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                <title>Cyber - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Cyber RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रामगढ़ : 24 राज्यों में 274 साइबर अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49605/ramgarh-gang-committing-274-cyber-crimes-in-24-states-exposed"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-30t174140.872.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामगढ़ : </strong>झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बैंक खातों के जरिए देशभर में लोगों को ठगने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब गृह मंत्रालय की “आई फोर सी” परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ पर एक संदिग्ध बैंक खाते में असामान्य लेनदेन की जानकारी सामने आई।</p>
<p> </p>
<p>भारतीय स्टेट बैंक के एक करंट अकाउंट पर नजर गई, जिसके जरिए लगातार अलग-अलग राज्यों से रकम जमा की जा रही थी। सूचना मिलते ही एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी निगरानी शुरू हुई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, एक परत दर परत खुलती चली गई। पता चला कि ‘गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से एमएसएमई परियोजना के तहत खुलवाया गया यह खाता असल में ठगी के पैसे इकट्ठा करने का माध्यम था। पुलिस ने छापेमारी कर राहुल गुप्ता (37), रवि कुमार वर्मा (34), रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना (40) और सोनू कुमार झा (34) को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p>पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि खाते खोलने से लेकर उसे ऑपरेट करने तक एक सुनियोजित तंत्र काम कर रहा था। कुछ आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते खुलवाते थे, जबकि अन्य सदस्य ओटीपी, मोबाइल बैंकिंग और खातों की डिटेल्स व्हाट्सएप व टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ठगी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके राष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:42:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : डेटा ब्रीच के खतरे के बीच 40,000 से ज़्यादा साइबर सिक्योरिटी ऑडिट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हर जगह डिजिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से सरकारी एजेंसियों पर साइबर अटैक का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे अटैक से सेंसिटिव जानकारी लीक होने या डेटा ब्रीच होने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए, 'सर्ट-इन' (द इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने केंद्र सरकार के निर्देश पर साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बताया गया है कि पिछले तीन सालों में सरकारी संस्थानों और पब्लिक सेक्टर के संगठनों में 40,000 से ज़्यादा साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये ऑडिट भी लगातार बढ़ रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49091/more-than-40000-cyber-security-audits-amid-threat-of-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t103052.943.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>हर जगह डिजिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से सरकारी एजेंसियों पर साइबर अटैक का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे अटैक से सेंसिटिव जानकारी लीक होने या डेटा ब्रीच होने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए, 'सर्ट-इन' (द इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने केंद्र सरकार के निर्देश पर साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बताया गया है कि पिछले तीन सालों में सरकारी संस्थानों और पब्लिक सेक्टर के संगठनों में 40,000 से ज़्यादा साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये ऑडिट भी लगातार बढ़ रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p>सर्ट-इन एक नेशनल संगठन है जो देश में साइबर सिक्योरिटी घटनाओं पर नज़र रखता है और उन पर कार्रवाई करता है। सरकारी संस्थानों पर साइबर अटैक के खतरे को ध्यान में रखते हुए, सर्ट-इन ने अलग-अलग सरकारी विभागों के डिजिटल सिस्टम का रेगुलर ऑडिट करने की पहल की है। ये ऑडिट कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर, नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सिक्योरिटी की कमज़ोरियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने में मदद करते हैं। इससे संभावित साइबर अटैक को रोकने में मदद मिलती है।</p>
<p>ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, 2023 में केंद्र और राज्य सरकार के डिपार्टमेंट में 9,772 साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए। 2024 में यह संख्या बढ़कर 12,176 हो गई, जबकि 2025 में 18,667 साइबर सिक्योरिटी ऑडिट किए गए। सिर्फ तीन साल में 40,615 साइबर ऑडिट किए गए हैं। इसके जरिए सरकारी एजेंसियों, राज्य सरकारों और पब्लिक सेक्टर कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच करके उनके सिक्योरिटी लेवल को मजबूत किया गया है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49091/more-than-40000-cyber-security-audits-amid-threat-of-mumbai</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:31:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकारडॉक्टर को 11 दिनों में ₹12 करोड़ का नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के पुणे के एक 75 साल के डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकार होकर करीब 12 करोड़ रुपये गंवा बैठे। उनसे यह कहकर ठगी की गई कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो 11 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। डॉक्टर को यकीन था कि अगर वे 11 दिन तक स्टॉक में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें करीब 54 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा। कम समय में ज्यादा प्रॉफिट मिलने का भरोसा करके डॉक्टर ने कुछ हफ्तों तक साइबर क्रिमिनल्स को पैसे ट्रांसफर किए।<br />पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। पीड़ित डॉक्टर को सबसे पहले एक अनजान नंबर से मैसेज आया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49089/mumbai-doctor-becomes-victim-of-cyber-fraudsters-doctor-suffers-loss"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t101614.040.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के पुणे के एक 75 साल के डॉक्टर साइबर जालसाजों के शिकार होकर करीब 12 करोड़ रुपये गंवा बैठे। उनसे यह कहकर ठगी की गई कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो 11 दिन में रकम दोगुनी हो जाएगी। डॉक्टर को यकीन था कि अगर वे 11 दिन तक स्टॉक में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें करीब 54 करोड़ रुपये का रिटर्न मिलेगा। कम समय में ज्यादा प्रॉफिट मिलने का भरोसा करके डॉक्टर ने कुछ हफ्तों तक साइबर क्रिमिनल्स को पैसे ट्रांसफर किए।<br />पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ठगी इसी साल जनवरी में शुरू हुई थी। पीड़ित डॉक्टर को सबसे पहले एक अनजान नंबर से मैसेज आया।</p>
<p> </p>
<p>मैसेज में कहा गया था कि अगर वे शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करेंगे तो उन्हें भारी प्रॉफिट होगा। पैसे की उम्मीद कर रहे डॉक्टर ने साइबर क्रिमिनल्स में दिलचस्पी दिखाई। साइबर क्रिमिनल्स ने वीआईपी स्टॉक 24 नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बुजुर्ग डॉक्टर को लालच दिया। आरोपियों ने उस व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक इन्वेस्टमेंट प्लान शेयर किया। प्लान आकर्षक होने के कारण डॉक्टर ने अपने पैसे ट्रांसफर कर दिए। साइबर क्रिमिनल्स ने डॉक्टर को बार-बार यकीन दिलाया कि अगर वह उनके इंस्ट्रक्शन्स को सही तरीके से फॉलो करेंगे, तो सिर्फ 11 दिनों में रिटर्न आ जाएगा।</p>
<p>पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने एक फेक ट्रेडिंग ऐप का इस्तेमाल किया था। ऐप को एक नामी कंपनी का बताया गया था। सबसे पहले, साइबर क्रिमिनल्स ने पर्सनल और फाइनेंशियल डिटेल्स इकट्ठा कीं। फिर उन्होंने कई बैंक अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। डॉक्टर द्वारा भेजे गए पैसे को फेक ऐप में इन्वेस्टमेंट के तौर पर दिखाया गया। ऐप ने भारी प्रॉफिट भी दिखाया। 7 से 18 मार्च के बीच, पीड़ित ने 8 अकाउंट्स में पैसे ट्रांसफर किए। माना जा रहा है कि डॉक्टर ने करीब 12.31 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।</p>
<p>हालांकि, जब डॉक्टर ने पैसे इन्वेस्ट करने से मना कर दिया, तो साइबर क्रिमिनल्स ने उन पर दबाव डाला। आरोपियों ने प्रॉपर्टी जब्त करने की धमकी दी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने डॉक्टर को पैसे ट्रांसफर करने के लिए डराया। पीड़ित ने करीब तीन महीने तक पैसे ट्रांसफर किए। हालांकि, पुलिस ने कहा कि जब पैसे वापस नहीं आए तो डॉक्टर को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है। इसके बाद, उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:20:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शेयर-ट्रेडिंग साइबर धोखाधड़ी ; मुनाफे के लालच में कारोबारी ने गंवाए १०.९८ करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर पुलिस ने हाल ही में एक ६८ वर्षीय कारोबारी के साथ हुए १०.९८ करोड़ के शेयर-ट्रेडिंग साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच में पाया है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए लगभग ३६,६५६ फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। इस रकम का एक हिस्सा चीन से संचालित होने वाले सूदखोरी वाले लोन ऐप्स और अवैध ऑनलाइन गेम्स को फंड करने में भी इस्तेमाल किया गया था। यही नहीं ठगों ने पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर चीन / कंबोडिया भेज दिया। इसके अलावा ठगों ने कुछ पैसे चीनी लोन ऐप में भी लगाए, जो अत्यधिक ब्याज दरें वसूलते थे और कर्ज न चुकाने वालों को परेशान करते थे।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49073/mumbai-share-trading-cyber-fraud-businessman-lost-rs-1098-crore-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(98).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>साइबर पुलिस ने हाल ही में एक ६८ वर्षीय कारोबारी के साथ हुए १०.९८ करोड़ के शेयर-ट्रेडिंग साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच में पाया है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए लगभग ३६,६५६ फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। इस रकम का एक हिस्सा चीन से संचालित होने वाले सूदखोरी वाले लोन ऐप्स और अवैध ऑनलाइन गेम्स को फंड करने में भी इस्तेमाल किया गया था। यही नहीं ठगों ने पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर चीन / कंबोडिया भेज दिया। इसके अलावा ठगों ने कुछ पैसे चीनी लोन ऐप में भी लगाए, जो अत्यधिक ब्याज दरें वसूलते थे और कर्ज न चुकाने वालों को परेशान करते थे।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि कारोबारी ने पुलिस में २० जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम मोहन शर्मा बताया और कहा कि उनकी कंपनी के जरिए शेयर बाजार में निवेश करके वे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। शर्मा ने शिकायतकर्ता को ट्रेडर टाइटन वीआईपी ग्रुप नाम के एक व्हाट्सऐप ग्रुप में शामिल होने के लिए कहा, जहां निवेश पर अधिक मुनाफा कमाने के टिप्स साझा किए जाते थे। ग्रुप के सदस्यों ने अपने द्वारा कमाए गए मुनाफे का ब्यौरा भी साझा किया। ऊंचे मुनाफे के लालच में आकर कारोबारी ने फर्म के माध्यम से निवेश करने की इच्छा जताई।</p>
<p>शर्मा ने फिर उन्हें एलेक्स नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को एक अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म का महाप्रबंधक बताया और शिकायतकर्ता को एक अन्य प्रीमियम व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ३० दिसंबर २०२५ से १७ जनवरी २०२६ के बीच व्यवसायी ने धोखाधड़ी वाले एप्लिकेशन के माध्यम से लगभग १०.९८ करोड़ रुपए निवेश कर दिए। १७ जनवरी को शिकायतकर्ता अपने निवेश ऐप से पैसे निकालने में असमर्थ पाया और उसने यह भी देखा कि व्हाट्सऐप ग्रुप पर गतिविधि अचानक बंद हो गई थी।</p>
<p>आरोपी ने उसे धमकी दी कि अगर उसने ८ करोड़ रुपए और निवेश नहीं किए तो उसका खाता और सभी निवेश ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान साइबर पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता के पैसे ट्रांसफर करने के लिए ११ प्राथमिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। ये चालू खाते उन लोगों द्वारा खोले गए थे जिन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र के गोंदिया और अन्य स्थानों पर फर्जी कंपनियां बनाई थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49073/mumbai-share-trading-cyber-fraud-businessman-lost-rs-1098-crore-in</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 12:13:27 +0530</pubDate>
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