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया दोनों संतुलित रह सकें। फिलहाल सरकार के फैसले के बाद इस मुद्दे पर जारी तनाव कुछ हद तक कम हुआ है, लेकिन भविष्य में नियमों के अंतिम स्वरूप को लेकर चर्चा जारी रहने की संभावना है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:38:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: जुहू केखुले नाले में गिरा युवक, फायर ब्रिगेड ने बचाया लेकिन अस्पताल में मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के जुहू इलाके में दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खुले नाले में गिरने से 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड ने तत्काल रेस्क्यू कर युवक को बाहर निकाला, लेकिन गंभीर हालत के चलते उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना दोपहर करीब 12:09 बजे जुहू, अंधेरी वेस्ट के जेवीपीडी स्कीम क्षेत्र स्थित वी.पी. मार्ग पर हुई। जानकारी के अनुसार, युवक अचानक सड़क किनारे खुले नाले में गिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50448/youth-fell-into-open-drain-of-juhu-mumbai-saved-by"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-28t113101.536.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के जुहू इलाके में दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खुले नाले में गिरने से 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड ने तत्काल रेस्क्यू कर युवक को बाहर निकाला, लेकिन गंभीर हालत के चलते उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना दोपहर करीब 12:09 बजे जुहू, अंधेरी वेस्ट के जेवीपीडी स्कीम क्षेत्र स्थित वी.पी. मार्ग पर हुई। जानकारी के अनुसार, युवक अचानक सड़क किनारे खुले नाले में गिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।</p>
<p> </p>
<p>बृहन्मुंबई नगर निगम के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के मुताबिक, जैसे ही सूचना मिली, फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बचाव दल ने काफी प्रयास के बाद युवक को नाले से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए भेजा। रेस्क्यू के दौरान युवक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया है।</p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि जुहू और अंधेरी जैसे व्यस्त इलाकों में खुले नाले लंबे समय से चिंता का विषय बने हुए हैं। कई जगहों पर ढकने की व्यवस्था या सुरक्षा बैरिकेड्स नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। घटना के बाद नागरिकों ने नगर प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नाला ढका हुआ होता या उचित चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो इस दुर्घटना को टाला जा सकता था। बृहन्मुंबई नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित स्थान पर नाला खुला क्यों था और सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए थे। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या वहां पहले से कोई शिकायत दर्ज की गई थी।</p>
<p>फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से किया गया था, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण युवक को तुरंत गंभीर चोटें आ गई थीं। समय पर बचाव के बावजूद उसकी हालत स्थिर नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में सभी खुले नालों और ड्रेनेज सिस्टम का तत्काल ऑडिट किया जाए और जहां भी खतरा है, वहां तुरंत सुरक्षा कवच लगाया जाए। उनका कहना है कि ऐसे हादसे बार-बार चेतावनी के बावजूद हो रहे हैं। कुल मिलाकर, जुहू में हुआ यह हादसा एक बार फिर शहरी सुरक्षा व्यवस्था और खुले नालों की लापरवाही को उजागर करता है, जिसमें एक 24 वर्षीय युवक की जान चली गई, जबकि रेस्क्यू टीम की तत्परता के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 11:31:58 +0530</pubDate>
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