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                <title>buried - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>buried RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नवी मुंबई: वाशी के एपीएमसी मार्केट में चावल की बोरियों के नीचे दबी महिला, लोगों ने सुरक्षित निकाला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नवी मुंबई के वाशी इलाके में स्थित एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी के गोदाम में कुछ साल पहले एक डरावना हादसा हुआ था, जिसका सीसीटीवी वीडियो अब दोबारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला अनाज के बोरे गिरने से दब गई थी, जिसे उसके साथी कामगारों ने मात्र 30 सेकंड में बचाकर जान बचा ली। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49131/women-buried-under-sacks-of-rice-in-apmc-market-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/6655lcuo_navi-mumbai-accident_625x300_17_march_24.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई: </strong>नवी मुंबई के वाशी इलाके में स्थित एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी के गोदाम में कुछ साल पहले एक डरावना हादसा हुआ था, जिसका सीसीटीवी वीडियो अब दोबारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला अनाज के बोरे गिरने से दब गई थी, जिसे उसके साथी कामगारों ने मात्र 30 सेकंड में बचाकर जान बचा ली। </p>
<p> </p>
<p><strong>गोदाम में अचानक बोरे गिरने दबी महिला </strong><br />सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि महिला गोदाम के अंदर फर्श साफ कर रही थी। अचानक चावल के बोरे रखे गए स्टैक का एक बड़ा हिस्सा उसके ऊपर गिर पड़ा। महिला सैकड़ों किलो के अनाज के बोरे के नीचे दब गई।<br />यह घटना एपीएमसी मार्केट के एक स्टॉल या गोदाम के अंदर हुई थी। वीडियो देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्योंकि महिला पूरी तरह बोरे के ढेर के नीचे दब जाती है। </p>
<p><strong>लोगों ने मात्र 30 सेकंड में महिला को बचाया</strong><br />सौभाग्य से गोदाम में मौजूद मठाड़ी कामगारों ने तुरंत घटना को देख लिया। वे बिना समय गंवाए दौड़े और बोरे हटाने लगे। उनकी तेजी और टीम वर्क की बदौलत महिला को मात्र 30 सेकंड में बोरे के ढेर से निकाल लिया गया। मठाड़ी कामगारों की त्वरित कार्रवाई ने महिला की जान बचा ली। अगर वे कुछ सेकंड भी देर करते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। सोशल मीडिया यूजर्स उनकी बहादुरी और तेज सोच की सराहना कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि आपातकाल में तुरंत मदद करना कितना जरूरी है। </p>
<p><strong>महिला को लगी हल्की चोटें</strong><br />रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला को हल्की चोटें आई हैं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। फिलहाल वह खतरे से बाहर है। पुराना वीडियो दोबारा वायरल यह घटना कुछ समय पहले की है, लेकिन इसका सीसीटीवी वीडियो अब फिर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग वीडियो शेयर करते हुए मठाड़ी कामगारों की सराहना कर रहे हैं और साथ ही गोदामों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 11:17:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>नेपीडॉ: म्यांमार में भूकंप के 3 दिन बाद मलबे में दबी लाशों की फैली भीषण दुर्गंध... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर की सड़कों पर रविवार को सड़ते हुए शवों की गंध फैली हुई थी, क्योंकि लोग किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबा हटाने के लिए हाथों से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले आए भीषण भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोग दब गए, जिनकी तलाश की जा रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/39399/naypyidaw--3-days-after-the-earthquake-in-myanmar--the-stench-of-dead-bodies-buried-in-the-rubble-spreads"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/download1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नेपीडॉ: </strong>म्यांमार में भूकंप के 3 दिन बाद मलबे में दबी लाशों की भीषण दुर्गंध चारों ओर फैल गई है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने वाली टीम के सामने बड़ी चुनौती आ गई है। साथ ही आसपास के लोगों को महामारी की चपेट में भी आने का खतरा बढ़ गया है। जैसे-जैसे वक्त बीतता जा रहा है, तैसे-तैसे मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। भारत से भी कई टीमें म्यांमार में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घायलों के इलाज के लिए पहुंच चुकी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर की सड़कों पर रविवार को सड़ते हुए शवों की गंध फैली हुई थी, क्योंकि लोग किसी जीवित व्यक्ति को खोजने की उम्मीद में मलबा हटाने के लिए हाथों से काम कर रहे हैं। दो दिन पहले आए भीषण भूकंप में 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और अनगिनत लोग दब गए, जिनकी तलाश की जा रही है। <br /><br />शुक्रवार दोपहर को 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र मांडले के पास था। इससे झूले की तरह धरती डोलने लगी। कई इमारतें गिर गईं। इस दौरान शहर के हवाई अड्डे जैसे तमाम बुनियादी और ऐतिहासिक ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा। टूटी हुई सड़कों, गिरे हुए पुलों, संचार व्यवस्था में गड़बड़ी और गृहयुद्ध के बीच देश में काम करने की चुनौतियों के कारण राहत कार्य बाधित हो रहे हैं।<br /><br />स्थानीय निवासियों द्वारा जीवित बचे लोगों की तलाश मुख्य रूप से भारी उपकरणों की सहायता के बिना की गई है, जो 41 डिग्री सेल्सियस (106 फ़ारेनहाइट) की गर्मी में हाथों और फावड़ियों से मलबा हटा रहे हैं, केवल कभी-कभार ट्रैक किए गए उत्खननकर्ता दिखाई देते हैं। हालांकि अब भारत से बड़ी सहायता पहुंच गई है। एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर चुकी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/39399/naypyidaw--3-days-after-the-earthquake-in-myanmar--the-stench-of-dead-bodies-buried-in-the-rubble-spreads</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 18:48:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोलापुर के श्मशान घाट में दफनाया गया 10 महीने के बच्चे का शव गायब </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सोलापुर पुलिस गायब बच्चे के शव की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार वाघमारे परिवार का दस माह का बच्चा प्रियांश वाघमारे खेलने के दौरान घायल होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 14 जून को प्रियांश की मौत हो गई थी। इसके बाद वाघमारे परिवार ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी और पुलिस टीम ने मौके पर जाकर मुआयना भी किया। इस मामले की छानबीन पुलिस कर रही है। लोगों में जादू-टोना के लिए बच्चे का शव गायब करने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/31755/the-body-of-a-10-month-old-child-buried-at-the-cremation-ground-in-solapur-is-missing"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-06/dsd.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> सोलापुर शहर के श्मशान घाट में दफनाया गया 10 महीने के बच्चे का शव गायब हो गया है। रविवार को इसकी जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई है। सोलापुर पुलिस गायब बच्चे के शव की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार वाघमारे परिवार का दस माह का बच्चा प्रियांश वाघमारे खेलने के दौरान घायल होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 14 जून को प्रियांश की मौत हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों ने श्मशान घाट पर प्रियांश के शव का अंतिम संस्कार कर उसे दफना दिया था। रविवार को तीसरे दिन का अनुष्ठान करने के लिए वाघमारे परिवार जब श्मशान घाट पहुंचा, तो जहां प्रियांश को दफनाया था, वहां उन्हें एक गड्डा मिला। शव गायब था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद वाघमारे परिवार ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी और पुलिस टीम ने मौके पर जाकर मुआयना भी किया। इस मामले की छानबीन पुलिस कर रही है। लोगों में जादू-टोना के लिए बच्चे का शव गायब करने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Jun 2024 17:27:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>..तो क्या मंगल ग्रह पर दफनाए जाने चाहिए शव? बॉम्बे हाई कोर्ट ने नगर निगम को लताड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">गोवंडी के शमशेर अहमद, अबरार चौधरी और अब्दुल रहमान शाह ने मुंबई नगर निगम से अतिरिक्त कब्रिस्तान के लिए अनुरोध किया था। मांग पर अमल न होने पर उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इन तीनों ने जनहित याचिका दायर की. याचिका में नगर निगम को कब्रिस्तान के लिए जगह मुहैया कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर के समक्ष हुई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/31603/so-should-dead-bodies-be-buried-on-mars--bombay-high-court-reprimanded-the-municipal-corporation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-06/dyy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> न्यायपालिका अक्सर नागरिकों के बुनियादी मुद्दों और अधिकारों के संबंध में स्थानीय निकायों की भूमिका पर सवाल उठाती है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान अहम स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि गरिमा के साथ अंतिम संस्कार करने का अधिकार भी अन्य अधिकारों जितना ही महत्वपूर्ण है। देवनार परिसर में अतिरिक्त कब्रिस्तान के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराने के कारण बॉम्बे नगर निगम को उच्च न्यायालय के क्रोध का सामना करना पड़ा। नगर पालिका के लापरवाह रवैये पर हाईकोर्ट ने तमाचा जड़ दिया।<br /><br />गोवंडी के शमशेर अहमद, अबरार चौधरी और अब्दुल रहमान शाह ने मुंबई नगर निगम से अतिरिक्त कब्रिस्तान के लिए अनुरोध किया था। मांग पर अमल न होने पर उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इन तीनों ने जनहित याचिका दायर की. याचिका में नगर निगम को कब्रिस्तान के लिए जगह मुहैया कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अमित बोरकर के समक्ष हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि नगरपालिका दफनाने के लिए अतिरिक्त जगह के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. यह महसूस करने पर कि पिछले दो साल से बार-बार निर्देश देने के बावजूद इस संबंध में कोई ठोस रुख नहीं अपनाया. अब नागरिकों को मंगल ग्रह पर दफ़नाने के लिए कहाँ जाना चाहिए? हाईकोर्ट ने नगर निगम से यह नाराजगी भरा सवाल पूछा। इस मामले में नगर आयुक्त को बयान देने का निर्देश दिया गया है.<br /><br />आठ माह पहले नगर निगम ने अपना पक्ष रखा था। लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया जा सका है. अतिरिक्त कब्रगाहों के लिए तीन जगहें प्रस्तावित की गईं, एक देवनार में मौजूदा कब्रगाह के पास, एक रफीकनगर में कचरा डिपो के पास और दूसरी आठ किलोमीटर दूर। लेकिन सुनवाई में साफ हुआ कि नगर पालिका ने अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है. इसके बाद नगर निगम की खूब किरकिरी हुई थी. इस मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम को एचपीसीएल से सटी जमीन के अधिग्रहण को लेकर उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/31603/so-should-dead-bodies-be-buried-on-mars--bombay-high-court-reprimanded-the-municipal-corporation</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Jun 2024 18:51:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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