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                <title>नई दिल्ली : कोडिन को लेकर इसमें बहुत महत्वपूर्ण बात है जो सरकार छिपा रही है। 36 जिलों में 118 से अधिक FIR और यूपी में कफ सिरप का काला कारोबार चल रहा था - अखिलेश यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में शनिवार को प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा, जो घटनाक्रम चल रहा है कोडिन को लेकर इसमें बहुत महत्वपूर्ण बात है जो सरकार छिपा रही है। 36 जिलों में 118 से अधिक FIR और यूपी में कफ सिरप का काला कारोबार चल रहा था। कई तस्वीरें दिखाई जा रही है, तो अगर हम तस्वीरों को ही ठीक मान लें और मेरे साथ खड़ा होने वाला ही माफिया है। तो मेरी तस्वीर तो मुख्यमंत्री के साथ भी है। मेरी तस्वीर डिप्टी सीएम के साथ भी है। मैं मजबूरी समझ सकता हूं। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46340/there-is-a-very-important-thing-regarding-new-delhi-code"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-20t180143.953.jpg" alt=""></a><br /><p><br /><strong>नई दिल्ली :</strong> सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में शनिवार को प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा, जो घटनाक्रम चल रहा है कोडिन को लेकर इसमें बहुत महत्वपूर्ण बात है जो सरकार छिपा रही है। 36 जिलों में 118 से अधिक FIR और यूपी में कफ सिरप का काला कारोबार चल रहा था। कई तस्वीरें दिखाई जा रही है, तो अगर हम तस्वीरों को ही ठीक मान लें और मेरे साथ खड़ा होने वाला ही माफिया है। तो मेरी तस्वीर तो मुख्यमंत्री के साथ भी है। मेरी तस्वीर डिप्टी सीएम के साथ भी है। मैं मजबूरी समझ सकता हूं। </p>
<p> </p>
<p><strong>प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र तक फैला अवैध कारोबार</strong><br />अखिलेश यादव ने कहा, कोडीन कफ सिरप का अवैध कारोबार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र तक फैला हुआ है और इसकी कीमत हजारों करोड़ रुपये में है। मुख्यमंत्री और उनके साथ खड़े लोग झूठ बोल रहे हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।<br />अगर सरकार सच में माफियाओं के खिलाफ है, तो जिन-जिन लोगों की तस्वीरें मेरे साथ दिखाई जा रही हैं, उनके घरों पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। चाहे ‘कालीन भैया’ हों या ‘कोडीन भैया’, इस अवैध धंधे में शामिल हर व्यक्ति पर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p><br /><strong>पुलिस सिटी बजा रही है </strong><br />अखिलेश यादव ने कहा, आईपीएस अमिताभ ठाकुर अपनी बात न रख सकें, इसके लिए पूरी पुलिस से सिटी बजवाई जाती है। पूर्व विधायक दीपक यादव को फर्जी मामले में जेल भेजा गया। </p>
<p><strong>जब खुद फंस जाओ, तो दूसरों पर इल्जाम लगाओ</strong><br />एक दिन पहले अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर शायराना अंदाज में कहा था कि जब खुद फंस जाओ, तो दूसरे पर इल्जाम लगाओ, ये खेल हुआ पुराना, हुक्मरान कोई नई बात बताओ। सपा अध्यक्ष आगे दोनों डिप्टी सीएम और सीएम का फोटो लगाते हुए कहते हैं ...फुल दो हॉफ हैं, यूं तो आपस में खिलाफ हैं। कोडीन के मारे ये सारे, आज डर के मारे साथ हैं। अखिलेश ने कहा कि नशाखोरी की जांच के लिए सिरप टॉस्क फोर्स मतलब एसटीएफ के साथ-साथ जीटीएफ भी बना दीजिए। </p>
<p>बाकी जनता समझदार है। भाजपाइयों के चेहरों पर हवाइयां क्यों उड़ी हुई हैं। कोडीन कफ सिरप की सच्चाई वे जानते हैं, तभी खुद नहीं पी, इसीलिए बीच में किसी को खांसी भी आ गई। अखिलेश यादव ने कहा कि अवैध और जहरीली कफ सिरप मामले की जांच कर रही एसटीएफ भी अवैध कारोबारियों से मिली हुई है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 18:03:09 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : बहुत सावधान रहें;  झूठे वादों या ऑनलाइन लालच में न पड़ें - पूर्व ब्रह्मोस वैज्ञानिक </title>
                                    <description><![CDATA[<p>रिहा हुए पूर्व ब्रह्मोस वैज्ञानिक ने नौकरी ढूंढने वालों को चेतावनी दी: ऑनलाइन धोखेबाजों से सावधान रहें। “बहुत सावधान रहें। झूठे वादों या ऑनलाइन लालच में न पड़ें।” 34 साल के इस अवॉर्ड विजेता वैज्ञानिक ने यह बात अपने कड़वे अनुभव से कही है। भारत के ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल प्रोग्राम के पूर्व वैज्ञानिक निशांत को मंगलवार शाम को नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया, जब उन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी और "साइबर आतंकवाद" के आरोपों से बरी कर दिया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46006/mumbai--be-very-careful--don-t-fall-for-false-promises-or-online-lure---former-brahmos-scientist"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/images---2025-08-28t120326.898.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>रिहा हुए पूर्व ब्रह्मोस वैज्ञानिक ने नौकरी ढूंढने वालों को चेतावनी दी: ऑनलाइन धोखेबाजों से सावधान रहें। “बहुत सावधान रहें। झूठे वादों या ऑनलाइन लालच में न पड़ें।” 34 साल के इस अवॉर्ड विजेता वैज्ञानिक ने यह बात अपने कड़वे अनुभव से कही है। भारत के ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल प्रोग्राम के पूर्व वैज्ञानिक निशांत को मंगलवार शाम को नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया, जब उन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी और "साइबर आतंकवाद" के आरोपों से बरी कर दिया गया।</p>
<p> </p>
<p>2018 में पहली बार गिरफ्तार हुए निशांत पर गंभीर आरोप थे: उन पर हैदराबाद में पोस्टिंग के दौरान ब्रह्मोस कंप्यूटर सिस्टम से संवेदनशील जानकारी अपने पर्सनल लैपटॉप में ट्रांसफर करने का आरोप था, जिसके लिए उन पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 5(1)(d) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद उन पर ऑनलाइन जॉब पोर्टल, लिंक्डइन के ज़रिए हनीट्रैप में फंसने का आरोप लगा, जिसमें एक यूज़र ने कथित तौर पर उनके पर्सनल लैपटॉप में मैलवेयर डाल दिया था। इस वजह से उन पर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की धारा 66F के तहत "साइबर आतंकवाद" का आरोप लगा।लेकिन मंगलवार को निशांत आज़ाद थे, जेल के दरवाज़े पर थोड़ी देर झुके और फिर बाहर निकल गए। एक दिन पहले, बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने 2024 में एक ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सज़ा को रद्द कर दिया था। तब तक, निशांत 2018 में नागपुर में ब्रह्मोस सेंटर से गिरफ्तारी के बाद सात साल जेल में बिता चुके थे - सिवाय 14 महीने की उस अवधि के जब उन्हें ज़मानत पर रिहा किया गया था।निशांत की पत्नी, क्षितिजा, 30, ने कहा, “इस सारे अंधेरे के बीच, सामाजिक अलगाव के लगातार डर के अलावा, एक चीज़ थी जो कभी नहीं मरी, और वह थी उम्मीद।”</p>
<p>“हमें हर तरह की भावनात्मक और वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन हमने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी।”जब 3 जून, 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उनके पति को दोषी ठहराया, तब क्षितिजा नौ महीने की गर्भवती थीं। उनका बेटा फैसले के ठीक दो हफ्ते बाद पैदा हुआ, जबकि निशांत छह साल हिरासत में बिताने के बाद भी जेल में ही थे।क्षितिजा ने कहा, “मैंने अपने बेटे से कहा कि पापा जल्द ही घर आ जाएंगे,” उनकी आँखों में आँसू आ गए। <br />वह अभी इतना छोटा है कि समझ नहीं पाएगा कि हम किस दौर से गुज़रे हैं, लेकिन हम हर दिन इस पल का इंतज़ार कर रहे थे।”निशांत को अभी भी अपनी नई सच्चाई पर यकीन नहीं हो रहा है। अपने ससुर रमेश गुप्ता के साथ, इस युवा वैज्ञानिक ने बुधवार शाम को नागपुर प्रेस क्लब में कुछ चुनिंदा लोगों से धीरे से लेकिन पक्के इरादे से बात की। “आखिरकार, मुझे और मेरे परिवार को इंसाफ मिल गया है।” वह रुके, और आगे कहा, “मेरे अंदर की आवाज़ हमेशा कहती थी कि मैं बेगुनाह हूँ।”उत्तराखंड के रुड़की के रहने वाले निशांत ने अपनी पूरी पढ़ाई में गोल्ड मेडल हासिल किया था। उन्होंने NIT-कुरुक्षेत्र से B Tech की डिग्री ली है और वह IIM से MBA हैं और IIT-रुड़की से रिसर्च ट्रेनिंग भी की है।</p>
<p>युवा, महत्वाकांक्षी और दुनिया जीतने का जज्बा रखने वाले निशांत को जर्मनी में DAAD-WISE स्कॉलरशिप मिली, और उन्होंने 2013 में ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड जॉइन किया। उनकी सालाना रिपोर्ट लगातार “बहुत अच्छी” या “उत्कृष्ट” आती थीं।निशांत के ससुर, रमेश गुप्ता, जो मध्य प्रदेश कृषि विभाग से रिटायर्ड जॉइंट डायरेक्टर हैं, मंगलवार को उन्हें लेने जेल के गेट पर मौजूद थे। “अब, कम से कम, मैं चैन से सो पाऊँगा। पिछले सात सालों से मैं ठीक से सो नहीं पाया था,” 70 साल के गुप्ता ने कहा, दोनों के गले मिलने के बाद उनकी आवाज़ कांप रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 18:11:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वसई-विरार में 791 इमारतें खतरनाक घोषित... 89 इमारतें अति जर्जर अवस्था में हैं, मनपा ने जारी किया नोटिस </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">एक अधिकारी ने बताया कि मनपा ने जर्जर इमारतों को तीन हिस्से में बांटा है, अति जर्जर इमारतों को (सी-1) जर्जर इमारतों को (सी-2) और कम जर्जर इमारतों को (सी-3) की श्रेणी दी है। इनमें अति जर्जर इमारतों को मॉनसून से पहले खाली कराकर उन्हें तोड़ा जाना चाहिए। जर्जर इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर खाली कराके उनकी मरम्मत के बाद उनमें रहा जा सकता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40854/791-buildings-declared-dangerous-in-vasai-virar-89-buildings-are-in-very-dilapidated-condition--municipal-corporation-issued-notice"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download-(7)3.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>विरार :</strong> वसई-विरार में मनपा द्वारा किए गए सर्वे में शहर की 791 इमारतें जर्जर पाई गई हैं। इनमें 89 इमारतें अति जर्जर अवस्था में हैं। मनपा ने सभी इमारतों को नोटिस जारी किया है, लेकिन इन जर्जर इमारतों में रहने वालों के पास विकल्प नहीं है। इसीलिए वह जान जोखिम में डालकर वहां रहने को मजबूर है। जान जोखिम में डालकर रहने पर मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अधिकारी ने बताया कि मनपा ने जर्जर इमारतों को तीन हिस्से में बांटा है, अति जर्जर इमारतों को (सी-1) जर्जर इमारतों को (सी-2) और कम जर्जर इमारतों को (सी-3) की श्रेणी दी है। इनमें अति जर्जर इमारतों को मॉनसून से पहले खाली कराकर उन्हें तोड़ा जाना चाहिए। जर्जर इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर खाली कराके उनकी मरम्मत के बाद उनमें रहा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि, कम जर्जर इमारतों को बिना खाली कराए रिपेरिंग कराना होता है। फिलहाल मनपा ने सभी इमारतों को नोटिस जारी किया है। इस बाबत अतिक्रमण विभाग के उपायुक्त दीपक सावंत से संपर्क किया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। जर्जर इमारतों में रहने वालों का कहना है कि उनके पास पैसे नहीं हैं, जो वह दूसरा घर खरीदें या किराए पर लें। ऐसे में, वहां जान जोखिम में डालकर रहना उनकी मजबूरी है। उनकी मांग है कि प्रशासन उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करे, तो वह घर खाली कर देंगे।<br /><br />नालासोपारा के साईं सिमरन अपार्टमेंट में हुई घटना ने खतरनाक इमारतों से जुड़े जोखिमों को उजागर कर दिया है। 13-14 साल पुरानी इस इमारत के चौथे माले पर एक फ्लैट का स्लैब अचानक गिर गया, जिससे इमारत में रहने वाले लोग भयभीत हैं। यह घटना इस बात की भयावह याद दिलाती है कि समय पर कार्रवाई न होने से बड़ी जान-माल की हानि हो सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 May 2025 13:24:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नाबाल‍िग की कमर के नीचे हाथ मारते करता था बड़ी हॉट और सेक्सी हो... अब कोर्ट ने दी ये सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नाबालिग ने आगे कहा कि 24 मई 2016 को शाम 7.39 बजे वह अपने दोस्त के साथ घर के पास खड़ी थी। तभी आरोपी पीछे से आया। उसके नितंबों को छुआ और कहा कि वह बहुत हॉट लग रही है। वह उसके गाल पर किस करना चाहता है। उसे अपने साथ ले जाने का मन करता है। उसने एक बार फिर अपने मामा को घटना बताई, जिन्होंने आरोपी से बात की।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26894/he-used-to-touch-the-minor-below-her-waist--she-was-very-hot-and-sexy----now-the-court-has-given-this-punishment"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/download16.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>मुंबई की एक स्‍पेशल पोक्सो कोर्ट ने लड़की से छेड़छाड़ के मामले में अहम ट‍िप्‍पणी की। कोर्ट ने कहा कि किसी लड़की के नितंबों (कमरे का निचला ह‍िस्‍सा) को छूना और 'तुम बहुत सेक्सी हो, मुझे तुम्हें उठा ले जाने का मन कर रहा है'। जैसे शब्द कहने से पता चलता है कि आरोपी ने केवल यौन उत्पीड़न के इरादे से यह सब किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने 2016 में अपनी 13 साल की नाबाल‍िग पड़ोसी को परेशान करने के लिए 50 साल के व्यक्ति को दोषी ठहराया और तीन साल कारावास की सजा सुनाई। जज ने कहा कि आरोपी ऐसा कोई सबूत नहीं लाया जिससे पता चले कि पीड़ित और उसके परिवार के बीच कोई विवाद था।</p>
<p style="text-align:justify;">जज ने कहा क‍ि पीड़ित के पास उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का कोई कारण नहीं दिखता। इस बात का कोई सबूत भी नहीं है कि पुलिस अधिकारी के पास इस तरह के अपराध के लिए उस पर मुकदमा चलाने का कोई कारण था।<br /><br />नाबालिग ने कोर्ट के सामने गवाही दी और कहा कि वह अपनी दादी और चाचा के साथ शहर में रहती थी। उसने कहा कि एफआईआर दर्ज होने से एक महीने पहले जब वह ट्यूशन के लिए जाती थी तो आरोपी उसका पीछा करता था। वह उसके नितंबों को छूता था और गालों पर चूमता था। उसने अपनी नानी को आरोपी की हरकत के बारे में बताया। लेकिन महिला ने उसकी बातों पर भरोसा नहीं किया। क्योंकि आरोपी का परिवार उनके बहुत करीबी था।<br /><br />इसके बाद उसने अपने घरवालों को आरोपी के आचरण के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आरोपी से बात की लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। वह उससे कहता था कि तुम बहुत हॉट, बहुत सेक्सी दिखती है और वह उसे उठाकर ले जाएगा।<br /><br />नाबालिग ने आगे कहा कि 24 मई 2016 को शाम 7.39 बजे वह अपने दोस्त के साथ घर के पास खड़ी थी। तभी आरोपी पीछे से आया। उसके नितंबों को छुआ और कहा कि वह बहुत हॉट लग रही है। वह उसके गाल पर किस करना चाहता है। उसे अपने साथ ले जाने का मन करता है। उसने एक बार फिर अपने मामा को घटना बताई, जिन्होंने आरोपी से बात की।<br /><br />इस घटना से वह इतनी डर गई कि स्कूल नहीं गई। इसके बाद 30 मई 2016 को वह अपने मामा के साथ थाने पहुंची और एफआईआर दर्ज कराई। उसे अदालत ले जाया गया जहां उसका बयान दर्ज किया गया। उन्होंने पुलिस को घटना स्थल दिखाया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में मामले में जमानत दे दी गई।<br /><br />आरोपी ने अपने बचाव में दावा किया कि नल के पानी की सप्‍लाई की कमी के कारण विवाद था और इसलिए उसे झूठा फंसाया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने कहा क‍ि बेशक आरोपी और पीड़िता एक ही चॉल में रहते थे। यहां तक कि पीड़िता की गवाही के अनुसार, आरोपी का परिवार उसकी नानी (दादी) के बहुत करीब था। इस सबूत से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिरह के दौरान आरोपी की ओर से पानी की सप्‍लाई की कमी के कारण झगड़े के कारण आरोपी को झूठा फंसाने की दलील असंभव प्रतीत होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Dec 2023 17:43:31 +0530</pubDate>
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